सवाई माधोपुर के मानटाउन में भारत विकास परिषद शाखा द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को हुनरमंद, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया पाँच दिवसीय विशेष शिविर 14 जून, 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। बम्बोरी चौराहा स्थित आर-सेटी परिसर में आयोजित इस “अभिरुचि शिविर” एवं “आत्मरक्षा शिविर” के समापन समारोह में बालिकाओं और महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। इस पहल की शुरुआत 10 जून, 2026 को शाखा अध्यक्ष प्रदीप गर्ग की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा के एजीएम श्री विकास नारंग ने अतिथि के रूप में भाग लिया और परिषद के इस कार्य को देश की तरक्की के लिए एक मील का पत्थर बताया था। शाखा सचिव उमेश कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि इस निशुल्क शिविर में ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं एवं महिलाओं ने हिस्सा लिया। पाँच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में, अभिरुचि प्रशिक्षण ट्रेनर निशा गौतम ने महिलाओं को स्वरोजगार से जुड़ने के लिए विभिन्न विधाओं का हुनर सिखाया। वहीं, आत्मरक्षा प्रशिक्षण ट्रेनर सीमा नसीम ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए, ताकि वे हर विपरीत परिस्थिति का सामना निडरता और आत्मविश्वास से कर सकें। इस शिविर को सफल बनाने में प्रकल्प प्रभारी (आत्मरक्षा एवं आत्मनिर्भर भारत) संगीता अग्रवाल और प्रकल्प प्रभारी (अभिरुचि शिविर) बबीता गुप्ता ने अपनी पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ मुख्य भूमिका निभाई, जिनकी परिषद और अतिथियों द्वारा सराहना की गई। शिविर के समापन पर सभी संभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए, जिससे ग्रामीण बालिकाओं के चेहरे खुशी और गौरव से खिल उठे। इस मौके पर, दोनों प्रशिक्षकों निशा गौतम और सीमा नसीम को उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए परिषद की ओर से बधाई पत्र देकर सम्मानित किया गया। समापन सत्र में मीना उपाध्याय, उमा अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, रत्नाकर गोयल एवं मुकेश उपाध्याय भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशिक्षणार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और भारत विकास परिषद के इस सेवा कार्य को समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया।
सवाई माधोपुर के मानटाउन में भारत विकास परिषद शाखा द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को हुनरमंद, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया पाँच दिवसीय विशेष शिविर 14 जून, 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। बम्बोरी चौराहा स्थित आर-सेटी परिसर में आयोजित इस “अभिरुचि शिविर” एवं “आत्मरक्षा शिविर” के समापन समारोह में बालिकाओं और महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। इस पहल की शुरुआत 10 जून, 2026 को शाखा अध्यक्ष प्रदीप गर्ग की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा के एजीएम श्री विकास नारंग ने अतिथि के रूप में भाग लिया और परिषद के इस कार्य को देश की तरक्की के लिए एक मील का पत्थर बताया था। शाखा सचिव उमेश कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि इस निशुल्क शिविर में ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं एवं महिलाओं ने हिस्सा लिया। पाँच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में, अभिरुचि प्रशिक्षण ट्रेनर निशा गौतम ने महिलाओं को स्वरोजगार से जुड़ने के लिए विभिन्न विधाओं का हुनर सिखाया। वहीं, आत्मरक्षा प्रशिक्षण ट्रेनर सीमा नसीम ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए, ताकि वे हर विपरीत परिस्थिति का सामना निडरता और आत्मविश्वास से कर सकें। इस शिविर को सफल बनाने में प्रकल्प प्रभारी (आत्मरक्षा एवं आत्मनिर्भर भारत) संगीता अग्रवाल और प्रकल्प प्रभारी (अभिरुचि शिविर) बबीता गुप्ता ने अपनी पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ मुख्य भूमिका निभाई, जिनकी परिषद और अतिथियों द्वारा सराहना की गई। शिविर के समापन पर सभी संभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए, जिससे ग्रामीण बालिकाओं के चेहरे खुशी और गौरव से खिल उठे। इस मौके पर, दोनों प्रशिक्षकों निशा गौतम और सीमा नसीम को उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए परिषद की ओर से बधाई पत्र देकर सम्मानित किया गया। समापन सत्र में मीना उपाध्याय, उमा अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, रत्नाकर गोयल एवं मुकेश उपाध्याय भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशिक्षणार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और भारत विकास परिषद के इस सेवा कार्य को समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया।
- सवाई माधोपुर के मानटाउन में भारत विकास परिषद शाखा द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को हुनरमंद, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया पाँच दिवसीय विशेष शिविर 14 जून, 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। बम्बोरी चौराहा स्थित आर-सेटी परिसर में आयोजित इस “अभिरुचि शिविर” एवं “आत्मरक्षा शिविर” के समापन समारोह में बालिकाओं और महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। इस पहल की शुरुआत 10 जून, 2026 को शाखा अध्यक्ष प्रदीप गर्ग की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा के एजीएम श्री विकास नारंग ने अतिथि के रूप में भाग लिया और परिषद के इस कार्य को देश की तरक्की के लिए एक मील का पत्थर बताया था। शाखा सचिव उमेश कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि इस निशुल्क शिविर में ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं एवं महिलाओं ने हिस्सा लिया। पाँच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में, अभिरुचि प्रशिक्षण ट्रेनर निशा गौतम ने महिलाओं को स्वरोजगार से जुड़ने के लिए विभिन्न विधाओं का हुनर सिखाया। वहीं, आत्मरक्षा प्रशिक्षण ट्रेनर सीमा नसीम ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए, ताकि वे हर विपरीत परिस्थिति का सामना निडरता और आत्मविश्वास से कर सकें। इस शिविर को सफल बनाने में प्रकल्प प्रभारी (आत्मरक्षा एवं आत्मनिर्भर भारत) संगीता अग्रवाल और प्रकल्प प्रभारी (अभिरुचि शिविर) बबीता गुप्ता ने अपनी पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ मुख्य भूमिका निभाई, जिनकी परिषद और अतिथियों द्वारा सराहना की गई। शिविर के समापन पर सभी संभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए, जिससे ग्रामीण बालिकाओं के चेहरे खुशी और गौरव से खिल उठे। इस मौके पर, दोनों प्रशिक्षकों निशा गौतम और सीमा नसीम को उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए परिषद की ओर से बधाई पत्र देकर सम्मानित किया गया। समापन सत्र में मीना उपाध्याय, उमा अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, रत्नाकर गोयल एवं मुकेश उपाध्याय भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशिक्षणार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और भारत विकास परिषद के इस सेवा कार्य को समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया।1
- सारसोप क्षेत्र में रविवार को अचानक मौसम ने करवट ली, जहाँ दोपहर बाद धूल भरी तेज आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। इस बदलाव से कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को काफी राहत मिली। दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं, जिसके तुरंत बाद धूल भरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया और लोगों को घरों व दुकानों में शरण लेनी पड़ी। आंधी के बाद शुरू हुई हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। किसानों ने भी इस बारिश को फसलों और पशुओं के लिए लाभदायक बताया। हालांकि, तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी सूचना मिली। ग्रामीणों ने मौसम में आए इस बदलाव का स्वागत करते हुए इसे गर्मी से राहत देने वाला बताया।2
- मूल पोस्ट में 'जय श्रीराम' का बार-बार और लगातार उद्घोष किया गया है। पूरे टेक्स्ट में 'जय श्रीराम' वाक्यांश को कई बार दोहराया गया है, जो भक्तिपूर्ण भावना को दर्शाता है।1
- डीजल और पेट्रोल की दैनिक खपत पर एक नई सीमा निर्धारित की गई है। इस व्यवस्था के अनुसार, अब एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल या पेट्रोल ही प्राप्त किया जा सकेगा।1
- कमलेश्वर महादेव मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे हैं। मंदिर से करीब पाँच किलोमीटर पहले वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहाँ से श्रद्धालुओं को पैदल मंदिर की ओर भेजा जा रहा है। इस भारी भीड़ को देखते हुए मौके पर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की अधिक संख्या और यातायात व्यवस्था के चलते जगह-जगह जाम की स्थिति बनी हुई है।2
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में लगभग 100 वर्ष पुरानी काली तलाई की पाल को क्षतिग्रस्त कर उस पर अतिक्रमण करने के प्रयास का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों की शिकायत पर तुरंत हरकत में आते हुए पंचायत और राजस्व प्रशासन मौके पर पहुंचा। प्रशासन ने वहां चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रुकवा दिया और पूर्व यथास्थिति बहाल करने के निर्देश दिए। हालांकि, इस मामले में संबंधित किसान ने अतिक्रमण के इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।2
- राजस्थान के चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र के चेनपुरा से गोपालपुरा को जोड़ने वाली सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे लोगों को प्रतिदिन आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों, जिनमें प्रभुलाल सैनी, मांगीलाल, धनपाल, बसराम गुर्जर, कन्हैयालाल सैनी, रामेश्वर सैनी, गोपाल सैनी, जगदीश सैनी, फोटू गुर्जर और मनराज गुर्जर शामिल हैं, ने बताया कि यह सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। बरसात के मौसम में कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे कई बार मोटरसाइकिल सवार फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। किसानों, विद्यार्थियों और अन्य राहगीरों को भी इस वजह से लगातार परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या से क्षेत्रीय विधायक और संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया है, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान केवल सड़क निर्माण के नाम पर झूठे आश्वासन दिए जाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम दिखाई नहीं देता। इसी के चलते ग्रामीणों में व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आगामी पंचायत चुनाव के साथ-साथ विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी मतदान का बहिष्कार करेंगे।1