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कांसापुर सरकारी स्कूल के बाहर अभिभावकों का जोरदार रोष प्रदर्शन प्रदर्शन से पहले फोन करवाकर रोकने के प्रयास और स्कूल का मुख्य गेट बंद करने पर उठे गंभीर सवाल! यमुनानगर, 6 नवंबर 2026। पंचकूला के सरकारी स्कूल में हुई बच्चों के साथ मारपीट की गंभीर घटना के बाद आज यमुनानगर के कांसापुर स्थित सरकारी स्कूल के बाहर जागरूक अभिभावकों एवं नागरिकों द्वारा जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही, स्कूल के रखरखाव और प्रशासनिक व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को जनता के सामने लाना था। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कार्यक्रम की पूर्व सूचना स्कूल की प्रिंसिपल, जिला शिक्षा अधिकारी, संबंधित क्षेत्र के नगर पार्षद, नगर निगम अधिकारियों, जिला उपायुक्त (DC) एवं पुलिस अधीक्षक (SP) को दी गई थी। प्रदर्शन रुकवाने के लिए फोन करवाने का आरोप! संजीव नंदा , अंकुश बख्शी ने बताया कि प्रदर्शन से पहले उनके पास सत्ताधारी पार्टी से जुड़े कुछ लोगों एवं स्थानीय सदस्यों के फोन आए। उनके अनुसार, स्कूल की प्रिंसिपल मैडम ने भी कुछ लोगों के माध्यम से उनके पास संदेश भिजवाया कि आज का प्रदर्शन न किया जाए। अंकुश बख्शी ने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम की सूचना सभी संबंधित अधिकारियों को पहले से दी जा चुकी थी और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना था, तो उसे रुकवाने के लिए फोन करवाने की आवश्यकता क्यों पड़ी? अगर स्कूल की व्यवस्था सही है और सब कुछ ईमानदारी से चल रहा है, तो फिर प्रदर्शन से डर कैसा? अपना काम पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से कीजिए, जनता के सवालों से बचने की कोशिश क्यों? स्कूल का मुख्य गेट बंद करने पर भी उठे सवाल! प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जब अभिभावक स्कूल की व्यवस्था देखने और अपनी बात रखने पहुंचे, तो स्कूल का मुख्य गेट ताला लगाकर बंद कर दिया गया, ताकि कोई भी अभिभावक अंदर प्रवेश न कर सके। अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर स्कूल प्रशासन को जनता के सामने अपनी व्यवस्था दिखाने में डर किस बात का है? यदि स्कूल की व्यवस्था बेहतर है, तो अभिभावकों को स्कूल की वास्तविक स्थिति देखने से रोकने की आवश्यकता क्यों पड़ी? सरकारी स्कूल जनता के टैक्स से चलते हैं। अभिभावकों को अपने बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं के संबंध में सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। इस अवसर पर संजीव नंदा, संजय राघव, अंकुश बख्शी, विकास चौधरी सहित अन्य जागरूक नागरिक एवं अभिभावक मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें 1. कांसापुर सरकारी स्कूल की व्यवस्था की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। 2. शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा हो। 3. बच्चों की सुरक्षा, साफ-सफाई और स्कूल के रखरखाव में सुधार किया जाए। 4. अभिभावकों को स्कूल की व्यवस्था देखने और जायज सवाल पूछने का अवसर मिले। अब आर-पार की लड़ाई व्यवस्था सुधारने की होगी! प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग को चेतावनी दी कि यदि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। हमारा सवाल है—क्या सरकारी स्कूल केवल गरीबों के बच्चों के लिए हैं? सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के अपने बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ें और गरीब जनता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान रहे, यह दोहरी व्यवस्था कब तक चलेगी? बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं! एक देश – एक किताब – एक समान फीस। Viral v

22 hrs ago
user_Gulshan Dhiman
Gulshan Dhiman
रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
22 hrs ago

कांसापुर सरकारी स्कूल के बाहर अभिभावकों का जोरदार रोष प्रदर्शन प्रदर्शन से पहले फोन करवाकर रोकने के प्रयास और स्कूल का मुख्य गेट बंद करने पर उठे गंभीर सवाल! यमुनानगर, 6 नवंबर 2026। पंचकूला के सरकारी स्कूल में हुई बच्चों के साथ मारपीट की गंभीर घटना के बाद आज यमुनानगर के कांसापुर स्थित सरकारी स्कूल के बाहर जागरूक अभिभावकों एवं नागरिकों द्वारा जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही, स्कूल के रखरखाव और प्रशासनिक व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को जनता के सामने लाना था। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कार्यक्रम की पूर्व सूचना स्कूल की प्रिंसिपल, जिला शिक्षा अधिकारी, संबंधित क्षेत्र के नगर पार्षद, नगर निगम अधिकारियों, जिला उपायुक्त (DC) एवं पुलिस अधीक्षक (SP) को दी गई थी। प्रदर्शन रुकवाने के लिए फोन करवाने का आरोप! संजीव नंदा , अंकुश बख्शी ने बताया कि प्रदर्शन से पहले उनके पास सत्ताधारी पार्टी से जुड़े कुछ लोगों एवं स्थानीय सदस्यों के फोन आए। उनके अनुसार, स्कूल की प्रिंसिपल मैडम ने भी कुछ लोगों के माध्यम से उनके पास संदेश भिजवाया कि आज का प्रदर्शन न किया जाए। अंकुश बख्शी ने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम की सूचना सभी संबंधित अधिकारियों को पहले से दी जा चुकी थी और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना था, तो उसे रुकवाने के लिए फोन करवाने की आवश्यकता क्यों पड़ी? अगर स्कूल की व्यवस्था सही है और सब कुछ ईमानदारी से चल रहा है, तो फिर प्रदर्शन से डर कैसा? अपना काम पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से कीजिए, जनता के सवालों से बचने की कोशिश क्यों? स्कूल का मुख्य गेट बंद करने पर भी उठे सवाल! प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जब अभिभावक स्कूल की व्यवस्था देखने और अपनी बात रखने पहुंचे, तो स्कूल का मुख्य गेट ताला लगाकर बंद कर दिया गया, ताकि कोई भी अभिभावक अंदर प्रवेश न कर सके। अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर स्कूल प्रशासन को जनता के सामने अपनी व्यवस्था दिखाने में डर किस बात का है? यदि स्कूल की व्यवस्था बेहतर है, तो अभिभावकों को स्कूल की वास्तविक स्थिति देखने से रोकने की आवश्यकता क्यों पड़ी? सरकारी स्कूल जनता के टैक्स से चलते हैं। अभिभावकों को अपने बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं के संबंध में सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। इस अवसर पर संजीव नंदा, संजय राघव, अंकुश बख्शी, विकास चौधरी सहित अन्य जागरूक नागरिक एवं अभिभावक मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें 1. कांसापुर सरकारी स्कूल की व्यवस्था की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। 2. शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा हो। 3. बच्चों की सुरक्षा, साफ-सफाई और स्कूल के रखरखाव में सुधार किया जाए। 4. अभिभावकों को स्कूल की व्यवस्था देखने और जायज सवाल पूछने का अवसर मिले। अब आर-पार की लड़ाई व्यवस्था सुधारने की होगी! प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग को चेतावनी दी कि यदि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। हमारा सवाल है—क्या सरकारी स्कूल केवल गरीबों के बच्चों के लिए हैं? सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के अपने बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ें और गरीब जनता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान रहे, यह दोहरी व्यवस्था कब तक चलेगी? बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं! एक देश – एक किताब – एक समान फीस। Viral v

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  • 6 नवंबर 2026 राष्ट्रहित और हिंदू हित के लिए जन-जन को जोड़ेंगे : विहिप प्रान्त संगठन मंत्री राधेश्याम।.. रोहतक, हरियाणा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक एवं विश्व हिंदू परिषद, हरियाणा प्रांत के संगठन मंत्री राधेश्याम जी ने *हित चिंतक अभियान 2026* के संदर्भ में प्रदेशवासियों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया है। यह संदेश विश्व हिंदू परिषद, हरियाणा प्रांत के प्रचार-प्रसार विभाग की ओर से जारी किया गया है। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विश्व हिंदू परिषद, हरियाणा प्रांत ने अपना पहला प्रचार पोस्टर भी जारी किया है। इसके साथ ही अभियान को गति देने और कार्यकर्ताओं में उत्साह एवं ऊर्जा का संचार करने के लिए विशेष अभियान गीत तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें समय-समय पर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर साझा किया जाएगा। *प्रांत संगठन मंत्री राधेश्याम जी* ने अपने संदेश में कहा कि श्री अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में इस अभियान का विशेष महत्व है। इस वर्ष हम अभियान को विशेष व्यापकता के साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि प्रदेश के प्रत्येक गांव, बस्ती और मोहल्ले तक पहुंचकर विश्व हिंदू परिषद के कार्यों एवं विचारों को समाज के सामने रखें तथा अधिक से अधिक लोगों को राष्ट्रहित और हिंदू हित के कार्यों से जोड़ते हुए हितचिंतक बनाएं। *प्रांत मंत्री यशवंत शेखावत जी* ने कहा कि यह संयोजन टोली अभियान से जुड़े सभी कार्यों में समन्वय एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी। विश्व हिंदू परिषद, हरियाणा प्रांत का लक्ष्य इस अभियान को पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर संचालित करना और अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है। आगामी दिनों में सोशल मीडिया एवं डिजिटल मैसेजिंग प्लेटफॉर्म जैसे SMS, Arattai और WhatsApp के माध्यम से अभियान से संबंधित विभिन्न प्रकार के प्रचार पोस्टर एवं अन्य सामग्री तैयार कर साझा की जाएगी। इससे अभियान को गति मिलेगी तथा समाज में जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। इस अभियान के सुचारु संचालन एवं कार्यों के समन्वय के उद्देश्य से *_हित चिंतक अभियान संयोजन टोली_* का गठन किया गया है। इसमें अश्वनी जी (प्रांत संस्कृत प्रमुख), दीपक जी (प्रांत सत्संग प्रमुख), अनुराग जी (प्रांत प्रचार प्रमुख), नरेश जी (प्रांत ऑडिट प्रमुख), राजेश जी (प्रांत धर्म प्रसार प्रमुख), रामवीर जी (प्रांत कार्यकारिणी सदस्य) एवं अमरजीत जी (प्रांत संपर्क टोली) को सम्मिलित किया गया है। ये सभी कार्यकर्ता अभियान से संबंधित प्रचार सामग्री, तकनीकी सहयोग एवं अन्य आवश्यक विषयों पर समन्वय के लिए उपलब्ध रहेंगे। *जारीकर्ता* ज्ञानेश ठाकुर (प्रांत सह प्रचार-प्रसार प्रमुख) विश्व हिंदू परिषद, हरियाणा संपर्क: 8826129102
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    6 नवंबर 2026
     राष्ट्रहित और हिंदू हित के लिए जन-जन को जोड़ेंगे : विहिप प्रान्त संगठन मंत्री राधेश्याम।..
रोहतक, हरियाणा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक एवं विश्व हिंदू परिषद, हरियाणा प्रांत के संगठन मंत्री राधेश्याम जी ने *हित चिंतक अभियान 2026* के संदर्भ में प्रदेशवासियों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया है। यह संदेश विश्व हिंदू परिषद, हरियाणा प्रांत के प्रचार-प्रसार विभाग की ओर से जारी किया गया है।
अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विश्व हिंदू परिषद, हरियाणा प्रांत ने अपना पहला प्रचार पोस्टर भी जारी किया है। इसके साथ ही अभियान को गति देने और कार्यकर्ताओं में उत्साह एवं ऊर्जा का संचार करने के लिए विशेष अभियान गीत तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें समय-समय पर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर साझा किया जाएगा।
*प्रांत संगठन मंत्री राधेश्याम जी* ने अपने संदेश में कहा कि श्री अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में इस अभियान का विशेष महत्व है। इस वर्ष हम अभियान को विशेष व्यापकता के साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि प्रदेश के प्रत्येक गांव, बस्ती और मोहल्ले तक पहुंचकर विश्व हिंदू परिषद के कार्यों एवं विचारों को समाज के सामने रखें तथा अधिक से अधिक लोगों को राष्ट्रहित और हिंदू हित के कार्यों से जोड़ते हुए हितचिंतक बनाएं।
*प्रांत मंत्री यशवंत शेखावत जी* ने कहा कि यह संयोजन टोली अभियान से जुड़े सभी कार्यों में समन्वय एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी। विश्व हिंदू परिषद, हरियाणा प्रांत का लक्ष्य इस अभियान को पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर संचालित करना और अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है।
आगामी दिनों में सोशल मीडिया एवं डिजिटल मैसेजिंग प्लेटफॉर्म जैसे SMS, Arattai और WhatsApp के माध्यम से अभियान से संबंधित विभिन्न प्रकार के प्रचार पोस्टर एवं अन्य सामग्री तैयार कर साझा की जाएगी। इससे अभियान को गति मिलेगी तथा समाज में जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
इस अभियान के सुचारु संचालन एवं कार्यों के समन्वय के उद्देश्य से *_हित चिंतक अभियान संयोजन टोली_* का गठन किया गया है। इसमें अश्वनी जी (प्रांत संस्कृत प्रमुख), दीपक जी (प्रांत सत्संग प्रमुख), अनुराग जी (प्रांत प्रचार प्रमुख), नरेश जी (प्रांत ऑडिट प्रमुख), राजेश जी (प्रांत धर्म प्रसार प्रमुख), रामवीर जी (प्रांत कार्यकारिणी सदस्य) एवं अमरजीत जी (प्रांत संपर्क टोली) को सम्मिलित किया गया है। ये सभी कार्यकर्ता अभियान से संबंधित प्रचार सामग्री, तकनीकी सहयोग एवं अन्य आवश्यक विषयों पर समन्वय के लिए उपलब्ध रहेंगे।
*जारीकर्ता*
ज्ञानेश ठाकुर
(प्रांत सह प्रचार-प्रसार प्रमुख)
विश्व हिंदू परिषद, हरियाणा
संपर्क: 8826129102
    user_Gulshan Dhiman
    Gulshan Dhiman
    रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
    3 hrs ago
  • हाकम शाह कॉलोनी की सबसे व्यस्त गली बदहाल, नगर निगम और पार्षद की अनदेखी से लोग परेशान सहारनपुर। शहर में नालों और गलियों की समस्याओं को लेकर लगातार खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन हाकम शाह कॉलोनी की सबसे अधिक आवाजाही वाली मुख्य गली की बदहाली पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के साथ-साथ वार्ड 63 के पार्षद भी कॉलोनी की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होने के बावजूद गली की हालत में सुधार नहीं हुआ। वही पानी की पाइप लाइन कई जगह से फटी पड़ी बताई जा रही है जिससे घड़ी में गंदा पानी टंकियों में आ रहा है। क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया कि आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे? लोगों ने नगर निगम और पार्षद से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
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    हाकम शाह कॉलोनी की सबसे व्यस्त गली बदहाल, नगर निगम और पार्षद की अनदेखी से लोग परेशान
सहारनपुर। शहर में नालों और गलियों की समस्याओं को लेकर लगातार खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन हाकम शाह कॉलोनी की सबसे अधिक आवाजाही वाली मुख्य गली की बदहाली पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के साथ-साथ वार्ड 63 के पार्षद भी कॉलोनी की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होने के बावजूद गली की हालत में सुधार नहीं हुआ। वही पानी की पाइप लाइन कई जगह से फटी पड़ी बताई जा रही है जिससे घड़ी में गंदा पानी टंकियों में आ रहा है। क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया कि आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे? लोगों ने नगर निगम और पार्षद से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
    user_Jurnalist zahid
    Jurnalist zahid
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सहारनपुर में तीन बेटियों को जन्म देने पर विवाहिता को घर से निकला, दुकान खुलवाने के लिए एक लाख रुपए मांगे, पति और सास-ससुर पर मारपीट का आरोप, पति समेत 3 पर FIR सहारनपुर में तीन बेटियों को जन्म देने पर एक विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट कर घर से निकालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पति, सास और ससुर ने विवाहिता से अपने मायके से एक लाख रुपये लाने का दबाव बनाया। रुपये नहीं लाने पर पति की दूसरी शादी कराने और उसे तलाक देने की धमकी दी। आरोपियों ने विवाहिता को उसकी तीन बेटियों के साथ घर से निकाल दिया। पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस शुक्रवार को पति समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। सरसावा थाना क्षेत्र के गांव बीदपुर निवासी फरहा की शादी 9 मार्च 2018 को फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव मुजफ्फराबाद निवासी असलम के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। फरहा के मुताबिक, उसके मायके वालों ने अपनी हैसियत के अनुसार शादी में घरेलू सामान दिया था और करीब पांच लाख रुपये खर्च किए थे। शुरुआत में ससुराल वालों का व्यवहार ठीक रहा, लेकिन कुछ समय बाद कम दहेज लाने के ताने देकर मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद उसके यहां तीन बेटियों फातिमा, मरियम और रहमत का जन्म हुआ। बेटियों के पैदा होने पर ससुराल वाले नाराज रहने लगे और उसे प्रताड़ित करने लगे। आरोप है कि पति और सास-ससुर उससे लगातार पैसों की मांग करते थे। दूसरी बेटी के जन्म के बाद उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया था। बाद में पंचायत में समझौता होने पर वह ससुराल लौट गई, लेकिन कुछ समय बाद फिर उत्पीड़न शुरू हो गया। फरहा के अनुसार, मई 2026 में भी मायके में पंचायत हुई थी। इसमें पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने गलती स्वीकार कर दोबारा परेशान नहीं करने का भरोसा दिया था। इसके बाद उसे वापस ससुराल ले जाया गया, लेकिन वहां फिर मारपीट और खर्च नहीं देने को लेकर परेशान किया जाने लगा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि करीब 15 दिन पहले पति असलम, ससुर मौ. रिजवान और सास मुनव्वर जहां ने उसके साथ मारपीट की। उन्होंने अपने बेटे को दुकान खुलवाने के लिए मायके से एक लाख रुपये लाने को कहा। रुपये नहीं देने पर तलाक देने, दूसरी शादी करने और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद शाम करीब पांच बजे उसे तीनों बेटियों के साथ घर से निकाल दिया। पीड़िता ने मायके पहुंचकर परिजनों को पूरी जानकारी दी। परिजनों ने ससुराल पक्ष को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने बिना रुपये दिए विवाहिता और बच्चियों को रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद फरहा ने महिला थाने में शिकायत दी। पुलिस ने पति असलम, ससुर मौ. रिजवान और सास मुनव्वर जहां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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    सहारनपुर में तीन बेटियों को जन्म देने पर विवाहिता को घर से निकला, दुकान खुलवाने के लिए एक लाख रुपए मांगे, पति और सास-ससुर पर मारपीट का आरोप, पति समेत 3 पर FIR
सहारनपुर में तीन बेटियों को जन्म देने पर एक विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट कर घर से निकालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पति, सास और ससुर ने विवाहिता से अपने मायके से एक लाख रुपये लाने का दबाव बनाया। रुपये नहीं लाने पर पति की दूसरी शादी कराने और उसे तलाक देने की धमकी दी। आरोपियों ने विवाहिता को उसकी तीन बेटियों के साथ घर से निकाल दिया। पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस शुक्रवार को पति समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
सरसावा थाना क्षेत्र के गांव बीदपुर निवासी फरहा की शादी 9 मार्च 2018 को फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव मुजफ्फराबाद निवासी असलम के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। फरहा के मुताबिक, उसके मायके वालों ने अपनी हैसियत के अनुसार शादी में घरेलू सामान दिया था और करीब पांच लाख रुपये खर्च किए थे। शुरुआत में ससुराल वालों का व्यवहार ठीक रहा, लेकिन कुछ समय बाद कम दहेज लाने के ताने देकर मारपीट शुरू कर दी।
पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद उसके यहां तीन बेटियों फातिमा, मरियम और रहमत का जन्म हुआ। बेटियों के पैदा होने पर ससुराल वाले नाराज रहने लगे और उसे प्रताड़ित करने लगे। आरोप है कि पति और सास-ससुर उससे लगातार पैसों की मांग करते थे। दूसरी बेटी के जन्म के बाद उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया था। बाद में पंचायत में समझौता होने पर वह ससुराल लौट गई, लेकिन कुछ समय बाद फिर उत्पीड़न शुरू हो गया।
फरहा के अनुसार, मई 2026 में भी मायके में पंचायत हुई थी। इसमें पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने गलती स्वीकार कर दोबारा परेशान नहीं करने का भरोसा दिया था। इसके बाद उसे वापस ससुराल ले जाया गया, लेकिन वहां फिर मारपीट और खर्च नहीं देने को लेकर परेशान किया जाने लगा।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि करीब 15 दिन पहले पति असलम, ससुर मौ. रिजवान और सास मुनव्वर जहां ने उसके साथ मारपीट की। उन्होंने अपने बेटे को दुकान खुलवाने के लिए मायके से एक लाख रुपये लाने को कहा। रुपये नहीं देने पर तलाक देने, दूसरी शादी करने और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद शाम करीब पांच बजे उसे तीनों बेटियों के साथ घर से निकाल दिया।
पीड़िता ने मायके पहुंचकर परिजनों को पूरी जानकारी दी। परिजनों ने ससुराल पक्ष को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने बिना रुपये दिए विवाहिता और बच्चियों को रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद फरहा ने महिला थाने में शिकायत दी। पुलिस ने पति असलम, ससुर मौ. रिजवान और सास मुनव्वर जहां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
    user_Haris shaikh
    Haris shaikh
    Photographer सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • थाना नकुड़ पुलिस ने 25 हज़ार रुपये का इनामी वांछित किया गिरफ्तार नकुड़ (सहारनपुर)। नशे के अवैध का कारोबार प्रतिबंधित दावों की तस्करी बिक्री की रोकथाम के लिए सहारनपुर परिक्षेत्र के तीनों जनपदों में ऑपरेशन सवेरा- अंधकार से उजाले की ओर के तहत गश्त एवं चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, इसी क्रम में नकुड़ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में 25 हज़ार के इनामी वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर अभिनंदन सिंह के दिशा निर्देश पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर बौद्ध के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गश्त एवं चैकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर एनडीपीएस एक्ट में फरार चल रहे ₹25000 के इनामी अभियुक्त लुकमान उर्फ लुक्का पुत्र दिलला निवासी ग्राम बसेड़ा थाना कैराना जनपद शामली को अंबेहटा-गंगोह रोड़ तिराहा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त थाना नकुड़ पर पंजीकृत एनडीपीएस मुकदमे में फरार चल रहा था, जिसपर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर द्वारा 25000 रुपए का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ आवश्यक विधि कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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    थाना नकुड़ पुलिस ने 25 हज़ार रुपये का इनामी वांछित किया गिरफ्तार 
नकुड़ (सहारनपुर)। 
नशे के अवैध का कारोबार प्रतिबंधित दावों की तस्करी बिक्री की रोकथाम के लिए सहारनपुर परिक्षेत्र के तीनों जनपदों में ऑपरेशन सवेरा- अंधकार से उजाले की ओर के तहत गश्त एवं चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, इसी क्रम में नकुड़ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में 25 हज़ार के इनामी वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर अभिनंदन सिंह के दिशा निर्देश पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर बौद्ध के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गश्त एवं चैकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर एनडीपीएस एक्ट में फरार चल रहे ₹25000 के इनामी अभियुक्त लुकमान उर्फ लुक्का पुत्र दिलला निवासी ग्राम बसेड़ा थाना कैराना जनपद शामली को अंबेहटा-गंगोह रोड़ तिराहा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त थाना नकुड़ पर पंजीकृत एनडीपीएस मुकदमे में फरार चल रहा था, जिसपर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर द्वारा 25000 रुपए का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ आवश्यक विधि कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
    user_Quazi Shahid Ahmed
    Quazi Shahid Ahmed
    Saharanpur, Uttar Pradesh•
    16 hrs ago
  • सहारनपुर में यातायात नियम तोड़ने पर 15 वाहनों के चालान, सात बाइक सीज सहारनपुर में यातायात नियमों की अनदेखी कर सड़कों पर वाहन दौड़ाने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। यातायात माह के तहत चिलकाना थाना पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाकर 15 वाहनों के चालान काटे, जबकि जरूरी वाहन संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने और नियमों के उल्लंघन पर 7 मोटरसाइकिलों को सीज कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चालकों में खलबली मची रही। पुलिस ने चिलकाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर वाहनों की जांच की। इस दौरान खासतौर पर बिना नंबर प्लेट, प्रेशर हॉर्न लगाकर चलने वाले और यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों पर नजर रखी गई। चेकिंग के दौरान जिन वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके खिलाफ मौके पर ही चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने सात बाइक को धारा 207 मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया। सीज किए गए वाहनों में डिस्कवर, हीरो होंडा, स्प्लेंडर, हीरो, प्लेटिना और बुलेट मोटरसाइकिल शामिल हैं। इनमें कुछ वाहन ऐसे भी थे, जिनके जरूरी कागजात मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। यातायात माह के दौरान पुलिस का फोकस सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित कराने और वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने पर है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बिना नंबर प्लेट वाहन चलाना, गलत तरीके से प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करना और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना यातायात नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है।यह अभियान एसएसपी सहारनपुर के निर्देशन में चलाया जा रहा है। चिलकाना थाना प्रभारी अक्षय शर्मा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजकुमार चौहान, उपनिरीक्षक रवि कुमार, विकास तोमर और पुलिसकर्मी मोहित शर्मा व दीपक कुमार शामिल रहे।पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क पर निकलने से पहले अपने वाहन के सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखें और यातायात नियमों का पालन करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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    सहारनपुर में यातायात नियम तोड़ने पर 15 वाहनों के चालान, सात बाइक सीज
सहारनपुर में यातायात नियमों की अनदेखी कर सड़कों पर वाहन दौड़ाने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। यातायात माह के तहत चिलकाना थाना पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाकर 15 वाहनों के चालान काटे, जबकि जरूरी वाहन संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने और नियमों के उल्लंघन पर 7 मोटरसाइकिलों को सीज कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चालकों में खलबली मची रही।
पुलिस ने चिलकाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर वाहनों की जांच की। इस दौरान खासतौर पर बिना नंबर प्लेट, प्रेशर हॉर्न लगाकर चलने वाले और यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों पर नजर रखी गई। चेकिंग के दौरान जिन वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके खिलाफ मौके पर ही चालानी कार्रवाई की गई।
पुलिस ने सात बाइक को धारा 207 मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया। सीज किए गए वाहनों में डिस्कवर, हीरो होंडा, स्प्लेंडर, हीरो, प्लेटिना और बुलेट मोटरसाइकिल शामिल हैं। इनमें कुछ वाहन ऐसे भी थे, जिनके जरूरी कागजात मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
यातायात माह के दौरान पुलिस का फोकस सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित कराने और वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने पर है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बिना नंबर प्लेट वाहन चलाना, गलत तरीके से प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करना और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना यातायात नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है।यह अभियान एसएसपी सहारनपुर के निर्देशन में चलाया जा रहा है। चिलकाना थाना प्रभारी अक्षय शर्मा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजकुमार चौहान, उपनिरीक्षक रवि कुमार, विकास तोमर और पुलिसकर्मी मोहित शर्मा व दीपक कुमार शामिल रहे।पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क पर निकलने से पहले अपने वाहन के सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखें और यातायात नियमों का पालन करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
    user_Tarik Siddiqui
    Tarik Siddiqui
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • सयुंक्त किसान मोर्चा के घटक क्रांतिकारी किसान यूनियन व अखिल भारतीय किसान सभा ने कुरुक्षेत्र धरना स्थल पर पहुंच कर अतिथि अध्यापकों के आंदोलन को समर्थन दिया. अतिथि अध्यापक 8 नवंबर को काली दिवाली मनाएंगे व 15 नवंबर को कुरुक्षेत्र माक एसेंबली का आयोजन करेंगे. नाकारात्मक आदेशों की प्रतियाँ जलाएंगे. माक एसेंबली मे शिक्षिविद्ध, बुद्धिजीवी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी नेता, अभिभावकों के संगठन, एस एम सी, सयुंक्त किसान मोर्चा, विद्यार्थियों व युवाओं के संगठन, हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति, एडवोकेट यूनियन, लेखक संघ, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, जन सघर्ष मंच कुरुक्षेत्र व सामाजिक कार्ता हिस्सा लेंगे. कुरुक्षेत्र दैनिक अमृत धारा (गोपाल मेहरा)राजकीय अनुबंधित अध्यापक तसंघ के आह्वान पर लघु सचिवालय कुरुक्षेत्र मे अदालत के आदेशानुसार नियमितीकरण की मांग लो लेकर चल रहा धरना 138 वें दिन भी जारी रहा. धरने की अध्यक्षता राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ गुहला के प्रधान विजेंद्र शर्मा ने की. जिला कैथल के अतिथि अध्यापकों ने 24 घंटे के लिए मोर्चा संभाला. उपस्थित अध्यापकों को संबोधित करते हुए सुखविंदर औलख अध्यक्ष क्रांतिकारी किसान यूनियन कुरुक्षेत्र करनैल सिंह उपप्रधान क्रांतिकारी किसान यूनियन कुरुक्षेत्र मास्टर सतीश आजाद सचिव क्रांतिकारी किसान युनियन कुरुक्षेत्र व सुमित दलाल राज्य महासचिव अखिल भारतीय किसान सभा ने कहा सयुंक्त किसान मोर्चा हरियाणा प्रदेश की चरमरा रही शिक्षा व्यवस्था से चिंतित है स्कूलों को मर्ज करने के नाम पर बंद किया जा रहा अध्यापको को स्कूलों मे पढाने नही दिया जा और श्रलगातार परेशान किया जा रहा असंतुष्ट अध्यापक कभी भी अपने विद्यार्थियों के साथ न्याय नहीं कर सकते अदालत के आदेश आने के बावजूद भी अतिथि अध्यापकों को नियमित नहीं किया जा रहा किसान नेताओं ने बताया 15 नवंबर को कुरुक्षेत्र मे अतिथि अध्यापकों द्वारा आयोजित की जाने वाली माक एसेंबली मे सयुंक्त किसान मोर्चा के सभी संगठन पहुंचेगे. विजेंद्र शर्मा, श्रवण कुमार राजकुमार कालीरमन ने कहा 12000 अतिथि अध्यापक 8 नवंबर को दिवाली वाले दिन शिक्षा विभाग द्वारा अतिथि अध्यापकों के खिलाफ दिए गए नाकारात्मक आदेशों की प्रतियां जलाएंगे व काली दिवाली मनाएंगे. राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के आह्वान पर 8 नवंबर को लघु सचिवालय पर माक पार्लियामेंट का आयोजन किया जाएगा व उसके बाद मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय का घेराव किया जाएगा. अध्यापक नेताओं ने कहा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के आदेश पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा जो नेगेटिव स्पीकिंग आदेश जारी किए गए है वह सरासर गलत है व मनमाने है. स्पीकिंग आदेशों मे 16 व 18 जून 2014 की तीन साल की पालिसी की सेवा शर्तों मे इस तरह की शर्तों का कहीं कोई आलेख नहीं है उन्होंने बताया अतिथि अध्यापकों की भर्ती का नोटिफिकेशन वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार,शिक्षा विभाग द्वारा की गई थी, दिनांक 16 व 18 जून 2014 की तीन साल की नियमितीकरण की पालिसी के अनुसार उन कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा जिसकी नियुक्त सरकार द्वारा अथवा राज्य सरकार की अनुमोदित ऐजन्सी द्वारा की गई हो और पालिसी की सभी सेवा शर्तों को पूरा करते हो. अतिथि अध्यापकों की नियुक्त हरियाणा सरकार द्वारा ही की गई थी वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव द्वारा भर्ती करने की शक्तियां DDO's व BEO's को डेलीगेट की गई थी और भर्ती के नियमों के अनुसार कमेटियों गठित की गई व उन कमेटियों के समक्ष आवेदकों ने अपने आवेदन प्रस्तुत किए व कमेटी की अनुशंसा पर मेरिट आधार पर अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति की गई थी तथा कालेज केडर मे नियुक्त अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी वही थी जो स्कूल स्तर पर अतिथि अध्यापकों की थी. हरियाणा सरकार द्वारा 16 व 18 जून 2014 को नोटिफिकेशन जारी कर जो पालिसी बनाई थी. सरकारी स्कूलों मे कार्यरत अतिथि अध्यापक उन पालिसियों की सभी शर्तों को पूरा करते है कालेज केडर मे लगे प्राध्यापकों को उक्त 16 जून 2014 की पालिसी के अनुसार नियमित किया जा चुका है. माननीय उच्चतम न्यायालय व माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशानुसार अतिथि अध्यापकों को उक्त नियमितीकरण पालिसी के तहत नियमित करने के निर्देश दिये जा चुके है उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एस एस ढिल्लों द्वारा 9/9/2014 को अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के लिए अपनी निम्नलिखित टिप्पणी लिख ACS को निर्देश जारी करते हुए लिखा था अतिथि अध्यापक तीन साल की पालिसी की सभी शर्तों को पूरा करते है उन्होंने लिखा कालेज केडर मे कार्यरत गेस्ट प्राध्यापकों को भी इसी तीन साल की पालिसी के तहत 04/07/2014 को नियमित करने का पत्र जारी कर नियमित किया गया था कालेज केडर के अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी वही थी जो अतिथि अध्यापकों की थी अध्यापक नेताओं ने कहा राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ 23 जून से लघु सचिवालय कुरुक्षेत्र मे अदालतों के आदेशानुसार तीन साल की पालिसी तहत नियमित करने की मांग को लेकर धरना चलाए हुए है कुरुक्षेत्र धरना तब जारी रहेगा जब तक सभी अतिथि अध्यापक नियमित नहीं हो जाएंगे. BUDH NATION TODAY BNT NEWS पत्रकार गोपाल मेहरा
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    सयुंक्त किसान मोर्चा के घटक क्रांतिकारी किसान यूनियन व अखिल भारतीय किसान सभा ने कुरुक्षेत्र धरना स्थल पर पहुंच कर अतिथि अध्यापकों के आंदोलन को समर्थन दिया.

अतिथि अध्यापक 8 नवंबर को काली दिवाली मनाएंगे व 15 नवंबर को कुरुक्षेत्र माक एसेंबली का आयोजन करेंगे.


 नाकारात्मक आदेशों की प्रतियाँ जलाएंगे.


माक  एसेंबली मे  शिक्षिविद्ध, बुद्धिजीवी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी नेता, अभिभावकों के संगठन, एस एम सी, सयुंक्त किसान मोर्चा, विद्यार्थियों व युवाओं के संगठन, हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति, एडवोकेट यूनियन, लेखक संघ, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, जन सघर्ष मंच कुरुक्षेत्र व सामाजिक कार्ता हिस्सा लेंगे.

 कुरुक्षेत्र दैनिक अमृत धारा (गोपाल मेहरा)राजकीय अनुबंधित अध्यापक तसंघ के आह्वान पर लघु सचिवालय कुरुक्षेत्र मे अदालत के आदेशानुसार नियमितीकरण की मांग लो लेकर चल रहा धरना 138 वें दिन भी जारी रहा.
धरने की अध्यक्षता राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ गुहला के प्रधान विजेंद्र शर्मा ने की.

जिला कैथल के अतिथि अध्यापकों ने 24 घंटे के लिए मोर्चा संभाला.
उपस्थित अध्यापकों को संबोधित करते हुए 




सुखविंदर औलख अध्यक्ष
क्रांतिकारी किसान यूनियन कुरुक्षेत्र 
करनैल सिंह  उपप्रधान
 क्रांतिकारी किसान यूनियन कुरुक्षेत्र 
मास्टर सतीश आजाद सचिव क्रांतिकारी किसान युनियन कुरुक्षेत्र व

सुमित दलाल  राज्य महासचिव
 अखिल भारतीय किसान सभा ने कहा सयुंक्त किसान मोर्चा हरियाणा प्रदेश की चरमरा रही शिक्षा व्यवस्था से चिंतित है स्कूलों को मर्ज करने के नाम पर बंद किया जा रहा अध्यापको को स्कूलों मे पढाने नही दिया जा और श्रलगातार परेशान किया जा रहा असंतुष्ट अध्यापक कभी भी अपने विद्यार्थियों के साथ न्याय नहीं कर सकते अदालत के आदेश आने के बावजूद भी अतिथि अध्यापकों को नियमित नहीं किया जा रहा
किसान नेताओं ने बताया 15 नवंबर को कुरुक्षेत्र मे अतिथि अध्यापकों द्वारा आयोजित की जाने वाली माक एसेंबली मे सयुंक्त किसान मोर्चा के सभी संगठन पहुंचेगे.
विजेंद्र शर्मा, श्रवण कुमार राजकुमार कालीरमन ने कहा 12000 अतिथि अध्यापक 8 नवंबर को दिवाली वाले दिन शिक्षा विभाग द्वारा अतिथि अध्यापकों के खिलाफ दिए गए नाकारात्मक आदेशों की प्रतियां जलाएंगे व काली दिवाली मनाएंगे.
राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के आह्वान पर 8 नवंबर को लघु सचिवालय पर माक पार्लियामेंट का आयोजन किया जाएगा व उसके बाद मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय का घेराव किया जाएगा.
अध्यापक नेताओं ने कहा 
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के आदेश पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा जो नेगेटिव स्पीकिंग आदेश जारी किए गए है वह सरासर गलत है  व मनमाने है.
 स्पीकिंग आदेशों मे 16 व 18 जून 2014 की तीन साल की पालिसी की सेवा शर्तों मे इस तरह की शर्तों का कहीं  कोई आलेख नहीं है 
उन्होंने बताया अतिथि अध्यापकों की भर्ती का नोटिफिकेशन वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार,शिक्षा विभाग  द्वारा की गई थी, दिनांक 16 व 18 जून 2014 की तीन साल की नियमितीकरण की पालिसी के अनुसार उन कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा जिसकी नियुक्त सरकार द्वारा अथवा राज्य सरकार की अनुमोदित ऐजन्सी द्वारा की गई हो और पालिसी की सभी सेवा शर्तों को पूरा करते हो. अतिथि अध्यापकों की नियुक्त हरियाणा सरकार द्वारा ही की गई थी वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव द्वारा भर्ती करने की शक्तियां  DDO's व  BEO's को डेलीगेट की गई थी और भर्ती के नियमों के अनुसार कमेटियों गठित की गई व उन कमेटियों  के समक्ष आवेदकों ने अपने आवेदन प्रस्तुत किए व कमेटी की अनुशंसा पर मेरिट आधार पर अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति की गई थी  तथा   कालेज केडर मे नियुक्त अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी वही थी जो स्कूल स्तर पर अतिथि अध्यापकों की थी.
हरियाणा सरकार द्वारा 16 व 18 जून 2014 को नोटिफिकेशन जारी कर जो पालिसी बनाई थी. सरकारी स्कूलों मे कार्यरत अतिथि अध्यापक उन पालिसियों की सभी शर्तों को पूरा करते है  कालेज केडर मे लगे प्राध्यापकों को उक्त 16 जून 2014 की पालिसी के अनुसार नियमित किया जा चुका है.
माननीय उच्चतम न्यायालय व माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशानुसार अतिथि अध्यापकों को उक्त नियमितीकरण पालिसी के तहत नियमित करने के निर्देश दिये जा चुके है 
उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  एस एस ढिल्लों द्वारा 9/9/2014 को अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के लिए अपनी निम्नलिखित टिप्पणी लिख  ACS को निर्देश जारी करते हुए लिखा था अतिथि अध्यापक तीन साल की पालिसी की सभी शर्तों को पूरा करते है उन्होंने लिखा 
 कालेज केडर मे कार्यरत गेस्ट प्राध्यापकों को भी इसी तीन साल की पालिसी के तहत 04/07/2014 को नियमित करने का पत्र जारी कर नियमित किया गया था कालेज केडर के अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी वही थी जो अतिथि अध्यापकों की थी 
अध्यापक नेताओं ने कहा
राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ 23 जून से लघु सचिवालय कुरुक्षेत्र मे  अदालतों के आदेशानुसार तीन साल की पालिसी तहत नियमित करने की मांग को लेकर धरना चलाए हुए है
कुरुक्षेत्र धरना तब  जारी रहेगा जब तक सभी अतिथि अध्यापक नियमित नहीं हो जाएंगे.
BUDH NATION TODAY 
BNT NEWS 
पत्रकार गोपाल मेहरा
    user_गोपाल मेहरा
    गोपाल मेहरा
    Construction Worker थानेसर, कुरुक्षेत्र, हरियाणा•
    20 hrs ago
  • करनाल में धनतेरस पर लगे लंबे जाम प्रशासन रहा नदारद पब्लिक परेशान करनाल में धनतेरस पर लगे लंबे जाम प्रशासन रहा नदारद पब्लिक परेशान एक एक घण्टे तक जाम मे फंसे रहे लोग. #bigbreakingnews #trending #BigBreaking #Karnalnews #hariyana
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    करनाल में धनतेरस पर लगे लंबे जाम
प्रशासन रहा नदारद
पब्लिक परेशान 

करनाल में धनतेरस पर लगे लंबे जाम
प्रशासन रहा नदारद
पब्लिक परेशान
एक एक घण्टे तक जाम मे फंसे रहे लोग.
#bigbreakingnews #trending #BigBreaking #Karnalnews #hariyana
    user_ADD News Live
    ADD News Live
    Advertising agency करनाल, करनाल, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • कांसापुर सरकारी स्कूल के बाहर अभिभावकों का जोरदार रोष प्रदर्शन प्रदर्शन से पहले फोन करवाकर रोकने के प्रयास और स्कूल का मुख्य गेट बंद करने पर उठे गंभीर सवाल! यमुनानगर, 6 नवंबर 2026। पंचकूला के सरकारी स्कूल में हुई बच्चों के साथ मारपीट की गंभीर घटना के बाद आज यमुनानगर के कांसापुर स्थित सरकारी स्कूल के बाहर जागरूक अभिभावकों एवं नागरिकों द्वारा जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही, स्कूल के रखरखाव और प्रशासनिक व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को जनता के सामने लाना था। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कार्यक्रम की पूर्व सूचना स्कूल की प्रिंसिपल, जिला शिक्षा अधिकारी, संबंधित क्षेत्र के नगर पार्षद, नगर निगम अधिकारियों, जिला उपायुक्त (DC) एवं पुलिस अधीक्षक (SP) को दी गई थी। प्रदर्शन रुकवाने के लिए फोन करवाने का आरोप! संजीव नंदा , अंकुश बख्शी ने बताया कि प्रदर्शन से पहले उनके पास सत्ताधारी पार्टी से जुड़े कुछ लोगों एवं स्थानीय सदस्यों के फोन आए। उनके अनुसार, स्कूल की प्रिंसिपल मैडम ने भी कुछ लोगों के माध्यम से उनके पास संदेश भिजवाया कि आज का प्रदर्शन न किया जाए। अंकुश बख्शी ने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम की सूचना सभी संबंधित अधिकारियों को पहले से दी जा चुकी थी और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना था, तो उसे रुकवाने के लिए फोन करवाने की आवश्यकता क्यों पड़ी? अगर स्कूल की व्यवस्था सही है और सब कुछ ईमानदारी से चल रहा है, तो फिर प्रदर्शन से डर कैसा? अपना काम पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से कीजिए, जनता के सवालों से बचने की कोशिश क्यों? स्कूल का मुख्य गेट बंद करने पर भी उठे सवाल! प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जब अभिभावक स्कूल की व्यवस्था देखने और अपनी बात रखने पहुंचे, तो स्कूल का मुख्य गेट ताला लगाकर बंद कर दिया गया, ताकि कोई भी अभिभावक अंदर प्रवेश न कर सके। अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर स्कूल प्रशासन को जनता के सामने अपनी व्यवस्था दिखाने में डर किस बात का है? यदि स्कूल की व्यवस्था बेहतर है, तो अभिभावकों को स्कूल की वास्तविक स्थिति देखने से रोकने की आवश्यकता क्यों पड़ी? सरकारी स्कूल जनता के टैक्स से चलते हैं। अभिभावकों को अपने बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं के संबंध में सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। इस अवसर पर संजीव नंदा, संजय राघव, अंकुश बख्शी, विकास चौधरी सहित अन्य जागरूक नागरिक एवं अभिभावक मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें 1. कांसापुर सरकारी स्कूल की व्यवस्था की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। 2. शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा हो। 3. बच्चों की सुरक्षा, साफ-सफाई और स्कूल के रखरखाव में सुधार किया जाए। 4. अभिभावकों को स्कूल की व्यवस्था देखने और जायज सवाल पूछने का अवसर मिले। अब आर-पार की लड़ाई व्यवस्था सुधारने की होगी! प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग को चेतावनी दी कि यदि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। हमारा सवाल है—क्या सरकारी स्कूल केवल गरीबों के बच्चों के लिए हैं? सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के अपने बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ें और गरीब जनता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान रहे, यह दोहरी व्यवस्था कब तक चलेगी? बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं! एक देश – एक किताब – एक समान फीस। Viral v
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    कांसापुर सरकारी स्कूल के बाहर अभिभावकों का जोरदार रोष प्रदर्शन
प्रदर्शन से पहले फोन करवाकर रोकने के प्रयास और स्कूल का मुख्य गेट बंद करने पर उठे गंभीर सवाल!
यमुनानगर, 6 नवंबर 2026।
पंचकूला के सरकारी स्कूल में हुई बच्चों के साथ मारपीट की गंभीर घटना के बाद आज यमुनानगर के कांसापुर स्थित सरकारी स्कूल के बाहर जागरूक अभिभावकों एवं नागरिकों द्वारा जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही, स्कूल के रखरखाव और प्रशासनिक व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को जनता के सामने लाना था।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कार्यक्रम की पूर्व सूचना स्कूल की प्रिंसिपल, जिला शिक्षा अधिकारी, संबंधित क्षेत्र के नगर पार्षद, नगर निगम अधिकारियों, जिला उपायुक्त (DC) एवं पुलिस अधीक्षक (SP) को दी गई थी।
प्रदर्शन रुकवाने के लिए फोन करवाने का आरोप!
संजीव नंदा , अंकुश बख्शी ने बताया कि प्रदर्शन से पहले उनके पास सत्ताधारी पार्टी से जुड़े कुछ लोगों एवं स्थानीय सदस्यों के फोन आए। उनके अनुसार, स्कूल की प्रिंसिपल मैडम ने भी कुछ लोगों के माध्यम से उनके पास संदेश भिजवाया कि आज का प्रदर्शन न किया जाए।
अंकुश बख्शी ने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम की सूचना सभी संबंधित अधिकारियों को पहले से दी जा चुकी थी और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना था, तो उसे रुकवाने के लिए फोन करवाने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
अगर स्कूल की व्यवस्था सही है और सब कुछ ईमानदारी से चल रहा है, तो फिर प्रदर्शन से डर कैसा? अपना काम पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से कीजिए, जनता के सवालों से बचने की कोशिश क्यों?
स्कूल का मुख्य गेट बंद करने पर भी उठे सवाल!
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जब अभिभावक स्कूल की व्यवस्था देखने और अपनी बात रखने पहुंचे, तो स्कूल का मुख्य गेट ताला लगाकर बंद कर दिया गया, ताकि कोई भी अभिभावक अंदर प्रवेश न कर सके।
अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर स्कूल प्रशासन को जनता के सामने अपनी व्यवस्था दिखाने में डर किस बात का है?
यदि स्कूल की व्यवस्था बेहतर है, तो अभिभावकों को स्कूल की वास्तविक स्थिति देखने से रोकने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
सरकारी स्कूल जनता के टैक्स से चलते हैं। अभिभावकों को अपने बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं के संबंध में सवाल पूछने का पूरा अधिकार है।
इस अवसर पर संजीव नंदा, संजय राघव, अंकुश बख्शी, विकास चौधरी सहित अन्य जागरूक नागरिक एवं अभिभावक मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
1. कांसापुर सरकारी स्कूल की व्यवस्था की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
2. शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा हो।
3. बच्चों की सुरक्षा, साफ-सफाई और स्कूल के रखरखाव में सुधार किया जाए।
4. अभिभावकों को स्कूल की व्यवस्था देखने और जायज सवाल पूछने का अवसर मिले।
अब आर-पार की लड़ाई व्यवस्था सुधारने की होगी!
प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग को चेतावनी दी कि यदि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
हमारा सवाल है—क्या सरकारी स्कूल केवल गरीबों के बच्चों के लिए हैं? सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के अपने बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ें और गरीब जनता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान रहे, यह दोहरी व्यवस्था कब तक चलेगी?
बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं!
एक देश – एक किताब – एक समान फीस।
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    user_Gulshan Dhiman
    Gulshan Dhiman
    रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
    22 hrs ago
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