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प्राकृतिक विधि से लगाए गए खीरे के पौधे अब एक महीने से अधिक पुराने हो चुके हैं। गोबर खाद और जैविक पोषण के इस्तेमाल के कारण ये पौधे हरे-भरे, स्वस्थ और मजबूत दिख रहे हैं। इनमें अब भरपूर फूल खिलने के साथ-साथ छोटे-छोटे खीरे भी आना शुरू हो गए हैं।
Yogendra Prajapati
प्राकृतिक विधि से लगाए गए खीरे के पौधे अब एक महीने से अधिक पुराने हो चुके हैं। गोबर खाद और जैविक पोषण के इस्तेमाल के कारण ये पौधे हरे-भरे, स्वस्थ और मजबूत दिख रहे हैं। इनमें अब भरपूर फूल खिलने के साथ-साथ छोटे-छोटे खीरे भी आना शुरू हो गए हैं।
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- प्राकृतिक विधि से लगाए गए खीरे के पौधे अब एक महीने से अधिक पुराने हो चुके हैं। गोबर खाद और जैविक पोषण के इस्तेमाल के कारण ये पौधे हरे-भरे, स्वस्थ और मजबूत दिख रहे हैं। इनमें अब भरपूर फूल खिलने के साथ-साथ छोटे-छोटे खीरे भी आना शुरू हो गए हैं।1
- लखीसराय जिले के किउल-झाझा रेलखंड के भलुई ब्लॉक हॉल्ट के समीप मंगलवार सुबह करीब 8:20 बजे 12316 डाउन अनन्या एक्सप्रेस बीच रास्ते में रुक गई। यह घटना डाउन रेलवे लाइन में बिजली के तार में आई तकनीकी खराबी के कारण हुई, जिससे यात्रियों को लगभग 30 मिनट तक परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेन 49 नंबर रेलवे फाटक और भलुई ब्लॉक हॉल्ट के बीच खड़ी रही। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया और एक तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। भलुई ब्लॉक हॉल्ट के स्टेशन मास्टर दशरथ प्रसाद ने बताया कि डाउन लाइन के ओवरहेड बिजली के तार में खराबी आने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेन को रोका गया था। तकनीकी कर्मियों ने तत्काल मरम्मत का काम शुरू कर दिया। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई, जिसके बाद अनन्या एक्सप्रेस को उसके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। इस दौरान डाउन रेलखंड पर कुछ अन्य ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी स्थिति में ट्रेन संचालन रोकना आवश्यक होता है।1
- हूल दिवस के अवसर पर किसानों ने स्पष्ट रूप से हुंकार भरते हुए यह घोषणा की है कि वे बिना समुचित मुआवजा और उचित पुनर्वास के अपनी ज़मीन नहीं छोड़ेंगे। किसानों ने ज़मीन को लेकर अपनी यह अटल मांग रखी है।1
- हूल दिवस के अवसर पर, जमुई में बरनार जलाशय परियोजना और एनएच-333ए से प्रभावित किसानों ने अपने अधिकारों की मांग को लेकर एक जोरदार प्रदर्शन किया। भाकपा (माले), आदिवासी संघर्ष मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में निकली 75 किलोमीटर की पदयात्रा दूसरे दिन जमुई के कचहरी चौक पहुंची, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में आंदोलनकारियों ने पुनर्वास, जमीन के बदले जमीन, वर्तमान एमवीआर के आधार पर पांच गुना मुआवजा, विस्थापित परिवारों को रोजगार, वनाधिकार कानून के तहत लंबित दावों का निष्पादन और भूमिहीन परिवारों को आवासीय भूमि उपलब्ध कराने जैसी प्रमुख मांगें उठाईं। भाकपा (माले) के राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने इस दौरान स्पष्ट किया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे। वहीं, जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने भी कहा कि किसानों के अधिकार मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।1
- जमुई बटिया में, किरण गुप्ता ने किसान और आदिवासियों के हक, हिस्से और अधिकारों के मुद्दे पर अपनी बात रखी। इस दौरान, उन्होंने क्षेत्र में पुल की स्थिति को लेकर भी चर्चा की।1
- जमुई जिले के खैरा प्रखंड के खुटौना गांव स्थित मां काली मंदिर में नौ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का भव्य शुभारंभ एक कलश यात्रा के साथ किया गया। इस अवसर पर 501 सुहागिन महिलाओं और कन्याओं ने कलश यात्रा में भाग लिया, जिससे ढोल-नगाड़ों और 'जय मां काली' के जयघोष से पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। यह कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू हुई और नारियाना क्यूल नदी घाट तक पहुंची, जहाँ महिलाओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरकर यज्ञ स्थल पर वापसी की। यज्ञाचार्य दीपक पांडेय के मार्गदर्शन में विधि-विधान से कलश स्थापना और संकल्प की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इस महायज्ञ में बजरंगी रावत अपनी धर्मपत्नी के साथ यजमान के रूप में पूजा-अर्चना में शामिल हुए। आयोजकों ने बताया कि अगले नौ दिनों तक प्रतिदिन पूजा-पाठ, हवन, धार्मिक अनुष्ठान और प्रवचन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।1
- नेशनल हाईवे 333 नेशनल हाईवे 333 नेशनल हाईवे 333 नेशनल हाईवे 333 नेशनल हाईवे 3331
- जमुई जिले के सरकारी अस्पताल में गरीबों का इलाज एक कथित 'लत्तम-जुत्तम' विधि से निःशुल्क किया जा रहा है। इस सूचना के अनुसार, इच्छुक लाभार्थी जो इस विशेष तरीके से मुफ्त इलाज प्राप्त करना चाहते हैं, वे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।1