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2 hrs ago
user_अशोक सरकार
अशोक सरकार
Khatima, Udam Singh Nagar•
2 hrs ago

More news from Udam Singh Nagar and nearby areas
  • Post by अशोक सरकार
    1
    Post by अशोक सरकार
    user_अशोक सरकार
    अशोक सरकार
    Khatima, Udam Singh Nagar•
    2 hrs ago
  • Post by Pankaj gupta
    1
    Post by Pankaj gupta
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • पीलीभीत के राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में टीकाकरण के कुछ ही देर बाद एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही और अवैध उगाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और पुलिस को सूचना दी। यह मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला देश नगर का है। मुस्कान, पत्नी फरहद को रविवार को प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, मुस्कान ने शाम करीब 7:00 बजे ऑपरेशन के बाद एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था। 4 हजार रुपए अवैध वसूली का आरोप लगाया परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान ही अस्पताल के स्टाफ ने उनसे 4000 रुपए की अवैध वसूली की थी। सोमवार को अस्पताल स्टाफ ने नवजात बच्ची को टीकाकरण के लिए वार्ड नंबर 19 में ले जाने को कहा। बच्ची की नानी जब उसे टीका लगवाने ले गईं, तो वहां मौजूद स्टाफ ने उसे इंजेक्शन लगाया। आरोप है कि टीका लगने के मात्र 15 मिनट के भीतर ही बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने पुलिस से शिकायत की बच्ची की मौत की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार ने स्वस्थ बच्ची की मौत का कारण गलत इंजेक्शन या लापरवाही बताया है। परिजनों ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस गंभीर प्रकरण पर जब मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल नंबर कवरेज एरिया से बाहर आता रहा। इससे अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े
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    पीलीभीत के राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में टीकाकरण के कुछ ही देर बाद एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही और अवैध उगाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और पुलिस को सूचना दी।
यह मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला देश नगर का है। मुस्कान, पत्नी फरहद को रविवार को प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, मुस्कान ने शाम करीब 7:00 बजे ऑपरेशन के बाद एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था।
4 हजार रुपए अवैध वसूली का आरोप लगाया
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान ही अस्पताल के स्टाफ ने उनसे 4000 रुपए की अवैध वसूली की थी। सोमवार को अस्पताल स्टाफ ने नवजात बच्ची को टीकाकरण के लिए वार्ड नंबर 19 में ले जाने को कहा। बच्ची की नानी जब उसे टीका लगवाने ले गईं, तो वहां मौजूद स्टाफ ने उसे इंजेक्शन लगाया। आरोप है कि टीका लगने के मात्र 15 मिनट के भीतर ही बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने पुलिस से शिकायत की
बच्ची की मौत की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार ने स्वस्थ बच्ची की मौत का कारण गलत इंजेक्शन या लापरवाही बताया है। परिजनों ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस गंभीर प्रकरण पर जब मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल नंबर कवरेज एरिया से बाहर आता रहा। इससे अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े
    user_संदीप मिश्रा
    संदीप मिश्रा
    पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के माधौटांडा क्षेत्र से दबंगई की एक सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है, जहां मामूली टक्कर के बाद एक युवक ने सरेआम तलवार लेकर सड़क पर आतंक मचा दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक हाथ में तलवार लहराते हुए सड़क पर दौड़ रहा है और गाड़ी में सवार लोगों को डराता-धमकाता नजर आ रहा है। आरोप है कि मामूली वाहन टक्कर के बाद आरोपी ने एक दलित युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी ने न केवल जातिसूचक गालियां दीं, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, आरोपी खुद को किसान नेता बताता है और दबाव बनाकर पैसे वसूलने की कोशिश भी कर रहा था। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। नहर किनारे चीख-पुकार गूंजती रही और वहां मौजूद लोग भयभीत नजर आए। हैरानी की बात यह है कि आरोपी खुलेआम कानून को चुनौती देता दिखा और पुलिस का उसे कोई खौफ नहीं था। माधौटांडा से सामने आई ये तस्वीरें कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। एक युवक का इस तरह सरेआम तलवार लेकर उत्पात मचाना और लोगों को धमकाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाता है। फिलहाल पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दे दी है और वायरल वीडियो इस पूरे मामले में बड़ा सबूत बनकर सामने आया है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।
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    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के माधौटांडा क्षेत्र से दबंगई की एक सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है, जहां मामूली टक्कर के बाद एक युवक ने सरेआम तलवार लेकर सड़क पर आतंक मचा दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक हाथ में तलवार लहराते हुए सड़क पर दौड़ रहा है और गाड़ी में सवार लोगों को डराता-धमकाता नजर आ रहा है। आरोप है कि मामूली वाहन टक्कर के बाद आरोपी ने एक दलित युवक पर जानलेवा हमला कर दिया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी ने न केवल जातिसूचक गालियां दीं, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, आरोपी खुद को किसान नेता बताता है और दबाव बनाकर पैसे वसूलने की कोशिश भी कर रहा था।
घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। नहर किनारे चीख-पुकार गूंजती रही और वहां मौजूद लोग भयभीत नजर आए। हैरानी की बात यह है कि आरोपी खुलेआम कानून को चुनौती देता दिखा और पुलिस का उसे कोई खौफ नहीं था।
माधौटांडा से सामने आई ये तस्वीरें कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। एक युवक का इस तरह सरेआम तलवार लेकर उत्पात मचाना और लोगों को धमकाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाता है।
फिलहाल पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दे दी है और वायरल वीडियो इस पूरे मामले में बड़ा सबूत बनकर सामने आया है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।
    user_Naresh Mallick
    Naresh Mallick
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बीसलपुर: मानपुर चौराहे पर सोमवार को तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई। जानकारी के अनुसार, हादसे में बाइक सवार धर्मपाल, निवासी ग्राम किशनपुर, थाना दियोरिया कोतवाली, घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे बाइक सवार संभल नहीं सका और हादसा हो गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई में जुट गई। फिलहाल घायल का इलाज जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। #Bisalpur #Pilibhit #RoadAccident #BreakingNews #UPNews
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    बीसलपुर: मानपुर चौराहे पर सोमवार को तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई।
जानकारी के अनुसार, हादसे में बाइक सवार धर्मपाल, निवासी ग्राम किशनपुर, थाना दियोरिया कोतवाली, घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे बाइक सवार संभल नहीं सका और हादसा हो गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई में जुट गई।
फिलहाल घायल का इलाज जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
#Bisalpur #Pilibhit #RoadAccident #BreakingNews #UPNews
    user_Ashutosh Mishra
    Ashutosh Mishra
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • पीलीभीत/बदायूं: बदायूं स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) प्लांट में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। घटना के हफ्तों बीत जाने के बाद भी ठोस कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर मृतक सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा के परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को पीलीभीत के पूरनपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान मृतक के पिता ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है। "कोतवाली के सामने समाप्त कर लूंगा जीवन" मृतक हर्षित के पिता सुशील मिश्रा प्रेस वार्ता के दौरान बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा अविश्वास जताते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा नहीं दी गई, तो वे कोतवाली के सामने आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई उन्हें मौत के करीब धकेल रही है। परिजनों द्वारा उठाए गए 4 सुलगते सवाल सुशील मिश्रा ने पुलिस और प्लांट प्रबंधन की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए निम्नलिखित आरोप लगाए हैं: उपचार में जानबूझकर देरी: आरोप है कि गोली लगने के बाद हर्षित और डीजीएम सुधीर गुप्ता करीब 40 मिनट तक प्लांट में तड़पते रहे, लेकिन किसी ने उन्हें अस्पताल नहीं पहुँचाया। उन्हें अस्पताल ले जाने में 1.5 घंटे की देरी की गई। मुख्य आरोपियों को संरक्षण: परिजनों का दावा है कि मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार (पिता, ताऊ और भाई) के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। गिरफ्तारी का 'ड्रामा': परिजनों के अनुसार, आरोपी ने स्वयं समर्पण किया था, जबकि पुलिस इसे अपनी बहादुरी और कामयाबी के तौर पर पेश कर रही है। प्रशासनिक मिलीभगत: स्थानीय स्तर पर कुछ लोग परिजनों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने से रोक रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने न आ सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की उम्मीद सुशील मिश्रा ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर पूरा भरोसा है। उन्होंने मांग की है कि: मामले की उच्च स्तरीय जांच (SIT या CBI) कराई जाए। मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात कराई जाए ताकि वे अपनी बात रख सकें। नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई हो। "हमें यूपी के मुख्यमंत्री पर भरोसा है, लेकिन स्थानीय पुलिस नामजद आरोपियों को संरक्षण दे रही है। अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो हमारे पास जीवन समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।" > — सुशील मिश्रा, मृतक हर्षित के पिता क्या था मामला? बीती 12 मार्च को बदायूं के सैजनी स्थित HPCL प्लांट में वर्चस्व की जंग के चलते सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा और डीजीएम सुधीर गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने न केवल औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी, बल्कि अब परिजनों के आरोपों ने पुलिसिया जांच पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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    पीलीभीत/बदायूं: बदायूं स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) प्लांट में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। घटना के हफ्तों बीत जाने के बाद भी ठोस कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर मृतक सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा के परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को पीलीभीत के पूरनपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान मृतक के पिता ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है।
"कोतवाली के सामने समाप्त कर लूंगा जीवन"
मृतक हर्षित के पिता सुशील मिश्रा प्रेस वार्ता के दौरान बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा अविश्वास जताते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा नहीं दी गई, तो वे कोतवाली के सामने आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई उन्हें मौत के करीब धकेल रही है।
परिजनों द्वारा उठाए गए 4 सुलगते सवाल
सुशील मिश्रा ने पुलिस और प्लांट प्रबंधन की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए निम्नलिखित आरोप लगाए हैं:
उपचार में जानबूझकर देरी: आरोप है कि गोली लगने के बाद हर्षित और डीजीएम सुधीर गुप्ता करीब 40 मिनट तक प्लांट में तड़पते रहे, लेकिन किसी ने उन्हें अस्पताल नहीं पहुँचाया। उन्हें अस्पताल ले जाने में 1.5 घंटे की देरी की गई।
मुख्य आरोपियों को संरक्षण: परिजनों का दावा है कि मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार (पिता, ताऊ और भाई) के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।
गिरफ्तारी का 'ड्रामा': परिजनों के अनुसार, आरोपी ने स्वयं समर्पण किया था, जबकि पुलिस इसे अपनी बहादुरी और कामयाबी के तौर पर पेश कर रही है।
प्रशासनिक मिलीभगत: स्थानीय स्तर पर कुछ लोग परिजनों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने से रोक रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने न आ सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की उम्मीद
सुशील मिश्रा ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर पूरा भरोसा है। उन्होंने मांग की है कि:
मामले की उच्च स्तरीय जांच (SIT या CBI) कराई जाए।
मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात कराई जाए ताकि वे अपनी बात रख सकें।
नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई हो।
"हमें यूपी के मुख्यमंत्री पर भरोसा है, लेकिन स्थानीय पुलिस नामजद आरोपियों को संरक्षण दे रही है। अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो हमारे पास जीवन समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।" > — सुशील मिश्रा, मृतक हर्षित के पिता
क्या था मामला?
बीती 12 मार्च को बदायूं के सैजनी स्थित HPCL प्लांट में वर्चस्व की जंग के चलते सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा और डीजीएम सुधीर गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने न केवल औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी, बल्कि अब परिजनों के आरोपों ने पुलिसिया जांच पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।
    user_Journalist Amit Dixit
    Journalist Amit Dixit
    Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
    13 hrs ago
  • Post by यूपी समाचार
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    Post by यूपी समाचार
    user_यूपी समाचार
    यूपी समाचार
    Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    59 min ago
  • Post by Pankaj gupta
    1
    Post by Pankaj gupta
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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