दौसा जिले के सैंथल उपखंड क्षेत्र के कुण्डल कस्बे में उमंग अभियान-7 के तहत बाल विवाह और बाल श्रम के उन्मूलन के लिए एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम चेतना केंद्र और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस के संयुक्त तत्वावधान में हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को इन सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों को बाल विवाह एवं बाल श्रम से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रतिकूल प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान, समुदाय के लोगों से इन कुरीतियों को समाप्त करने तथा ऐसी किसी भी घटना की सूचना संबंधित विभाग एवं प्रशासन को देने की अपील भी की गई। कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने बाल विवाह व बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और बाल अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय सहयोग करने का संकल्प लिया। संस्था के गजराज सिंह ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह और बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, और बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा व बेहतर भविष्य प्रदान करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल जनसहभागिता के माध्यम से ही इन कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। इस अवसर पर ग्राम चेतना केंद्र से बबलू कुमार, सीताराम और बृजेश भी उपस्थित रहे।
दौसा जिले के सैंथल उपखंड क्षेत्र के कुण्डल कस्बे में उमंग अभियान-7 के तहत बाल विवाह और बाल श्रम के उन्मूलन के लिए एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम चेतना केंद्र और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस के संयुक्त तत्वावधान में हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को इन सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों को बाल
विवाह एवं बाल श्रम से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रतिकूल प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान, समुदाय के लोगों से इन कुरीतियों को समाप्त करने तथा ऐसी किसी भी घटना की सूचना संबंधित विभाग एवं प्रशासन को देने की अपील भी की गई। कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने बाल विवाह व बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और बाल अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय सहयोग
करने का संकल्प लिया। संस्था के गजराज सिंह ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह और बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, और बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा व बेहतर भविष्य प्रदान करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल जनसहभागिता के माध्यम से ही इन कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। इस अवसर पर ग्राम चेतना केंद्र से बबलू कुमार, सीताराम और बृजेश भी उपस्थित रहे।
- दौसा जिले के सैंथल उपखंड क्षेत्र के कुण्डल कस्बे में उमंग अभियान-7 के तहत बाल विवाह और बाल श्रम के उन्मूलन के लिए एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम चेतना केंद्र और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस के संयुक्त तत्वावधान में हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को इन सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों को बाल विवाह एवं बाल श्रम से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रतिकूल प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान, समुदाय के लोगों से इन कुरीतियों को समाप्त करने तथा ऐसी किसी भी घटना की सूचना संबंधित विभाग एवं प्रशासन को देने की अपील भी की गई। कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने बाल विवाह व बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और बाल अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय सहयोग करने का संकल्प लिया। संस्था के गजराज सिंह ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह और बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, और बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा व बेहतर भविष्य प्रदान करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल जनसहभागिता के माध्यम से ही इन कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। इस अवसर पर ग्राम चेतना केंद्र से बबलू कुमार, सीताराम और बृजेश भी उपस्थित रहे।3
- विराटनगर नगरपालिका में वाल्मीकि सेना की टीम ने सफाई कर्मचारियों के वेतन संबंधी समस्या को लेकर ईओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान, वाल्मीकि सेना ने अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और साफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि कल तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनका आंदोलन अधिक उग्र रूप ले लेगा और शहर का सारा कचरा नगरपालिका कार्यालय में डाल दिया जाएगा।3
- मानपुर (दौसा) में निवर्तमान जिलाअध्यक्ष अंजू सैनी ने ग्राम मानपुर की बड़वाली ढाणी निवासी रेलूराम सैनी के घर पहुँचकर उनके स्वास्थ्य और पारिवारिक स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान रेलूराम के पीड़ित परिवार ने बताया कि वे लंबे समय से सिलिकोसिस बीमारी से जूझ रहे हैं। परिवार के अनुसार, उनके उपचार और देखभाल पर हर महीने लगभग ₹18,000 का खर्च आ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक उन्हें न तो सरकार से कोई सहायता मिली है और न ही उनका सिलिकोसिस कार्ड बन पाया है, जबकि इसके लिए उन्होंने कई बार अस्पतालों के चक्कर लगाए हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। पीड़ित परिवार की व्यथा सुनने के बाद, अंजू सैनी ने संबंधित विभागों से तुरंत कार्रवाई करते हुए सिलिकोसिस कार्ड जारी करने और पात्र सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने ज़ोर दिया कि सिलिकोसिस पीड़ितों को समय पर उपचार, राहत और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित होना चाहिए। सैनी ने परिवार को आश्वासन दिया कि वे उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुँचाने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगी।2
- जयपुर शहर के घाट गेट बाजार स्थित नवाब के चौराहे पर मंगलवार शाम मोहर्रम के अवसर पर धार्मिक आस्था और परंपरा का एक भव्य नज़ारा देखने को मिला। ढोल-ताशों की गूंज के बीच अलम निकाले गए, जिन्हें देखने के लिए घाट गेट बाजार में जनसैलाब उमड़ पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया। इस आयोजन के दौरान, विभिन्न मोहल्लों के अखाड़ों ने पारंपरिक पट्टेबाजी और अन्य हैरतअंगेज करतबों का शानदार प्रदर्शन किया। युवाओं द्वारा दिखाए गए कौशल और अनुशासन ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, और रामगंज थाना पुलिस मुस्तैद नजर आई। रामगंज थाना प्रभारी सुभाष यादव अपने पुलिस जाब्ते के साथ पूरी मुस्तैदी से तैनात रहे, वहीं सीएलजी सदस्य और स्थानीय गणमान्य नागरिक भी व्यवस्थाओं में सहयोग करते नजर आए। नवाब के चौराहे पर देर शाम तक ढोल-ताशों की गूंज सुनाई देती रही, और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर जयपुर की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।4
- मिर्ज़ापुर में कोचिंग संस्थानों की जाँच करने पहुँची पुलिस-प्रशासन की टीम एक कोचिंग सेंटर की हालत देखकर हैरान रह गई। टीम को कोचिंग सेंटर तक पहुँचने के लिए टॉर्च का सहारा लेना पड़ा, जहाँ एक कमरे में कोचिंग क्लास चलाई जा रही थी। सामने आए इन दृश्यों ने यूपी के लगभग हर जिले के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि ये संस्थान बिना किसी सुरक्षा मानक के, यहाँ तक कि अग्निशमन विभाग की मंजूरी के बिना ही, दो कमरों में कक्षाएं चला रहे हैं। यह स्थिति इस बात को उजागर करती है कि कोचिंग संस्थान सिर्फ पैसे कमाने पर ध्यान दे रहे हैं और छात्रों की जान की सुरक्षा से उन्हें कोई मतलब नहीं है।1
- कोटपूतली-बहरोड़ के विराटनगर नगर पालिका के समस्त कर्मचारी पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जो आज 21वें दिन भी जारी रही। लंबे समय से मानदेय या सैलरी न मिलने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। आर्थिक तंगी से परेशान सफाईकर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने नगर पालिका प्रशासन और स्वायत्त शासन विभाग (DLB) के खिलाफ उग्र आक्रोश व्यक्त किया है। इस 21 दिवसीय हड़ताल के कारण कस्बे में व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। लगातार तीन हफ्तों से सफाई न होने के चलते मुख्य बाजारों, चौराहों और रिहायशी वार्डों में गंदगी के ढेर लग गए हैं, जिससे शहर 'कचरा डिपो' में तब्दील हो गया है। नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिसके कारण मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पट्टे जारी करने और अन्य आवश्यक राजस्व कार्यों सहित सभी प्रशासनिक कार्य भी पूरी तरह बंद पड़े हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वे अधिकारियों को बजट जारी करने के लिए पहले भी कई बार मौखिक और लिखित में चेतावनी दे चुके थे। कर्मचारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के कारण उनके बच्चों की स्कूल फीस, राशन का सामान और लोन की किस्तें (EMI) रुक गई हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी सिर्फ बजट की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जबकि धरातल पर कर्मचारियों का जीना दूभर हो चुका है। कर्मचारियों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक उनके पूरे दो महीने का बकाया वेतन सीधे उनके बैंक खातों में नहीं आ जाता, तब तक 'झाड़ू डाउन हड़ताल' और विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं किया जाएगा।1
- जयपुर जिले के शाहपुरा क्षेत्र में अपराध और चोरी की वारदातों पर लगाम कसने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी क्रम में शाहपुरा पुलिस ने हाल ही में पकड़े गए शातिर चोरों को सीधे घटनास्थल पर ले जाकर उनकी पहचान (शिनाख्त) की कार्रवाई करवाई। इस दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों की मौजूदगी में चोरी के पूरे घटनाक्रम का री-क्रिएशन किया, ताकि मामले के हर पहलू और सबूतों को मजबूती से जोड़ा जा सके। पुलिस की प्रारंभिक जाँच और तकनीकी इनपुट के आधार पर, इस मामले में कुछ संवेदनशील कड़ियाँ सामने आ रही हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी कृषि वाणिज्यिक शाखा के आस-पास के क्षेत्रों या उससे जुड़े लेनदेन के विवरणों की गहन पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही, सरकारी या वाणिज्यिक स्तर पर किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या संदेहास्पद भूमिका की जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के इनपुट भी खंगाले जा रहे हैं। चोरों की निशानदेही पर पुलिस की विशेष टीम ने घटनास्थल से जुड़े कई डिजिटल और भौतिक साक्ष्य, जैसे सीसीटीवी फुटेज और रूट मैप, भी एकत्र किए हैं। पुलिस के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई का मुख्य आधार महत्वपूर्ण ऑडियो और वीडियो क्लिपिंग्स बनीं, जिनमें संदिग्धों की गतिविधि और बातचीत रिकॉर्ड थी। इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। घटनास्थल पर शिनाख्त के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चोरी के तौर-तरीकों का पूरा खुलासा भी किया है। शाहपुरा पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही पुख्ता सबूतों के साथ कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, जिसका उद्देश्य चोरी किए गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करना है।1
- दौसा के भांडारेज में मोहर्रम पर्व के मद्देनजर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में, भांडारेज पुलिस चौकी में शांति समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में थानाधिकारी मुकेश कुमार चौधरी, चौकी प्रभारी बाबूलाल चौधरी, पंखीराम मीणा, भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश कुमार सैनी, घनश्याम शर्मा, पूरण व्यास, सुरेंद्र सिंह सोलंकी और मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष बशीर खान सहित अन्य आयोजक उपस्थित रहे। थानाधिकारी मुकेश कुमार चौधरी ने सभी से अपील की कि वे इस पर्व को भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं। इसके अतिरिक्त, पुलिस प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।4