इलाज के नाम पर सवालों की सफाई बबेरू के निजी अस्पताल में छापे में खोली व्यवस्था की परतें D&C पर सवाल, चार मरीज भर्ती और आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी—अब जांच के साथ जवाबदेही भी जरूरी आमोद कुमार बबेरू/बांदा। स्वास्थ्य सेवा जब व्यापार की चौखट पर खड़ी हो जाए तो सबसे पहले मरीज का भरोसा घायल होता है। बबेरू के एस हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी ने इसी भरोसे पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश पटेल और नायब तहसीलदार मनोहर सिंह की टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। चार मरीज भर्ती मिले और एक नवविवाहिता की कथित रूप से निर्धारित मानकों के अनुरूप D&C और सफाई किए जाने की जानकारी सामने आई। महिला को उपचार के लिए सीएचसी बबेरू भेजा गया।अस्पताल का पंजीकरण डॉ. पीयूष जायसवाल के नाम से बताया गया है। निरीक्षण के दौरान गंगासागर भी मौके पर मिला, जिसे अधिकारियों ने कथित झोलाछाप बताया। अब जांच का सवाल है कि उसकी अस्पताल में भूमिका क्या थी और क्या वह उपचार में शामिल था।मामले का सबसे संवेदनशील पहलू अस्पताल में तीन आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। गोमती देवी (सिमौनी), शोभा देवी (हरदौली) और सुमन (मरका) मौके पर मिलीं। सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की इन कड़ियों का निजी अस्पताल में मिलना स्वाभाविक रूप से सवाल पैदा करता है—मरीज वहां कैसे पहुंच रहे थे और किसकी भूमिका थी?हालांकि किसी सांठगांठ की अभी पुष्टि नहीं हुई है और अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। लेकिन D&C जैसी प्रक्रिया में मानकों की कथित अनदेखी और सरकारी स्वास्थ्यकर्मियों की निजी अस्पताल में मौजूदगी को महज संयोग मानकर छोड़ देना भी उचित नहीं होगा। डॉ. ऋषिकेश पटेल ने बताया कि D&C मामले और आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी की जांच कराई जा रही है तथा विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।छापा पड़ना अंत नहीं, जवाबदेही की शुरुआत है। अब देखना यह है कि जांच सच की तह तक पहुंचती है या फिर एक बार फिर कार्रवाई की फाइलें धूल ओढ़ लेती हैं।
इलाज के नाम पर सवालों की सफाई बबेरू के निजी अस्पताल में छापे में खोली व्यवस्था की परतें D&C पर सवाल, चार मरीज भर्ती और आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी—अब जांच के साथ जवाबदेही भी जरूरी आमोद कुमार बबेरू/बांदा। स्वास्थ्य सेवा जब व्यापार की चौखट पर खड़ी हो जाए तो सबसे पहले मरीज का भरोसा घायल होता है। बबेरू के एस हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी ने इसी भरोसे पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश पटेल और नायब तहसीलदार मनोहर सिंह की टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। चार मरीज भर्ती मिले और एक नवविवाहिता की कथित रूप से निर्धारित मानकों के अनुरूप D&C और सफाई किए जाने की जानकारी सामने आई। महिला को उपचार के लिए सीएचसी बबेरू भेजा गया।अस्पताल का पंजीकरण डॉ. पीयूष जायसवाल के नाम से बताया गया है। निरीक्षण के दौरान गंगासागर भी मौके पर मिला, जिसे अधिकारियों ने कथित झोलाछाप बताया। अब जांच का सवाल है कि उसकी अस्पताल में भूमिका क्या थी और क्या वह उपचार में शामिल था।मामले का सबसे संवेदनशील पहलू अस्पताल में तीन आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। गोमती देवी (सिमौनी), शोभा देवी (हरदौली) और सुमन (मरका) मौके पर मिलीं। सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की इन कड़ियों का निजी अस्पताल में मिलना स्वाभाविक रूप से सवाल पैदा करता है—मरीज वहां कैसे पहुंच रहे थे और किसकी भूमिका थी?हालांकि किसी सांठगांठ की अभी पुष्टि नहीं हुई है और अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। लेकिन D&C जैसी प्रक्रिया में मानकों की कथित अनदेखी और सरकारी स्वास्थ्यकर्मियों की निजी अस्पताल में मौजूदगी को महज संयोग मानकर छोड़ देना भी उचित नहीं होगा। डॉ. ऋषिकेश पटेल ने बताया कि D&C मामले और आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी की जांच कराई जा रही है तथा विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।छापा पड़ना अंत नहीं, जवाबदेही की शुरुआत है। अब देखना यह है कि जांच सच की तह तक पहुंचती है या फिर एक बार फिर कार्रवाई की फाइलें धूल ओढ़ लेती हैं।
- इलाज के नाम पर सवालों की सफाई बबेरू के निजी अस्पताल में छापे में खोली व्यवस्था की परतें D&C पर सवाल, चार मरीज भर्ती और आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी—अब जांच के साथ जवाबदेही भी जरूरी आमोद कुमार बबेरू/बांदा। स्वास्थ्य सेवा जब व्यापार की चौखट पर खड़ी हो जाए तो सबसे पहले मरीज का भरोसा घायल होता है। बबेरू के एस हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी ने इसी भरोसे पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश पटेल और नायब तहसीलदार मनोहर सिंह की टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। चार मरीज भर्ती मिले और एक नवविवाहिता की कथित रूप से निर्धारित मानकों के अनुरूप D&C और सफाई किए जाने की जानकारी सामने आई। महिला को उपचार के लिए सीएचसी बबेरू भेजा गया।अस्पताल का पंजीकरण डॉ. पीयूष जायसवाल के नाम से बताया गया है। निरीक्षण के दौरान गंगासागर भी मौके पर मिला, जिसे अधिकारियों ने कथित झोलाछाप बताया। अब जांच का सवाल है कि उसकी अस्पताल में भूमिका क्या थी और क्या वह उपचार में शामिल था।मामले का सबसे संवेदनशील पहलू अस्पताल में तीन आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। गोमती देवी (सिमौनी), शोभा देवी (हरदौली) और सुमन (मरका) मौके पर मिलीं। सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की इन कड़ियों का निजी अस्पताल में मिलना स्वाभाविक रूप से सवाल पैदा करता है—मरीज वहां कैसे पहुंच रहे थे और किसकी भूमिका थी?हालांकि किसी सांठगांठ की अभी पुष्टि नहीं हुई है और अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। लेकिन D&C जैसी प्रक्रिया में मानकों की कथित अनदेखी और सरकारी स्वास्थ्यकर्मियों की निजी अस्पताल में मौजूदगी को महज संयोग मानकर छोड़ देना भी उचित नहीं होगा। डॉ. ऋषिकेश पटेल ने बताया कि D&C मामले और आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी की जांच कराई जा रही है तथा विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।छापा पड़ना अंत नहीं, जवाबदेही की शुरुआत है। अब देखना यह है कि जांच सच की तह तक पहुंचती है या फिर एक बार फिर कार्रवाई की फाइलें धूल ओढ़ लेती हैं।1
- द्वितीय सोमवार पर बामदेवेश्वर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का DIG व SP ने किया निरीक्षण। द्वितीय सोमवार पर बामदेवेश्वर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का DIG व SP ने किया निरीक्षण। .श्रावण मास के द्वितीय सोमवार पर बांदा के प्रसिद्ध बामदेवेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। चित्रकूटधाम परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. और पुलिस अधीक्षक बांदा ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्रावण मास के द्वितीय सोमवार के पावन अवसर पर बामदेवेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी संख्या में आमद को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसी क्रम में पुलिस उपमहानिरीक्षक चित्रकूटधाम परिक्षेत्र बांदा राजेश एस. और पुलिस अधीक्षक बांदा ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बैरिकेडिंग, प्रवेश और निकास मार्ग, भीड़ नियंत्रण व्यवस्था तथा पुलिस बल की तैनाती का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन की सुविधा मिले, सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी सहयोग की अपील की है ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होती रहे।2
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- सावन माह के दूसरे सोमवार को माँ मढीदाई मंदिर मे श्रद्धांलुओं कि उमड़ी भीड़ पुलिस बल रहा मौजूद1
- सावन अमावस्या पर नेशनल मीडिया प्रेस क्लब की जल सेवा, चित्रकूट जा रहे श्रद्धालुओं को कराया जलपान। बांदा। सावन मास की पवित्र अमावस्या के अवसर पर ग्राम महुआ में नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के संयोजन में चित्रकूट धाम की पदयात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के लिए जल सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पदयात्रियों को शीतल जल एवं बिस्कुट वितरित कर उनकी सेवा की गई। तपती गर्मी के बीच जल सेवा मिलने से चित्रकूट धाम जा रहे श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली। इस दौरान नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के जिला अध्यक्ष गिरजा शंकर अवस्थी सहित क्लब के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं शिवम श्रीवास्तव का भी इस सेवा कार्य में सराहनीय श्रम एवं सहयोग रहा। सभी ने मिलकर चित्रकूट धाम स्थित कामतानाथ के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और उन्हें जलपान कराया। पदयात्रियों ने नेशनल मीडिया प्रेस क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान शीतल जल और जलपान की व्यवस्था से उन्हें काफी राहत मिली।1
- उत्तर प्रदेश में 25 हजार नौकरियों का बड़ा अपडेट | ₹45,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश | युवाओं के लिए बड़ी खबर | India Jobs News 2026 उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार आठ कंपनियों की ओर से ₹45,000 करोड़ से अधिक के निवेश के कमिटमेंट मिले हैं, जिनसे लगभग 25,000 रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है। इससे राज्य में उद्योग, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।1
- बांदा - अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को थाना बदौसा पुलिस द्वारा किया गया गिरफ्तार । विवरण - बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा अवैध शस्त्रों के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही के क्रम में थाना बदौसा पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है, अभियुक्त के कब्जे से अवैध तमंचा व कारतूस बरामद हुआ है । गौरतलब हो कि दिनांक 09/10.08.2026 की देर रात्रि थाना बदौसा पुलिस द्वारा गश्त एवं चेकिंग के दौरान मुखविर की सूचना पर एक व्यक्ति को ग्राम तुर्रा गौशाला के पास से अवैध तमंचा व जिंदा कारतूस के साथ घूमते हुए पकड लिया । जिसके सम्बन्ध में थाना बदौसा में अभियोग पंजीकृत करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर सम्बन्धित मा0 न्यायालय भेजा गया ।1