आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पत्नी ने अपने पति की कथित तौर पर हत्या कर दी और शव को बाथरूम में खुदाई करके दफना दिया। यह सनसनीखेज हत्याकांड परिवार के सदस्यों के शक के चलते करीब डेढ़ महीने बाद उजागर हुआ, जिसके बाद पुलिस ने पति का कंकाल बरामद कर लिया है। आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है, हालांकि महिला का कहना है कि उसके पति ने आत्महत्या की थी और बदनामी के डर से उसने शव को बाथरूम में दफना दिया। यह वारदात बीते 18 मई को सिकंदरा क्षेत्र की रेणुका धाम कॉलोनी, प्राची टावर में हुई थी। आरोप है कि यहाँ रहने वाली रूबी शर्मा ने अपने पति सुरेंद्र शर्मा (44 वर्ष) की हत्या कर दी। परिवार को भनक न लगे, इसके लिए उसने शव को बाथरूम में दबाकर पक्का फर्श भी करवा दिया। रूबी ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर पति को ढूंढने का नाटक भी किया। करीब आठ दिन बाद, 26 मई को सिकंदरा थाने में पति के लापता होने की सूचना दर्ज कराई गई। सुरेंद्र के बड़े भाई अनिल शर्मा को किसी अनहोनी का शक था और वे लगातार अलग-अलग बहानों से रूबी से पूछताछ करते रहे। बार-बार अपने बयान बदलने के बाद, रूबी ने आखिरकार शुक्रवार को सच बताया। अनिल शर्मा ने पुलिस को बुलाया और बाथरूम के फर्श की खुदाई करवाई, जहाँ से सुरेंद्र का कंकाल बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने रूबी को हिरासत में ले लिया। खबरों के अनुसार, सुरेंद्र कुमार शर्मा मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर जिले के रंजीत नगर के रहने वाले थे और अपनी पत्नी रूबी, माँ कमला और दो बेटियों के साथ रेणुका धाम कॉलोनी में रहते थे। बताया गया है कि सुरेंद्र कोई काम नहीं करता था और शराब का आदी था, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद और मारपीट होती थी। सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा ने बताया कि 18 मई को रूबी ने उन्हें फोन करके कहा था कि पुलिस उनके घर दबिश देने आ रही है, इसलिए माँ और बच्चियों को अपने साथ ले जाएं। अनिल उन्हें अपने घर ले गए और अगले दिन रूबी ने बताया कि सुरेंद्र घर छोड़कर चला गया है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, इस दौरान रूबी सामान्य व्यवहार करती रही, चिंता जताती थी और लोगों के सामने रोती भी थी ताकि किसी को उस पर शक न हो। कुछ दिन पहले अनिल ने अपनी माँ के बैंक खाते की जांच की, जिसमें परिवार ने आरोप लगाया कि रूबी ही माँ की पेंशन का पैसा निकालती थी और उन्हें बहुत कम रकम देती थी। इन्हीं संदिग्ध बातों के चलते अनिल ने रूबी से पूछताछ तेज कर दी थी। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में महिला से पूछताछ जारी है ताकि अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके, और पोस्टमार्टम, फोरेंसिक रिपोर्ट व अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट किया जाएगा।
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पत्नी ने अपने पति की कथित तौर पर हत्या कर दी और शव को बाथरूम में खुदाई करके दफना दिया। यह सनसनीखेज हत्याकांड परिवार के सदस्यों के शक के चलते करीब डेढ़ महीने बाद उजागर हुआ, जिसके बाद पुलिस ने पति का कंकाल बरामद कर लिया है। आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है, हालांकि महिला का कहना है कि उसके पति ने आत्महत्या की थी और बदनामी के डर से उसने शव को बाथरूम में दफना दिया। यह वारदात बीते 18 मई को सिकंदरा क्षेत्र की रेणुका धाम कॉलोनी, प्राची टावर में हुई थी। आरोप है कि यहाँ रहने वाली रूबी शर्मा ने अपने पति सुरेंद्र शर्मा (44 वर्ष) की हत्या कर दी। परिवार को भनक न लगे, इसके लिए उसने शव को बाथरूम में दबाकर पक्का फर्श भी करवा दिया। रूबी ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर पति को ढूंढने का नाटक भी किया। करीब आठ दिन बाद, 26 मई को सिकंदरा थाने में पति के लापता होने की सूचना दर्ज कराई गई। सुरेंद्र के बड़े भाई अनिल शर्मा को किसी अनहोनी का शक था और वे लगातार अलग-अलग बहानों से रूबी से पूछताछ करते रहे। बार-बार अपने बयान बदलने के बाद, रूबी ने आखिरकार शुक्रवार को सच बताया। अनिल शर्मा ने पुलिस को बुलाया और बाथरूम के फर्श की खुदाई करवाई, जहाँ से सुरेंद्र का कंकाल बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने रूबी को हिरासत में ले लिया। खबरों के अनुसार, सुरेंद्र कुमार शर्मा मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर जिले के रंजीत नगर के रहने वाले थे और अपनी पत्नी रूबी, माँ कमला और दो बेटियों के साथ रेणुका धाम कॉलोनी में रहते थे। बताया गया है कि सुरेंद्र कोई काम नहीं करता था और शराब का आदी था, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद और मारपीट होती थी। सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा ने बताया कि 18 मई को रूबी ने उन्हें फोन करके कहा था कि पुलिस उनके घर दबिश देने आ रही है, इसलिए माँ और बच्चियों को अपने साथ ले जाएं। अनिल उन्हें अपने घर ले गए और अगले दिन रूबी ने बताया कि सुरेंद्र घर छोड़कर चला गया है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, इस दौरान रूबी सामान्य व्यवहार करती रही, चिंता जताती थी और लोगों के सामने रोती भी थी ताकि किसी को उस पर शक न हो। कुछ दिन पहले अनिल ने अपनी माँ के बैंक खाते की जांच की, जिसमें परिवार ने आरोप लगाया कि रूबी ही माँ की पेंशन का पैसा निकालती थी और उन्हें बहुत कम रकम देती थी। इन्हीं संदिग्ध बातों के चलते अनिल ने रूबी से पूछताछ तेज कर दी थी। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में महिला से पूछताछ जारी है ताकि अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके, और पोस्टमार्टम, फोरेंसिक रिपोर्ट व अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट किया जाएगा।
- राजस्थान के गंगापुर सिटी में, अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ (सीटू) के तत्वावधान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम महिला एवं बाल विकास अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। प्रदेशभर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और आशा सहयोगिनियां 4 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। ज्ञापन में बताया गया कि सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में समान कार्य के लिए सम्मानजनक मानदेय देने और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपए का एकमुश्त भुगतान करने का वादा किया था, जिसे अब तक लागू नहीं किया गया है, जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी है। संघ ने सरकार से जल्द से जल्द इन मांगों का समाधान कर कर्मचारियों को राहत प्रदान करने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से विभिन्न सरकारी योजनाओं का संचालन कर रही हैं, बावजूद इसके उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही, ज्ञापन में दिए गए एक नोट में मांग की गई है कि यदि मानदेय समय पर जमा नहीं होता है, तो 10 जुलाई तक संबंधित बैंक में इसे जमा कराने की व्यवस्था की जाए। मोबाइल रिचार्ज, दूध वितरण और पोषाहार से संबंधित कार्यों का भुगतान भी एक वर्ष से बकाया है, जिसके शीघ्र भुगतान की मांग की गई है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनकी यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। साथ ही, यह भी मांग की गई है कि हड़ताल की अवधि के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से किसी अन्य विभाग का कोई अतिरिक्त कार्य नहीं कराया जाए।1
- आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पत्नी ने अपने पति की कथित तौर पर हत्या कर दी और शव को बाथरूम में खुदाई करके दफना दिया। यह सनसनीखेज हत्याकांड परिवार के सदस्यों के शक के चलते करीब डेढ़ महीने बाद उजागर हुआ, जिसके बाद पुलिस ने पति का कंकाल बरामद कर लिया है। आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है, हालांकि महिला का कहना है कि उसके पति ने आत्महत्या की थी और बदनामी के डर से उसने शव को बाथरूम में दफना दिया। यह वारदात बीते 18 मई को सिकंदरा क्षेत्र की रेणुका धाम कॉलोनी, प्राची टावर में हुई थी। आरोप है कि यहाँ रहने वाली रूबी शर्मा ने अपने पति सुरेंद्र शर्मा (44 वर्ष) की हत्या कर दी। परिवार को भनक न लगे, इसके लिए उसने शव को बाथरूम में दबाकर पक्का फर्श भी करवा दिया। रूबी ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर पति को ढूंढने का नाटक भी किया। करीब आठ दिन बाद, 26 मई को सिकंदरा थाने में पति के लापता होने की सूचना दर्ज कराई गई। सुरेंद्र के बड़े भाई अनिल शर्मा को किसी अनहोनी का शक था और वे लगातार अलग-अलग बहानों से रूबी से पूछताछ करते रहे। बार-बार अपने बयान बदलने के बाद, रूबी ने आखिरकार शुक्रवार को सच बताया। अनिल शर्मा ने पुलिस को बुलाया और बाथरूम के फर्श की खुदाई करवाई, जहाँ से सुरेंद्र का कंकाल बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने रूबी को हिरासत में ले लिया। खबरों के अनुसार, सुरेंद्र कुमार शर्मा मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर जिले के रंजीत नगर के रहने वाले थे और अपनी पत्नी रूबी, माँ कमला और दो बेटियों के साथ रेणुका धाम कॉलोनी में रहते थे। बताया गया है कि सुरेंद्र कोई काम नहीं करता था और शराब का आदी था, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद और मारपीट होती थी। सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा ने बताया कि 18 मई को रूबी ने उन्हें फोन करके कहा था कि पुलिस उनके घर दबिश देने आ रही है, इसलिए माँ और बच्चियों को अपने साथ ले जाएं। अनिल उन्हें अपने घर ले गए और अगले दिन रूबी ने बताया कि सुरेंद्र घर छोड़कर चला गया है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, इस दौरान रूबी सामान्य व्यवहार करती रही, चिंता जताती थी और लोगों के सामने रोती भी थी ताकि किसी को उस पर शक न हो। कुछ दिन पहले अनिल ने अपनी माँ के बैंक खाते की जांच की, जिसमें परिवार ने आरोप लगाया कि रूबी ही माँ की पेंशन का पैसा निकालती थी और उन्हें बहुत कम रकम देती थी। इन्हीं संदिग्ध बातों के चलते अनिल ने रूबी से पूछताछ तेज कर दी थी। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में महिला से पूछताछ जारी है ताकि अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके, और पोस्टमार्टम, फोरेंसिक रिपोर्ट व अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट किया जाएगा।1
- करौली पुलिस ने एक दलित नाबालिग बालक के अपहरण और मारपीट से जुड़े एक गंभीर प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस पूरे मामले का मात्र 48 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत, प्रकरण के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- राजस्थान के हिंडौन स्थित नागरिया का पुरा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ डेढ़ वर्षीय मासूम अभय जाटव की करंट लगने से मौत हो गई। ड्यूटी डॉक्टर जयलाल माली ने शुक्रवार शाम 4:00 बजे बच्चे को जिला अस्पताल में मृत घोषित किया। मृतक की पहचान अजय जाटव के 16 माह के पुत्र अभय जाटव के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि अभय अपनी दादी की गोद में बैठा था, लेकिन खेलते हुए वह आंगन में चला गया और एक फर्राटा पंखे के तार के संपर्क में आ गया। उसकी माँ की नज़र पड़ते ही वह तुरंत दौड़कर बच्चे को तार से हटाने में सफल रही, मगर तब तक करंट की चपेट में आने से उसकी जान जा चुकी थी। परिजनों के अनुसार, अभय अपनी दो बहनों का इकलौता भाई था। इस दर्दनाक घटना से पूरा परिवार और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं। रोते-बिलखते परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही अभय के शव को घर ले गए।1
- करौली जिले में एक नाबालिग किशोर के अपहरण और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था। इस सनसनीखेज मामले को जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) लोकेश सोनवाल ने गंभीरता से लिया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कीं, जिनमें डीएसपी अनुज शुभम, कोतवाली थानाधिकारी नोबेल सैनी, सदर थानाधिकारी यदुवीर सिंह और मासलपुर थाना हेड कांस्टेबल परमजीत शामिल थे। इन टीमों की जगह-जगह दबिश के बाद पुलिस को सफलता मिली, जिसमें 21 वर्षीय मुख्य आरोपी अभिषेक गुर्जर और 24 वर्षीय सौरभ गुर्जर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों का बाजार में जुलूस भी निकाला। एसपी लोकेश सोनवाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग किशोर पर दुकान में से पैसे चुराने का दबाव बनाया गया था। इसके बाद शाम के समय दुकान से ही उसका अपहरण कर जंगल में ले जाकर मारपीट की गई और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। गठित टीम ने करौली, हिंडौन, बयाना, सूरौठ, महवा, मासलपुर, भरतपुर सहित संबंधित निवास स्थानों पर दबिश दी और आसूचना संकलित की। इसी दौरान नाबालिग किशोर को जबरन कार में बिठाकर अपहरण करने और जंगल में मारपीट का वीडियो वायरल करने वाले मुख्य आरोपी अभिषेक गुर्जर और उसके सहयोगी सौरभ गुर्जर को जासोरा थाना गढी बाजना, भरतपुर से नादनपुर, धौलपुर के जंगलों की ओर भागते समय 12 किलोमीटर पीछा कर कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया गया। इस अपहरण में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार को भी जब्त कर लिया गया है। इस दौरान आरोपियों के जंगल में भागने से उन्हें और पुलिस स्टाफ को मामूली चोटें भी आईं। पुलिस के अनुसार, इस मामले में शामिल तीन अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। इन सनसनीखेज मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी में करौली डीएसपी अनुज शुभम, करौली सदर थानाधिकारी यदुवीर सिंह और मासलपुर थाना हेड कांस्टेबल परमजीत की अहम भूमिका रही।2
- करौली में जाटव बैरवा समाज ने अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया है। न्याय की मांग पर हजारों की संख्या में लोग इस प्रदर्शन में एकजुट हुए, जो समाज की एकता और मुखरता को दर्शाता है।1
- करौली में बैरवा समाज द्वारा एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। न्याय की मांग को लेकर हजारों की संख्या में लोग इस प्रदर्शन में एकजुट हुए और अपनी आवाज बुलंद की।1