एलपीजी आपूर्ति दुरुस्त रखें, सिलेंडर डायवर्जन पर होगी एफआईआर : प्रभारी सचिव बेतिया। अपर मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार-सह-प्रभारी सचिव एच. आर. श्रीनिवास की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, एलपीजी आपूर्ति, प्रवासी श्रमिकों की स्थिति तथा उर्वरक वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि जिले में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल एवं खाद्य सामग्री सहित सभी आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। जिले में कुल 74 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनसे 9.53 लाख से अधिक घरेलू एवं 2,674 व्यावसायिक उपभोक्ता जुड़े हैं। वर्तमान में 24,641 एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है और प्रतिदिन 10 से 11 हजार सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में किसी प्रकार की कमी नहीं है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला कंट्रोल रूम में अब तक 834 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 794 का निष्पादन किया जा चुका है। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 06254-247002 एवं 06254-247003 जारी किए गए हैं। प्रशासन द्वारा कालाबाजारी एवं अनियमितता के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 247 गैस एजेंसियों की जांच, 481 स्थानों पर छापेमारी कर 87 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 6 ए के तहत 2 मामले एवं 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। बैठक में प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि गैस बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जाए तथा मैसेज और डिलीवरी के बीच कोई अनावश्यक अंतराल न हो। उन्होंने बैकलॉग खत्म करने, सिलेंडर डायवर्जन रोकने और दोषियों पर सीधे एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लक्ष्य के अनुरूप नए कनेक्शन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा में रबी सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक की पुष्टि की गई और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया गया। प्रभारी सचिव ने जिलेवासियों से अपील की कि आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। किसी समस्या की स्थिति में कंट्रोल रूम पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। एलपीजी आपूर्ति दुरुस्त रखें, सिलेंडर डायवर्जन पर होगी एफआईआर : प्रभारी सचिव बेतिया। अपर मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार-सह-प्रभारी सचिव एच. आर. श्रीनिवास की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, एलपीजी आपूर्ति, प्रवासी श्रमिकों की स्थिति तथा उर्वरक वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि जिले में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल एवं खाद्य सामग्री सहित सभी आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। जिले में कुल 74 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनसे 9.53 लाख से अधिक घरेलू एवं 2,674 व्यावसायिक उपभोक्ता जुड़े हैं। वर्तमान में 24,641 एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है और प्रतिदिन 10 से 11 हजार सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में किसी प्रकार की कमी नहीं है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला कंट्रोल रूम में अब तक 834 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 794 का निष्पादन किया जा चुका है। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 06254-247002 एवं 06254-247003 जारी किए गए हैं। प्रशासन द्वारा कालाबाजारी एवं अनियमितता के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 247 गैस एजेंसियों की जांच, 481 स्थानों पर छापेमारी कर 87 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 6 ए के तहत 2 मामले एवं 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। बैठक में प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि गैस बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जाए तथा मैसेज और डिलीवरी के बीच कोई अनावश्यक अंतराल न हो। उन्होंने बैकलॉग खत्म करने, सिलेंडर डायवर्जन रोकने और दोषियों पर सीधे एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लक्ष्य के अनुरूप नए कनेक्शन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा में रबी सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक की पुष्टि की गई और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया गया। प्रभारी सचिव ने जिलेवासियों से अपील की कि आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। किसी समस्या की स्थिति में कंट्रोल रूम पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
एलपीजी आपूर्ति दुरुस्त रखें, सिलेंडर डायवर्जन पर होगी एफआईआर : प्रभारी सचिव बेतिया। अपर मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार-सह-प्रभारी सचिव एच. आर. श्रीनिवास की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, एलपीजी आपूर्ति, प्रवासी श्रमिकों की स्थिति तथा उर्वरक वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि जिले में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल एवं खाद्य सामग्री सहित सभी आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। जिले में कुल 74 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनसे 9.53 लाख से अधिक घरेलू एवं 2,674 व्यावसायिक उपभोक्ता जुड़े हैं। वर्तमान में 24,641 एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है और प्रतिदिन 10 से 11 हजार सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में किसी प्रकार की कमी नहीं है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला कंट्रोल रूम में अब तक 834 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 794 का निष्पादन किया जा चुका है। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 06254-247002 एवं 06254-247003 जारी किए गए हैं। प्रशासन द्वारा कालाबाजारी एवं अनियमितता के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 247 गैस एजेंसियों की जांच, 481 स्थानों पर छापेमारी कर 87 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 6 ए के तहत 2 मामले एवं 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। बैठक में प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि गैस बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जाए तथा मैसेज और डिलीवरी के बीच कोई अनावश्यक अंतराल न हो। उन्होंने बैकलॉग खत्म करने, सिलेंडर डायवर्जन रोकने और दोषियों पर सीधे एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लक्ष्य के अनुरूप नए कनेक्शन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा में रबी सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक की पुष्टि की गई और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया गया। प्रभारी सचिव ने जिलेवासियों से अपील की कि आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। किसी समस्या की स्थिति में कंट्रोल रूम पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। एलपीजी आपूर्ति दुरुस्त रखें, सिलेंडर डायवर्जन पर होगी एफआईआर : प्रभारी सचिव बेतिया। अपर मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार-सह-प्रभारी सचिव एच. आर. श्रीनिवास की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, एलपीजी आपूर्ति, प्रवासी श्रमिकों की स्थिति तथा उर्वरक वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि जिले में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल एवं खाद्य सामग्री सहित सभी आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। जिले में कुल 74 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनसे 9.53 लाख से अधिक घरेलू एवं 2,674 व्यावसायिक उपभोक्ता जुड़े हैं। वर्तमान में 24,641 एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है और प्रतिदिन 10 से 11 हजार सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में किसी प्रकार की कमी नहीं है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला कंट्रोल रूम में अब तक 834 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 794 का निष्पादन किया जा चुका है। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 06254-247002 एवं 06254-247003 जारी किए गए हैं। प्रशासन द्वारा कालाबाजारी एवं अनियमितता के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 247 गैस एजेंसियों की जांच, 481 स्थानों पर छापेमारी कर 87 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 6 ए के तहत 2 मामले एवं 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। बैठक में प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि गैस बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जाए तथा मैसेज और डिलीवरी के बीच कोई अनावश्यक अंतराल न हो। उन्होंने बैकलॉग खत्म करने, सिलेंडर डायवर्जन रोकने और दोषियों पर सीधे एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लक्ष्य के अनुरूप नए कनेक्शन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा में रबी सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक की पुष्टि की गई और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया गया। प्रभारी सचिव ने जिलेवासियों से अपील की कि आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। किसी समस्या की स्थिति में कंट्रोल रूम पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
- एलपीजी आपूर्ति दुरुस्त रखें, सिलेंडर डायवर्जन पर होगी एफआईआर : प्रभारी सचिव बेतिया। अपर मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार-सह-प्रभारी सचिव एच. आर. श्रीनिवास की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, एलपीजी आपूर्ति, प्रवासी श्रमिकों की स्थिति तथा उर्वरक वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि जिले में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल एवं खाद्य सामग्री सहित सभी आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। जिले में कुल 74 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनसे 9.53 लाख से अधिक घरेलू एवं 2,674 व्यावसायिक उपभोक्ता जुड़े हैं। वर्तमान में 24,641 एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है और प्रतिदिन 10 से 11 हजार सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में किसी प्रकार की कमी नहीं है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला कंट्रोल रूम में अब तक 834 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 794 का निष्पादन किया जा चुका है। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 06254-247002 एवं 06254-247003 जारी किए गए हैं। प्रशासन द्वारा कालाबाजारी एवं अनियमितता के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 247 गैस एजेंसियों की जांच, 481 स्थानों पर छापेमारी कर 87 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 6 ए के तहत 2 मामले एवं 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। बैठक में प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि गैस बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जाए तथा मैसेज और डिलीवरी के बीच कोई अनावश्यक अंतराल न हो। उन्होंने बैकलॉग खत्म करने, सिलेंडर डायवर्जन रोकने और दोषियों पर सीधे एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लक्ष्य के अनुरूप नए कनेक्शन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा में रबी सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक की पुष्टि की गई और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया गया। प्रभारी सचिव ने जिलेवासियों से अपील की कि आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। किसी समस्या की स्थिति में कंट्रोल रूम पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।1
- योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र के पकड़ी चौक पर मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक लगे ट्रांसफार्मर से आग की लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते आसपास के लोग घबरा गए और मौके पर भीड़ जुट गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना बिजली विभाग के कार्यालय को दी। सूचना मिलते ही विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे विद्युत कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और ट्रांसफार्मर की मरम्मत का कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने समय रहते कार्रवाई के लिए विभाग की सराहना की, हालांकि इस घटना ने बिजली उपकरणों के रखरखाव पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- नौतन / स्थानीय थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर दूबौलिया गांव स्थित एक पोखरा में असामाजिक तत्वों के द्वारा ज़हर डालकर लाखों रुपए की मछलियों को मार दिया गया है। स्थानीय लोगों ने इस घटना को साजिश बताया। इस बावत लक्ष्मीपुर के कपिल देव मुखिया ने बताया कि वें विगत कई वर्षों से मछली पालन का कारोबार करते हैं।बिहार सरकार मत्स्य विभाग के द्वारा गांव के गौमाला पोखरा में करीब चार लाख रुपए की मछली का बच्चा डाले थे। जिसमें असामाजिक तत्वों के द्वारा ज़हर डालकर पोखरा की सभी मछलियां को मार दिया गया है।कहा कि इस पोखरा के किनारे कुछ लोगों ने अतिक्रमण किया था। जिसे गांव के लोगों के द्वारा प्रशासन के मदद से हटवा दिया गया है। जबकि गांव के बीचों-बीच पोखरा होने के कारण ग्रामीण माल मवेशियों को भी नहलाते एवं पानी भी पिलाते थे। वें इस पोखरा में लगभग बीस वर्षों से मछली पालन करते आ रहे हैं। लेकिन आज तक ऐसी घटना घटित नहीं हुई है। इस संबंध में कपिल देव मुखिया ने थाने में आवेदन देकर पुलिस प्रशासन से जांच व कार्रवाई की मांग किया है।।1
- Post by Abhishek Kumar Shrivastava1
- नौतन थाना क्षेत्र के पश्चिमी नौतन पंचायत अंतर्गत लक्ष्मीपुर दुबौलिया गांव के पास स्थित एक सार्वजनिक पोखरे में जहर डालकर मछलियों को मार देने की गंभीर घटना सामने आई है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है और मछली पालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। पीड़ित मछली पालक कपिलदेव मुखिया ने अज्ञात लोगों के खिलाफ नौतन थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से उक्त पोखरे में मछली पालन का कार्य करते आ रहे हैं और यही उनका मुख्य आजीविका का साधन है। हाल ही में उन्होंने विश्वकर्मा योजना के तहत एक लाख रुपये का कर्ज लेकर मछली का स्पॉन डाला था, जो अब तैयार होकर लगभग ढाई सौ ग्राम से अधिक वजन की हो चुकी थी। लेकिन विगत रात किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पोखरे में जहर डाल दिया गया, जिससे सभी मछलियां मरने लगीं। देखते ही देखते लाखों की मछलियां पानी में तैरती नजर आईं। इस घटना से करीब चार लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है, जिससे मछली पालक पूरी तरह से टूट गया है। स्थिति की गंभीरता इस बात से भी बढ़ जाती है कि उक्त पोखरा सार्वजनिक है, जहां आसपास के ग्रामीण अपने मवेशियों को स्नान कराने लाते हैं और मवेशी उसी पानी को पीते भी हैं। ऐसे में जहर मिला पानी अब मवेशियों के लिए भी खतरनाक बन गया है, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि इस घटना के पीछे पुराने विवाद की रंजिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि पोखरे के बांध पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था, जिसे गांव और प्रशासन की मदद से हटाया गया था। इसी बात को लेकर अतिक्रमणकारियों से विवाद और गाली-गलौज भी हुआ था। ऐसे में शक की सुई उन्हीं लोगों की ओर इशारा कर रही है। मछली पालक ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। वहीं, इस संबंध में नौतन थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुट गई है। जल्द ही दोषियों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने न सिर्फ एक मेहनतकश मछली पालक की कमर तोड़ दी है, बल्कि सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा और ग्रामीण जीवन पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।1
- सुगौली में गैस वितरण में अनियमितता को लेकर लोगों में उबाल। सीपीएम ने इसको लेकर बीडीओ को दिया विज्ञप्ति3
- Bihar news datiya1
- बेतिया पुलिस का सघन अभियान, 24 घंटे में 26 अभियुक्त गिरफ्तार बेतिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से बुधवार 1 अप्रैल को दोपहर करीब 1:30 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि अपराध नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से बेतिया पुलिस द्वारा विगत 24 घंटे में समकालीन अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर अलग-अलग मामलों में संलिप्त कुल 26 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करते हुए 151 लीटर 800 मिली शराब, 3 बड़े गैस सिलेंडर, 9 छोटे गैस सिलेंडर तथा 197 पीस रेगुलेटर बरामद किए। लगातार चल रहे इस अभियान के तहत अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है। गिरफ्तार सभी अभियुक्तों का आवश्यक मेडिकल जांच कराने के बाद नियमानुसार न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से जहां अपराधियों में हड़कंप मचा है, वहीं आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।1