Shuru
Apke Nagar Ki App…
दरभंगा के केवटी प्रखंड की प्रमुख जीवछी देवी को सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग मामले में उनके पद से हटा दिया गया है। उन पर ₹13.15 लाख की सरकारी राशि के कथित गबन का आरोप था। जांच में इन आरोपों को सही पाया गया, जिसके बाद यह कठोर कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के साथ ही, संबंधित अधिकारियों से दुरुपयोग की गई राशि की वसूली के भी निर्देश जारी किए गए हैं। इस बड़े एक्शन के बाद क्षेत्र की राजनीति में खासी हलचल देखी जा रही है।
RRP न्यूज़
दरभंगा के केवटी प्रखंड की प्रमुख जीवछी देवी को सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग मामले में उनके पद से हटा दिया गया है। उन पर ₹13.15 लाख की सरकारी राशि के कथित गबन का आरोप था। जांच में इन आरोपों को सही पाया गया, जिसके बाद यह कठोर कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के साथ ही, संबंधित अधिकारियों से दुरुपयोग की गई राशि की वसूली के भी निर्देश जारी किए गए हैं। इस बड़े एक्शन के बाद क्षेत्र की राजनीति में खासी हलचल देखी जा रही है।
More news from बिहार and nearby areas
- रोहतास पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर धौधाड़ थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मवेशी चोर गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी में इस्तेमाल किया गया एक पिकअप वाहन और चोरी का एक भैंस का बच्चा भी बरामद किया है। यह कार्रवाई 19 जून 2026 की देर रात करीब 02:20 बजे धौधाड़ थाना अध्यक्ष को मिली गुप्त सूचना पर आधारित थी। सूचना मिली थी कि मवेशी चोर एक पिकअप वाहन से मवेशी चोरी कर न्यू GT रोड महिंद्रा सर्विस सेंटर की तरफ भाग रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, थाना अध्यक्ष ने तुरंत इसकी जानकारी वरीय पदाधिकारियों को दी, जिसके बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। जब यह विशेष टीम सत्यापन और कार्रवाई के लिए न्यू GT रोड महिंद्रा सर्विस सेंटर के पास पहुंची, तो पुलिस की गाड़ी को देखकर वाहन पर सवार चोर भागने का प्रयास करने लगे। हालांकि, सशस्त्र बल के सहयोग से थाना अध्यक्ष ने घेराबंदी कर पिकअप वाहन पर लदे भैंस के बच्चे के साथ दोनों पशु चोरों को मौके पर ही धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 32 वर्षीय नन्हक नट, पिता नरेश नट, निवासी औलदाज, थाना मेहंदीया, जिला अरवल, और 34 वर्षीय राजू कुमार, पिता परमानेंट, निवासी मोजक्का, थाना बिक्रम, जिला पटना के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक शातिर गिरोह के सदस्य हैं और उन्होंने इससे पहले शिवसागर थाना, चेनारी थाना एवं बड्डी थाना क्षेत्रों में भी मवेशी चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस ने इस मामले में धौधाड़ थाना कांड संख्या 56/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।3
- गया जिले के परैया उत्तरी बाजार में बनी परैया टिकारी रोड के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस सड़क का निर्माण जल्दबाजी में किया गया है और इसकी पिच की मोटाई तथा निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जांच होनी चाहिए। बताया गया है कि सड़क पर पहले काफी मिट्टी जमी हुई थी, जिसे जेसीबी से केवल ऊपर-ऊपर हटाया गया और हल्का झाड़ू लगाने के बाद उसी मिट्टी पर पिचिंग कर दी गई। इससे सड़क की मजबूती पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि क्या मिट्टी पर बनी यह सड़क लंबे समय तक टिक पाएगी। इस घटिया निर्माण के कारण सड़क काफी ऊंची हो गई है, जिससे घरों से पानी की निकासी में भारी परेशानी हो रही है, क्योंकि परैया उत्तरी बाजार में नाली या नाले की कोई व्यवस्था नहीं है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब इस संबंध में ठेकेदार से निर्माण रोकने के लिए कहा गया, तो उसने धमकी देते हुए कहा, "तुमको जो करना है कर लो, तुमको जहां जाना है चल जाओ, तुमको जहां वीडियो भेजना है भेज दो, हम देख लेंगे।" शिकायतकर्ता के पास इस पूरे मामले से संबंधित वीडियो के माध्यम से सभी सबूत मौजूद होने का दावा किया गया है। लोगों ने इस मामले में शक्तिशाली जांच की मांग की है और जांच में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।4
- जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र के थलु बीघा गांव में रविवार सुबह एक किसान की सर्पदंश से मौत हो गई। मृतक की पहचान देवनंदन यादव के रूप में हुई है, जिसकी खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार, देवनंदन यादव सुबह अपने खेत में धान के बिचड़ा की सिंचाई करने गए थे। इसी दौरान उन्हें किसी जहरीले सांप ने काट लिया। शुरुआत में उन्होंने इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत तेजी से खराब होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, परिवार के सदस्य उन्हें तत्काल इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल ले गए। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद देवनंदन यादव को मृत घोषित कर दिया और उनकी मौत का कारण सर्पदंश बताया। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और फिर मृतक के घर पहुंच गए, जिससे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, क्योंकि मृतक परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था और उसकी मौत से परिवार के सामने एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। थलु बीघा गांव में अभी भी शोक का माहौल है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने सभी लोगों से बरसात के मौसम में खेतों और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि इस समय सर्पदंश की घटनाएं अक्सर बढ़ जाती हैं।1
- भरत की मौत के बाद गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पुलिस को परेशान करने का नतीजा है या इसके पीछे कोई और वजह है। यह बात विशेष रूप से उठाई जा रही है कि भरत ने अपनी गतिविधियां 'लाइव' की थीं, जिसके बावजूद पुलिस की भूमिका और उसकी कार्रवाई पर अब गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।1
- जगदीशपुर के नया टोला मोड़, जगदीशपुर-बिहिया रोड पर मौर्या इंटरप्राइजेज नामक एक नया प्रतिष्ठान खुल गया है। इस नए प्रतिष्ठान में आशीर्वाद के कई प्रकार के उत्पाद उपलब्ध होंगे।1
- आरा, 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, शुभ नारायण नगर, मझौवों, आरा स्थित 'शान्ति स्मृति' सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय में एक समारोहपूर्वक 'सामूहिक योग अभ्यास शिविर' का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रबंध निर्देशक डॉ० कुमार द्विजेन्द्र और प्राचार्या डॉ० अर्चना सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर योग दिवस समारोह का उद्घाटन किया। समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा अभिभावकों को संबोधित करते हुए, प्राचार्या डॉ० अर्चना सिंह ने बताया कि योग शरीर और मन को मजबूत व स्वस्थ बनाता है, तथा बुद्धि को प्रखर करता है। उन्होंने जोर दिया कि 'योग' न केवल शरीर, मन और बुद्धि को जोड़ता है, बल्कि मानवता को भी एक सूत्र में पिरोता है, हिंसा, क्रूरता, कट्टरता एवं विनाशकारी सोच को सात्विक, सकारात्मक एवं प्रकृति के अनुकूल विचारों में बदलता है। डॉ० सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि आधुनिक विज्ञान ने भी योग को शरीर और मन को स्वस्थ व संतुलित बनाने, रोगों को ठीक करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में सहायक माना है, और विश्व की अनेक गंभीर समस्याओं का समाधान योग विज्ञान में निहित है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रबंध निर्देशक डॉ० कुमार द्विजेन्द्र ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में योग के महत्व और विशेषताओं को विस्तार से समझाया गया है, जहां योग के विभिन्न आयामों को मंत्रों के माध्यम से सहज रूप से प्रस्तुत किया गया है, जैसे पतंजलि ऋषि के अष्टांग सूत्र (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि) और "योगः अथ अनुशासनम्", "योगश्चितवृतिः निरोधः", "योगः कर्मशु कौशलम्" जैसे सूत्र। इस अवसर पर योगाभ्यास कराते हुए विद्यालय के योग शिक्षक श्री शशीभूषण सिंह ने कहा कि योग हमें जीने, स्वस्थ रहने, सकारात्मक सोचने, प्रेम से रहने तथा शरीर, मन को आनंदित कर आत्मा को परमात्मा से मिलाने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा कि यह प्राचीन भारतीय पद्धति आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर खरी उतरकर विश्व पटल पर छा गई है, जिसका एक छोटा सा प्रमाण विश्व योग दिवस के रूप में प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर मनाया जाना है, जिसमें आगे प्रगति की प्रबल संभावना है। योग प्रशिक्षक श्री शशीभूषण सिंह के दिशानिर्देश में, विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने समान्य योग अभ्यासक्रम (प्रोटोकॉल) के अनुसार विभिन्न योगाभ्यास किए। चालन क्रिया के तहत ग्रीवा चालन, स्कंध संचालन, कटि चालन और घुटना संचालन का अभ्यास किया गया। योगासन में खड़े होकर किए जाने वाले आसनों में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्द्धचक्रासन, त्रिकोणासन शामिल थे; बैठकर किए जाने वाले आसनों में भद्रासन, वज्रासन, अर्द्धउष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, उतानमंडूकासन और वक्रासन सम्मिलित थे। उदर के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में मकरासन, भुजंगासन और शलभासन का अभ्यास हुआ, जबकि पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्द्धहलासन, पवनमुक्तासन और शवासन किए गए। इसके अतिरिक्त कपालभाति (प्राणायाम), अनुलोम-विलोम प्राणायाम (नाडीशोचन), शीतली प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान संकल्प का भी अभ्यास किया गया। समारोह का समापन शांति पाठ "ॐ सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वेसंतु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यंतु मा कश्विद-दुःख भाग्भवेत। ॐ शांतिः, शांतिः शांतिः।" के साथ हुआ। कार्यक्रम के अंत में सनातनी गंगा फाऊंडेशन भोजपुर इकाई द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को फ्रूट जूस का वितरण किया गया। मंच संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक श्री अरविंद ओझा ने किया, तथा धन्यबाद ज्ञापन विद्यालय के उप-प्राचार्य श्री ऋषिकेश ओझा ने किया। इस समारोह को सफल बनाने में योग शिक्षक श्री शशी भूषण सिंह के साथ-साथ कला शिक्षक श्री संजीव सिन्हा, श्री विष्णु शंकर, श्री ब्रजेश कुमार तिवारी, श्री राजेश रमण, श्री जय शंकर सिंह तथा संगीत शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार व अमितेश रंजन का अहम योगदान रहा।4
- अभिषेक कुमार ई-मीडिया ने प्लॉट लोन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया है कि प्लॉट लोन लेने का असली सच यह है कि कोई भी व्यक्ति लोन लेकर जमीन खरीद सकता है।1
- भारतीय वायु सेना के विमान हादसे में असम के जोरहाट में शहीद हुए जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के परिजनों ने राज्य सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की सहायता राशि और श्रेया राय से जुड़े अपने पहले के रुख में बदलाव किया है। शुभम के पिता और भाई ने अब स्पष्ट किया है कि भले ही उन्हें अपने बेटे की शादी या कोर्ट मैरिज की जानकारी नहीं थी, फिर भी वे अब श्रेया राय को अपनी बहू मानते हैं। गौरतलब है कि दो दिन पहले, शुभम के पिता ने हुलासगंज के अंचलाधिकारी (सीओ) और श्रेया राय पर उन्हें गुमराह कर सहायता राशि प्राप्त करने का आरोप लगाया था। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की अनुग्रह राशि श्रेया राय को दिए जाने पर आपत्ति भी जताई थी। हालांकि, परिजनों ने अब इस मामले में अपना रुख नरम कर लिया है। उनका कहना है कि सहायता राशि उनके लिए कोई मायने नहीं रखती, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रेया राय उनके शहीद बेटे की अंतिम निशानी हैं। पिता ने बताया कि उन्हें शुभम के कोर्ट मैरिज करने की जानकारी पहले नहीं थी और इसी कारण जब सरकार की ओर से सहायता राशि श्रेया राय को प्रदान की गई तो उन्होंने इस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि बाद में श्रेया से बातचीत करने के बाद उन्हें पूरी स्थिति की जानकारी मिली और उन्हें यह एहसास हुआ कि श्रेया उनके बेटे के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। परिवार ने यह भी बताया कि शुभम की शादी नवंबर में आजमगढ़ निवासी श्रेया राय के साथ तय थी, लेकिन दुर्भाग्यवश विमान हादसे में उनका निधन इससे पहले ही हो गया। भावुक होते हुए शुभम के पिता ने व्यक्त किया कि अब वे अपनी बहू के घर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उसे पूरे सम्मान के साथ परिवार का हिस्सा बनाना चाहते हैं।1
- आरा में माननीय उच्च न्यायालय, पटना और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भोजपुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 21 जून 2026 के उपलक्ष्य में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार भोजपुर, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 के साथ अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, जिला बार एसोसिएशन के सचिव, न्यायालय कर्मी तथा अधिवक्तागण ने भी इस आयोजन में भाग लिया। योग प्रशिक्षक गजानन गुनजन और कार्तिक कुंदन के कुशल मार्गदर्शन में सभी उपस्थित लोगों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, प्राणायाम एवं ध्यान सहित विभिन्न योगाभ्यास किए। योग शिक्षकों ने प्रतिभागियों को योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में बताया और दैनिक जीवन में इसे अपनाने पर जोर दिया। अपने संबोधन में, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि योग तनाव मुक्त जीवन, बेहतर स्वास्थ्य एवं कार्य दक्षता के लिए अत्यंत आवश्यक है, और न्यायिक कार्यों की व्यस्तता के बावजूद सभी को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम के समापन पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव द्वारा योग प्रशिक्षकों गजानन गुनजन और कार्तिक कुंदन को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।4