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सरमथुरा में अवैध खनन के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई @Bharat

12 hrs ago
user_Bharat SING Meena
Bharat SING Meena
Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
12 hrs ago

सरमथुरा में अवैध खनन के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई @Bharat

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  • सरमथुरा में अवैध खनन के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई @Bharat
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    सरमथुरा में अवैध खनन के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई
@Bharat
    user_Bharat SING Meena
    Bharat SING Meena
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • बसेड़ी में ABVP का हल्ला बोल — MSBU की परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का फूटा गुस्सा धौलपुर जिले के बसेड़ी से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP के नेतृत्व में छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। मामला जुड़ा है ,महाराजा सूरजमल ब्रिज यूनिवर्सिटी यानी MSBU की परीक्षा प्रणाली से, जिस पर छात्रों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने परीक्षा कार्यक्रम में भारी अनियमितताएं बरती हैं। सामान्यतः एक सेमेस्टर के लिए जहां करीब 6 महीने का समय मिलता है, वहीं इस बार प्रथम सेमेस्टर के तुरंत बाद महज 20 से 25 दिनों में ही द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं घोषित कर दी गईं। छात्रों का कहना है कि इतने कम समय में तैयारी संभव नहीं थी, जिसका सीधा असर उनके परिणामों पर पड़ा है। विरोध कर रहे विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई कक्षाओं में एक ही विषय में बड़ी संख्या में छात्रों को फेल कर दिया गया, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। ABVP के पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं एक और बड़ा आरोप—द्वितीय सेमेस्टर के रिवॉल्यूशन फॉर्म अब तक शुरू नहीं हुए हैं, जबकि तृतीय सेमेस्टर के फॉर्म जारी कर दिए गए हैं। विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा। फिलहाल, सभी की नजरें MSBU प्रशासन पर टिकी हैं — क्या छात्रों को मिलेगा न्याय या बढ़ेगा आंदोलन?
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    बसेड़ी में ABVP का हल्ला बोल — MSBU की परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का फूटा गुस्सा
धौलपुर जिले के बसेड़ी से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP के नेतृत्व में छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है।
मामला जुड़ा है ,महाराजा सूरजमल ब्रिज यूनिवर्सिटी यानी MSBU की परीक्षा प्रणाली से, जिस पर छात्रों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने परीक्षा कार्यक्रम में भारी अनियमितताएं बरती हैं। सामान्यतः एक सेमेस्टर के लिए जहां करीब 6 महीने का समय मिलता है, वहीं इस बार प्रथम सेमेस्टर के तुरंत बाद महज 20 से 25 दिनों में ही द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं घोषित कर दी गईं। छात्रों का कहना है कि इतने कम समय में तैयारी संभव नहीं थी, जिसका सीधा असर उनके परिणामों पर पड़ा है।
विरोध कर रहे विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई कक्षाओं में एक ही विषय में बड़ी संख्या में छात्रों को फेल कर दिया गया, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
ABVP के पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं एक और बड़ा आरोप—द्वितीय सेमेस्टर के रिवॉल्यूशन फॉर्म अब तक शुरू नहीं हुए हैं, जबकि तृतीय सेमेस्टर के फॉर्म जारी कर दिए गए हैं।
विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
फिलहाल, सभी की नजरें MSBU प्रशासन पर टिकी हैं — क्या छात्रों को मिलेगा न्याय या बढ़ेगा आंदोलन?
    user_Akash kumar
    Akash kumar
    बारी, धौलपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • कैला देवी थाना पुलिस ने अवैध बनास बजरी से भरी हुई ट्रैक्टर ट्राली को जप्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना अधिकारी ने शनिवार शाम 4:00 बजे बताया कि सपा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत घुराकर रोड से आरोपी रामबाबू पुत्र रामनिवास मीना निवासी बूकना को बिना बिल, रवन्ना रॉयल्टी के अवैध बनास की बजरी से भरी बिना नम्बरी ट्रैक्टर ढोली को जप्त कर गिरफ्तार किया गया है।आरोपी के खिलाफ एम एम डी आर एक्ट में मुकदमा पंजीबद्ध कर अनुसंधान जारी है।
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    कैला देवी थाना पुलिस ने अवैध बनास बजरी से भरी हुई ट्रैक्टर ट्राली को जप्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना अधिकारी ने शनिवार शाम 4:00 बजे बताया कि सपा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत घुराकर रोड से आरोपी रामबाबू पुत्र रामनिवास मीना निवासी बूकना को बिना बिल, रवन्ना रॉयल्टी के अवैध बनास की बजरी से भरी बिना नम्बरी ट्रैक्टर ढोली को जप्त कर गिरफ्तार किया गया है।आरोपी के खिलाफ एम एम डी आर एक्ट में मुकदमा पंजीबद्ध कर अनुसंधान जारी है।
    user_RK LIVE KARAULI
    RK LIVE KARAULI
    Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • बालिकाओं को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से सुरक्षित करने के उद्देश्य से जिले में एचपीवी वैक्सीनेशन किया जा रहा है इसी के अंतर्गत शनिवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गणेश गेट पर आयोजित हुआ ,जिसमें सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने मौके पहुंचकर एचपीवी वैक्सीन लगवाने वाली बालिकाओं का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने मौके पर मौजूद अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीनेशन में सहयोग करने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि बालिकाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के खतरे को कम करने के लिए 14 से 15 वर्ष तक की लड़कियों के एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है, इसके सार्थक परिणाम हमें भविष्य में देखने को मिलेंगे और महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से मुक्ति मिल पाएगी। भारत सरकार द्वारा एचपीवी वैक्सीनेशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है जो की बालिकाओं के भविष्य को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित करता है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों पर अंकुश के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन किया जा रहा है एचपीवी वैक्सीनेशन पूर्णतः सुरक्षित और प्रभावी है इसके कोई दुष्प्रभाव नहीं है। जिलेभर में एचपीवी वैक्सीनेशन काउंटर बनाए गए हैं जहां 14 से 15 वर्ष तक की बालिकाओं के यह टीका लगवाया जा सकता है। उन्होंने महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रिंसिपल सीता मीणा और प्रभारी गरिमा गर्ग को साधुवाद देते हुए कहा कि आपके द्वारा किए गए अथक प्रयासों के कारण ही इस विद्यालय निर्धारित आयु वर्ग अधिकांश बालिकाओं ने यह टीका लगवाया है। जिसमें चिकित्सा अधिकारी डा.ऋषिराज शर्मा व पीएचएम स्नेहलता तिवारी का विशेष सहयोग रहा। एचपीवी वैक्सीनेशन एएनएम सुमन शुक्ला द्वारा किया गया। इस मौके पर एएनएम करिश्मा शुक्ला , मधु शक्तावत, नर्सिंग ऑफिसर विष्णु, एएनएम ममता शर्मा अनीता शर्मा सपना अंशु विद्या सहित विद्यालय स्टाफ और अभिभावक मौजूद रहे ।
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    बालिकाओं को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से सुरक्षित करने के उद्देश्य से जिले में एचपीवी वैक्सीनेशन किया जा रहा है इसी के अंतर्गत शनिवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गणेश गेट पर आयोजित हुआ ,जिसमें सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने मौके पहुंचकर एचपीवी वैक्सीन लगवाने वाली बालिकाओं का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने मौके पर मौजूद अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीनेशन में सहयोग करने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि बालिकाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के खतरे को कम करने के लिए 14 से 15 वर्ष तक की लड़कियों के एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है, इसके सार्थक परिणाम हमें भविष्य में देखने को मिलेंगे और महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से मुक्ति मिल पाएगी। भारत सरकार द्वारा एचपीवी वैक्सीनेशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है जो की बालिकाओं के भविष्य को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित करता है।  महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों पर अंकुश के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन किया जा रहा है एचपीवी वैक्सीनेशन पूर्णतः सुरक्षित और प्रभावी है इसके कोई  दुष्प्रभाव नहीं है। जिलेभर में एचपीवी वैक्सीनेशन काउंटर बनाए गए हैं जहां 14 से 15 वर्ष तक की बालिकाओं के यह टीका लगवाया जा सकता है। 
उन्होंने  महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रिंसिपल सीता मीणा और प्रभारी गरिमा गर्ग को साधुवाद देते हुए कहा कि आपके द्वारा किए गए अथक प्रयासों के कारण ही इस विद्यालय निर्धारित आयु वर्ग अधिकांश बालिकाओं ने यह टीका लगवाया है। जिसमें चिकित्सा अधिकारी डा.ऋषिराज शर्मा व पीएचएम स्नेहलता तिवारी का विशेष सहयोग रहा। एचपीवी वैक्सीनेशन एएनएम सुमन शुक्ला द्वारा किया गया। इस मौके पर एएनएम करिश्मा शुक्ला , मधु शक्तावत, नर्सिंग ऑफिसर विष्णु, एएनएम ममता शर्मा अनीता शर्मा सपना अंशु विद्या सहित विद्यालय स्टाफ और अभिभावक मौजूद रहे ।
    user_JOURNALIST Rajendra Prasad Kum
    JOURNALIST Rajendra Prasad Kum
    jaurnalist करौली, करौली, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • हिणडौन सिटी 25 अप्रैल 2026, ग्रामोत्थान संस्था के महासचिव महेन्द्र सिंह मीना ने बताया कि पाँचना_डैम_की_नहरों_में_पानी_खोलें, दिनांक 23.04.2026 को माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय में माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश श्री संजीव प्रकाश शर्मा एवं माननीय न्यायाधीश शुभा मेहता की डीबी में पाँचना डैम की नहरों में पानी खुलवाने के लिए ग्रामोत्थान संस्था द्वारा दायर जनहित याचिका 14825/2020 एवं इस पर दिनांक 08.07.2022 के निर्णय उपरांत श्री रामकेश मीना की याचिका 12479/2022 एवं गम्भीर नदी जल बचाव संघर्ष समिति की याचिका 13380/2022 तथा ग्रामोत्थान संस्था द्वारा दायर कंटेम्प्ट पिटीशन 26/2023 पर सम्मिलित रूप से सुनवाई हुई। . महेन्द्र सिंह मीना ने बताया कि सुनवाई के दौरान ग्रामोत्थान संस्था की ओर से वकील दीपक शर्मा ने पैरवी की। गम्भीर नदी जल बचाव संघर्ष समिति की ओर से वकील अरविंद कुमार उपस्थित रहे। रामकेश मीना की याचिका की पैरवी करने के लिए कोई भी वकील उपस्थित नहीं हुआ। सभी माननीय उच्च न्यायालय का निर्णय निम्न प्रकार है - 1. अधिक्षण अभियंता न्यायालय में उपस्थित है। 2. हमने यह देखा है कि दिनांक 07.03.2026 को उनके द्वारा एक शपथपत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें बताया गया है कि करौली स्थित पाँचना बांध सिंचाई परियोजना में पानी उपलब्ध है, जिसे नहरों में छोड़ा जा सकता है। यह पानी करौली एवं सवाई माधोपुर जिले के गुरुत्वाकर्षण कमांड क्षेत्र में 35 गांवों को उपलब्ध कराया जा सकता है तथा लगभग 9985 हेक्टेयर भूमि की वर्ष में दो बार सिंचाई की जा सकती है। इसी प्रकार पाँचना गुडला लिफ्ट नहर के माध्यम से करौली जिले के लगभग 13 गांवों (लगभग 1973 हेक्टेयर भूमि) को भी दोनों फसल सीज़न के लिए सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा सकता है। हालांकि, जयपुर जल संसाधन परिपत्र के अधीक्षण अभियंता द्वारा तैयार रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि पानी कब छोड़ा जाएगा। 3. श्री बी.एस. छाबा, अतिरिक्त महाधिवक्ता ने प्रस्तुत किया कि 15.09.2003 के आदेश द्वारा गठित एक समिति को बैठक कर जल छोड़ने के संबंध में निर्णय लेना आवश्यक है। 4. हमने पाया कि इस न्यायालय ने डी.बी. सिविल रिट याचिका (PIL) संख्या 14825/2020 में दिनांक 08.07.2022 को आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया था कि पाँचना बांध से नहरों में पानी छोड़ा जाए। इसके बाद कुछ आंदोलन हुए, जिनमें शेष गांवों को पानी देने की मांग उठाई गई। इस विषय पर 22.04.2023 को संबंधित पक्षों की बैठक भी हुई तथा अवमानना कार्यवाही में भी यह मामला न्यायालय के समक्ष आया। 6. दिनांक 05.03.2026 को न्यायालय ने निम्न आदेश पारित किया: राज्य सरकार गांवों के बीच विवाद के कारण पानी उपलब्ध नहीं करा पा रही है। 2022 से अब तक चार वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, फिर भी परियोजना से पानी उपलब्ध नहीं कराया गया है। सिंचाई सुविधाएं सभी के लिए आवश्यक हैं। सरकार राजनीतिक कारणों से इसे रोक नहीं सकती। लिफ्ट सिंचाई योजना और नहर 2005 से निर्मित हैं और इस पर भारी सार्वजनिक धन खर्च हो चुका है। राज्य अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि योजना को चालू किया जाए। अधीक्षण अभियंता को स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। 7. न्यायालय के निर्देशानुसार स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है। 8. यह भी ध्यान में लिया गया कि राज्य सरकार ने राजस्थान लिफ्ट नहर परियोजना की दूसरी लाइन के लिए ₹50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिससे डिपालपुरा, टिकैतपुरा, उचेका पुरा और टोका (खरेटा) गांवों को पानी दिया जाएगा तथा पाँचना गुडला लिफ्ट नहर का उन्नयन किया जाएगा। 9. राज्य द्वारा दी गई वित्तीय स्वीकृति और दिनांक 07.03.2026 की रिपोर्ट को देखते हुए न्यायालय निर्देश देता है कि: मौजूदा नहरों में तुरंत पानी छोड़ा जाए। जिन गांवों तक पानी नहीं पहुंचा है, उनके लिए लिंक नहर का निर्माण किया जाए। जहां आवश्यक हो, नहरों की मरम्मत की जाए। मरम्मत कार्य के कारण पानी छोड़ने में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। 10. परियोजना को गंभीरता से लिया जाए और शीघ्र पूर्ण किया जाए। 11. इस आदेश का तत्काल पालन किया जाए, अन्यथा संबंधित सचिव एवं मुख्य अभियंता को अगली तारीख पर न्यायालय में उपस्थित होना होगा। 12. अनुपालन हेतु अगली सुनवाई दिनांक 01.05.2026 को निर्धारित की जाती है।
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    हिणडौन सिटी 25 अप्रैल 2026, ग्रामोत्थान संस्था के महासचिव महेन्द्र सिंह मीना ने बताया कि
पाँचना_डैम_की_नहरों_में_पानी_खोलें,
दिनांक 23.04.2026 को माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय में माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश श्री संजीव प्रकाश शर्मा एवं माननीय न्यायाधीश शुभा मेहता की डीबी में पाँचना डैम की नहरों में पानी खुलवाने के लिए ग्रामोत्थान संस्था द्वारा दायर जनहित याचिका 14825/2020 एवं इस पर दिनांक 08.07.2022 के निर्णय उपरांत श्री रामकेश मीना की याचिका 12479/2022 एवं गम्भीर नदी जल बचाव संघर्ष समिति की याचिका 13380/2022 तथा ग्रामोत्थान संस्था द्वारा दायर कंटेम्प्ट पिटीशन 26/2023 पर सम्मिलित रूप से सुनवाई हुई।
. महेन्द्र सिंह मीना ने बताया कि सुनवाई के दौरान ग्रामोत्थान संस्था की ओर से वकील  दीपक शर्मा ने पैरवी की। गम्भीर नदी जल बचाव संघर्ष समिति की ओर से वकील  अरविंद कुमार  उपस्थित रहे।  रामकेश मीना की याचिका की पैरवी करने के लिए कोई भी वकील उपस्थित नहीं हुआ। सभी  माननीय उच्च न्यायालय का निर्णय निम्न प्रकार है -
1. अधिक्षण अभियंता न्यायालय में उपस्थित है। 
2. हमने यह देखा है कि दिनांक 07.03.2026 को उनके द्वारा एक शपथपत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें बताया गया है कि करौली स्थित पाँचना बांध सिंचाई परियोजना में पानी उपलब्ध है, जिसे नहरों में छोड़ा जा सकता है। यह पानी करौली एवं सवाई माधोपुर जिले के गुरुत्वाकर्षण कमांड क्षेत्र में 35 गांवों को उपलब्ध कराया जा सकता है तथा लगभग 9985 हेक्टेयर भूमि की वर्ष में दो बार सिंचाई की जा सकती है।
इसी प्रकार पाँचना गुडला लिफ्ट नहर के माध्यम से करौली जिले के लगभग 13 गांवों (लगभग 1973 हेक्टेयर भूमि) को भी दोनों फसल सीज़न के लिए सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा सकता है।
हालांकि, जयपुर जल संसाधन परिपत्र के अधीक्षण अभियंता द्वारा तैयार रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि पानी कब छोड़ा जाएगा।
3. श्री बी.एस. छाबा, अतिरिक्त महाधिवक्ता ने प्रस्तुत किया कि 15.09.2003 के आदेश द्वारा गठित एक समिति को बैठक कर जल छोड़ने के संबंध में निर्णय लेना आवश्यक है।
4. हमने पाया कि इस न्यायालय ने डी.बी. सिविल रिट याचिका (PIL) संख्या 14825/2020 में दिनांक 08.07.2022 को आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया था कि पाँचना बांध से नहरों में पानी छोड़ा जाए।
इसके बाद कुछ आंदोलन हुए, जिनमें शेष गांवों को पानी देने की मांग उठाई गई। इस विषय पर 22.04.2023 को संबंधित पक्षों की बैठक भी हुई तथा अवमानना कार्यवाही में भी यह मामला न्यायालय के समक्ष आया।
6. दिनांक 05.03.2026 को न्यायालय ने निम्न आदेश पारित किया:
राज्य सरकार गांवों के बीच विवाद के कारण पानी उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
2022 से अब तक चार वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, फिर भी परियोजना से पानी उपलब्ध नहीं कराया गया है।
सिंचाई सुविधाएं सभी के लिए आवश्यक हैं। सरकार राजनीतिक कारणों से इसे रोक नहीं सकती।
लिफ्ट सिंचाई योजना और नहर 2005 से निर्मित हैं और इस पर भारी सार्वजनिक धन खर्च हो चुका है।
राज्य अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि योजना को चालू किया जाए।
अधीक्षण अभियंता को स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
7. न्यायालय के निर्देशानुसार स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है।
8. यह भी ध्यान में लिया गया कि राज्य सरकार ने राजस्थान लिफ्ट नहर परियोजना की दूसरी लाइन के लिए ₹50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिससे डिपालपुरा, टिकैतपुरा, उचेका पुरा और टोका (खरेटा) गांवों को पानी दिया जाएगा तथा पाँचना गुडला लिफ्ट नहर का उन्नयन किया जाएगा।
9. राज्य द्वारा दी गई वित्तीय स्वीकृति और दिनांक 07.03.2026 की रिपोर्ट को देखते हुए न्यायालय निर्देश देता है कि:
मौजूदा नहरों में तुरंत पानी छोड़ा जाए।
जिन गांवों तक पानी नहीं पहुंचा है, उनके लिए लिंक नहर का निर्माण किया जाए।
जहां आवश्यक हो, नहरों की मरम्मत की जाए।
मरम्मत कार्य के कारण पानी छोड़ने में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।
10. परियोजना को गंभीरता से लिया जाए और शीघ्र पूर्ण किया जाए।
11. इस आदेश का तत्काल पालन किया जाए, अन्यथा संबंधित सचिव एवं मुख्य अभियंता को अगली तारीख पर न्यायालय में उपस्थित होना होगा।
12. अनुपालन हेतु अगली सुनवाई दिनांक 01.05.2026 को निर्धारित की जाती है।
    user_Bajrang singh Rajasthan patrika
    Bajrang singh Rajasthan patrika
    श्रीमहावीर जी, करौली, राजस्थान•
    13 min ago
  • छिंदवाड़ा में बड़े धूमधाम से मनाई गई मां बगलामुखी पीतांबरी जयंती,,,, भक्तों की भीड़ aur महा आरती और महाप्रसाद वितरण किया गया
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    छिंदवाड़ा में बड़े धूमधाम से मनाई गई मां बगलामुखी पीतांबरी जयंती,,,, भक्तों की भीड़ aur महा आरती और महाप्रसाद वितरण किया गया
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Bayana, Bharatpur•
    8 hrs ago
  • Post by NATION MEDIA AB
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    Post by NATION MEDIA AB
    user_NATION MEDIA AB
    NATION MEDIA AB
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • सरमथुरा में अवैध खनन के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई @Bharat
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    सरमथुरा में अवैध खनन के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई
@Bharat
    user_Bharat SING Meena
    Bharat SING Meena
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
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