पर्यावरण संरक्षण से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, जानिए कैसे मिलेगा लाभ। नमस्कार, आप देख रहे हैं Fast News India। क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे किसान भाई खेत में फसल उगाने के साथ-साथ हवा के जरिए भी अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं? जी हां, यह बिल्कुल मुमकिन होने जा रहा है 'कार्बन क्रेडिट' (Carbon Credit) योजना के जरिए! आखिर क्या है यह कार्बन क्रेडिट और इससे किसानों की जेब कैसे भरेगी, देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट। दरअसल, बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जब किसान अपने खेतों में पेड़ लगाते हैं, पराली जलाने के बजाए उसे मिट्टी में मिलाकर खाद बनाते हैं, या कम पानी और जैविक तरीकों से खेती करते हैं— तब वे वातावरण में मौजूद जहरीली कार्बन डाइऑक्साइड गैस को सोखने में मदद करते हैं। इसी पर्यावरण सेवा के बदले किसानों को 'कार्बन क्रेडिट' दिए जाते हैं। सरल शब्दों में समझें तो, जब किसान एक टन कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण से कम करते हैं, तो उन्हें 1 कार्बन क्रेडिट मिलता है। बड़ी-बड़ी औद्योगिक कंपनियां, जो अपने उत्पादन से प्रदूषण फैलाती हैं, वे अपनी भरपाई के लिए किसानों से इन कार्बन क्रेडिट्स को खरीदती हैं। इसका सीधा आर्थिक लाभ किसानों के बैंक खातों में पहुंचता है। कृषि विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों द्वारा किसानों को इस योजना से जोड़ने और जागरूक करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अगर किसान भाई पारंपरिक खेती के साथ इन आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीकों को अपनाते हैं, तो उनकी आय में एक बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। कैमरा पर्सन के साथ, Fast News India।
पर्यावरण संरक्षण से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, जानिए कैसे मिलेगा लाभ। नमस्कार, आप देख रहे हैं Fast News India। क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे किसान भाई खेत में फसल उगाने के साथ-साथ हवा के जरिए भी अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं? जी हां, यह बिल्कुल मुमकिन होने जा रहा है 'कार्बन क्रेडिट' (Carbon Credit) योजना के जरिए! आखिर क्या है यह कार्बन क्रेडिट और इससे किसानों की जेब कैसे भरेगी, देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट। दरअसल, बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जब किसान अपने खेतों में पेड़ लगाते हैं, पराली जलाने के बजाए उसे मिट्टी में मिलाकर खाद बनाते हैं, या कम पानी और जैविक तरीकों से खेती करते हैं— तब वे वातावरण में मौजूद जहरीली कार्बन डाइऑक्साइड गैस को सोखने में मदद करते हैं। इसी पर्यावरण सेवा के बदले किसानों को 'कार्बन क्रेडिट' दिए जाते हैं। सरल शब्दों में समझें तो, जब किसान एक टन कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण से कम करते हैं, तो उन्हें 1 कार्बन क्रेडिट मिलता है। बड़ी-बड़ी औद्योगिक कंपनियां, जो अपने उत्पादन से प्रदूषण फैलाती हैं, वे अपनी भरपाई के लिए किसानों से इन कार्बन क्रेडिट्स को खरीदती हैं। इसका सीधा आर्थिक लाभ किसानों के बैंक खातों में पहुंचता है। कृषि विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों द्वारा किसानों को इस योजना से जोड़ने और जागरूक करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अगर किसान भाई पारंपरिक खेती के साथ इन आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीकों को अपनाते हैं, तो उनकी आय में एक बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। कैमरा पर्सन के साथ, Fast News India।
- पर्यावरण संरक्षण से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, जानिए कैसे मिलेगा लाभ। नमस्कार, आप देख रहे हैं Fast News India। क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे किसान भाई खेत में फसल उगाने के साथ-साथ हवा के जरिए भी अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं? जी हां, यह बिल्कुल मुमकिन होने जा रहा है 'कार्बन क्रेडिट' (Carbon Credit) योजना के जरिए! आखिर क्या है यह कार्बन क्रेडिट और इससे किसानों की जेब कैसे भरेगी, देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट। दरअसल, बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जब किसान अपने खेतों में पेड़ लगाते हैं, पराली जलाने के बजाए उसे मिट्टी में मिलाकर खाद बनाते हैं, या कम पानी और जैविक तरीकों से खेती करते हैं— तब वे वातावरण में मौजूद जहरीली कार्बन डाइऑक्साइड गैस को सोखने में मदद करते हैं। इसी पर्यावरण सेवा के बदले किसानों को 'कार्बन क्रेडिट' दिए जाते हैं। सरल शब्दों में समझें तो, जब किसान एक टन कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण से कम करते हैं, तो उन्हें 1 कार्बन क्रेडिट मिलता है। बड़ी-बड़ी औद्योगिक कंपनियां, जो अपने उत्पादन से प्रदूषण फैलाती हैं, वे अपनी भरपाई के लिए किसानों से इन कार्बन क्रेडिट्स को खरीदती हैं। इसका सीधा आर्थिक लाभ किसानों के बैंक खातों में पहुंचता है। कृषि विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों द्वारा किसानों को इस योजना से जोड़ने और जागरूक करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अगर किसान भाई पारंपरिक खेती के साथ इन आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीकों को अपनाते हैं, तो उनकी आय में एक बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। कैमरा पर्सन के साथ, Fast News India।1
- भू विस्थापित विद्यालय पाता में मनाया गया स्वतन्त्रता दिवस हुये सांस्कृतिक कार्यक्रम औरैया, अछल्दा ब्लॉक के ग्राम पंचायत पाता में एक निजी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम बड़े धूमधाम से मनाया गया जहाँ विद्धयालय के प्रबंधक अखिलेश पाल व शिवदास पोरवाल ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया और ध्वजा रोहण किया, ग्राम प्रधान संजू यादव व समाचार ब्रज की आवाज़ के जिला रिपोर्टर सतीश पाण्डेय मौजूद रहे आये हुये अतिथियों का प्रधानाचार्य व अन्य स्टाफ ने स्वागत सम्मान किया, वहीँ बच्चों ने देश भक्ति के गानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम कर अतिथियों का मन मोह लिया, सांस्कृतिक कार्यक्रम में बालक व बालिकाएं सभी शामिल थी, l4
- कई बार शिकायत की कोई सुनवाई नहीं होती है आज ग्राम लालपुर की सड़क की दुर्दशा कोईसनी नहीं1
- श्रेया इंटरप्राइजेज में धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस औरैया। ब्रह्मनगर स्थित श्रेया इंटरप्राइजेज में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में प्रतिष्ठान के संचालक रविकांत बाजपेयी ने ध्वजारोहण कर सभी लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान के कारण ही आज हम आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं। हमें देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए हमेशा अपना योगदान देना चाहिए। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्रेया इंटरप्राइजेज के स्टाफ और वहां मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। देशभक्ति गीतों के बीच कर्मचारियों ने जमकर डांस किया और कार्यक्रम को यादगार बना दिया। पूरे परिसर में देशभक्ति का माहौल बना रहा। इस दौरान लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयकारे भी लगाए। कार्यक्रम के समापन पर सभी को लड्डू वितरित किए गए। स्टाफ और उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए खुशी साझा की। इस मौके पर श्रेया इंटरप्राइजेज का पूरा स्टाफ मौजूद रहा।1
- तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से 6 वर्षीय मासूम की मौत, गुस्साए परिजनों ने हाइवे पर लगाया जाम, #कन्नौज: छिबरामऊ के पश्चिमी बाईपास पर तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से साइकिल सवार छह वर्षीय शुभ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक के मौके से फरार होने की बात सामने आई है, जबकि ट्रक पकड़ा गया या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। कार्रवाई की मांग को लेकर गुस्साए परिजनों ने एनएच-34 पर जाम लगा दिया। करीब 1 घंटे तक लगा रहा जाम पुलिस अधिकारियों के समझाने और कार्रवाई के भरोसे के बाद जाम खुल सका। जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी। तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से 6 वर्षीय मासूम की मौत, गुस्साए परिजनों ने हाइवे पर लगाया जाम, #कन्नौज: छिबरामऊ के पश्चिमी बाईपास पर तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से साइकिल सवार छह वर्षीय शुभ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक के मौके से फरार होने की बात सामने आई है, जबकि ट्रक पकड़ा गया या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। कार्रवाई की मांग को लेकर गुस्साए परिजनों ने एनएच-34 पर जाम लगा दिया। करीब 1 घंटे तक लगा रहा जाम पुलिस अधिकारियों के समझाने और कार्रवाई के भरोसे के बाद जाम खुल सका। जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी।4
- उच्च माध्यमिक विद्यालय असेह में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने लगाया भेदभाव का आरोप कन्नौज असेह,। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्राम असेह स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय असेह में आयोजित कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ग्रामीणों ने विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं कुछ अध्यापकों पर जातिगत भेदभाव की मानसिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर नहीं लगाई जाती, जबकि हाल ही में गांव का एक ज़बान शहीद हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान शहीद ज़बान को न तो श्रद्धांजलि दी गई और न ही उसकी स्मृति में तिरंगा यात्रा उसके घर अथवा गली से निकाली गई। मामले को लेकर ग्रामीणों ने विद्यालय में पहुंचकर विरोध जताया और शिक्षकों के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में जातिगत भेदभाव का माहौल बनाया जा रहा है और सभी महापुरुषों एवं शहीदों का समान रूप से सम्मान नहीं किया जा रहा। विवाद की सूचना ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों तथा ग्रामीणों से मामले की जानकारी लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई तथा विद्यालय में सभी महापुरुषों और शहीदों को समान सम्मान दिए जाने की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।3
- कन्नौज व्यूरो रिपोर्ट विज्ञापन प्रसारित मोहसिन खान उर्फ जानू नगर पालिका अध्यक्ष तालग्राम कन्नौज की ओर से स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं1
- बिना नाम प्लेट गाड़ी रोकने पर पुलिसकर्मी ने पार की हदें, मानवाधिकारों पर उठे सवाल "नमस्कार, मैं दीपक जोशी। क्या खाकी वर्दी पहन लेने से किसी को कानून अपने हाथ में लेने की छूट मिल जाती है? क्या ट्रैफिक नियम तोड़ने का जवाब चालान और जुर्माना है, या फिर पुलिसिया थप्पड़? आज सवाल सिर्फ एक नियम टूटने का नहीं है, बल्कि आम नागरिक के आत्मसम्मान और कानून के रखवालों की कार्यशैली पर खड़े हो रहे गंभीर सवालों का है।" हसेरन/कन्नौज से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है। मामला बिना नंबर प्लेट की गाड़ी से जुड़ा है। नियमों के मुताबिक, बिना नंबर प्लेट वाहन चलाना गैर-कानूनी है और पुलिस के पास इसका चालान काटने या गाड़ी सीज करने का पूरा अधिकार है। लेकिन यहां ऑन-ड्यूटी तैनात पुलिसकर्मी ने कानून के दायरे में रहने के बजाय सीधे थप्पड़ जड़ दिया। "अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) में चालान की रसीद फाड़ने का प्रावधान है, थप्पड़ मारने का नहीं! संविधान का अनुच्छेद 21 (Article 21) हर नागरिक को गरिमा के साथ जीने का अधिकार देता है। अगर कोई आम नागरिक नियम तोड़े तो उस पर जुर्माना लगता है, लेकिन जब कानून के रखवाले ही हाथ उठाने लगें, तो उन पर कार्रवाई कब होगी?" "इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष अब मामले की शिकायत जिले के एसपी (SP/SSP) और मानवाधिकार आयोग (NHRC) में करने की तैयारी कर रहा है। देखना यह होगा कि क्या आला अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर संबंधित पुलिसकर्मी पर कोई सख्त कदम उठाते हैं या फिर खाकी के इस व्यवहार पर पर्दा डाल दिया जाएगा।1