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राजस्थान के डीग जिले के स्वरावली गाँव में बन रहे आयुष्मान आरोग्य केंद्र के 'हेड ओवर' होने से पहले ही वहाँ बड़े भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है। रिपोर्टर राजेश चौधरी के अनुसार, इस केंद्र के निर्माण में इस्तेमाल की गई ईंटों की गुणवत्ता इतनी खराब है कि इसे देखकर लोग हैरान रह जाएंगे। यह खुलासा हुआ है कि केंद्र में घटिया ईंटों का उपयोग किया जा रहा है।
Rajesh Kumar
राजस्थान के डीग जिले के स्वरावली गाँव में बन रहे आयुष्मान आरोग्य केंद्र के 'हेड ओवर' होने से पहले ही वहाँ बड़े भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है। रिपोर्टर राजेश चौधरी के अनुसार, इस केंद्र के निर्माण में इस्तेमाल की गई ईंटों की गुणवत्ता इतनी खराब है कि इसे देखकर लोग हैरान रह जाएंगे। यह खुलासा हुआ है कि केंद्र में घटिया ईंटों का उपयोग किया जा रहा है।
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- डीग पुलिस अधीक्षक श्री शरण गोपीनाथ के. द्वारा साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन एंटीवायरस' के तहत थाना पहाड़ी ने बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में खण्डेवला रोड से गांव बुरानी को जाने वाले बांध की पाल पर बैठकर साइबर ठगी करते हुए 7 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है, साथ ही एक विधि से संघर्षरत बालक को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने इन साइबर ठगों के कब्जे से 8 फर्जी एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 9 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए हैं। जब्तशुदा मोबाइल फोनों से करीब 4 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। ये ठग आपस में मिलकर ऑनलाइन हथियार, ई-सिगरेट, बच्चों की छोटी कार व खिलौने बेचने और होम डिलीवरी करने का झांसा देकर, पुराने नोट व सिक्के महंगे दामों में खरीदने का प्रलोभन देकर, पेन-पेंसिल पैकिंग की नौकरी का झांसा देकर और सेक्सटॉर्शन के नाम पर साइबर ठगी करते थे। गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों की पहचान सोमका, पुलिस थाना पहाड़ी, डीग निवासी साहिल पुत्र शरीफ (उम्र 20), मोठूका, पुलिस थाना पहाड़ी, डीग निवासी अनीश पुत्र ईदरीश (उम्र 33), मल्हाका, पुलिस थाना पहाड़ी, डीग निवासी साबिर पुत्र ईशाक (उम्र 19), खण्डेवला, पुलिस थाना पहाड़ी, डीग निवासी साहिल पुत्र फकरू (उम्र 22), खण्डेवला, पुलिस थाना पहाड़ी, डीग निवासी आदिल पुत्र जुनैद (उम्र 19), आरदूका, पुलिस थाना गोपालगढ़, डीग निवासी अरबाज पुत्र मुस्ताक (उम्र 19) और घाटमीका, पुलिस थाना पहाड़ी, डीग निवासी मुबारिक पुत्र समशेर (उम्र 25) के रूप में हुई है।1
- मथुरा के थाना बरसाना में कल रात हुए हंगामे को लेकर पुलिस का बयान सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है, और आरोपियों को पकड़ने के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही आरोपियों पर कार्यवाही की जाएगी। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, जनपद मथुरा द्वारा बाइट दी गई है।1
- कामां के लुहेसर गांव के पास स्थित वृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर एक होटल-ढाबा सरकार के नियमों के विरुद्ध चल रहा है, जिसके चलते लाखों की संख्या में परिक्रमा दे रहे वृज यात्रियों के लिए किसी भी समय एक बड़ी घटना घटित होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस मार्ग पर दिन-रात सैकड़ों की संख्या में भारी वाहन होटल-ढाबे के आसपास खड़े रहते हैं, जिससे वृज यात्रियों को मार्ग में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन से तुरंत प्रभाव से कार्यवाही करने की अपील की गई है। हालांकि, यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि क्या प्रशासन राजनीतिक संरक्षण के चलते इस अवैध संचालन पर कार्रवाई कर पाएगा या वृज यात्रियों को आगे भी इसी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। विश्व हिन्दू परिषद के जिला संयोजक रामेश्वर गुर्जर कलावटा ने इस संभावित हादसे को लेकर प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।1
- वृंदावन में स्थित बिहारी जी मंदिर में एक घटना सामने आई है, जहाँ आज एक बंदर एक श्रद्धालु का चश्मा छीनकर भाग गया।1
- वृंदावन में नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जहाँ पुलिस प्रशासन और मेडिकल स्टोरों की कथित मिलीभगत से नशा धड़ल्ले से बिक रहा है। बवंडर बाबा, जो कई सालों से वृंदावन को नशे से मुक्त करने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी कोशिशों के बावजूद यह समस्या खत्म नहीं हो पा रही है। आरोप है कि इसी मिलीभगत के कारण वृंदावन 'उड़ता वृंदावन' बनता जा रहा है। इस गंभीर स्थिति के चलते छोटे बच्चे नशीले इंजेक्शन का सेवन कर अपना भविष्य खराब कर रहे हैं। बिहार घाट वृंदावन परिक्रमा मार्ग जैसे इलाकों में प्रशासन को कई बार इस बारे में सूचित भी किया गया है, लेकिन दुर्भाग्यवश अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।1
- देश में लगातार बढ़ रही बेरोजगारी और महंगाई के चलते लाखों लोग मजदूरी करने पर मजबूर हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति का एक जीता-जागता उदाहरण बहज गांव से सामने आया है, जहाँ एक कलाकार होने के बावजूद दीपू कारसिया को मजदूरी करनी पड़ रही है। यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि देश में बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के बढ़ते उपयोग के कारण आने वाले दिनों में यह मजदूरी के अवसर भी खत्म होने की आशंका है, जिससे बेरोजगारी की समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है।1
- भरतपुर जिले की रुदावल तहसील की जाटव बस्ती निवासी इंद्रजीत, पुत्र रतन सिंह, 1 जून से जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर न्याय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं। आज उनकी तबीयत खराब होने पर जिला प्रशासन ने उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इंद्रजीत का आरोप है कि उनके मकान के सामने 4-5 फीट की गली में पड़ोसी आजाद, बनवारी, मनीष और चरनलाल द्वारा छामन और मोरी बनाकर गंदगी फैलाई जा रही है। इसका विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उनके पिता रतन सिंह ने 11 मार्च 2016 को ही विकास अधिकारी, पंचायत समिति रूपवास को शिकायत दी थी। इसके बाद सरपंच-सचिव, ग्राम पंचायत रुदावल ने आदेश क्रमांक 3226 के तहत छामन-मोरी हटाने का आदेश भी जारी किया, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद इंद्रजीत ने स्वयं 22 जून 2022, 6 अक्टूबर 2025 और 13 अप्रैल 2026 को उपखंड अधिकारी रूपवास और जिला कलेक्टर भरतपुर को प्रार्थना पत्र दिए। उन्होंने संभागीय आयुक्त भरतपुर को भी शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। सभी जगह से थक-हारकर, इंद्रजीत ने 28 अप्रैल 2026 को उपखंड अधिकारी रूपवास को आमरण अनशन का नोटिस दिया था। 9 मई 2026 तक कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने 11 मई से अनशन शुरू कर दिया। हालांकि, 19 मई 2026 को दोपहर 2 बजे उपखंड अधिकारी ने पुलिस भेजकर उन्हें मेडिकल के बहाने जबरन अनशन तुड़वा दिया था। 20 मई को दिए गए प्रार्थना पत्र पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उन्हें यह धमकी मिली कि अगर उन्होंने कार्यालय के सामने धरना दिया तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इंद्रजीत का अब यह सवाल है कि अगर न्याय के लिए जाना हो, तो आखिर कहां जाएं।1
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