हमीरपुर जनपद के सुमेरपुर थाना क्षेत्र की पत्योरा चौकी इलाके में पुलिस-प्रशासन की कथित मिलीभगत से अवैध मौरंग खनन का कारोबार बेरोकटोक जारी है। बेतवा और यमुना नदी की तलहटी से दिन-रात दर्जनों ट्रैक्टरों द्वारा सैकड़ों ट्रॉली मौरंग का अवैध परिवहन हो रहा है, जिस पर जिम्मेदार अधिकारी आँखें मूँदे हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पत्योरा, इंगोहटा, चंदौखा और कुम्हऊपुर घाटों पर सुबह से ही ट्रैक्टरों की लंबी कतार लग जाती है। रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक बिना रॉयल्टी के मौरंग से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर तेजी से दौड़ती हैं, जबकि दिन में भी बेखौफ खनन चलता रहता है। आरोप है कि यह पूरा गोरखधंधा पत्योरा चौकी पुलिस की शह पर चल रहा है, जहाँ प्रति ट्रॉली वसूली कर ट्रैक्टरों को जाने दिया जाता है। इस ओवरलोड परिवहन के कारण ग्रामीण संपर्क मार्ग, विशेषकर सुमेरपुर-कुरारा और इंगोहटा-गहरौली मार्ग, टूट कर खस्ताहाल हो गए हैं, और तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा एसडीएम और खनन अधिकारी से कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया कि चौकी से लेकर थाने तक सभी को हिस्सा पहुँचता है, यही कारण है कि रात में 50-60 ट्रैक्टर एक साथ निकलते हैं और कोई उन्हें नहीं रोकता। विरोध करने वालों को झूठे मुकदमों में फँसाने की धमकी भी दी जाती है। वहीं, इस मामले पर खनन अधिकारी का कहना है कि अवैध खनन की सूचना पर लगातार छापेमारी की जा रही है और पिछले महीने 11 ट्रैक्टर सीज कर ₹3 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि पत्योरा क्षेत्र में टीम भेजकर जाँच कराई जाएगी। हालाँकि, बड़ा सवाल यह है कि जब पूरे जिले में खनन पर रोक है, तो फिर इतनी बड़ी संख्या में मौरंग का खनन और परिवहन कैसे हो रहा है? क्या #UPPolice और #DistrictMagistrateHamirpur इस अवैध कारोबार पर वास्तव में लगाम लगा पाएँगे?
हमीरपुर जनपद के सुमेरपुर थाना क्षेत्र की पत्योरा चौकी इलाके में पुलिस-प्रशासन की कथित मिलीभगत से अवैध मौरंग खनन का कारोबार बेरोकटोक जारी है। बेतवा और यमुना नदी की तलहटी से दिन-रात दर्जनों ट्रैक्टरों द्वारा सैकड़ों ट्रॉली मौरंग का अवैध परिवहन हो रहा है, जिस पर जिम्मेदार अधिकारी आँखें मूँदे हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पत्योरा, इंगोहटा, चंदौखा और कुम्हऊपुर घाटों पर सुबह से ही ट्रैक्टरों की लंबी कतार लग जाती है। रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक बिना रॉयल्टी के मौरंग से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर तेजी से दौड़ती हैं, जबकि दिन में भी बेखौफ खनन चलता रहता है। आरोप है कि यह पूरा गोरखधंधा पत्योरा चौकी पुलिस की शह पर चल रहा है, जहाँ प्रति ट्रॉली वसूली कर ट्रैक्टरों को जाने दिया जाता है। इस ओवरलोड परिवहन के कारण ग्रामीण संपर्क मार्ग, विशेषकर सुमेरपुर-कुरारा और इंगोहटा-गहरौली मार्ग, टूट कर खस्ताहाल हो गए हैं, और तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा एसडीएम और खनन अधिकारी से कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया कि चौकी से लेकर थाने तक सभी को हिस्सा पहुँचता है, यही कारण है कि रात में 50-60 ट्रैक्टर एक साथ निकलते हैं और कोई उन्हें नहीं रोकता। विरोध करने वालों को झूठे मुकदमों में फँसाने की धमकी भी दी जाती है। वहीं, इस मामले पर खनन अधिकारी का कहना है कि अवैध खनन की सूचना पर लगातार छापेमारी की जा रही है और पिछले महीने 11 ट्रैक्टर सीज कर ₹3 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि पत्योरा क्षेत्र में टीम भेजकर जाँच कराई जाएगी। हालाँकि, बड़ा सवाल यह है कि जब पूरे जिले में खनन पर रोक है, तो फिर इतनी बड़ी संख्या में मौरंग का खनन और परिवहन कैसे हो रहा है? क्या #UPPolice और #DistrictMagistrateHamirpur इस अवैध कारोबार पर वास्तव में लगाम लगा पाएँगे?
- हमीरपुर जनपद के सुमेरपुर थाना क्षेत्र की पत्योरा चौकी इलाके में पुलिस-प्रशासन की कथित मिलीभगत से अवैध मौरंग खनन का कारोबार बेरोकटोक जारी है। बेतवा और यमुना नदी की तलहटी से दिन-रात दर्जनों ट्रैक्टरों द्वारा सैकड़ों ट्रॉली मौरंग का अवैध परिवहन हो रहा है, जिस पर जिम्मेदार अधिकारी आँखें मूँदे हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पत्योरा, इंगोहटा, चंदौखा और कुम्हऊपुर घाटों पर सुबह से ही ट्रैक्टरों की लंबी कतार लग जाती है। रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक बिना रॉयल्टी के मौरंग से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर तेजी से दौड़ती हैं, जबकि दिन में भी बेखौफ खनन चलता रहता है। आरोप है कि यह पूरा गोरखधंधा पत्योरा चौकी पुलिस की शह पर चल रहा है, जहाँ प्रति ट्रॉली वसूली कर ट्रैक्टरों को जाने दिया जाता है। इस ओवरलोड परिवहन के कारण ग्रामीण संपर्क मार्ग, विशेषकर सुमेरपुर-कुरारा और इंगोहटा-गहरौली मार्ग, टूट कर खस्ताहाल हो गए हैं, और तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा एसडीएम और खनन अधिकारी से कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया कि चौकी से लेकर थाने तक सभी को हिस्सा पहुँचता है, यही कारण है कि रात में 50-60 ट्रैक्टर एक साथ निकलते हैं और कोई उन्हें नहीं रोकता। विरोध करने वालों को झूठे मुकदमों में फँसाने की धमकी भी दी जाती है। वहीं, इस मामले पर खनन अधिकारी का कहना है कि अवैध खनन की सूचना पर लगातार छापेमारी की जा रही है और पिछले महीने 11 ट्रैक्टर सीज कर ₹3 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि पत्योरा क्षेत्र में टीम भेजकर जाँच कराई जाएगी। हालाँकि, बड़ा सवाल यह है कि जब पूरे जिले में खनन पर रोक है, तो फिर इतनी बड़ी संख्या में मौरंग का खनन और परिवहन कैसे हो रहा है? क्या #UPPolice और #DistrictMagistrateHamirpur इस अवैध कारोबार पर वास्तव में लगाम लगा पाएँगे?1
- राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) रविवार शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर उन्हें अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपने पहुंची। SIT ने मौके से जुटाए गए सभी सबूतों और लोगों से की गई पूछताछ का पूरा ब्योरा सात पेन ड्राइव में सुरक्षित रखा है। छह दिनों तक चली इस गहन जांच में कुल 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनमें से 25 लोगों पर कड़ी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है। SIT द्वारा पूछताछ किए गए सभी व्यक्तियों को अगले आदेश तक अयोध्या छोड़कर कहीं और न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है। इन लोगों में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा जैसे प्रमुख नाम भी शामिल हैं। जांच टीम ने राम मंदिर में प्रभावशाली माने जाने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से लगभग हर दिन पूछताछ की है। टीम ने उनके करीबियों, रिश्तेदारों और उनकी संपत्तियों से जुड़ी जानकारी भी बारीकी से जुटाई है। इस दौरान SIT ने सीसीटीवी फुटेज, चढ़ावे से संबंधित विस्तृत जानकारी, चढ़ावा गिनने के तरीके और बैंक में पैसा जमा करने की प्रक्रिया सहित हर एक पहलू की गहनता से पड़ताल की। जांच के छठे दिन शनिवार को टीम ने सभी आरोपियों और संदिग्धों के बैंक खातों का ब्योरा भी हासिल किया। सभी सबूत एकत्र करने के बाद टीम उन्हें अपने साथ ले गई है।1
- मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक घिनौने खेल का पर्दाफाश हुआ है, जहाँ जानवरों की हड्डी और चर्बी का इस्तेमाल करके नकली घी बनाने का गोरखधंधा चल रहा था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान, मौके से भारी मात्रा में जानवरों के अवशेष बरामद किए गए हैं। इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कार्यवाही जारी है।1
- हमीरपुर जिले की सरीला तहसील के लोधीपुरा गांव में लाखों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी तेज आंधी और तूफान के चलते क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना में टंकी की दीवारें टूट गईं और उस पर लगी सोलर प्लेटें भी गिरकर टूट गईं, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ होता, तो इतनी सामान्य आंधी-तूफान से टंकी को इतना गंभीर नुकसान नहीं पहुँचता। ग्रामीणों ने इसे भ्रष्टाचार का एक स्पष्ट उदाहरण करार देते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। गांव वालों का यह भी कहना है कि यह टंकी पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था के लिए बनाई गई थी, लेकिन अब इसके क्षतिग्रस्त होने से पूरी योजना की व्यावहारिकता पर ही प्रश्नचिह्न लग गया है। ग्रामीण संबंधित विभाग और प्रशासन से निर्माण गुणवत्ता की गहन जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि सरकारी धन से बनी परियोजनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित हो और जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके। इस मामले में लगातार प्रशासनिक जांच की मांग उठ रही है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महोबा जिले को 697 करोड़ रुपये की 88 विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इस महत्वपूर्ण सौगात से जिले में विकास कार्यों को गति मिलेगी।1
- उत्तर प्रदेश के उरई जिले के आटा थाना क्षेत्र के अटरिया गांव में चुनावी रंजिश के चलते एक बाइक सवार युवक संजीव कुमार पर हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान उन पर फायर झोंका गया, जिससे गोली सीधे उनके हाथ में जा धंसी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले की सूचना मिलने के बाद पूर्व प्रधान सहित पाँच लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है और जाँच पड़ताल शुरू कर दी है। संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि शनिवार रात करीब दस बजे वे उरई से अपने घर बाइक से लौट रहे थे, तभी एक पूर्व प्रधान और एक महिला समेत पाँच लोगों ने उन्हें रोका और मारपीट शुरू कर दी। संजीव के अनुसार, पहले पूर्व प्रधान ने तमंचे से उन पर फायर किया, लेकिन गोली बाइक में लगी। इसके बाद उनके एक सहयोगी ने दूसरी गोली चलाई, जो संजीव के हाथ में लग गई, जिससे वे घायल होकर गिर पड़े। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना पर आटा पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और घायल संजीव को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी ईशान सोनी भी घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, हालांकि देर रात तक मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर रहे। वहीं, आरोपी महिला ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अगर उसने घटना को अंजाम दिया होता तो वह घर पर नहीं बैठी होती। बताया जा रहा है कि संजीव कुमार और पूर्व प्रधान के बीच लंबे समय से चुनावी प्रतिद्वंद्विता और गांव में कराए गए विकास कार्यों को लेकर विवाद चल रहा था, क्योंकि संजीव लगातार विभिन्न विकास कार्यों की जांच की मांग को लेकर अधिकारियों को शिकायतें दे रहे थे, जिससे दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था।1
- जालौन जिले के उरई स्थित पीली कोठी पर लगे एक ट्रांसफार्मर में आग लग गई। इस घटना के बाद, मौके पर मौजूद लोग आग बुझाने के काम में तुरंत जुट गए।1