हिंदू नगरी सारंगपुरा का बोर्ड स्थापित, सनातन एकता और संगठन का दिया संदेश डूंगला उपखंड की पहली पहल, बजरंग दल के सानिध्य में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से लगाया बोर्ड — पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा- डूंगला उपखंड क्षेत्र के सारंगपुरा गांव में मंगलवार को हिंदू समाज की एकता, अखंडता एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देते हुए गांव के प्रवेश स्थल पर "हिंदू नगरी सारंगपुरा" का बोर्ड स्थापित किया गया। श्री देवनारायण मंदिर परिसर में लगाए गए इस बोर्ड पर "मम दीक्षा हिंदू रक्षा, मम मंत्र सनातनता" तथा "देश का बल, बजरंग दल" जैसे संदेश अंकित किए गए हैं, जो हिंदू समाज को संगठित रहने और सनातन संस्कृति के संरक्षण का आह्वान करते हैं। ग्रामीणों ने इसे गांव की धार्मिक पहचान, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। सारंगपुरा गांव लंबे समय से सनातन परंपराओं और धार्मिक आयोजनों के लिए अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। गांव में हिंदू समाज के अलावा अन्य किसी अन्य वर्ग का निवास नहीं है। यहां श्री देवनारायण मंदिर सहित विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों पर समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सामूहिक आयोजन एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ग्रामीण सामूहिक रूप से इन आयोजनों में भाग लेकर सनातन संस्कृति को सशक्त बनाने का कार्य करते हैं। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए गांव को "हिंदू नगरी सारंगपुरा" के रूप में पहचान दिलाने के लिए यह बोर्ड स्थापित किया गया, जिसे ग्रामीणों ने ऐतिहासिक पहल बताया। मंगलवार को बजरंग दल चिकारड़ा के कार्यकर्ता सारंगपुरा पहुंचे, जहां उनके सानिध्य में "हिंदू नगरी सारंगपुरा" बोर्ड स्थापना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बजरंग दल अध्यक्ष गोपाल मेनारिया, उपाध्यक्ष सूरजमल तेली, सचिव सुरेश गुर्जर, सहसचिव जगदीश गुर्जर, सूचना प्रभारी अशोक माली एवं मदन मेनारिया की उपस्थिति में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से बोर्ड लगाया। कार्यक्रम के दौरान गांव में सनातन संस्कृति के जयघोष गूंजे और उपस्थित लोगों ने हिंदू समाज की एकता एवं संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सनातन धर्म केवल एक आस्था नहीं, बल्कि मानवता, सेवा, त्याग, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का जीवन दर्शन है। अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों का संरक्षण प्रत्येक हिंदू का दायित्व है। जब समाज संगठित होकर धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे बढ़ता है, तभी उसकी पहचान सुरक्षित रहती है। हिंदू समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसका संगठन है और यही संगठन राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार बनता है। बजरंग दल चिकारड़ा अध्यक्ष गोपाल मेनारिया ने बताया कि डूंगला उपखंड क्षेत्र में "हिंदू नगरी" का बोर्ड स्थापित होने का यह पहला अवसर है। उन्होंने कहा कि यह पहल सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों में अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति गौरव की भावना विकसित करेगी। उन्होंने सभी हिंदुओं से आह्वान किया कि वे जाति, क्षेत्र और व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर संगठन की शक्ति को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि "सनातन की एकता का मूल मंत्र संगठन है। जब तक हिंदू समाज संगठित नहीं होगा, तब तक एकता और अखंडता अधूरी रहेगी। प्रत्येक हिंदू का कर्तव्य है कि वह धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करे।" कार्यक्रम में ग्रामवासी नारायण जाट, मांगीलाल गुर्जर, गुड़ा गुर्जर, दुर्गाशंकर गुर्जर, लक्ष्मण गुर्जर, राहुल गुर्जर, सुरेश गुर्जर, राजू गुर्जर, किशन गुर्जर, विनोद गुर्जर, पुष्कर गुर्जर, प्रहलाद गुर्जर, देवेंद्र गुर्जर, विष्णु गुर्जर एवं लक्ष्मीलाल गुर्जर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने "हिंदू नगरी सारंगपुरा" बोर्ड को सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और हिंदू संगठन की भावना का प्रतीक बताते हुए इसे गांव के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया।
हिंदू नगरी सारंगपुरा का बोर्ड स्थापित, सनातन एकता और संगठन का दिया संदेश डूंगला उपखंड की पहली पहल, बजरंग दल के सानिध्य में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से लगाया बोर्ड — पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा- डूंगला उपखंड क्षेत्र के सारंगपुरा गांव में मंगलवार को हिंदू समाज की एकता, अखंडता एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देते हुए गांव के प्रवेश स्थल पर "हिंदू नगरी सारंगपुरा" का बोर्ड स्थापित किया गया। श्री देवनारायण मंदिर परिसर में लगाए गए इस बोर्ड पर "मम दीक्षा हिंदू रक्षा, मम मंत्र सनातनता" तथा "देश का बल, बजरंग दल" जैसे संदेश अंकित किए गए हैं, जो हिंदू समाज को संगठित रहने और सनातन संस्कृति के संरक्षण का आह्वान करते हैं। ग्रामीणों ने इसे गांव की धार्मिक पहचान, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। सारंगपुरा गांव लंबे समय से सनातन परंपराओं और धार्मिक आयोजनों के लिए अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। गांव में हिंदू समाज के अलावा अन्य किसी अन्य वर्ग का निवास नहीं है। यहां श्री देवनारायण मंदिर सहित विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों पर समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सामूहिक आयोजन एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ग्रामीण सामूहिक रूप से इन आयोजनों में भाग लेकर सनातन
संस्कृति को सशक्त बनाने का कार्य करते हैं। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए गांव को "हिंदू नगरी सारंगपुरा" के रूप में पहचान दिलाने के लिए यह बोर्ड स्थापित किया गया, जिसे ग्रामीणों ने ऐतिहासिक पहल बताया। मंगलवार को बजरंग दल चिकारड़ा के कार्यकर्ता सारंगपुरा पहुंचे, जहां उनके सानिध्य में "हिंदू नगरी सारंगपुरा" बोर्ड स्थापना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बजरंग दल अध्यक्ष गोपाल मेनारिया, उपाध्यक्ष सूरजमल तेली, सचिव सुरेश गुर्जर, सहसचिव जगदीश गुर्जर, सूचना प्रभारी अशोक माली एवं मदन मेनारिया की उपस्थिति में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से बोर्ड लगाया। कार्यक्रम के दौरान गांव में सनातन संस्कृति के जयघोष गूंजे और उपस्थित लोगों ने हिंदू समाज की एकता एवं संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सनातन धर्म केवल एक आस्था नहीं, बल्कि मानवता, सेवा, त्याग, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का जीवन दर्शन है। अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों का संरक्षण प्रत्येक हिंदू का दायित्व है। जब समाज संगठित होकर धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे बढ़ता है, तभी उसकी पहचान सुरक्षित रहती है। हिंदू समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसका संगठन है और यही संगठन राष्ट्र निर्माण
का मजबूत आधार बनता है। बजरंग दल चिकारड़ा अध्यक्ष गोपाल मेनारिया ने बताया कि डूंगला उपखंड क्षेत्र में "हिंदू नगरी" का बोर्ड स्थापित होने का यह पहला अवसर है। उन्होंने कहा कि यह पहल सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों में अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति गौरव की भावना विकसित करेगी। उन्होंने सभी हिंदुओं से आह्वान किया कि वे जाति, क्षेत्र और व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर संगठन की शक्ति को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि "सनातन की एकता का मूल मंत्र संगठन है। जब तक हिंदू समाज संगठित नहीं होगा, तब तक एकता और अखंडता अधूरी रहेगी। प्रत्येक हिंदू का कर्तव्य है कि वह धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करे।" कार्यक्रम में ग्रामवासी नारायण जाट, मांगीलाल गुर्जर, गुड़ा गुर्जर, दुर्गाशंकर गुर्जर, लक्ष्मण गुर्जर, राहुल गुर्जर, सुरेश गुर्जर, राजू गुर्जर, किशन गुर्जर, विनोद गुर्जर, पुष्कर गुर्जर, प्रहलाद गुर्जर, देवेंद्र गुर्जर, विष्णु गुर्जर एवं लक्ष्मीलाल गुर्जर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने "हिंदू नगरी सारंगपुरा" बोर्ड को सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और हिंदू संगठन की भावना का प्रतीक बताते हुए इसे गांव के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया।
- हिंदू नगरी सारंगपुरा का बोर्ड स्थापित, सनातन एकता और संगठन का दिया संदेश डूंगला उपखंड की पहली पहल, बजरंग दल के सानिध्य में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से लगाया बोर्ड — पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा- डूंगला उपखंड क्षेत्र के सारंगपुरा गांव में मंगलवार को हिंदू समाज की एकता, अखंडता एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देते हुए गांव के प्रवेश स्थल पर "हिंदू नगरी सारंगपुरा" का बोर्ड स्थापित किया गया। श्री देवनारायण मंदिर परिसर में लगाए गए इस बोर्ड पर "मम दीक्षा हिंदू रक्षा, मम मंत्र सनातनता" तथा "देश का बल, बजरंग दल" जैसे संदेश अंकित किए गए हैं, जो हिंदू समाज को संगठित रहने और सनातन संस्कृति के संरक्षण का आह्वान करते हैं। ग्रामीणों ने इसे गांव की धार्मिक पहचान, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। सारंगपुरा गांव लंबे समय से सनातन परंपराओं और धार्मिक आयोजनों के लिए अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। गांव में हिंदू समाज के अलावा अन्य किसी अन्य वर्ग का निवास नहीं है। यहां श्री देवनारायण मंदिर सहित विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों पर समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सामूहिक आयोजन एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ग्रामीण सामूहिक रूप से इन आयोजनों में भाग लेकर सनातन संस्कृति को सशक्त बनाने का कार्य करते हैं। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए गांव को "हिंदू नगरी सारंगपुरा" के रूप में पहचान दिलाने के लिए यह बोर्ड स्थापित किया गया, जिसे ग्रामीणों ने ऐतिहासिक पहल बताया। मंगलवार को बजरंग दल चिकारड़ा के कार्यकर्ता सारंगपुरा पहुंचे, जहां उनके सानिध्य में "हिंदू नगरी सारंगपुरा" बोर्ड स्थापना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बजरंग दल अध्यक्ष गोपाल मेनारिया, उपाध्यक्ष सूरजमल तेली, सचिव सुरेश गुर्जर, सहसचिव जगदीश गुर्जर, सूचना प्रभारी अशोक माली एवं मदन मेनारिया की उपस्थिति में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से बोर्ड लगाया। कार्यक्रम के दौरान गांव में सनातन संस्कृति के जयघोष गूंजे और उपस्थित लोगों ने हिंदू समाज की एकता एवं संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सनातन धर्म केवल एक आस्था नहीं, बल्कि मानवता, सेवा, त्याग, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का जीवन दर्शन है। अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों का संरक्षण प्रत्येक हिंदू का दायित्व है। जब समाज संगठित होकर धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे बढ़ता है, तभी उसकी पहचान सुरक्षित रहती है। हिंदू समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसका संगठन है और यही संगठन राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार बनता है। बजरंग दल चिकारड़ा अध्यक्ष गोपाल मेनारिया ने बताया कि डूंगला उपखंड क्षेत्र में "हिंदू नगरी" का बोर्ड स्थापित होने का यह पहला अवसर है। उन्होंने कहा कि यह पहल सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों में अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति गौरव की भावना विकसित करेगी। उन्होंने सभी हिंदुओं से आह्वान किया कि वे जाति, क्षेत्र और व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर संगठन की शक्ति को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि "सनातन की एकता का मूल मंत्र संगठन है। जब तक हिंदू समाज संगठित नहीं होगा, तब तक एकता और अखंडता अधूरी रहेगी। प्रत्येक हिंदू का कर्तव्य है कि वह धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करे।" कार्यक्रम में ग्रामवासी नारायण जाट, मांगीलाल गुर्जर, गुड़ा गुर्जर, दुर्गाशंकर गुर्जर, लक्ष्मण गुर्जर, राहुल गुर्जर, सुरेश गुर्जर, राजू गुर्जर, किशन गुर्जर, विनोद गुर्जर, पुष्कर गुर्जर, प्रहलाद गुर्जर, देवेंद्र गुर्जर, विष्णु गुर्जर एवं लक्ष्मीलाल गुर्जर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने "हिंदू नगरी सारंगपुरा" बोर्ड को सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और हिंदू संगठन की भावना का प्रतीक बताते हुए इसे गांव के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया।3
- भटेवर में हाइवे रोड़ पर नाकाबंदी तोड़कर भाग रही कार से 45.690 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त, आरोपी फरार वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के भटेवर से होकर गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खेरोदा थाना पुलिस ने नाकाबंदी तोड़कर भाग रही कार से 45.690 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त किया है। हालांकि तस्कर अंधेरे में मक्के की फसल व घने जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजत विश्नोई व वृत्ताधिकारी श्रवण दास संत के सुपरविजन में थानाधिकारी परमेश्वर पाटीदार की टीम ने भटेवर में खोखरवास मार्ग के सामने विशेष नाकाबंदी की।1
- चोरों ने लूट के बाद की बुजुर्ग की हत्याः पत्थर-डंडों से परिवार को मारा, 4 घायल; 2 महिलाओं के गहने छीनकर हुए फरार उदयपुर जिले के पुलिस थाना फतेहनगर में देर रात लूटपाट के दौरान चोरों ने एक बुजुर्ग की हत्या कर दी। वहीं परिवार के लोगों को पत्थर और डंडों से मारा। इससे 4 लोग घायल हो गए। घायलों को सनवाड़ हॉस्पिटल में रात को भर्ती कराया गया था। जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। फतहनगर थाना क्षेत्र के सनवाड़ गांव में सोमवार रात करीब 1 बजे यह वारदात हुई। थानाधिकारी मदनलाल ने बताया- चोरों के हमले में सिर पर चोट लगने से देवीलाल गमेती (60) की मौत हो गई। चोरों ने घर की 2 महिलाओं के गहने उतरवाने की कोशिश की। इस पर उनके पति और बेटों ने विरोध किया तो चोरों ने उन्हें बुरी तरह मारा। उनके दो बेटे ओंकारलाल, शिवलाल और नाती अनिल बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। आसपास लगे सीसीटीवी देखे जा रहे हैं। 7 से 8 नकबापोश बदमाश धमकी देकर भागे बताया जा रहा है कि 7 से 8 चोर नकाबपोश चोर थे। जिन्होंने पीड़ितों को बंधक बनाकर मारा और लूटपाट की। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने सनवाड़ हॉस्पिटल के बाहर एकत्रित होकर घटना के खिलाफ विरोध जताया। आक्रोशित ग्रामीणों ने चोरों को पकड़ने के बाद ही शव उठाने की चेतावनी दी। मौके पर डीएसपी चांदमल सिंगारिया, थानाधिकारी मदनलाल जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और दो दिन में आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन देते हुए मामला शांत कराया। "बेटों और उनके बच्चों को मारा, मां के गहने उतरवा ले गए" मृतक देवीलाल के घायल बेटे ओंकारलाल ने बताया- चोरों को मेरे बेटे अनिल और भाई शिवलाल ने रोका तो उन्हें पकड़कर पत्थर और डंडों से मारपीट की गई। सिर में चोट लगने से ओंकारलाल बुरी तरह घायल हो गया। पत्नी को घर से बाहर खींचकर लाए और गहने खोलने लगे। चोरों ने हमें धमकाया कि शोर किया तो जान से मार देंगे। फिर चोरों ने जबरन मां के गहने खोल लिए। किसी को नहीं बताने की धमकी देकर फरार हो गए। मैंने फोन कर आसपास ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद घायलों को हॉस्पिटल ले जाया गया।4
- खूंता में फॉलोअप ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन,सरकार की योजनाओं का ग्रामीणों को मिला हाथों-हाथ लाभ खूंता में फॉलोअप ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन,सरकार की योजनाओं का ग्रामीणों को मिला हाथों-हाथ लाभ जुबेर अहमद धरियावद मूंगाणा-राज्य सरकार के निर्देशानुसार मंगलवार को ग्राम पंचायत खूंता में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का फॉलोअप शिविर आयोजित किया गया। शिविर सुबह 9:30 बजे से शाम तक आयोजित किया गया। जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर ग्रामीणों और आमजन की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया। शिविर में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा जन्म प्रमाण पत्र,मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन,जॉब कार्ड, जनआधार,तारबंदी योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना,पीएम सुरक्षा योजनाओ सहित विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण किया गया। वहीं राजस्व विभाग ने नामांतरण,सीमा ज्ञान एवं भूमिहीन प्रमाण पत्र से संबंधित मामलों का निपटारा किया। चिकित्सा विभाग की ओर से आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए तथा जरूरतमंदों को निशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही बीपी,शुगर की जांच, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच एवं कैंसर स्क्रीनिंग जैसी स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। शिविर के दौरान हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया। शिविर में अतिरिक्त विकास अधिकारी लक्ष्मी लाल गमेती, ग्राम विकास अधिकारी गौतमलाल मीणा, LDC सावित्री मीणा,प्रशासक हिरकी मीणा, सुरेंद्र सिंह वार्ड पंच,पूर्व सरपंच शोभित हाड़ा,पूर्व सरपंच नाथूलाल मीणा,रोजगार सहायक कमलेन्द्र सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।4
- सुनो सफ़ल ईलाज की कहानी खुद की जुबानी आयुष हॉस्पिटल चितौड़गढ़ में हो रहा आयुर्वेद से सफल ईलाज 83020838351
- ग्राम पंचायत जलोदा जागीर में सावन के प्रथम सोमवार को लेकर ग्राम वासियों को काफी खुशी का माहौल4