घबनाएं नहीं, मॉक ड्रिल है.... कल बजने लगेंगे सायरन और होगा ब्लैकआउट जम्मू और कश्मीर ब्यूरो उधमपुर। जिला प्रशासन ने 24 अप्रैल को जिलेभर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल, एयर रेड सायरन परीक्षण और निर्धारित ब्लैकआउट करने का निर्णय लिया है। यह कदम आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। एडवाइजरी में बताया गया है कि गतिविधियों के दौरान विभिन्न स्थानों पर सायरन बजाए जाएंगे और कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित की जा सकती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अभ्यास है इसलिए लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और सायरन या ब्लैकआउट को अभ्यास का हिस्सा समझें। साथ ही लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचें। सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि सिविल डिफेंस टीमों और स्थानीय प्रशासन के साथ पूरा सहयोग करें ताकि अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। प्रशासन का मानना है कि मॉकड्रिल भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सहायक साबित होगी। जिला प्रशासन ने कहा कि तैयारियों का मुख्य उद्देश्य जनसुरक्षा को मजबूत करना है। इसलिए आम जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
घबनाएं नहीं, मॉक ड्रिल है.... कल बजने लगेंगे सायरन और होगा ब्लैकआउट जम्मू और कश्मीर ब्यूरो उधमपुर। जिला प्रशासन ने 24 अप्रैल को जिलेभर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल, एयर रेड सायरन परीक्षण और निर्धारित ब्लैकआउट करने का निर्णय लिया है। यह कदम आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। एडवाइजरी में बताया गया है कि गतिविधियों के दौरान विभिन्न स्थानों पर सायरन बजाए जाएंगे और कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित की जा सकती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अभ्यास है इसलिए लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और सायरन या ब्लैकआउट को अभ्यास का हिस्सा समझें। साथ ही लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचें। सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि सिविल डिफेंस टीमों और स्थानीय प्रशासन के साथ पूरा सहयोग करें ताकि अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। प्रशासन का मानना है कि मॉकड्रिल भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सहायक साबित होगी। जिला प्रशासन ने कहा कि तैयारियों का मुख्य उद्देश्य जनसुरक्षा को मजबूत करना है। इसलिए आम जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
- जम्मू और कश्मीर ब्यूरो उधमपुर। जिला प्रशासन ने 24 अप्रैल को जिलेभर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल, एयर रेड सायरन परीक्षण और निर्धारित ब्लैकआउट करने का निर्णय लिया है। यह कदम आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। एडवाइजरी में बताया गया है कि गतिविधियों के दौरान विभिन्न स्थानों पर सायरन बजाए जाएंगे और कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित की जा सकती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अभ्यास है इसलिए लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और सायरन या ब्लैकआउट को अभ्यास का हिस्सा समझें। साथ ही लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचें। सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि सिविल डिफेंस टीमों और स्थानीय प्रशासन के साथ पूरा सहयोग करें ताकि अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। प्रशासन का मानना है कि मॉकड्रिल भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सहायक साबित होगी। जिला प्रशासन ने कहा कि तैयारियों का मुख्य उद्देश्य जनसुरक्षा को मजबूत करना है। इसलिए आम जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।1
- Post by Till The End News1
- iske darshan karne se logo ke sare kasht khatam ho jayega1
- Post by Shivinder singh Bhadwal1
- ममता दीदी को टाटा बाय बाय किया शाह ने, ममता का जवाब मैं नहीं डरती, अखिलेश टैक्टर से निकले चुनाव मैदान में, मंत्रीजी के रूट से महिला परेशान, लखनऊ में सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन और पुलिस पर पथराव.... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर...1
- हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल साच पास पर लंबे इंतजार के बाद पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारी बर्फबारी के चलते पिछले कुछ समय से आवाजाही पर रोक लगी हुई थी, लेकिन अब प्रशासन ने पर्यटकों को रानीकोट स्नो प्वाइंट तक जाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद पर्यटक एक बार फिर बर्फीले नजारों का आनंद ले सकेंगे। जिला प्रशासन के निर्देशों पर चुराह उपमंडल प्रशासन ने यह अनुमति जारी की है। साथ ही बैरागढ़ पुलिस पोस्ट को भी पर्यटकों की एंट्री और सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि पर्यटक केवल निर्धारित क्षेत्र यानी रानीकोट तक ही जाएं, क्योंकि इससे आगे भारी बर्फबारी के कारण रास्ते अभी सुरक्षित नहीं हैं। टैक्सी यूनियन को सख्त निर्देश उपमंडल प्रशासन ने टैक्सी यूनियन को निर्देश दिए हैं कि बैरागढ़ से रानीकोट स्नो प्वाइंट तक का किराया स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। तय किराए से अधिक वसूली करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है, ताकि पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वच्छता को लेकर प्रशासन सख्त प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपने साथ लाए खाने-पीने के सामान का कचरा वापस लेकर आएं और बैरागढ़ पुलिस पोस्ट के पास निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 14500 फीट की ऊंचाई पर बसा है साच पास करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित साच पास अपने बर्फीले नजारों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। सर्दियों में यहां भारी बर्फबारी होती है, जिसके चलते प्रशासन शुरुआती दौर में सीमित क्षेत्रों तक ही आवाजाही की अनुमति देता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बैरागढ़ पुलिस पोस्ट को निर्देश दिए गए हैं कि हर आने-जाने वाले पर्यटक की एंट्री दर्ज की जाए और उनकी वापसी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पर्यटक रास्ता भटक न सके। वहीं एसडीएम चुराह राजेश कुमार जरियाल ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार पर्यटकों को रानीकोट स्नो प्वाइंट तक जाने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटक बर्फ का आनंद लें, लेकिन साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बाइट राजेश कुमार जरियाल एसडीएम चुराह।2
- जनजातीय क्षेत्र पांगी के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विश्व पृथ्वी दिवस बड़े उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साच और राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुलाल में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साच में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के जरिए पृथ्वी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्रों ने पृथ्वी दिवस की शुरुआत और इसके उद्देश्य को बताते हुए जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अनूप कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से पर्यावरण को हो रहे नुकसान के प्रति जागरूक किया और इसके दुष्प्रभावों से बचने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान नारा लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें “पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ” और “प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण” जैसे संदेश प्रमुख रहे। अंत में सभी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया। वहीं, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुलाल में 56वां विश्व पृथ्वी दिवस ‘प्रकृति की पाठशाला 2026’ थीम के तहत मनाया गया। कार्यक्रम में वन मित्र अनीता कुमारी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर विद्यार्थियों को पृथ्वी दिवस के इतिहास और महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहला पृथ्वी दिवस 1970 में अमेरिका में मनाया गया था, जो 1990 से वैश्विक स्तर पर मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ‘हमारी ऊर्जा, हमारा ग्रह’ पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके उपरांत विद्यालय परिसर में सामुदायिक सहयोग से पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में अध्यापक सुरेन्द्र शर्मा ने ‘पेड़ मेरा दोस्त’ विषय के माध्यम से बच्चों को प्रकृति से जोड़ते हुए पेड़ों के महत्व, जल संरक्षण और प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया। अंतिम सत्र में जिला मीडिया समन्वयक डॉ. कविता बिजलवान आभासी माध्यम से जुड़ीं और बच्चों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया। दोनों विद्यालयों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और “भारत माता की जय” व “जय सरकारी स्कूल” के नारों से वातावरण गूंज उठा। इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, अभिभावक एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। विश्व पृथ्वी दिवस के इन आयोजनों के माध्यम से पांगी क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया गया।1
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