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मुंबई की लोकल ट्रेन में, जिसे शहर की लाइफलाइन कहा जाता है, एक मामूली विवाद ने खूनी हिंसा का रूप ले लिया है। ट्रेन का दरवाजा बंद करने को लेकर शुरू हुई यह बहस इतनी बढ़ गई कि कथित तौर पर एक यात्री पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे उसकी जान चली गई। बारिश के बीच दरवाजा बंद करने के विषय पर हुए इस विवाद और इस खौफनाक हत्या का एक वीडियो भी सामने आया है। इस घटना ने लोकल ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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मुंबई की लोकल ट्रेन में, जिसे शहर की लाइफलाइन कहा जाता है, एक मामूली विवाद ने खूनी हिंसा का रूप ले लिया है। ट्रेन का दरवाजा बंद करने को लेकर शुरू हुई यह बहस इतनी बढ़ गई कि कथित तौर पर एक यात्री पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे उसकी जान चली गई। बारिश के बीच दरवाजा बंद करने के विषय पर हुए इस विवाद और इस खौफनाक हत्या का एक वीडियो भी सामने आया है। इस घटना ने लोकल ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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- मुंबई की लोकल ट्रेन में, जिसे शहर की लाइफलाइन कहा जाता है, एक मामूली विवाद ने खूनी हिंसा का रूप ले लिया है। ट्रेन का दरवाजा बंद करने को लेकर शुरू हुई यह बहस इतनी बढ़ गई कि कथित तौर पर एक यात्री पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे उसकी जान चली गई। बारिश के बीच दरवाजा बंद करने के विषय पर हुए इस विवाद और इस खौफनाक हत्या का एक वीडियो भी सामने आया है। इस घटना ने लोकल ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अलीगंज अग्निकांड से संबंधित भवन पर नोटिस चस्पा कर दिया है। प्राधिकरण ने भवन के स्वामी से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। इस नोटिस में भवन से संबंधित सभी अभिलेखों और निर्माण की वैधता स्पष्ट करने को कहा गया है। LDA ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। अग्निकांड के बाद से ही भवन की जांच और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल लगातार जारी है।1
- कौशाम्बी (उ.प्र.) के जिलाधिकारी महोदय को संबोधित एक शिकायत पत्र में ग्राम सभा सैयद सरावां के ग्रामीणों ने पूर्व प्रधान के भाइयों पर तालाबी और सार्वजनिक भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से इस अवैध कब्जे की निष्पक्ष जांच कराकर अतिक्रमण हटवाने और संबंधित पट्टों को निरस्त करने की अपील की गई है। शिकायत में बताया गया है कि तहसील चायल, जनपद कौशाम्बी के ग्राम सभा सैयद सरावां स्थित तालाबी, सार्वजनिक और ग्राम समाज की भूमि पर पूर्व प्रधान के भाइयों द्वारा लंबे समय से गैर-कानूनी तरीके से कब्जा किया गया है। आरोप है कि वे अपनी स्वयं की, रिश्तेदारों और कुछ खास लोगों को अवैध रूप से पट्टा करके उन्हें भूमिधर बनाकर प्लॉटिंग कर रहे हैं और फिर उन्हें बेच रहे हैं। जिन आराजी संख्याओं पर यह अतिक्रमण किया गया है, उनमें 707, 706, 675 (तालाबी नं.), 676, 717, 1100, और 178 शामिल हैं। ग्रामीणों ने विनम्र निवेदन किया है कि इन अवैध पट्टों को निरस्त किया जाए और संबंधित भूमि को ग्राम सभा सैयद सरावां में खेलकूद मैदान, श्मशान भूमि और सामुदायिक भवन के लिए आरक्षित किया जाए। प्रार्थीगण ने न्यायहित में इस मामले की निष्पक्ष जांच और निरस्तीकरण की कार्यवाही की अपेक्षा की है, जिसके लिए सभी ग्रामवासियों ने सदैव आभारी रहने की बात कही है। यह शिकायत पत्र दिनांक 24/06/2026 को प्रस्तुत किया गया है।1
- कौशाम्बी जनपद के ग्राम सभा सैयद सरावां, तहसील चायल के निवासियों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सार्वजनिक और तालाबी भूमि पर पूर्व प्रधान के भाइयों द्वारा किए गए अवैध कब्जे की शिकायत की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधान के भाई कई वर्षों से ग्राम समाज की इन जमीनों पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर रहे हैं। शिकायत में बताया गया है कि कब्जा करने वाले लोग अपने रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों को इन जमीनों पर पट्टा देकर उन्हें भूमिधर बना रहे हैं, जिसके बाद इन प्लॉट्स की बिक्री भी की जा रही है। इस अवैध कब्जे में आराजी संख्या 707, 706, 675 (जो कि एक तालाब की जमीन है), 676, 717, 1100 और 178 जैसी कई भूमियाँ शामिल हैं। प्रार्थियों ने जिलाधिकारी महोदय से विनम्र निवेदन किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध कब्जों को हटाया जाए और सभी संबंधित भूमि पट्टों व भूमित्व को निरस्त किया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि इन भूमियों को ग्राम सभा सैयद सरावां में खेल कूद मैदान, श्मशान भूमि और सामुदायिक भवन जैसे सार्वजनिक उपयोगों के लिए आवंटित किया जाए। ग्रामीणों ने विश्वास व्यक्त किया है कि न्याय हित में की गई इस कार्यवाही के लिए सभी ग्रामवासी सदैव आभारी रहेंगे।1
- उत्तर प्रदेश में टीजीटी और पीजीटी भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो गया है। अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी धरना स्थल पर डटे हुए हैं और उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, उनका आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि सरकार आगामी टीजीटी-पीजीपी भर्ती में पुरानी नियमावली को ही लागू रखे। धरना प्रदर्शन में शामिल महिला अभ्यर्थी विभा सिंह ने मीडिया से बातचीत में अपनी प्रमुख मांगें सामने रखीं, जिसमें प्राविधिक कला के छात्रों को नई भर्ती प्रक्रिया से बाहर न करने की बात भी शामिल है। अभ्यर्थियों का कहना है कि नई नियमावली के तहत उन्हें बाहर किए जाने का डर है, जिसके खिलाफ छात्रों में भारी रोष है। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि सरकार आने वाली 23,500 पदों की नई वैकेंसी में पुरानी नियमावली के तहत ही सभी योग्य उम्मीदवारों को शामिल करे। विभा सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो वे एक महीने या जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी मांगों के लिए खून से पत्र लिख रहे हैं और ज़रूरत पड़ने पर जान भी दे देंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी इसके अलावा कोई और मांग नहीं है और वे केवल इतना चाहते हैं कि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करे और प्राविधिक कला वाले छात्रों को मौका दे।1
- पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी, श्री सत्यनारायण ने जनपद में मोहर्रम को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के दृष्टिगत की गई तैयारियों के संबंध में एक वीडियो बाइट दी। उन्होंने इन तैयारियों के विषय में जानकारी प्रदान की।1
- प्रयागराज के हंडिया में एक स्थानीय दबंग भू-माफिया ने 10 बीघा से ज़्यादा आबादी भूमि पर अवैध रूप से कब्ज़ा कर लिया था। इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम हंडिया और नायब तहसीलदार हंडिया मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भू-माफिया द्वारा बनाई जा रही बाउंड्रीवॉल के निर्माण कार्य को रुकवा दिया।2
- लखनऊ के अलीगंज में हुए एक अग्निकांड में 15 मासूम बच्चों की जान चली गई है। इस हृदय विदारक घटना के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने घोषणा की है कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी ने इस दुर्घटना का कारण बताते हुए कहा कि बच्चों की मौत 'फिंगर एंट्री' सिस्टम से संबंधित 'गेट अनलॉक' होने के कारण हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब यह फिंगर एंट्री प्रणाली हटा दी जाएगी और केवल गेट ही रहेगा। इस तरह की घटनाएँ बार-बार क्यों हो रही हैं, इस पर गहरा दुःख व्यक्त किया गया है।1