Shuru
Apke Nagar Ki App…
झारखंड के पाकुड़ में एक आदमखोर सियार रात के अंधेरे में माँ की गोद से दुधमुंही बच्ची को घसीट ले गया। घंटों की तलाश के बाद नदी किनारे झाड़ियों में मासूम का क्षत-विक्षत शव मिला, जिससे माँ का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन अब उस आदमखोर सियार की तलाश में है।
Himanshi Singh
झारखंड के पाकुड़ में एक आदमखोर सियार रात के अंधेरे में माँ की गोद से दुधमुंही बच्ची को घसीट ले गया। घंटों की तलाश के बाद नदी किनारे झाड़ियों में मासूम का क्षत-विक्षत शव मिला, जिससे माँ का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन अब उस आदमखोर सियार की तलाश में है।
More news from झारखंड and nearby areas
- इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में एक 15 साल का युवा खिलाड़ी लगातार नए रिकॉर्ड्स बनाता जा रहा है। भले ही आज राजस्थान रॉयल्स (RR) को मैच में हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन वेभव ने अपने असाधारण खेल और प्रदर्शन से सभी दर्शकों और प्रशंसकों का दिल जीत लिया है।1
- साहेबगंज जिले के मदनसाही रोड की सड़क की अत्यंत खराब हालत पर स्थानीय लोगों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सड़क की दुर्दशा के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिससे लोग काफी परेशान हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, लोगों ने सरकार से बार-बार गुहार लगाई है कि इस सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि हादसों पर लगाम लग सके। उन्होंने यह भी निवेदन किया है कि उनकी यह वीडियो और आवाज सरकार तक पहुँचाई जाए, ताकि उनकी समस्या पर तत्काल ध्यान दिया जा सके।1
- झारखंड के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थान बासुकीनाथ धाम को फौजदारी दरबार के नाम से भी जाना जाता है, जहाँ कामना ज्योतिर्लिंग नागेश के रूप में भगवान शिव माता पार्वती के साथ विराजमान हैं। भक्तों को स्वप्न में दर्शन देने और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए प्रसिद्ध इस धाम में भगवान शिव का गोवंश से आत्मिक संबंध है, जिसकी पुष्टि उनके वाहन नंदी की पत्थर की मूर्ति की पूजा से होती है। हालांकि, इससे भी बड़ा सत्य यह है कि मंदिर में विराजमान जीवित गोवंश की पीड़ा को समझना तो दूर, इसके बारे में कोई सोचता भी नहीं है। सभी मौसमों में खुले आसमान के नीचे रहने वाले इन बेजुबान गोवंशजों की दयनीय स्थिति पर न ही मंदिर प्रशासन, न ही यहाँ का पंडा समाज और न ही गाय के नाम पर राजनीति करने वाले धर्म के ठेकेदार ध्यान दे रहे हैं। ऐसे में ये बेजुबान आखिर कहाँ जाएँ, यह एक बहुत बड़ा सवाल है। इस समस्या के समाधान हेतु गौशाला बनाने के लिए सरकारी जमीन चिन्हित की गई है और कई निजी संस्थाएं भी इसके निर्माण को तैयार हैं। लेकिन मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष और जिला के जिलाधिकारी, जिन्हें कलेक्टर साहब कहा जाता है, ने आज तक गौशाला बनाने की अनुमति नहीं दी है, जिसके चलते इसका निर्माण नहीं हो सका। अनुमति के अभाव में गौशाला का निर्माण रुकने के कारण ये गोवंश बेमौत मरने को मजबूर हैं। इस परिस्थिति में यह सवाल उठता है कि इन बेजुबानों की पीड़ा को कौन समझेगा – मंदिर प्रशासन या वे लोग जो गाय के नाम पर डंडा में झंडा लगाकर राजनीति करते हैं।1
- बिजली कार्यालय के पास लगा एक बिजली का खंभा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जानकारी के अनुसार, यह बिजली का पोल नीचे से पूरी तरह सड़ गया है और इसका बहुत बड़ा हिस्सा गलकर खत्म हो चुका है। फिलहाल, यह खंभा केवल एक कोने पर बचा हुआ है और पूरी तरह से तारों के संतुलन पर टिका हुआ है। यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।1
- झारखंड के दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड में केंदुवाटिकर ग्राम/वार्ड के निवासी मंगल कोल ने सार्वजनिक कुएं की मरम्मत हेतु स्थानीय मुखिया और प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक आवेदन पत्र सौंपा है। आवेदन में बताया गया है कि मोहल्ले का सार्वजनिक कुआं काफी समय से जर्जर स्थिति में है, जिससे उसकी जगत (दीवार) टूट गई है और कुएं का पानी दूषित हो गया है। इस गंभीर समस्या के कारण स्थानीय निवासियों को स्वच्छ जल की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थी ने जनहित का हवाला देते हुए अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द इस कुएं की मरम्मत और साफ-सफाई कराई जाए ताकि जल संकट का समाधान हो सके।4
- मथुरापुर और प्यालापुर क्षेत्रों में सड़कें पूरी तरह से बारिश के पानी से भर गई हैं। यह स्थिति कल शाम लगभग 5:30 बजे आई जोरदार बारिश और आंधी-तूफान के कारण उत्पन्न हुई, जिसमें गरज के साथ पानी बरसा। लोगों और बच्चों को आंधी-तूफान और बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, साथ ही यह भी अपील की गई है कि बारिश होने पर घर से बाहर न निकलें।1
- झारखंड के दुमका जिले अंतर्गत जरमुंडी प्रखंड की चुरखेड़ा पंचायत के केंदुआतिकर गांव में अत्यंत ही घटिया व्यवस्था होने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि आखिर इस खराब व्यवस्था का ज़िम्मेदार कौन है। यह प्रश्न किया गया है कि क्या इसके लिए पंचायत अधिकारी जवाबदेह हैं या प्रखंड अधिकारी।1
- मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण जहां एक ओर माहौल सुहाना हो गया है, वहीं झमाझम बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। इस बरसात के चलते अब किसान आसानी से पशुओं के लिए चारा और भदुई मक्का की खेती कर पाएंगे। साथ ही, आम लोगों को भी भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।1
- ट्रेन से जल्दी उतरने की हड़बड़ी में लोग अक्सर अपनी जान को खतरे में डाल देते हैं। यह बेहद ज़रूरी है कि सभी यात्री सावधानी बरतें, क्योंकि जीवन बहुत कीमती है और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी गंभीर परिणाम दे सकती है।1