कुर्रैया की सड़कें बनीं ग्रामीणों की सबसे बड़ी मुसीबत अस्पताल तक पहुंचना भी जान जोखिम में डालने जैसा पूरनपुर (पीलीभीत)। पीलीभीत जिले की पूरनपुर तहसील के कस्बा कुर्रैया खुर्द कलां गांव की सड़कें बदहाली की हद पार कर चुकी हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक जाने वाली मुख्य सड़क की हालत इतनी दयनीय है कि उस पर चलना किसी चुनौती से कम नहीं है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के कारण मरीजों, तीमारदारों और आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों के लिए यह सड़क किसी खतरे से कम नहीं है, क्योंकि समय पर अस्पताल न पहुंच पाने की स्थिति में जान तक पर बन आती है। यह सड़क न केवल अस्पताल तक जाती है, बल्कि जोगराजपुर, चांदपुर, हरनहाई, हरिहरपुर और मैलानी जैसे दर्जनों गांवों को भी जोड़ती है। रोजाना सैकड़ों ग्रामीण इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन जर्जर हालत के चलते उन्हें घंटों तक जूझना पड़ता है। बारिश के मौसम में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है और दुपहिया व चारपहिया वाहन फंस जाते हैं। मित्रों कुर्रैया की यही एक सड़क नहीं, बल्कि कस्बे से आसाम रोड तक जाने वाली प्रमुख सड़क भी वर्षों से बदहाल पड़ी है। मनहरिया, सोंधा, पजावा, गुलालपुर, नजीरगंज, निजामपुर, नवदिया, बागर, सपहा, चतीपुर, हरीपुर और जाजीपुर सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला मार्ग भी काफी बदहाल है, लेकिन लंबे समय से मरम्मत के अभाव में इसकी स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। हालात यह हैं कि कुर्रैया में ऐसी कोई सड़क नहीं बची, जिस पर लोग आराम से सफर कर सकें। सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि कुर्रैया खुर्द कलां गांव के ही रहने वाले डॉ. विनोद तिवारी प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री, पीसीयू के चेयरमैन और कई बार विधायक जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। इसके बावजूद उनके अपने गांव और क्षेत्र की सड़कें बदहाली का शिकार हैं। मित्रों और तो और खुद डॉ. विनोद तिवारी के घर तक जाने वाली सड़क भी जर्जर अवस्था में है, जहां पहुंचने के लिए लोगों को भारी परेशानियों से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द इन सड़कों का निर्माण कराए जाने की मांग की है, ताकि मरीजों, छात्रों और आम जनता को राहत मिल सके। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे।
कुर्रैया की सड़कें बनीं ग्रामीणों की सबसे बड़ी मुसीबत अस्पताल तक पहुंचना भी जान जोखिम में डालने जैसा पूरनपुर (पीलीभीत)। पीलीभीत जिले की पूरनपुर तहसील के कस्बा कुर्रैया खुर्द कलां गांव की सड़कें बदहाली की हद पार कर चुकी हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक जाने वाली मुख्य सड़क की हालत इतनी दयनीय है कि उस पर चलना किसी चुनौती से कम नहीं है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के कारण मरीजों, तीमारदारों और आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों के लिए यह सड़क किसी खतरे से कम नहीं है, क्योंकि समय पर अस्पताल न पहुंच पाने की स्थिति में जान तक पर बन आती है। यह सड़क न केवल अस्पताल तक जाती है, बल्कि जोगराजपुर, चांदपुर, हरनहाई, हरिहरपुर और मैलानी जैसे दर्जनों गांवों को भी जोड़ती है। रोजाना सैकड़ों ग्रामीण इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन जर्जर हालत के चलते उन्हें घंटों तक जूझना पड़ता है। बारिश के मौसम में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है और दुपहिया व चारपहिया वाहन फंस जाते हैं। मित्रों कुर्रैया की यही एक सड़क नहीं, बल्कि कस्बे से आसाम रोड तक जाने वाली प्रमुख सड़क भी वर्षों से बदहाल पड़ी है। मनहरिया, सोंधा, पजावा, गुलालपुर, नजीरगंज, निजामपुर, नवदिया, बागर, सपहा, चतीपुर, हरीपुर और जाजीपुर सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला मार्ग भी काफी बदहाल है, लेकिन लंबे समय से मरम्मत के अभाव में इसकी स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। हालात यह हैं कि कुर्रैया में ऐसी कोई सड़क नहीं बची, जिस पर लोग आराम से सफर कर सकें। सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि कुर्रैया खुर्द कलां गांव के ही रहने वाले डॉ. विनोद तिवारी प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री, पीसीयू के चेयरमैन और कई बार विधायक जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। इसके बावजूद उनके अपने गांव और क्षेत्र की सड़कें बदहाली का शिकार हैं। मित्रों और तो और खुद डॉ. विनोद तिवारी के घर तक जाने वाली सड़क भी जर्जर अवस्था में है, जहां पहुंचने के लिए लोगों को भारी परेशानियों से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द इन सड़कों का निर्माण कराए जाने की मांग की है, ताकि मरीजों, छात्रों और आम जनता को राहत मिल सके। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे।
- अस्पताल तक पहुंचना भी जान जोखिम में डालने जैसा पूरनपुर (पीलीभीत)। पीलीभीत जिले की पूरनपुर तहसील के कस्बा कुर्रैया खुर्द कलां गांव की सड़कें बदहाली की हद पार कर चुकी हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक जाने वाली मुख्य सड़क की हालत इतनी दयनीय है कि उस पर चलना किसी चुनौती से कम नहीं है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के कारण मरीजों, तीमारदारों और आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों के लिए यह सड़क किसी खतरे से कम नहीं है, क्योंकि समय पर अस्पताल न पहुंच पाने की स्थिति में जान तक पर बन आती है। यह सड़क न केवल अस्पताल तक जाती है, बल्कि जोगराजपुर, चांदपुर, हरनहाई, हरिहरपुर और मैलानी जैसे दर्जनों गांवों को भी जोड़ती है। रोजाना सैकड़ों ग्रामीण इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन जर्जर हालत के चलते उन्हें घंटों तक जूझना पड़ता है। बारिश के मौसम में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है और दुपहिया व चारपहिया वाहन फंस जाते हैं। मित्रों कुर्रैया की यही एक सड़क नहीं, बल्कि कस्बे से आसाम रोड तक जाने वाली प्रमुख सड़क भी वर्षों से बदहाल पड़ी है। मनहरिया, सोंधा, पजावा, गुलालपुर, नजीरगंज, निजामपुर, नवदिया, बागर, सपहा, चतीपुर, हरीपुर और जाजीपुर सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला मार्ग भी काफी बदहाल है, लेकिन लंबे समय से मरम्मत के अभाव में इसकी स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। हालात यह हैं कि कुर्रैया में ऐसी कोई सड़क नहीं बची, जिस पर लोग आराम से सफर कर सकें। सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि कुर्रैया खुर्द कलां गांव के ही रहने वाले डॉ. विनोद तिवारी प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री, पीसीयू के चेयरमैन और कई बार विधायक जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। इसके बावजूद उनके अपने गांव और क्षेत्र की सड़कें बदहाली का शिकार हैं। मित्रों और तो और खुद डॉ. विनोद तिवारी के घर तक जाने वाली सड़क भी जर्जर अवस्था में है, जहां पहुंचने के लिए लोगों को भारी परेशानियों से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द इन सड़कों का निर्माण कराए जाने की मांग की है, ताकि मरीजों, छात्रों और आम जनता को राहत मिल सके। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे।1
- Post by Anurag Patel3
- नगर पालिका परिषद लखीमपुर खीरी के कर्मचारियों के सराहनीय प्रयास से बची पक्षी की जान लखीमपुर-खीरी। नगर पालिका परिषद लखीमपुर खीरी के कर्मचारियों के सराहनीय प्रयास से तहसील सदर में एक पेड़ पर फंसा बेबस पक्षी आखिरकार आज बचा लिया गया। एक दिन पहले से पक्षी का पैर पेड़ में उलझी डोर में अटका था और वह वहीं तड़पता रहा। आज नगर पालिका परिषद लखीमपुर की टीम ने जब उसे सुरक्षित नीचे उतारा तो तालियों की गूंज से माहौल भावुक हो उठा। एक छोटी-सी जान को फिर उड़ता देख हर चेहरे पर राहत और मुस्कान साफ झलक रही थी।1
- लखीमपुर खीरी। खराब गुणवत्ता की शिकायत मिलते ही जिले में प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने मौके पर पहुंचकर नई बनी सड़क की जांच की और प्रथम दृष्टया मानकों में कमी पाए जाने पर पूरी सड़क को जेसीबी से खुदवाने का आदेश दे दिया। निरीक्षण के दौरान सड़क की परतों को हटाकर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता परखी गई। मौके पर ही सैंपल लेकर जब्त किए गए और संबंधित कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया गया। इस कार्रवाई से ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। सीडीओ ने दो टूक कहा कि जनता के पैसों से होने वाले विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क का निर्माण अब दोबारा गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही नए सिरे से कराया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। स्थानीय लोगों ने भी इस सख्त कदम की सराहना की है।1
- लखीमपुर खीरी। थाना खीरी पुलिस ने मोहल्ला कटरा चौराहे पर चाय अड्डे के विवाद में तमंचे लहराकर दहशत फैलाने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से दो तमंचे 12 बोर, एक तमंचा .315 बोर और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक शुभम कुमार, कांस्टेबल जगदीश प्रसाद यादव, कांस्टेबल लोकेश कुमार और कांस्टेबल सतेंद्र सिंह शामिल रहे।1
- "मैं राकेश कुमार "सिंह, पार्सल अधीक्षक मऊ, आंखिया निकाल लेब, औकात में रहो" गजब गुंडई है जी, ये कौन तोप हैं, जो खुलेआम रंगबाजी झाड़ रहे हैं. एक RPF जवान को कैसे धमका रहे हैं, समझिये1
- लखनऊ/लखीमपुर - विधानसभा में पलिया के विधायक हरविंदर सिंह साहनी (रोमी साहनी) के जन्मदिवस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और सदन के माननीय सदस्यों ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं, इस दौरान सदन में सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला1
- *राजापुर-नहर पटरी फोरलेन निर्माण में गड़बड़ी पर सीडीओ अभिषेक कुमार का सीधा एक्शन* लखीमपुर के विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने सख्त संदेश दे दिया है। राजापुर से नहर पटरी फोरलेन सड़क निर्माण में मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ अभिषेक कुमार ने बुधवार को औचक निरीक्षण कर निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सीधा प्रहार किया।सीडीओ ने मौके पर पहुंचते ही औपचारिकता छोड़ दी और सड़क की खुदाई कराकर निर्माण सामग्री का नमूना संग्रहित कराया। सैंपल को विधिवत सील कर प्रयोगशाला परीक्षण हेतु भेजा गया है। सीडीओ ने रोड पर ही पीडब्लूडी के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई, निर्माण में हो रही लापरवाही को लेकर स्पष्ट किया कि सिर्फ कागज़ पर रिपोर्ट और औपचारिकताओं से काम नहीं चलेगा। उन्होंने सड़क निर्माण कार्य को तत्काल रोक दिया और निर्देश दिया कि सिर्फ गुणवत्ता सुनिश्चित होने पर ही सड़क निर्माण जारी होगा। सीडीओ के सख्त रवैये ने अधिकारियों और ठेकेदारों में खलबली मचा दी। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड-1 के अधिशासी अभियंता केके झां को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि जांच में गुणवत्ता मानकों से विचलन पाया जाता है तो अनुबंध की शर्तों के तहत ठेकेदार के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आर्थिक दंड (पेनल्टी) लगाने की प्रक्रिया भी तय मानते हुए तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। सीडीओ अभिषेक कुमार ने दो टूक कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाले कार्यों में लापरवाही अस्वीकार्य है। हर सड़क टिकाऊ, सुरक्षित और मानक अनुरूप होनी चाहिए। गुणवत्ता से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग, तकनीकी परीक्षण और समयबद्ध प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।1