logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

चोरी के आरोप पर पाल्हे गांव में बुलाई गई पंचायत, सुलह-समझौते से मामला शांत चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों की पंचायत बुलाई गई। पंचायत में गांव की ही एक महिला पर चावल और मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गोला कोरवा के घर से चावल व मोबाइल चोरी होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद कथित तौर पर सामान महिला के पास से बरामद किया गया। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया और दोनों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया। पंचायत में मौजूद लोगों ने ग्रामीणों से आपसी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और इस तरह की घटनाओं से बचने की अपील की चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों की पंचायत बुलाई गई। पंचायत में गांव की ही एक महिला पर चावल और मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गोला कोरवा के घर से चावल व मोबाइल चोरी होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद कथित तौर पर सामान महिला के पास से बरामद किया गया। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया और दोनों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया। पंचायत में मौजूद लोगों ने ग्रामीणों से आपसी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और इस तरह की घटनाओं से बचने की अपील की

1 hr ago
user_Hemant Kumar.  (7294972353)
Hemant Kumar. (7294972353)
चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
1 hr ago

चोरी के आरोप पर पाल्हे गांव में बुलाई गई पंचायत, सुलह-समझौते से मामला शांत चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों की पंचायत बुलाई गई। पंचायत में गांव की ही एक महिला पर चावल और मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गोला कोरवा के घर से चावल व मोबाइल चोरी होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद कथित तौर पर सामान महिला के पास से बरामद किया गया। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया और दोनों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया। पंचायत में मौजूद लोगों ने ग्रामीणों से आपसी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और इस तरह की घटनाओं से बचने की अपील की चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों की पंचायत बुलाई गई। पंचायत में गांव की ही एक महिला पर चावल और मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गोला कोरवा के घर से चावल व मोबाइल चोरी होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद कथित तौर पर सामान महिला के पास से बरामद किया गया। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया और दोनों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया। पंचायत में मौजूद लोगों ने ग्रामीणों से आपसी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और इस तरह की घटनाओं से बचने की अपील की

More news from झारखंड and nearby areas
  • चोरी के आरोप पर पाल्हे गांव में बुलाई गई पंचायत, सुलह-समझौते से मामला शांत चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों की पंचायत बुलाई गई। पंचायत में गांव की ही एक महिला पर चावल और मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गोला कोरवा के घर से चावल व मोबाइल चोरी होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद कथित तौर पर सामान महिला के पास से बरामद किया गया। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया और दोनों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया। पंचायत में मौजूद लोगों ने ग्रामीणों से आपसी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और इस तरह की घटनाओं से बचने की अपील की चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों की पंचायत बुलाई गई। पंचायत में गांव की ही एक महिला पर चावल और मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गोला कोरवा के घर से चावल व मोबाइल चोरी होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद कथित तौर पर सामान महिला के पास से बरामद किया गया। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया और दोनों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया। पंचायत में मौजूद लोगों ने ग्रामीणों से आपसी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और इस तरह की घटनाओं से बचने की अपील की
    1
    चोरी के आरोप पर पाल्हे गांव में बुलाई गई पंचायत, सुलह-समझौते से मामला शांत


चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों की पंचायत बुलाई गई। पंचायत में गांव की ही एक महिला पर चावल और मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गोला कोरवा के घर से चावल व मोबाइल चोरी होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद कथित तौर पर सामान महिला के पास से बरामद किया गया।
पंचायत के दौरान दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया और दोनों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया। पंचायत में मौजूद लोगों ने ग्रामीणों से आपसी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और इस तरह की घटनाओं से बचने की अपील की
चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों की पंचायत बुलाई गई। पंचायत में गांव की ही एक महिला पर चावल और मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गोला कोरवा के घर से चावल व मोबाइल चोरी होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद कथित तौर पर सामान महिला के पास से बरामद किया गया।
पंचायत के दौरान दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया और दोनों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया। पंचायत में मौजूद लोगों ने ग्रामीणों से आपसी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और इस तरह की घटनाओं से बचने की अपील की
    user_Hemant Kumar.  (7294972353)
    Hemant Kumar. (7294972353)
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    1 hr ago
  • 4 September से 12 बजे के बाद payment नहीं होगा उसके 1 घंटा बाद होगा
    1
    4 September से 12 बजे के बाद payment नहीं होगा  उसके 1 घंटा बाद होगा
    user_Yaduvanshi karan
    Yaduvanshi karan
    Lawyer दंदई, गढ़वा, झारखंड•
    15 hrs ago
  • पाल्हे से भलुआनी जाने वाली सड़क जर्जर, गड्ढों में तब्दील मार्ग में हर दिन हादसे का खतरा इस संबंध में आज शुक्रवार तीन बजे गांव के ग्रामीण ने बताया की रंका प्रखंड के सोनदाग पंचायत अंतर्गत पाल्हे गांव से भलुआनी, मुंगदह, सोनदाग, हुरदाग सहित कई गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों जर्जर होकर राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। लगातार हुई बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। वहीं कई स्थानों पर जलजमाव के कारण सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि दोपहिया वाहन चालकों को गड्ढों और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस दौरान आए दिन बाइक सवार गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं। खासकर बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी, मजदूर और किसान आवागमन करते हैं। सड़क खराब होने से लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है। राहगीरों एवं ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और सरकार से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुगम हो सके और लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
    1
    पाल्हे से भलुआनी जाने वाली सड़क जर्जर, गड्ढों में तब्दील मार्ग में हर दिन हादसे का खतरा

इस संबंध में आज शुक्रवार तीन बजे गांव के ग्रामीण ने बताया की
रंका प्रखंड के सोनदाग पंचायत अंतर्गत पाल्हे गांव से भलुआनी, मुंगदह, सोनदाग, हुरदाग सहित कई गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों जर्जर होकर राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। लगातार हुई बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। वहीं कई स्थानों पर जलजमाव के कारण सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि दोपहिया वाहन चालकों को गड्ढों और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस दौरान आए दिन बाइक सवार गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं। खासकर बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी, मजदूर और किसान आवागमन करते हैं। सड़क खराब होने से लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है।
राहगीरों एवं ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और सरकार से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुगम हो सके और लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • bihar एक सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ने जाने लिए रास्ता नहीं है l बिहार में कई ऐसे दूर-दराज और ग्रामीण इलाके हैं जहाँ स्कूलों तक पहुँचने के लिए पक्का रास्ता या सड़क नहीं है, लेकिन फिर भी शिक्षक और बच्चे शिक्षा के प्रति अपनी लगन से वहां पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय वायरल वीडियो के अनुसार, कई प्राथमिक और राजकीय विद्यालयों (जैसे कुछ अंदरूनी ग्रामीण या बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल) में आने-जाने के सुगम मार्ग का अभाव है, जहाँ बच्चों को खेतों की पगडंडियों या कठिन रास्तों से होकर स्कूल पहुँचना पड़ता है, इसके बावजूद वहां के शिक्षक बच्चों को, मूलभूत सुविधाओं की कमी के बावजूद, लगन से पढ़ाते हैं।
    1
    bihar एक सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ने जाने लिए रास्ता नहीं है l 
बिहार में कई ऐसे दूर-दराज और ग्रामीण इलाके हैं जहाँ स्कूलों तक पहुँचने के लिए पक्का रास्ता या सड़क नहीं है, लेकिन फिर भी शिक्षक और बच्चे शिक्षा के प्रति अपनी लगन से वहां पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय वायरल वीडियो के अनुसार, कई प्राथमिक और राजकीय विद्यालयों (जैसे कुछ अंदरूनी ग्रामीण या बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल) में आने-जाने के सुगम मार्ग का अभाव है, जहाँ बच्चों को खेतों की पगडंडियों या कठिन रास्तों से होकर स्कूल पहुँचना पड़ता है, इसके बावजूद वहां के शिक्षक बच्चों को, मूलभूत सुविधाओं की कमी के बावजूद, लगन से पढ़ाते हैं।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    1 hr ago
  • भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा रिफार्म मंच भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा रिफार्म मंच
    1
    भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा रिफार्म मंच
भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा रिफार्म मंच
    user_Active line News
    Active line News
    Court reporter गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    15 hrs ago
  • कनहर बांध का जलस्तर फिर बढ़ा, 4 फाटक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है दुद्धी (सोनभद्र)।क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित कनहर सिंचाई परियोजना बांध अमवार का जलस्तर एक बार फिर तेज़ी से बढ़कर 262.800 मीटर पर पहुँच गया है। बढ़ते जलस्तर के मद्देनज़र आज सुबह से बांध के चारों फाटक खोलकर अतिरिक्त पानी कनहर नदी में छोड़ा जा रहा है। अवर अभियंता नंदलाल ने बताया कि लगातार हो रही बारिश और ऊपरी इलाकों से पानी आने के कारण बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। प्रशासन ने नदी के आसपास के ग्रामीणों और आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है और कहा गया है कि बांध और नदी के किनारों पर अनावश्यक रूप से न जाएँ। उन्होंने बताया कि जलस्तर में गिरावट या वृद्धि के अनुसार और फाटक खोले या बंद किए जा सकते हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम सतर्क हैं और आवश्यक सहायता व निगरानी जारी रखी गई है।
    1
    कनहर बांध का जलस्तर फिर बढ़ा, 4 फाटक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है
दुद्धी (सोनभद्र)।क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित कनहर सिंचाई परियोजना बांध अमवार का जलस्तर एक बार फिर तेज़ी से बढ़कर 262.800 मीटर पर पहुँच गया है। बढ़ते जलस्तर के मद्देनज़र आज सुबह से बांध के चारों फाटक खोलकर अतिरिक्त पानी कनहर नदी में छोड़ा जा रहा है।
अवर अभियंता नंदलाल ने बताया कि लगातार हो रही बारिश और ऊपरी इलाकों से पानी आने के कारण बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। प्रशासन ने नदी के आसपास के ग्रामीणों और आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है और कहा गया है कि बांध और नदी के किनारों पर अनावश्यक रूप से न जाएँ।
उन्होंने बताया कि जलस्तर में गिरावट या वृद्धि के अनुसार और फाटक खोले या बंद किए जा सकते हैं।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम सतर्क हैं और आवश्यक सहायता व निगरानी जारी रखी गई है।
    user_विवेक कुमार चन्द्रवंशी
    विवेक कुमार चन्द्रवंशी
    Local News Reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मुश्किलों को मात देकर अरविंद ने हासिल की मंजिल, NEET-2026 में सफलता, अब बनेंगे डॉक्टर पहली असफलता से नहीं मानी हार, दूसरे प्रयास में NEET क्वालिफाई कर डॉक्टर बनेंगे अरविंद कृषि मजदूर परिवार के बेटे का रायपुर मेडिकल कॉलेज में MBBS के लिए चयन, पंडो समुदाय और क्षेत्र में खुशी का माहौल रामचंद्रपुर/बलरामपुर, 11 सितंबर 2026। दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो विपरीत परिस्थितियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। इस बात को ग्राम चुनापाथर, विकासखंड रामचंद्रपुर निवासी अरविंद कुमार पंडो ने अपनी मेहनत से साबित कर दिखाया है। आर्थिक कठिनाइयों और सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करते हुए अरविंद ने पहले प्रयास में असफलता मिलने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना, तैयारी जारी रखी और दूसरे प्रयास में NEET-2026 क्वालिफाई कर डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया। अरविंद का चयन पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में MBBS की पढ़ाई के लिए हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पंडो समुदाय और आदिवासी समाज में खुशी का माहौल है। सफलता की जानकारी मिलने के बाद सोशल एक्टिविस्ट एवं सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, सरगुजा के संभाग प्रभारी बीपीएस पोया अरविंद के घर पहुंचे और उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कृषि मजदूर परिवार में जन्मे अरविंद ने देखा डॉक्टर बनने का सपना अरविंद कुमार कृषि मजदूर रमेश प्रसाद पंडो और गृहिणी मुनिया देवी के पुत्र हैं। साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद अरविंद ने पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाया। ग्रामीण परिवेश और सीमित सुविधाओं के बीच उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए लगातार मेहनत की। अरविंद की सफलता इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि उन्होंने ऐसे क्षेत्र से निकलकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है, जहां विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, मार्गदर्शन और अन्य शैक्षणिक संसाधनों के लिए काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। एकलव्य विद्यालय से शुरू हुआ सफलता का सफर अरविंद ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक शाला बैकुंठपुर से प्राप्त की। इसके बाद कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने एकलव्य विद्यालय, बलरामपुर में पूरी की। स्कूल के दौरान ही उनके मन में डॉक्टर बनने का लक्ष्य मजबूत हुआ। 12वीं के बाद अरविंद ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए अंबिकापुर में रहकर NEET की तैयारी शुरू की। उन्होंने नियमित अध्ययन और मेहनत के साथ परीक्षा की तैयारी की। हालांकि पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने इसे अपनी मंजिल का अंत नहीं माना। पहले प्रयास की असफलता से सीख लेते हुए अरविंद ने अपनी तैयारी की समीक्षा की। जिन विषयों और क्षेत्रों में कमियां थीं, उन पर विशेष ध्यान दिया। लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ उन्होंने दोबारा परीक्षा की तैयारी की और दूसरे प्रयास में NEET-2026 क्वालिफाई करने में सफल रहे। असफलता को बनाया सफलता की सीढ़ी अरविंद की कहानी उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो किसी प्रतियोगी परीक्षा में पहली बार असफल होने के बाद निराश हो जाते हैं। अरविंद ने असफलता को कमजोरी बनाने के बजाय उसे अपनी तैयारी सुधारने का अवसर बनाया। उनकी सफलता बताती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में एक प्रयास में सफलता न मिलने का अर्थ यह नहीं कि लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। सही रणनीति, लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के साथ दोबारा प्रयास किया जाए तो परिणाम बदला जा सकता है। “प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं” : बीपीएस पोया अरविंद को बधाई देने पहुंचे बीपीएस पोया ने कहा कि अरविंद की सफलता पंडो समुदाय सहित पूरे आदिवासी समाज के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और निरंतर प्रयास से यह साबित किया है कि “प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।” उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी हैं, लेकिन उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी के कारण उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जाति प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं के कारण पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। पात्र विद्यार्थियों तक आरक्षण और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने के साथ समाज में शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। “गरीबी-अमीरी नहीं, मेहनत मायने रखती है” बीपीएस पोया ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, “कौन गरीब है और कौन अमीर, यह मायने नहीं रखता। मायने यह रखता है कि हम अपने लक्ष्य और कर्तव्य के प्रति कितनी ईमानदारी और लगन से काम करते हैं।” उन्होंने अरविंद की सफलता को “कहो नहीं, करके दिखाओ” की भावना का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि अरविंद ने केवल डॉक्टर बनने का सपना नहीं देखा, बल्कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसे हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किया। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के ग्रामीण और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। अरविंद की युवाओं से अपील—नशे से दूर रहें, शिक्षा को बनाएं हथियार अपनी सफलता के बाद अरविंद कुमार ने क्षेत्र के युवाओं और विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपने समय और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं तथा शिक्षा को अपना सबसे मजबूत हथियार बनाएं। उन्होंने कहा कि जीवन में असफलता आना स्वाभाविक है, लेकिन असफलता के कारण लक्ष्य छोड़ देना सही नहीं है। असफलता से सीख लेकर अपनी कमियों को दूर करना चाहिए और पहले से अधिक मेहनत के साथ दोबारा प्रयास करना चाहिए। अरविंद ने कहा कि मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और सही दिशा में निरंतर प्रयास के माध्यम से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। MBBS प्रवेश में समाज ने बढ़ाया सहयोग का हाथ अरविंद के MBBS में प्रवेश के दौरान समाज के लोगों ने आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार से आने वाले अरविंद के लिए यह सहयोग काफी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। अरविंद ने कहा कि समाज के लोगों द्वारा दिए गए सहयोग और प्रोत्साहन से उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि वे पूरी लगन से MBBS की पढ़ाई करें और भविष्य में समाज एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा कर सकें। “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वह दहाड़ेगा” सरपंच प्रतिनिधि नंदकेश्वर पंडो ने अरविंद को बधाई देते हुए कहा, “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वह दहाड़ेगा।” उन्होंने कहा कि अरविंद ने अपनी सफलता से यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्र का विद्यार्थी भी मेहनत और लगन के दम पर बड़े मुकाम तक पहुंच सकता है। उन्होंने क्षेत्र के अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अरविंद की सफलता से क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को भी डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। पंडो समाज में खुशी का माहौल अरविंद की सफलता की खबर मिलते ही उनके परिवार, रिश्तेदारों और समाज के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर मेडिकल कॉलेज में चयन हासिल करने वाले अरविंद को लोग बधाई दे रहे हैं। उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि संसाधनों की कमी सपनों को रोक नहीं सकती। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और असफलता के बाद भी प्रयास जारी रखा जाए, तो सुदूर गांव का विद्यार्थी भी देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकता है। इस अवसर पर लक्ष्मी बैगा, राजेंद्र पंडो, कमला पंडो, रामजीत पंडो, सीमा पंडो, गोरेलाल पंडो सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे और अरविंद को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
    1
    मुश्किलों को मात देकर अरविंद ने हासिल की मंजिल, NEET-2026 में सफलता, अब बनेंगे डॉक्टर
पहली असफलता से नहीं मानी हार, दूसरे प्रयास में NEET क्वालिफाई कर डॉक्टर बनेंगे अरविंद
कृषि मजदूर परिवार के बेटे का रायपुर मेडिकल कॉलेज में MBBS के लिए चयन, पंडो समुदाय और क्षेत्र में खुशी का माहौल
रामचंद्रपुर/बलरामपुर, 11 सितंबर 2026।
दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो विपरीत परिस्थितियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। इस बात को ग्राम चुनापाथर, विकासखंड रामचंद्रपुर निवासी अरविंद कुमार पंडो ने अपनी मेहनत से साबित कर दिखाया है। आर्थिक कठिनाइयों और सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करते हुए अरविंद ने पहले प्रयास में असफलता मिलने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना, तैयारी जारी रखी और दूसरे प्रयास में NEET-2026 क्वालिफाई कर डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया।
अरविंद का चयन पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में MBBS की पढ़ाई के लिए हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पंडो समुदाय और आदिवासी समाज में खुशी का माहौल है। सफलता की जानकारी मिलने के बाद सोशल एक्टिविस्ट एवं सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, सरगुजा के संभाग प्रभारी बीपीएस पोया अरविंद के घर पहुंचे और उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कृषि मजदूर परिवार में जन्मे अरविंद ने देखा डॉक्टर बनने का सपना
अरविंद कुमार कृषि मजदूर रमेश प्रसाद पंडो और गृहिणी मुनिया देवी के पुत्र हैं। साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद अरविंद ने पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाया। ग्रामीण परिवेश और सीमित सुविधाओं के बीच उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए लगातार मेहनत की।
अरविंद की सफलता इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि उन्होंने ऐसे क्षेत्र से निकलकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है, जहां विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, मार्गदर्शन और अन्य शैक्षणिक संसाधनों के लिए काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
एकलव्य विद्यालय से शुरू हुआ सफलता का सफर
अरविंद ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक शाला बैकुंठपुर से प्राप्त की। इसके बाद कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने एकलव्य विद्यालय, बलरामपुर में पूरी की। स्कूल के दौरान ही उनके मन में डॉक्टर बनने का लक्ष्य मजबूत हुआ।
12वीं के बाद अरविंद ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए अंबिकापुर में रहकर NEET की तैयारी शुरू की। उन्होंने नियमित अध्ययन और मेहनत के साथ परीक्षा की तैयारी की। हालांकि पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने इसे अपनी मंजिल का अंत नहीं माना।
पहले प्रयास की असफलता से सीख लेते हुए अरविंद ने अपनी तैयारी की समीक्षा की। जिन विषयों और क्षेत्रों में कमियां थीं, उन पर विशेष ध्यान दिया। लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ उन्होंने दोबारा परीक्षा की तैयारी की और दूसरे प्रयास में NEET-2026 क्वालिफाई करने में सफल रहे।
असफलता को बनाया सफलता की सीढ़ी
अरविंद की कहानी उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो किसी प्रतियोगी परीक्षा में पहली बार असफल होने के बाद निराश हो जाते हैं। अरविंद ने असफलता को कमजोरी बनाने के बजाय उसे अपनी तैयारी सुधारने का अवसर बनाया।
उनकी सफलता बताती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में एक प्रयास में सफलता न मिलने का अर्थ यह नहीं कि लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। सही रणनीति, लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के साथ दोबारा प्रयास किया जाए तो परिणाम बदला जा सकता है।
“प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं” : बीपीएस पोया
अरविंद को बधाई देने पहुंचे बीपीएस पोया ने कहा कि अरविंद की सफलता पंडो समुदाय सहित पूरे आदिवासी समाज के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और निरंतर प्रयास से यह साबित किया है कि “प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।”
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी हैं, लेकिन उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी के कारण उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि जाति प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं के कारण पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। पात्र विद्यार्थियों तक आरक्षण और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने के साथ समाज में शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।
“गरीबी-अमीरी नहीं, मेहनत मायने रखती है”
बीपीएस पोया ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, “कौन गरीब है और कौन अमीर, यह मायने नहीं रखता। मायने यह रखता है कि हम अपने लक्ष्य और कर्तव्य के प्रति कितनी ईमानदारी और लगन से काम करते हैं।”
उन्होंने अरविंद की सफलता को “कहो नहीं, करके दिखाओ” की भावना का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि अरविंद ने केवल डॉक्टर बनने का सपना नहीं देखा, बल्कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसे हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किया। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के ग्रामीण और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
अरविंद की युवाओं से अपील—नशे से दूर रहें, शिक्षा को बनाएं हथियार
अपनी सफलता के बाद अरविंद कुमार ने क्षेत्र के युवाओं और विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपने समय और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं तथा शिक्षा को अपना सबसे मजबूत हथियार बनाएं।
उन्होंने कहा कि जीवन में असफलता आना स्वाभाविक है, लेकिन असफलता के कारण लक्ष्य छोड़ देना सही नहीं है। असफलता से सीख लेकर अपनी कमियों को दूर करना चाहिए और पहले से अधिक मेहनत के साथ दोबारा प्रयास करना चाहिए।
अरविंद ने कहा कि मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और सही दिशा में निरंतर प्रयास के माध्यम से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।
MBBS प्रवेश में समाज ने बढ़ाया सहयोग का हाथ
अरविंद के MBBS में प्रवेश के दौरान समाज के लोगों ने आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार से आने वाले अरविंद के लिए यह सहयोग काफी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अरविंद ने कहा कि समाज के लोगों द्वारा दिए गए सहयोग और प्रोत्साहन से उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि वे पूरी लगन से MBBS की पढ़ाई करें और भविष्य में समाज एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा कर सकें।
“शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वह दहाड़ेगा”
सरपंच प्रतिनिधि नंदकेश्वर पंडो ने अरविंद को बधाई देते हुए कहा, “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वह दहाड़ेगा।” उन्होंने कहा कि अरविंद ने अपनी सफलता से यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्र का विद्यार्थी भी मेहनत और लगन के दम पर बड़े मुकाम तक पहुंच सकता है।
उन्होंने क्षेत्र के अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अरविंद की सफलता से क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को भी डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
पंडो समाज में खुशी का माहौल
अरविंद की सफलता की खबर मिलते ही उनके परिवार, रिश्तेदारों और समाज के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर मेडिकल कॉलेज में चयन हासिल करने वाले अरविंद को लोग बधाई दे रहे हैं।
उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि संसाधनों की कमी सपनों को रोक नहीं सकती। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और असफलता के बाद भी प्रयास जारी रखा जाए, तो सुदूर गांव का विद्यार्थी भी देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकता है।
इस अवसर पर लक्ष्मी बैगा, राजेंद्र पंडो, कमला पंडो, रामजीत पंडो, सीमा पंडो, गोरेलाल पंडो सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे और अरविंद को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • .राष्ट्रीय वन शहीद दिवस: बलरामपुर में वीर वनकर्मियों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, कलेक्टर और DFO रहे मौजूद ..राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर आज बलरामपुर स्थित वन मंडलाधिकारी DFO कार्यालय परिसर में एक गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान देश की प्राकृतिक संपदा जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर वन शहीदों को याद कर उन्हें नमन किया गया। बीओ01...​कार्यक्रम में जिला कलेक्टर, डीएफओ (DFO) सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र एवं फूल-मालाएं अर्पित कर वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी ​दो जांबाज कर्मचारियों की शहादत को किया याद समारोह के दौरान विशेष रूप से बलरामपुर जिले के उन दो बहादुर वन कर्मियों को याद किया गया, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान नक्सलियों के चंगुल में फंसने के बावजूद हार नहीं मानी और कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अधिकारियों ने कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों की तरह ही ये वनकर्मी भी अपनी परवाह किए बिना दिन-रात जंगलों की सुरक्षा में डटे रहते हैं ​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएफओ ने बलरामपुर के शहीदों के साथ-साथ कर्तव्य निर्वहन के दौरान देशभर में शहीद हुए सभी वनकर्मियों के साहस और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि इन वीरों की शहादत हमेशा युवाओं और वन विभाग के अमले को अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहने की प्रेरणा देती रहेगी। बाइट 1.. Alok Kumar Bajpai dfo बलरामपुर
    1
    .राष्ट्रीय वन शहीद दिवस: बलरामपुर में वीर वनकर्मियों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, कलेक्टर और DFO रहे मौजूद
..राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर आज बलरामपुर स्थित वन मंडलाधिकारी DFO कार्यालय परिसर में एक गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान देश की प्राकृतिक संपदा जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर वन शहीदों को याद कर उन्हें नमन किया गया।
बीओ01...​कार्यक्रम में जिला कलेक्टर, डीएफओ (DFO) सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र एवं फूल-मालाएं अर्पित कर वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी ​दो जांबाज कर्मचारियों की शहादत को किया याद समारोह के दौरान विशेष रूप से बलरामपुर जिले के उन दो बहादुर वन कर्मियों को याद किया गया, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान नक्सलियों के चंगुल में फंसने के बावजूद हार नहीं मानी और कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अधिकारियों ने कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों की तरह ही ये वनकर्मी भी अपनी परवाह किए बिना दिन-रात जंगलों की सुरक्षा में डटे रहते हैं ​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएफओ ने बलरामपुर के शहीदों के साथ-साथ कर्तव्य निर्वहन के दौरान देशभर में शहीद हुए सभी वनकर्मियों के साहस और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि इन वीरों की शहादत हमेशा युवाओं और वन विभाग के अमले को अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहने की प्रेरणा देती रहेगी।
बाइट 1.. Alok Kumar Bajpai dfo बलरामपुर
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.