logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

खतरे में घाघरा नदी कई गांव दुबे barabanki Social media 1

11 hrs ago
user_Ashutosh Social Activist
Ashutosh Social Activist
पत्रकार फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

खतरे में घाघरा नदी कई गांव दुबे barabanki Social media 1

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • खतरे में घाघरा नदी कई गांव दुबे barabanki Social media 1
    1
    खतरे में घाघरा नदी कई गांव दुबे barabanki Social media 1
    user_Ashutosh Social Activist
    Ashutosh Social Activist
    पत्रकार फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • क्या हटाए जाएंगे: कांग्रेस अध्यक्ष 2 बड़े नेताओं के बीच 'कुर्सी' की खींचतान; आखिरी फैसला राहुल गांधी लेंगे या फिर
    1
    क्या हटाए जाएंगे: कांग्रेस अध्यक्ष 2 बड़े नेताओं के बीच 'कुर्सी' की खींचतान; आखिरी फैसला राहुल गांधी लेंगे या फिर
    user_Anoop singh
    Anoop singh
    Newspaper advertising department फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • बकवा रपटा पुल पर भरा बाढ़ का पानी, आधा दर्जन गांवों का आवागमन प्रभावित।। सदरपुर सीतापुर। अगेंथुवा से राजापुर जाने वाले मार्ग पर बकवा रपटा पुल पर बाढ़ का पानी भरने से करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। करीब एक सप्ताह से लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण मार्ग पर आवागमन प्रभावित है। छोटे-छोटे स्कूली बच्चे भी जान जोखिम में डालकर पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। सुहेला, राजापुर, शिवपुर देवरिया, रघुनंदनपुर और पासिनपुरवा समेत कई गांवों के लोगों का बकहुआं बाजार आने-जाने के लिए इसी मार्ग पर निर्भरता है। ग्रामीणों के अनुसार, जलभराव के बावजूद स्कूली बच्चे साइकिल से इसी रास्ते से गुजरते हैं। इससे अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बढ़ रहे पानी से आसपास के खेतों में खड़ी धान की फसल भी जलमग्न हो गई है। अगेंथुवा निवासी सोहनलाल, रामनरेश, फूल कुमार व किशोर, रघुनंदनपुर निवासी सोहनलाल व आशाराम और राजापुर निवासी जीत बहादुर व रामानंद ने बताया कि करीब एक सप्ताह से जलस्तर बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से रपटा पुल पर जलभराव को देखते हुए सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने और फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को उचित सहायता दिलाने की मांग की है।
    3
    बकवा रपटा पुल पर भरा बाढ़ का पानी, आधा दर्जन गांवों का आवागमन प्रभावित।।
सदरपुर सीतापुर। अगेंथुवा से राजापुर जाने वाले मार्ग पर बकवा रपटा पुल पर बाढ़ का पानी भरने से करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। करीब एक सप्ताह से लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण मार्ग पर आवागमन प्रभावित है। छोटे-छोटे स्कूली बच्चे भी जान जोखिम में डालकर पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।
सुहेला, राजापुर, शिवपुर देवरिया, रघुनंदनपुर और पासिनपुरवा समेत कई गांवों के लोगों का बकहुआं बाजार आने-जाने के लिए इसी मार्ग पर निर्भरता है। ग्रामीणों के अनुसार, जलभराव के बावजूद स्कूली बच्चे साइकिल से इसी रास्ते से गुजरते हैं। इससे अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बढ़ रहे पानी से आसपास के खेतों में खड़ी धान की फसल भी जलमग्न हो गई है। अगेंथुवा निवासी सोहनलाल, रामनरेश, फूल कुमार व किशोर, रघुनंदनपुर निवासी सोहनलाल व आशाराम और राजापुर निवासी जीत बहादुर व रामानंद ने बताया कि करीब एक सप्ताह से जलस्तर बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से रपटा पुल पर जलभराव को देखते हुए सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने और फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को उचित सहायता दिलाने की मांग की है।
    user_Sunil Verma
    Sunil Verma
    Farmer महमूदाबाद, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • नहीं कम हुई बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियां ईदगाह और मस्जिद का आधा हिस्सा नदी में समाया सूरतगंज,बाराबंकी।हेतमापुर में सरयू नदी के कटान ने अब नया रुख ले लिया है। मंदिर के समीप बाढ़ खंड की ओर से बनाई गई ठोकर से एक दिशा में कटान थमा है, लेकिन नदी की धारा दूसरी ओर मुड़ गई है। अब जलधारा खेतों को काटते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है। केदारीपुर के बाद बाबा पुरवा गांव भी नदी की जद में आता दिखाई दे रहा है। सरयू नदी के कटान से हेतमापुर में अब तक दूरसंचार भवन, एक प्राचीन मंदिर समेत 33 घर नदी में समा चुके हैं। लगातार हो रहे कटान से ग्रामीणों के सामने घर और जमीन बचाने का संकट खड़ा हो गया है। नदी की धारा अब केदारीपुर और हेतमापुर के बीच उपजाऊ कृषि भूमि को तेजी से काट रही है। हेतमापुर निवासी सुरेश, रियाज, रफीक, जान मोहम्मद, निसार, यार मोहम्मद, राधेश्याम, राजेश और नरेश की धान की फसल के साथ खेत भी नदी में समाते जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक करीब पांच सौ बीघे जमीन नदी में समा चुकी है। खड़ी धान की फसल नष्ट होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एसडीएम आकांक्षा गुप्ता ने भी हेतमापुर पहुचकर कटान की स्थिति देखी और बाढ़ खण्ड को बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। ईदगाह का आधे से अधिक हिस्सा नदी में समाया नदी की धारा तेजी से ईदगाह की ओर बढ़ रही है। ईदगाह का आधे से अधिक हिस्सा नदी में समा चुका है, जबकि शेष हिस्सा नदी की कगार पर लटका हुआ है। कटान की रफ्तार को देखते हुए ग्रामीणों में ईदगाह के अस्तित्व को लेकर चिंता बढ़ गई है। उप स्वास्थ्य केंद्र से नदी की दूरी महज तीन मीटर और पशु अस्पताल से करीब पांच मीटर रह गई है। नदी का रुख इसी तरह आबादी की ओर बढ़ा तो इन महत्वपूर्ण स्थानों पर भी खतरा बढ़ सकता है। फिर गिरा मस्जिद का हिस्सा, बचाव कार्य शुरू हेतमापुर में कटान की चपेट में आई मस्जिद की स्थिति भी गंभीर हो गई है। दो दिन पहले मस्जिद की सीढ़ी नदी में समा गई थी। शनिवार सुबह वजूखाने का लटका हुआ हिस्सा भी नदी में गिर गया। अब मस्जिद का शेष भवन ही सुरक्षित बचा है, लेकिन उसमें भी कई जगह दरारें पड़ गई हैं। मस्जिद का हिस्सा गिरने के बाद बाढ़ खंड ने शेष भवन को बचाने के लिए नदी की धारा के किनारे बचाव कार्य शुरू कर दिया है। विभाग की टीम कटान को रोकने और नदी की धारा को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी है। बाबा पुरवा में कटान तेज, तोड़े जा रहे आशियाने बाबा पुरवा में सरयू नदी के कटान ने भीषण रूप ले लिया है। श्रीकेशन, बनवारी और लालमती के घर नदी में समा चुके हैं। राम आशीष का घर और शौचालय भी नदी की जद में आ गया है। रामकरन, राजू, रामनिवास, महेश, कदमावती समेत कई ग्रामीणों के घर कटान के मुहाने पर पहुंच गए हैं। कदमावती के घर के पास लगा इंडिया मार्का हैंडपंप भी कटान की भेंट चढ़कर नदी में समा गया। खतरा बढ़ने पर प्रभावित परिवार घर तोड़कर सामान समेट रहे हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य टीम ने 80 लोगों की जांच कर बांटी दवाएं बाढ़ राहत केंद्र पर लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में डॉ. अब्दुल रहमान के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने 80 लोगों की जांच की। जुकाम, बुखार और त्वचा संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों को आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। शिविर में फार्मासिस्ट विनय वर्मा, लैब टेक्नीशियन अर्चना तिवारी और स्टाफ नर्स अनामिका ने स्वास्थ्य सेवाएं दीं। स्वास्थ्य टीम ने बाढ़ प्रभावित लोगों को साफ-सफाई रखने और दूषित पानी से बचने की सलाह दी। "सरयू नदी की कटान में अब तक करीब 31 पक्के मकान और दो झोंपड़ियां नदी में समा चुकी हैं। प्रभावित परिवारों के खातों में सहायता राशि भेज दी गई है। मस्जिद की तरह अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी बाढ़ खंड की ओर से बचाव कार्य शुरू किया गया है। बाबा पुरवा गांव के पास हो रही कटान पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित परिवारों को सुबह-शाम भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। आकांक्षा गुप्ता एसडीएम रामनगर
    4
    नहीं कम हुई बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियां ईदगाह और मस्जिद का आधा हिस्सा नदी में समाया 
सूरतगंज,बाराबंकी।हेतमापुर में सरयू नदी के कटान ने अब नया रुख ले लिया है। मंदिर के समीप बाढ़ खंड की ओर से बनाई गई ठोकर से एक दिशा में कटान थमा है, लेकिन नदी की धारा दूसरी ओर मुड़ गई है। अब जलधारा खेतों को काटते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है। केदारीपुर के बाद बाबा पुरवा गांव भी नदी की जद में आता दिखाई दे रहा है। सरयू नदी के कटान से हेतमापुर में अब तक दूरसंचार भवन, एक प्राचीन मंदिर समेत 33 घर नदी में समा चुके हैं। लगातार हो रहे कटान से ग्रामीणों के सामने घर और जमीन बचाने का संकट खड़ा हो गया है। नदी की धारा अब केदारीपुर और हेतमापुर के बीच उपजाऊ कृषि भूमि को तेजी से काट रही है। हेतमापुर निवासी सुरेश, रियाज, रफीक, जान मोहम्मद, निसार, यार मोहम्मद, राधेश्याम, राजेश और नरेश की धान की फसल के साथ खेत भी नदी में समाते जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक करीब पांच सौ बीघे जमीन नदी में समा चुकी है। खड़ी धान की फसल नष्ट होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
एसडीएम आकांक्षा गुप्ता ने भी हेतमापुर पहुचकर कटान की स्थिति देखी और बाढ़  खण्ड को बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
ईदगाह का आधे से अधिक हिस्सा नदी में समाया
नदी की धारा तेजी से ईदगाह की ओर बढ़ रही है। ईदगाह का आधे से अधिक हिस्सा नदी में समा चुका है, जबकि शेष हिस्सा नदी की कगार पर लटका हुआ है। कटान की रफ्तार को देखते हुए ग्रामीणों में ईदगाह के अस्तित्व को लेकर चिंता बढ़ गई है। उप स्वास्थ्य केंद्र से नदी की दूरी महज तीन मीटर और पशु अस्पताल से करीब पांच मीटर रह गई है। नदी का रुख इसी तरह आबादी की ओर बढ़ा तो इन महत्वपूर्ण स्थानों पर भी खतरा बढ़ सकता है।
फिर गिरा मस्जिद का हिस्सा, बचाव कार्य शुरू
हेतमापुर में कटान की चपेट में आई मस्जिद की स्थिति भी गंभीर हो गई है। दो दिन पहले मस्जिद की सीढ़ी नदी में समा गई थी। शनिवार सुबह वजूखाने का लटका हुआ हिस्सा भी नदी में गिर गया। अब मस्जिद का शेष भवन ही सुरक्षित बचा है, लेकिन उसमें भी कई जगह दरारें पड़ गई हैं। मस्जिद का हिस्सा गिरने के बाद बाढ़ खंड ने शेष भवन को बचाने के लिए नदी की धारा के किनारे बचाव कार्य शुरू कर दिया है। विभाग की टीम कटान को रोकने और नदी की धारा को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी है।
बाबा पुरवा में कटान तेज, तोड़े जा रहे आशियाने
बाबा पुरवा में सरयू नदी के कटान ने भीषण रूप ले लिया है। श्रीकेशन, बनवारी और लालमती के घर नदी में समा चुके हैं। राम आशीष का घर और शौचालय भी नदी की जद में आ गया है। रामकरन, राजू, रामनिवास, महेश, कदमावती समेत कई ग्रामीणों के घर कटान के मुहाने पर पहुंच गए हैं। कदमावती के घर के पास लगा इंडिया मार्का हैंडपंप भी कटान की भेंट चढ़कर नदी में समा गया। खतरा बढ़ने पर प्रभावित परिवार घर तोड़कर सामान समेट रहे हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
स्वास्थ्य टीम ने 80 लोगों की जांच कर बांटी दवाएं
बाढ़ राहत केंद्र पर लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में डॉ. अब्दुल रहमान के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने 80 लोगों की जांच की। जुकाम, बुखार और त्वचा संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों को आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। शिविर में फार्मासिस्ट विनय वर्मा, लैब टेक्नीशियन अर्चना तिवारी और स्टाफ नर्स अनामिका ने स्वास्थ्य सेवाएं दीं। स्वास्थ्य टीम ने बाढ़ प्रभावित लोगों को साफ-सफाई रखने और दूषित पानी से बचने की सलाह दी।
"सरयू नदी की कटान में अब तक करीब 31 पक्के मकान और दो झोंपड़ियां नदी में समा चुकी हैं। प्रभावित परिवारों के खातों में सहायता राशि भेज दी गई है। मस्जिद की तरह अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी बाढ़ खंड की ओर से बचाव कार्य शुरू किया गया है। बाबा पुरवा गांव के पास हो रही कटान पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित परिवारों को सुबह-शाम भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
आकांक्षा गुप्ता 
एसडीएम रामनगर
    user_Mohd zaid
    Mohd zaid
    रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • इंदौर ने छात्रों की गूंज में किया राहुल गांधी का ज़ोरदार स्वागत 🔥🔥🔥
    1
    इंदौर ने छात्रों की गूंज में किया राहुल गांधी का ज़ोरदार स्वागत 🔥🔥🔥
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने सुनी फरियाद, तत्काल कराया अंत्योदय कार्ड का निस्तारण एक सप्ताह में अंत्योदय कार्ड के सभी लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश बाराबंकी, तहसील फतेहपुर में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनीं। पति की मृत्यु के बाद कई माह से अंत्योदय कार्ड के स्थानांतरण के लिए भटक रही ग्राम दोहई निवासी रसुला पत्नी स्व. गुलाम की फरियाद पर डीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद आवेदिका का अंत्योदय कार्ड संशोधित कर तत्काल जारी कराया गया। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि अंत्योदय कार्ड के स्थानांतरण और संशोधन से जुड़े सभी लंबित मामलों का एक सप्ताह में निस्तारण कराया जाए। उन्होंने चेताया कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी दौरान ग्राम थनैतपुर निवासी संतोष कुमार की खतौनी में गलत अंश दर्ज होने की शिकायत पर डीएम ने संबंधित राजस्व निरीक्षक को बुलाकर तत्काल सुधार कराया और आवेदक को संशोधित खतौनी उपलब्ध कराई। विद्युत संबंधी शिकायतों पर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिक शिकायत वाले क्षेत्रों में विभागीय टीम भेजकर मौके पर ही गुणवत्तापूर्ण समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल कागजी निस्तारण नहीं, बल्कि स्थलीय सत्यापन के साथ वास्तविक समाधान होना चाहिए। समाधान दिवस में विभिन्न तहसीलों में कुल 478 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 43 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया गया। इस अवसर पर एसपी अर्पित विजयवर्गीय सहित जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
    1
    सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने सुनी फरियाद, तत्काल कराया अंत्योदय कार्ड का निस्तारण
एक सप्ताह में अंत्योदय कार्ड के सभी लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश
बाराबंकी,
तहसील फतेहपुर में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनीं। पति की मृत्यु के बाद कई माह से अंत्योदय कार्ड के स्थानांतरण के लिए भटक रही ग्राम दोहई निवासी रसुला पत्नी स्व. गुलाम की फरियाद पर डीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद आवेदिका का अंत्योदय कार्ड संशोधित कर तत्काल जारी कराया गया।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि अंत्योदय कार्ड के स्थानांतरण और संशोधन से जुड़े सभी लंबित मामलों का एक सप्ताह में निस्तारण कराया जाए। उन्होंने चेताया कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसी दौरान ग्राम थनैतपुर निवासी संतोष कुमार की खतौनी में गलत अंश दर्ज होने की शिकायत पर डीएम ने संबंधित राजस्व निरीक्षक को बुलाकर तत्काल सुधार कराया और आवेदक को संशोधित खतौनी उपलब्ध कराई।
विद्युत संबंधी शिकायतों पर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिक शिकायत वाले क्षेत्रों में विभागीय टीम भेजकर मौके पर ही गुणवत्तापूर्ण समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल कागजी निस्तारण नहीं, बल्कि स्थलीय सत्यापन के साथ वास्तविक समाधान होना चाहिए।
समाधान दिवस में विभिन्न तहसीलों में कुल 478 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 43 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया गया। इस अवसर पर एसपी अर्पित विजयवर्गीय सहित जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
    user_खबरों का रणक्षेत्र
    खबरों का रणक्षेत्र
    Teacher रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • 🌳 कलमी आम के 10 पेड़ों के पातन के बाद अभिवहन पास की प्रक्रिया, मौके की स्थिति पर उठे सवाल बाराबंकी। बाराबंकी वन प्रभाग द्वारा कलमी आम वृक्षों के प्रकाष्ठ के अभिवहन पास जारी किए जाने के संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी, बाराबंकी रेंज को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग के पत्र के अनुसार, श्री राकेश कुमार पुत्र धनीराम, निवासी ग्राम शुक्लाई (मंजीठा), पोस्ट बड़ेल, थाना कोतवाली नगर, तहसील नवाबगंज की गाटा संख्या 21, रकबा 0.145 हेक्टेयर भूमि में कुल 10 कलमी आम वृक्ष बताए गए हैं। इनमें 5 सूखे खड़े तथा 5 हरे खड़े कलमी आम वृक्ष शामिल हैं। बताया गया है कि हरे कलमी आम के पांच पेड़ों के पातन के लिए अनुमति/परमिट की प्रक्रिया की गई थी। मौके के निरीक्षण को लेकर सामने आए विवरण के अनुसार, हरे पेड़ों में से करीब पांच पेड़ काटे जा चुके थे, जबकि पांच पेड़ मौके पर शेष बताए गए। हालांकि, मौके पर वास्तविक रूप से कितने पेड़ काटे गए और किन पेड़ों के पातन की अनुमति थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित वन विभाग की जांच/रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगी। प्रभागीय वनाधिकारी के पत्र में निर्देश दिया गया है कि शासनादेशों के अनुसार अनुसूची ‘ख’ में आवेदन प्राप्त कर प्रकाष्ठ की माप (बोटा लिस्ट) तैयार की जाए तथा आवश्यक आख्या/संस्तुति के साथ प्रस्तुत किया जाए। इसके बाद अभिवहन पास जारी करने संबंधी अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। पत्र में वन विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी दशा में देशी/तुकमी आम वृक्षों का पातन न होने पाए। इस मामले में मौके पर पेड़ों की वास्तविक स्थिति, अनुमति के अनुरूप पातन हुआ या नहीं तथा काटे गए पेड़ों की संख्या की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संबंधित अभिलेख और मौके की जांच के आधार पर ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। पत्र की प्रतिलिपि उप जिलाधिकारी नवाबगंज, उप प्रभागीय वनाधिकारी बाराबंकी, थानाध्यक्ष कोतवाली नगर तथा संबंधित आवेदक राकेश कुमार को भी भेजी गई है। जारीकर्ता: आकाश दीप बधावन, प्रभागीय वनाधिकारी, बाराबंकी वन प्रभाग, बाराबंकी। 🌳 कलमी आम के 10 पेड़ों के पातन के बाद अभिवहन पास की प्रक्रिया, मौके की स्थिति पर उठे सवाल बाराबंकी। बाराबंकी वन प्रभाग द्वारा कलमी आम वृक्षों के प्रकाष्ठ के अभिवहन पास जारी किए जाने के संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी, बाराबंकी रेंज को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग के पत्र के अनुसार, श्री राकेश कुमार पुत्र धनीराम, निवासी ग्राम शुक्लाई (मंजीठा), पोस्ट बड़ेल, थाना कोतवाली नगर, तहसील नवाबगंज की गाटा संख्या 21, रकबा 0.145 हेक्टेयर भूमि में कुल 10 कलमी आम वृक्ष बताए गए हैं। इनमें 5 सूखे खड़े तथा 5 हरे खड़े कलमी आम वृक्ष शामिल हैं। बताया गया है कि हरे कलमी आम के पांच पेड़ों के पातन के लिए अनुमति/परमिट की प्रक्रिया की गई थी। मौके के निरीक्षण को लेकर सामने आए विवरण के अनुसार, हरे पेड़ों में से करीब पांच पेड़ काटे जा चुके थे, जबकि पांच पेड़ मौके पर शेष बताए गए। हालांकि, मौके पर वास्तविक रूप से कितने पेड़ काटे गए और किन पेड़ों के पातन की अनुमति थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित वन विभाग की जांच/रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगी। प्रभागीय वनाधिकारी के पत्र में निर्देश दिया गया है कि शासनादेशों के अनुसार अनुसूची ‘ख’ में आवेदन प्राप्त कर प्रकाष्ठ की माप (बोटा लिस्ट) तैयार की जाए तथा आवश्यक आख्या/संस्तुति के साथ प्रस्तुत किया जाए। इसके बाद अभिवहन पास जारी करने संबंधी अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। पत्र में वन विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी दशा में देशी/तुकमी आम वृक्षों का पातन न होने पाए। इस मामले में मौके पर पेड़ों की वास्तविक स्थिति, अनुमति के अनुरूप पातन हुआ या नहीं तथा काटे गए पेड़ों की संख्या की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संबंधित अभिलेख और मौके की जांच के आधार पर ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। पत्र की प्रतिलिपि उप जिलाधिकारी नवाबगंज, उप प्रभागीय वनाधिकारी बाराबंकी, थानाध्यक्ष कोतवाली नगर तथा संबंधित आवेदक राकेश कुमार को भी भेजी गई है। जारीकर्ता: आकाश दीप बधावन, प्रभागीय वनाधिकारी, बाराबंकी वन प्रभाग, बाराबंकी।
    4
    🌳 कलमी आम के 10 पेड़ों के पातन के बाद अभिवहन पास की प्रक्रिया, मौके की स्थिति पर उठे सवाल

बाराबंकी। बाराबंकी वन प्रभाग द्वारा कलमी आम वृक्षों के प्रकाष्ठ के अभिवहन पास जारी किए जाने के संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी, बाराबंकी रेंज को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

वन विभाग के पत्र के अनुसार, श्री राकेश कुमार पुत्र धनीराम, निवासी ग्राम शुक्लाई (मंजीठा), पोस्ट बड़ेल, थाना कोतवाली नगर, तहसील नवाबगंज की गाटा संख्या 21, रकबा 0.145 हेक्टेयर भूमि में कुल 10 कलमी आम वृक्ष बताए गए हैं। इनमें 5 सूखे खड़े तथा 5 हरे खड़े कलमी आम वृक्ष शामिल हैं।

बताया गया है कि हरे कलमी आम के पांच पेड़ों के पातन के लिए अनुमति/परमिट की प्रक्रिया की गई थी। मौके के निरीक्षण को लेकर सामने आए विवरण के अनुसार, हरे पेड़ों में से करीब पांच पेड़ काटे जा चुके थे, जबकि पांच पेड़ मौके पर शेष बताए गए। हालांकि, मौके पर वास्तविक रूप से कितने पेड़ काटे गए और किन पेड़ों के पातन की अनुमति थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित वन विभाग की जांच/रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगी।

प्रभागीय वनाधिकारी के पत्र में निर्देश दिया गया है कि शासनादेशों के अनुसार अनुसूची ‘ख’ में आवेदन प्राप्त कर प्रकाष्ठ की माप (बोटा लिस्ट) तैयार की जाए तथा आवश्यक आख्या/संस्तुति के साथ प्रस्तुत किया जाए। इसके बाद अभिवहन पास जारी करने संबंधी अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

पत्र में वन विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी दशा में देशी/तुकमी आम वृक्षों का पातन न होने पाए।

इस मामले में मौके पर पेड़ों की वास्तविक स्थिति, अनुमति के अनुरूप पातन हुआ या नहीं तथा काटे गए पेड़ों की संख्या की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संबंधित अभिलेख और मौके की जांच के आधार पर ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

पत्र की प्रतिलिपि उप जिलाधिकारी नवाबगंज, उप प्रभागीय वनाधिकारी बाराबंकी, थानाध्यक्ष कोतवाली नगर तथा संबंधित आवेदक राकेश कुमार को भी भेजी गई है।

जारीकर्ता: आकाश दीप बधावन, प्रभागीय वनाधिकारी, बाराबंकी वन प्रभाग, बाराबंकी।


🌳 कलमी आम के 10 पेड़ों के पातन के बाद अभिवहन पास की प्रक्रिया, मौके की स्थिति पर उठे सवाल
बाराबंकी। बाराबंकी वन प्रभाग द्वारा कलमी आम वृक्षों के प्रकाष्ठ के अभिवहन पास जारी किए जाने के संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी, बाराबंकी रेंज को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
वन विभाग के पत्र के अनुसार, श्री राकेश कुमार पुत्र धनीराम, निवासी ग्राम शुक्लाई (मंजीठा), पोस्ट बड़ेल, थाना कोतवाली नगर, तहसील नवाबगंज की गाटा संख्या 21, रकबा 0.145 हेक्टेयर भूमि में कुल 10 कलमी आम वृक्ष बताए गए हैं। इनमें 5 सूखे खड़े तथा 5 हरे खड़े कलमी आम वृक्ष शामिल हैं।
बताया गया है कि हरे कलमी आम के पांच पेड़ों के पातन के लिए अनुमति/परमिट की प्रक्रिया की गई थी। मौके के निरीक्षण को लेकर सामने आए विवरण के अनुसार, हरे पेड़ों में से करीब पांच पेड़ काटे जा चुके थे, जबकि पांच पेड़ मौके पर शेष बताए गए। हालांकि, मौके पर वास्तविक रूप से कितने पेड़ काटे गए और किन पेड़ों के पातन की अनुमति थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित वन विभाग की जांच/रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगी।
प्रभागीय वनाधिकारी के पत्र में निर्देश दिया गया है कि शासनादेशों के अनुसार अनुसूची ‘ख’ में आवेदन प्राप्त कर प्रकाष्ठ की माप (बोटा लिस्ट) तैयार की जाए तथा आवश्यक आख्या/संस्तुति के साथ प्रस्तुत किया जाए। इसके बाद अभिवहन पास जारी करने संबंधी अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
पत्र में वन विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी दशा में देशी/तुकमी आम वृक्षों का पातन न होने पाए।
इस मामले में मौके पर पेड़ों की वास्तविक स्थिति, अनुमति के अनुरूप पातन हुआ या नहीं तथा काटे गए पेड़ों की संख्या की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संबंधित अभिलेख और मौके की जांच के आधार पर ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
पत्र की प्रतिलिपि उप जिलाधिकारी नवाबगंज, उप प्रभागीय वनाधिकारी बाराबंकी, थानाध्यक्ष कोतवाली नगर तथा संबंधित आवेदक राकेश कुमार को भी भेजी गई है।
जारीकर्ता: आकाश दीप बधावन, प्रभागीय वनाधिकारी, बाराबंकी वन प्रभाग, बाराबंकी।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • इटौंजा थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से किया दुष्कर्म अब शादी से कर रहा इनकार पीड़िता ने थाने में दी तहरीर लखनऊ / इटौंजा इटौंजा थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने जानकीपुरम निवासी युवती होने का दावा करते हुए थाने में तहरीर दी है। पीड़िता का आरोप है कि उसके पुरुष मित्र ने शादी का झांसा देकर लगभग दो महीने तक साथ रखा और अब शादी से इनकार कर रहा है। पीड़िता के अनुसार आरोपी उसे घर ले जाने के बजाय अलग-अलग रिश्तेदारों के यहां छोड़ देता था और शादी की बात टालता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे हर्षा कॉलोनी क्षेत्र में लगभग 20 दिन तक छिपा कर रखा गया। पीड़िता ने थाना प्रभारी इटौंजा से मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है।
    1
    इटौंजा थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से किया दुष्कर्म अब शादी से कर रहा  इनकार   पीड़िता ने थाने में दी तहरीर

लखनऊ / इटौंजा इटौंजा थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने जानकीपुरम निवासी युवती होने का दावा करते हुए थाने में तहरीर दी है। पीड़िता का आरोप है कि उसके पुरुष मित्र ने शादी का झांसा देकर लगभग दो महीने तक साथ रखा और अब शादी से इनकार कर रहा है।
पीड़िता के अनुसार आरोपी उसे घर ले जाने के बजाय अलग-अलग रिश्तेदारों के यहां छोड़ देता था और शादी की बात टालता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे हर्षा कॉलोनी क्षेत्र में लगभग 20 दिन तक छिपा कर रखा गया।
पीड़िता ने थाना प्रभारी इटौंजा से मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है।
    user_मो इस्लाम
    मो इस्लाम
    Media Consultant बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    12 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.