छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक से नेताओं और जनप्रतिनिधियों के होश उड़ाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ ग्राम पंचायत बोरी के आश्रित ग्राम परसदा खुर्द सहित 42 गांवों की जनता ने गंभीर जल संकट के चलते चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि "पहले पानी, फिर वोट!" और अपने गांवों में नेताओं के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। जनता का आक्रोश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) और प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण फूटा है। नल-जल योजना के तहत बन रही पानी टंकी का निर्माण कार्य पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा है, जो अब केवल एक ढाँचा बनकर रह गई है, जिससे एक बूंद पानी भी ग्रामीणों को नहीं मिला। इसके साथ ही, गर्मी के इस मौसम में गांव के सरकारी मोटर पंप भी खराब पड़े हैं। इस स्थिति में माताएं, बहनें और बच्चे पानी की एक-एक बूंद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन स्थानीय पंच और सरपंच इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह से खामोश हैं और उनकी गुहार अनसुनी की जा रही है। परसदा खुर्द के आक्रोशित ग्रामीणों का तीखा सवाल है कि जब पीने के पानी के लिए मीलों भटकना पड़ रहा है और बच्चे प्यासे हैं, तो वे किस आधार पर वोट दें? उन्होंने कहा कि चुनाव के समय हाथ जोड़कर आने वाले नेता बाकी के पांच साल गायब रहते हैं, और इस बार कोई भी आश्वासन स्वीकार नहीं किया जाएगा। जब तक नल चालू नहीं होगा, गांव में किसी नेता को घुसने नहीं दिया जाएगा। यह केवल एक गांव का नहीं, बल्कि 42 गांवों का सामूहिक आक्रोश है, जो आगामी चुनाव में नेताओं के चुनावी समीकरणों को बिगाड़ने की क्षमता रखता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उन हुक्मरानों के लिए एक 'वेक-अप कॉल' है, जो एसी कमरों में बैठकर विकास का खाका खींचते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण 'जल जीवन मिशन' जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं दम तोड़ रही हैं। अब यह देखना बाकी है कि इस अल्टीमेटम के बाद प्रशासन और नेताओं की नींद टूटती है या फिर जनता का यह आक्रोश मतदान पेटी में सन्नाटा बनकर गूंजेगा।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक से नेताओं और जनप्रतिनिधियों के होश उड़ाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ ग्राम पंचायत बोरी के आश्रित ग्राम परसदा खुर्द सहित 42 गांवों की जनता ने गंभीर जल संकट के चलते चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि "पहले पानी, फिर वोट!" और अपने गांवों में नेताओं के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। जनता का आक्रोश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) और प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण फूटा है। नल-जल योजना के तहत बन रही पानी टंकी का निर्माण कार्य पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा है, जो अब केवल एक ढाँचा बनकर रह गई है, जिससे एक बूंद पानी भी ग्रामीणों को नहीं मिला। इसके साथ ही, गर्मी के इस मौसम में गांव के सरकारी मोटर पंप भी खराब पड़े हैं। इस स्थिति में माताएं, बहनें और बच्चे पानी की एक-एक बूंद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन स्थानीय पंच और सरपंच इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह से खामोश हैं और उनकी गुहार अनसुनी की
जा रही है। परसदा खुर्द के आक्रोशित ग्रामीणों का तीखा सवाल है कि जब पीने के पानी के लिए मीलों भटकना पड़ रहा है और बच्चे प्यासे हैं, तो वे किस आधार पर वोट दें? उन्होंने कहा कि चुनाव के समय हाथ जोड़कर आने वाले नेता बाकी के पांच साल गायब रहते हैं, और इस बार कोई भी आश्वासन स्वीकार नहीं किया जाएगा। जब तक नल चालू नहीं होगा, गांव में किसी नेता को घुसने नहीं दिया जाएगा। यह केवल एक गांव का नहीं, बल्कि 42 गांवों का सामूहिक आक्रोश है, जो आगामी चुनाव में नेताओं के चुनावी समीकरणों को बिगाड़ने की क्षमता रखता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उन हुक्मरानों के लिए एक 'वेक-अप कॉल' है, जो एसी कमरों में बैठकर विकास का खाका खींचते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण 'जल जीवन मिशन' जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं दम तोड़ रही हैं। अब यह देखना बाकी है कि इस अल्टीमेटम के बाद प्रशासन और नेताओं की नींद टूटती है या फिर जनता का यह आक्रोश मतदान पेटी में सन्नाटा बनकर गूंजेगा।
- हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर बन रहे एक पुल का बड़ा हिस्सा 29 मई 2026 की रात करीब 2-3 बजे आए भारी तूफान और तेज हवाओं के कारण अचानक ढह गया। इस भीषण हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई। यह दुर्घटना कुरारा क्षेत्र के मोरकंदर (मौराकंदर) और नैथी/कंदौर गांवों के बीच घटी, जहाँ निर्माणाधीन पुल की कंक्रीट स्लैब नीचे गिर गई। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त मजदूर घटनास्थल पर सो रहे थे। मृतकों की पहचान लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, सावंत यादव, सभाजीत, पुष्पेंद्र सिंह चौहान और राजेश पाल के रूप में हुई है, जबकि तीन अन्य मजदूर घायल हुए हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस मामले में सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है, ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए गए हैं।1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा में 108 और 102 आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं का स्थायी स्टॉपेज न होने के कारण मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकाल में कॉल करने पर एंबुलेंस के देर से पहुँचने के कारण कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन ने शासन को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है, जहाँ बताया गया कि आपात स्थिति में एंबुलेंस दूर-दराज से आती हैं, जिससे महत्वपूर्ण 'गोल्डन आवर' निकल जाता है और मरीजों को समय पर रेफर या उपचार नहीं मिल पाता। प्रसव, सड़क हादसे और हार्ट अटैक जैसी स्थितियों में यह देरी जानलेवा साबित हो रही है। गौरतलब है कि केंद्र के पास केवल एक शासकीय वाहन चालक है, जिसकी ड्यूटी केवल कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहती है, जिसके चलते रात और अवकाश के दिनों में आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह ठप रहती हैं। इस गंभीर विषय पर विधायक इंद्रकुमार साहू ने बताया कि उन्होंने मंत्री और संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी को इसकी जानकारी दी है और जल्द ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस स्टॉपेज की व्यवस्था कराई जाएगी। वहीं, नगर के लोग सुशासन तिहार शिविर में उच्च अधिकारियों को लिखित में इस समस्या से दोबारा अवगत कराने की तैयारी में हैं। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग से जनहित में गोबरा नवापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल 108 और 102 एंबुलेंस की तैनाती की मांग की है, ताकि आपातकाल में मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सेवा मिल सके।1
- राज टॉकीज रायपुर अब दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है। दर्शक बुक माय शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी या सहायता के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए लिंक दिया गया है। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे खुद ग्रुप से जुड़ें और यह लिंक अन्य लोगों के साथ भी साझा करें।1
- खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गंडई तहसील के वार्ड क्रमांक 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार पर छापेमार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 30 मई शनिवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के बाद की गई, जो विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान का हिस्सा थी। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि यह प्रतिष्ठान बिना खाद्य पंजीयन के संचालित था और फलों को हानिकारक रसायनों का उपयोग करके पकाया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने एथिलीन रिपनर सहित अन्य रसायनों के साथ-साथ कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, दुकान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई गई है। तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान, छुईखदान और गंडई क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सड़े-गले फलों को नष्ट कराया गया और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन पोड़ी-बिलासपुर मार्ग की गुणवत्ता और उसके निर्माण कार्य में बरती जा रही कथित लापरवाही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंडरिया के स्थानीय युवा नेता आनंद ठाकुर ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर न तो नेशनल हाईवे का कोई अधिकारी मौजूद था और न ही लोक निर्माण विभाग (PWD) का कोई जिम्मेदार कर्मचारी। इसके बावजूद, ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा आधी रात तक सड़क निर्माण कार्य जारी रखा गया। आनंद ठाकुर ने बताया कि मौके पर कई तकनीकी खामियां और निर्माण संबंधी कमियां स्पष्ट रूप से दिखाई दीं, लेकिन उनकी निगरानी और जवाबदेही तय करने वाला कोई भी अधिकारी वहाँ उपस्थित नहीं था। उन्होंने जानकारी और जवाब लेने के लिए अधिकारियों का घंटों इंतजार किया, परंतु कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुँचा। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क की गुणवत्ता की निगरानी आखिर कौन कर रहा है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे केवल भाषणों, कागजों और फाइलों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य बिना विभागीय निगरानी और तकनीकी परीक्षण के जारी रहा, तो जनता को घटिया और गुणवत्ताहीन सड़क मिलेगी। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब पंडरिया विधानसभा में जनचर्चा का विषय बन गया है और लोग इस पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।1
- राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह युवक संतोषी नगर चौक में अवैध रूप से धारदार चाकू लहराकर लोगों को डरा-धमका रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लोहे का धारदार चाकू भी बरामद किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि संतोषी नगर चौक से भाठागांव जाने वाले मार्ग के पास एक युवक हाथ में धारदार चाकू लेकर राहगीरों को भयभीत कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना टिकरापारा प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मरई के नेतृत्व में एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। आरोपी ने हालांकि बचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने मशक्कत के बाद उसे अवैध हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान थलेन्द्र साहू (20 वर्ष), निवासी ग्राम सरवदा, चौकी बिरेंझर, थाना कुरूद, जिला धमतरी के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 465/2026 के तहत धारा 25 और 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) संदीप पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त नवनीत पाटित के निर्देश पर शहर में चाकूबाजी और अवैध हथियारों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।1
- रायपुर पुलिस ने वन विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से ₹11 लाख की ठगी करने वाले आरोपी दीपराज गायकरवाड़ को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने स्वयं को वन विभाग का कर्मचारी बताकर धोखाधड़ी की। प्रार्थी ने थाना सरस्वती नगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी दीपराज गायकरवाड़ ने वर्ष 2023 की वन विभाग भर्ती प्रक्रिया का हवाला देते हुए उसे वनरक्षक पद पर सीधी भर्ती कराने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र और हस्ताक्षरित आदेश की प्रति भी उपलब्ध कराई, जिससे युवक उसके झांसे में आ गया। शिकायत के अनुसार, 11 जून 2025 से 28 मई 2026 के बीच आरोपी ने ऑनलाइन और नकद माध्यम से अलग-अलग किश्तों में कुल ₹11 लाख प्राप्त किए। बाद में जब प्रार्थी ने नियुक्ति आदेश की सत्यता जांचने के लिए वन विभाग कार्यालय से संपर्क किया, तो उसे पता चला कि दस्तावेज फर्जी थे और उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने देने से साफ इनकार कर दिया था। पीड़ित की रिपोर्ट पर, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) के निर्देश पर थाना सरस्वती नगर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। पूछताछ के दौरान आरोपी दीपराज गायकरवाड़ ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 108/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(3), 338 और 341(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम दीपराज गायकरवाड़ है, जो कृष्णराव गायकरवाड़ का पुत्र और 34 वर्ष का निवासी रायपुर है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी एक आपराधिक मामला दर्ज है। इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।1