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जालौन में गरीब किसान की जमीन पर संकट! शिकायतों के बाद भी नहीं रुका नाला निर्माण, परिवार में दहशत “यह सिर्फ नाला नहीं, गरीब की छाती पर चलती व्यवस्था है” जालौन, उत्तर प्रदेश। जनपद जालौन के ग्राम मल्लाहनपुरा, थाना रामपुरा से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक गरीब किसान ने अपनी खेती और जमीन बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद उसकी कृषि भूमि पर जबरन चौड़े नाले का निर्माण कार्य जारी है। पीड़ित किसान भगवानदीन निषाद ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी गाटा संख्या 1383, रकबा 0.5600 हेक्टेयर कृषि भूमि, जो रामपुरा जागीर–निनावली रोड पर स्थित है, पर कथित रूप से दबंगई और प्रशासनिक चुप्पी के बीच जबरन नाला निर्माण कराया जा रहा है। “यही खेत रोटी है, यही बच्चों का भविष्य है” भगवानदीन निषाद के अनुसार, यह जमीन सिर्फ मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार की जीवनरेखा है। इसी खेत से उनके घर का चूल्हा जलता है, परिवार की आजीविका चलती है और बच्चों के भविष्य की उम्मीद जुड़ी हुई है। लेकिन आज वही खेत कथित रूप से अवैध निर्माण, दबाव और अन्याय की चपेट में है। “जब खेत पर हमला होता है, तो सिर्फ मिट्टी नहीं कटती — एक गरीब परिवार की सांसें कटती हैं।” शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई कहाँ? पीड़ित किसान का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी जालौन, स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों से की है। इसके बावजूद यदि निर्माण कार्य नहीं रुक रहा, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़े सवाल क्या गरीब किसान की शिकायत अब सिर्फ कागज़ का टुकड़ा बनकर रह गई है? क्या प्रशासन केवल ताकतवरों के लिए ही जागता है? क्या कमजोर की जमीन पर कब्जे की कोशिश को सिस्टम की चुप्पी का संरक्षण मिल रहा है? “जिस सिस्टम को गरीब की रक्षा करनी थी, उसी की चुप्पी आज सबसे बड़ा सवाल बन गई है।” यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं, टूटती उम्मीदों की कहानी है यह मामला केवल जमीन की नाप-जोख या निर्माण कार्य के विवाद तक सीमित नहीं है। यह उस गरीब निषाद परिवार की टूटती उम्मीदों की कहानी है, जो अपनी खेती और हक बचाने के लिए दर-दर गुहार लगा रहा है। एक तरफ कथित दबंगई और प्रशासनिक चुप्पी, दूसरी तरफ एक कमजोर परिवार की बेबसी — यह तस्वीर किसी भी संवेदनशील समाज को झकझोरने के लिए काफी है। “कमजोर की जमीन पर कब्जे की कोशिश और प्रशासन मौन — यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक संकेत है।” मानसिक तनाव में परिवार, भय का माहौल पीड़ित भगवानदीन निषाद ने कहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के चलते वह और उनका परिवार गंभीर मानसिक तनाव में है। परिवार में भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। यदि समय रहते प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ की मांग शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ प्रशासन से मांग करता है कि— मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए पीड़ित किसान की भूमि पर हो रहे निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराया जाए गरीब की जमीन, उसकी खेती और उसके परिवार के भविष्य की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि संवैधानिक और मानवीय जिम्मेदारी भी है।

3 hrs ago
user_SHIVPAL SINGH
SHIVPAL SINGH
Publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago
0f7bee23-b777-4810-8802-6ffc9deeb04d

जालौन में गरीब किसान की जमीन पर संकट! शिकायतों के बाद भी नहीं रुका नाला निर्माण, परिवार में दहशत “यह सिर्फ नाला नहीं, गरीब की छाती पर चलती व्यवस्था है” जालौन, उत्तर प्रदेश। जनपद जालौन के ग्राम मल्लाहनपुरा, थाना रामपुरा से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक गरीब किसान ने अपनी खेती और जमीन बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद उसकी कृषि भूमि पर जबरन चौड़े नाले का निर्माण कार्य जारी है। पीड़ित किसान भगवानदीन निषाद ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी गाटा संख्या 1383, रकबा 0.5600 हेक्टेयर कृषि भूमि, जो रामपुरा जागीर–निनावली रोड पर स्थित है, पर कथित रूप से दबंगई और प्रशासनिक चुप्पी के बीच जबरन नाला निर्माण कराया जा रहा है। “यही खेत रोटी है, यही बच्चों का भविष्य है” भगवानदीन निषाद के अनुसार, यह जमीन सिर्फ मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार की जीवनरेखा है। इसी खेत से उनके घर का चूल्हा जलता है, परिवार की आजीविका चलती है और बच्चों के भविष्य की उम्मीद जुड़ी हुई है। लेकिन आज वही खेत कथित रूप से अवैध निर्माण, दबाव और अन्याय की चपेट में है। “जब खेत पर हमला होता है, तो सिर्फ मिट्टी नहीं कटती — एक गरीब परिवार की सांसें कटती हैं।” शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई कहाँ? पीड़ित किसान का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी जालौन, स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों से की है। इसके बावजूद यदि निर्माण कार्य नहीं रुक रहा, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़े सवाल क्या गरीब किसान की शिकायत अब सिर्फ कागज़ का टुकड़ा बनकर रह गई है? क्या प्रशासन

केवल ताकतवरों के लिए ही जागता है? क्या कमजोर की जमीन पर कब्जे की कोशिश को सिस्टम की चुप्पी का संरक्षण मिल रहा है? “जिस सिस्टम को गरीब की रक्षा करनी थी, उसी की चुप्पी आज सबसे बड़ा सवाल बन गई है।” यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं, टूटती उम्मीदों की कहानी है यह मामला केवल जमीन की नाप-जोख या निर्माण कार्य के विवाद तक सीमित नहीं है। यह उस गरीब निषाद परिवार की टूटती उम्मीदों की कहानी है, जो अपनी खेती और हक बचाने के लिए दर-दर गुहार लगा रहा है। एक तरफ कथित दबंगई और प्रशासनिक चुप्पी, दूसरी तरफ एक कमजोर परिवार की बेबसी — यह तस्वीर किसी भी संवेदनशील समाज को झकझोरने के लिए काफी है। “कमजोर की जमीन पर कब्जे की कोशिश और प्रशासन मौन — यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक संकेत है।” मानसिक तनाव में परिवार, भय का माहौल पीड़ित भगवानदीन निषाद ने कहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के चलते वह और उनका परिवार गंभीर मानसिक तनाव में है। परिवार में भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। यदि समय रहते प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ की मांग शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ प्रशासन से मांग करता है कि— मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए पीड़ित किसान की भूमि पर हो रहे निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराया जाए गरीब की जमीन, उसकी खेती और उसके परिवार के भविष्य की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि संवैधानिक और मानवीय जिम्मेदारी भी है।

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  • “यह सिर्फ नाला नहीं, गरीब की छाती पर चलती व्यवस्था है” जालौन, उत्तर प्रदेश। जनपद जालौन के ग्राम मल्लाहनपुरा, थाना रामपुरा से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक गरीब किसान ने अपनी खेती और जमीन बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद उसकी कृषि भूमि पर जबरन चौड़े नाले का निर्माण कार्य जारी है। पीड़ित किसान भगवानदीन निषाद ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी गाटा संख्या 1383, रकबा 0.5600 हेक्टेयर कृषि भूमि, जो रामपुरा जागीर–निनावली रोड पर स्थित है, पर कथित रूप से दबंगई और प्रशासनिक चुप्पी के बीच जबरन नाला निर्माण कराया जा रहा है। “यही खेत रोटी है, यही बच्चों का भविष्य है” भगवानदीन निषाद के अनुसार, यह जमीन सिर्फ मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार की जीवनरेखा है। इसी खेत से उनके घर का चूल्हा जलता है, परिवार की आजीविका चलती है और बच्चों के भविष्य की उम्मीद जुड़ी हुई है। लेकिन आज वही खेत कथित रूप से अवैध निर्माण, दबाव और अन्याय की चपेट में है। “जब खेत पर हमला होता है, तो सिर्फ मिट्टी नहीं कटती — एक गरीब परिवार की सांसें कटती हैं।” शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई कहाँ? पीड़ित किसान का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी जालौन, स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों से की है। इसके बावजूद यदि निर्माण कार्य नहीं रुक रहा, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़े सवाल क्या गरीब किसान की शिकायत अब सिर्फ कागज़ का टुकड़ा बनकर रह गई है? क्या प्रशासन केवल ताकतवरों के लिए ही जागता है? क्या कमजोर की जमीन पर कब्जे की कोशिश को सिस्टम की चुप्पी का संरक्षण मिल रहा है? “जिस सिस्टम को गरीब की रक्षा करनी थी, उसी की चुप्पी आज सबसे बड़ा सवाल बन गई है।” यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं, टूटती उम्मीदों की कहानी है यह मामला केवल जमीन की नाप-जोख या निर्माण कार्य के विवाद तक सीमित नहीं है। यह उस गरीब निषाद परिवार की टूटती उम्मीदों की कहानी है, जो अपनी खेती और हक बचाने के लिए दर-दर गुहार लगा रहा है। एक तरफ कथित दबंगई और प्रशासनिक चुप्पी, दूसरी तरफ एक कमजोर परिवार की बेबसी — यह तस्वीर किसी भी संवेदनशील समाज को झकझोरने के लिए काफी है। “कमजोर की जमीन पर कब्जे की कोशिश और प्रशासन मौन — यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक संकेत है।” मानसिक तनाव में परिवार, भय का माहौल पीड़ित भगवानदीन निषाद ने कहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के चलते वह और उनका परिवार गंभीर मानसिक तनाव में है। परिवार में भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। यदि समय रहते प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ की मांग शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ प्रशासन से मांग करता है कि— मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए पीड़ित किसान की भूमि पर हो रहे निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराया जाए गरीब की जमीन, उसकी खेती और उसके परिवार के भविष्य की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि संवैधानिक और मानवीय जिम्मेदारी भी है।
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    “यह सिर्फ नाला नहीं, गरीब की छाती पर चलती व्यवस्था है”
जालौन, उत्तर प्रदेश।
जनपद जालौन के ग्राम मल्लाहनपुरा, थाना रामपुरा से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक गरीब किसान ने अपनी खेती और जमीन बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद उसकी कृषि भूमि पर जबरन चौड़े नाले का निर्माण कार्य जारी है।
पीड़ित किसान भगवानदीन निषाद ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी गाटा संख्या 1383, रकबा 0.5600 हेक्टेयर कृषि भूमि, जो रामपुरा जागीर–निनावली रोड पर स्थित है, पर कथित रूप से दबंगई और प्रशासनिक चुप्पी के बीच जबरन नाला निर्माण कराया जा रहा है।
“यही खेत रोटी है, यही बच्चों का भविष्य है”
भगवानदीन निषाद के अनुसार, यह जमीन सिर्फ मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार की जीवनरेखा है।
इसी खेत से उनके घर का चूल्हा जलता है, परिवार की आजीविका चलती है और बच्चों के भविष्य की उम्मीद जुड़ी हुई है।
लेकिन आज वही खेत कथित रूप से अवैध निर्माण, दबाव और अन्याय की चपेट में है।
“जब खेत पर हमला होता है, तो सिर्फ मिट्टी नहीं कटती — एक गरीब परिवार की सांसें कटती हैं।”
शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई कहाँ?
पीड़ित किसान का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी जालौन, स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों से की है।
इसके बावजूद यदि निर्माण कार्य नहीं रुक रहा, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
सबसे बड़े सवाल
क्या गरीब किसान की शिकायत अब सिर्फ कागज़ का टुकड़ा बनकर रह गई है?
क्या प्रशासन केवल ताकतवरों के लिए ही जागता है?
क्या कमजोर की जमीन पर कब्जे की कोशिश को सिस्टम की चुप्पी का संरक्षण मिल रहा है?
“जिस सिस्टम को गरीब की रक्षा करनी थी, उसी की चुप्पी आज सबसे बड़ा सवाल बन गई है।”
यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं, टूटती उम्मीदों की कहानी है
यह मामला केवल जमीन की नाप-जोख या निर्माण कार्य के विवाद तक सीमित नहीं है।
यह उस गरीब निषाद परिवार की टूटती उम्मीदों की कहानी है, जो अपनी खेती और हक बचाने के लिए दर-दर गुहार लगा रहा है।
एक तरफ कथित दबंगई और प्रशासनिक चुप्पी,
दूसरी तरफ एक कमजोर परिवार की बेबसी —
यह तस्वीर किसी भी संवेदनशील समाज को झकझोरने के लिए काफी है।
“कमजोर की जमीन पर कब्जे की कोशिश और प्रशासन मौन — यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक संकेत है।”
मानसिक तनाव में परिवार, भय का माहौल
पीड़ित भगवानदीन निषाद ने कहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के चलते वह और उनका परिवार गंभीर मानसिक तनाव में है।
परिवार में भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
यदि समय रहते प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ की मांग
शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ प्रशासन से मांग करता है कि—
मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए
पीड़ित किसान की भूमि पर हो रहे निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए
पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराया जाए
गरीब की जमीन, उसकी खेती और उसके परिवार के भविष्य की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि संवैधानिक और मानवीय जिम्मेदारी भी है।
    user_SHIVPAL SINGH
    SHIVPAL SINGH
    Publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उरई (जालौन)। ग्राम गढ़र स्थित सामाजिक चेतना स्थल पर मंगलवार को भावुक और प्रेरणादायी माहौल देखने को मिला। टीम बदलाव परिवार के सदस्यों ने स्मृतिशेष सरला निरंजन के तृतीय स्मृति दिवस पर पहले उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। इसके बाद शिक्षा और संस्कार का संदेश देते हुए बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों की आंखों में संवेदना और चेहरों पर संतोष की झलक साफ दिखाई दे रही थी। टीम बदलाव के सहयोग से नेशनल जनमत के संपादक नीरज भाई पटेल ने इस अवसर पर करीब 100 बच्चों को पेंसिल, रबर, कटर, रजिस्टर और किताबें वितरित कीं। जैसे ही बच्चों के हाथों में पढ़ाई का सामान पहुंचा, उनके चेहरों पर खुशी खिल उठी, जो उपस्थित लोगों के लिए भावुक कर देने वाला दृश्य था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कविताएं सुनाईं, जिससे पूरा परिसर तालियों की गूंज से भर गया। मासूम आवाजों में प्रस्तुत कविताओं ने न केवल माहौल को जीवंत बनाया, बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया। इसके बाद बच्चों को फल वितरित किए गए, जिससे उनका उत्साह और बढ़ गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामग्री वितरण नहीं, बल्कि बच्चों में शिक्षा के प्रति लगाव और आत्मविश्वास को मजबूत करना रहा। अंत में टीम बदलाव ने यह संदेश दिया कि स्मृतियां तभी सार्थक होती हैं, जब वे समाज को नई दिशा देने और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य का माध्यम बनें। सभी उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर अतुल अहिरवार, प्रवेश निरंजन, श्रवण निरंजन, प्रताप यादव, महेंद्र भाटिया, अजय श्रीवास, रविंद्र गौतम,संतोष राजपूत,पंकज पटेल, रविंद्र चौधरी, राहुल गौतम और प्रदीप महतवानी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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    उरई (जालौन)। ग्राम गढ़र स्थित सामाजिक चेतना स्थल पर मंगलवार को भावुक और प्रेरणादायी माहौल देखने को मिला। टीम बदलाव परिवार के सदस्यों ने स्मृतिशेष सरला निरंजन के तृतीय स्मृति दिवस पर पहले उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। इसके बाद शिक्षा और संस्कार का संदेश देते हुए बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित की।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों की आंखों में संवेदना और चेहरों पर संतोष की झलक साफ दिखाई दे रही थी। टीम बदलाव के सहयोग से नेशनल जनमत के संपादक नीरज भाई पटेल ने इस अवसर पर करीब 100 बच्चों को पेंसिल, रबर, कटर, रजिस्टर और किताबें वितरित कीं। जैसे ही बच्चों के हाथों में पढ़ाई का सामान पहुंचा, उनके चेहरों पर खुशी खिल उठी, जो उपस्थित लोगों के लिए भावुक कर देने वाला दृश्य था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कविताएं सुनाईं, जिससे पूरा परिसर तालियों की गूंज से भर गया। मासूम आवाजों में प्रस्तुत कविताओं ने न केवल माहौल को जीवंत बनाया, बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया। इसके बाद बच्चों को फल वितरित किए गए, जिससे उनका उत्साह और बढ़ गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामग्री वितरण नहीं, बल्कि बच्चों में शिक्षा के प्रति लगाव और आत्मविश्वास को मजबूत करना रहा।
अंत में टीम बदलाव ने यह संदेश दिया कि स्मृतियां तभी सार्थक होती हैं, जब वे समाज को नई दिशा देने और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य का माध्यम बनें। सभी उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया।
इस अवसर पर अतुल अहिरवार, प्रवेश निरंजन, श्रवण निरंजन, प्रताप यादव, महेंद्र भाटिया, अजय श्रीवास, रविंद्र गौतम,संतोष राजपूत,पंकज पटेल, रविंद्र चौधरी, राहुल गौतम और प्रदीप महतवानी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
    user_प्रदीप महतवानी
    प्रदीप महतवानी
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • जालौन में 58 वर्षीय किसान करण वीर सिंह की दर्दनाक मौत, देर रात खेतों में जानवर भगाने गए थे किसान, रेलवे ट्रैक के पास हुआ हादसा, ट्रेन की चपेट में आने से मौत, घटना से क्षेत्र में मचा हड़कंप, पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटे थे, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, खेतों की रखवाली करते समय हुआ हादसा, गांव में शोक की लहर, एट थाना क्षेत्र का मामला!!!!!!
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    जालौन में 58 वर्षीय किसान करण वीर सिंह की दर्दनाक मौत, देर रात खेतों में जानवर भगाने गए थे किसान, रेलवे ट्रैक के पास हुआ हादसा, ट्रेन की चपेट में आने से मौत, घटना से क्षेत्र में मचा हड़कंप, पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटे थे, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, खेतों की रखवाली करते समय हुआ हादसा, गांव में शोक की लहर, एट थाना क्षेत्र का मामला!!!!!!
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जनपद जालौन के कालपी विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में इन दिनों एक नाम तेजी से उभरकर सामने आ रहा है—रश्मि पाल। समाजवादी पार्टी की सक्रिय युवा नेत्री के रूप में पहचान बना चुकी रश्मि पाल अब अपनी लगातार सक्रियता और जनसंपर्क के चलते क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत दावेदारी पेश करती नजर आ रही हैं। रश्मि पाल लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रही हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें उठाने का प्रयास कर रही हैं। उनकी यह कार्यशैली आम जनता के बीच उन्हें एक जमीनी और भरोसेमंद नेता के रूप में स्थापित कर रही है। खासतौर पर युवा और महिला वर्ग में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि रश्मि पाल शिक्षित, सरल और सहज स्वभाव की नेता हैं, जो हर समय जनता के बीच मौजूद रहती हैं। यही कारण है कि कम समय में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। रश्मि पाल ने कहा कि अगर पार्टी मुझे मौका देती है, तो मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी से चुनाव लड़ूंगी। मेरी प्राथमिकता क्षेत्र का विकास, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं और आम जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना रहेगा। राजनीति मेरे लिए सेवा का माध्यम है।" पार्टी में भी रश्मि पाल लगातार सक्रिय नजर आ रही हैं, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत होती दिख रही है। वर्तमान समय में कालपी की सियासत में वह एक उभरते हुए और सकारात्मक विकल्प के रूप में देखी जा रही हैं, जिनसे क्षेत्र की जनता को नई उम्मीदें जुड़ी हैं। वाइट-रश्मि पाल। रिपोर्ट–जनपद जालौन से के लिए अमित कुमार।
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    जनपद जालौन के कालपी विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में इन दिनों एक नाम तेजी से उभरकर सामने आ रहा है—रश्मि पाल।
समाजवादी पार्टी की सक्रिय युवा नेत्री के रूप में पहचान बना चुकी रश्मि पाल अब अपनी लगातार सक्रियता और जनसंपर्क के चलते क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत दावेदारी पेश करती नजर आ रही हैं।
रश्मि पाल लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं।
वह गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रही हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें उठाने का प्रयास कर रही हैं। उनकी यह कार्यशैली आम जनता के बीच उन्हें एक जमीनी और भरोसेमंद नेता के रूप में स्थापित कर रही है।
खासतौर पर युवा और महिला वर्ग में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि रश्मि पाल शिक्षित, सरल और सहज स्वभाव की नेता हैं, जो हर समय जनता के बीच मौजूद रहती हैं।
यही कारण है कि कम समय में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।
रश्मि पाल ने कहा कि अगर पार्टी मुझे मौका देती है, तो मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी से चुनाव लड़ूंगी। मेरी प्राथमिकता क्षेत्र का विकास, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं और आम जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना रहेगा। राजनीति मेरे लिए सेवा का माध्यम है।"
पार्टी में भी रश्मि पाल लगातार सक्रिय नजर आ रही हैं, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत होती दिख रही है। वर्तमान समय में कालपी की सियासत में वह एक उभरते हुए और सकारात्मक विकल्प के रूप में देखी जा रही हैं, जिनसे क्षेत्र की जनता को नई उम्मीदें जुड़ी हैं।
वाइट-रश्मि पाल।
रिपोर्ट–जनपद जालौन से  के लिए अमित कुमार।
    user_AMIT KUMAR
    AMIT KUMAR
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • Post by Pt Raj Shukla
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    Post by Pt Raj Shukla
    user_Pt Raj Shukla
    Pt Raj Shukla
    Hardware Shop अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • खास खबर है जालौन जिले से जहां आज अचानक से मौसम ने करवट बदली और तेज़ हवाओं के साथ बारिश हुई और ओले भी गिरे हैं
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    खास खबर है जालौन जिले से जहां आज अचानक से मौसम ने करवट बदली और तेज़ हवाओं के साथ बारिश हुई और ओले भी गिरे हैं
    user_Deves Swarnkar  द न्यूज जालौन
    Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Bheem rajawat 9628800458
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    Post by Bheem rajawat 9628800458
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • स्मार्ट मीटर, स्मार्ट उपभोक्ता, स्मार्ट जालौन की ओर बढ़ता जनपद -  स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था से बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा पारदर्शी और सशक्त नियंत्रण - रीयल-टाइम खपत, आसान रिचार्ज और 2% छूट के साथ नई व्यवस्था लागू - घर बैठे रिचार्ज की सुविधा, बीसी सखी व विभाग में विशेष काउंटरों से भी आसान भुगतान व्यवस्था उरई, जालौन। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को लेकर प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसमें विद्युत विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर प्रणाली की विशेषताओं, लाभों एवं उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक जानकारियों को विस्तार से साझा किया गया। प्रेस ब्रीफिंग में बताया गया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर एक आधुनिक तकनीक आधारित प्रणाली है, जो उपभोक्ताओं को रीयल-टाइम में बिजली खपत एवं भुगतान की जानकारी उपलब्ध कराती है। यह मीटर प्रीपेड मोड पर कार्य करता है, जिसमें मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज कर बिजली का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही, यह मीटर सटीकता, डेटा सुरक्षा एवं सौर ऊर्जा (सोलर) के लिए भी पूर्णतः तैयार है।जिलाधिकारी ने कहा कि भारत सरकार एवं केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी नए कनेक्शनों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य किए जा रहे हैं तथा पुराने मीटरों को भी चरणबद्ध तरीके से प्रतिस्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था से उपभोक्ताओं को अनेक लाभ प्राप्त होंगे, जिनमें बिजली खपत की दैनिक एवं प्रति घंटे निगरानी, सटीक एवं पारदर्शी बिलिंग, कम बैलेंस की पूर्व सूचना, ऑटोमैटिक रीकनेक्शन तथा प्रीपेड पर 2 प्रतिशत की छूट शामिल है। साथ ही, पहले जमा सुरक्षा धनराशि को उपभोक्ताओं के खाते में समायोजित अथवा क्रेडिट किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि उपभोक्ता UPPCL स्मार्ट ऐप के माध्यम से घर बैठे बिजली उपयोग की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा UPI, Paytm, GPay आदि माध्यमों से आसानी से रिचार्ज कर सकते हैं। ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करने, रिचार्ज इतिहास देखने एवं मासिक विवरण प्राप्त करने की भी सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर, स्मार्ट उपभोक्ता, स्मार्ट जालौन के लक्ष्य के तहत उपभोक्ताओं को अधिकतम सुविधा प्रदान की जा रही है। अब उपभोक्ता स्वयं भी अपने मोबाइल के माध्यम से आसानी से रिचार्ज कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बीसी सखी के माध्यम से भी रिचार्ज की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त विद्युत विभाग द्वारा विशेष काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां उपभोक्ता जाकर आसानी से रिचार्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर की स्थापना आरडीएसएस योजना के अंतर्गत निःशुल्क की जा रही है। मीटर स्थापना के समय उपभोक्ताओं को इंस्टॉलर की पहचान सुनिश्चित करने, सही मोबाइल नंबर पंजीकरण एवं सीलिंग प्रमाण पत्र की जांच करने की सलाह दी गई।उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में रिचार्ज के बाद सामान्यतः 2 घंटे के भीतर आपूर्ति बहाल हो जाती है। इसके अतिरिक्त ग्रेस पीरियड, इमरजेंसी क्रेडिट तथा नो-डिस्कनेक्ट जोन जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को असुविधा से बचाया जा सके।जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को अपनाकर पारदर्शी, आधुनिक एवं उपभोक्ता-अनुकूल विद्युत प्रणाली के निर्माण में सहयोग करें तथा अधिक से अधिक लोग UPPCL स्मार्ट ऐप डाउनलोड कर इसका लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर आपकी बिजली, आपका नियंत्रण की भावना के साथ यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को सशक्त बनाते हुए विद्युत सेवाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह अधिशासी अभियंता प्रथम जितेंद्र नाथ अधिशासी अभियंत महेंद्र भारती आदि मौजूद रहे। फोटो
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    स्मार्ट मीटर, स्मार्ट उपभोक्ता, स्मार्ट जालौन की ओर बढ़ता जनपद
-  स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था से बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा पारदर्शी और सशक्त नियंत्रण
- रीयल-टाइम खपत, आसान रिचार्ज और 2% छूट के साथ नई व्यवस्था लागू
- घर बैठे रिचार्ज की सुविधा, बीसी सखी व विभाग में विशेष काउंटरों से भी आसान भुगतान व्यवस्था
उरई, जालौन। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को लेकर प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसमें विद्युत विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर प्रणाली की विशेषताओं, लाभों एवं उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक जानकारियों को विस्तार से साझा किया गया।
प्रेस ब्रीफिंग में बताया गया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर एक आधुनिक तकनीक आधारित प्रणाली है, जो उपभोक्ताओं को रीयल-टाइम में बिजली खपत एवं भुगतान की जानकारी उपलब्ध कराती है। यह मीटर प्रीपेड मोड पर कार्य करता है, जिसमें मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज कर बिजली का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही, यह मीटर सटीकता, डेटा सुरक्षा एवं सौर ऊर्जा (सोलर) के लिए भी पूर्णतः तैयार है।जिलाधिकारी ने कहा कि भारत सरकार एवं केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी नए कनेक्शनों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य किए जा रहे हैं तथा पुराने मीटरों को भी चरणबद्ध तरीके से प्रतिस्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था से उपभोक्ताओं को अनेक लाभ प्राप्त होंगे, जिनमें बिजली खपत की दैनिक एवं प्रति घंटे निगरानी, सटीक एवं पारदर्शी बिलिंग, कम बैलेंस की पूर्व सूचना, ऑटोमैटिक रीकनेक्शन तथा प्रीपेड पर 2 प्रतिशत की छूट शामिल है। साथ ही, पहले जमा सुरक्षा धनराशि को उपभोक्ताओं के खाते में समायोजित अथवा क्रेडिट किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि उपभोक्ता UPPCL स्मार्ट ऐप के माध्यम से घर बैठे बिजली उपयोग की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा UPI, Paytm, GPay आदि माध्यमों से आसानी से रिचार्ज कर सकते हैं। ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करने, रिचार्ज इतिहास देखने एवं मासिक विवरण प्राप्त करने की भी सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर, स्मार्ट उपभोक्ता, स्मार्ट जालौन के लक्ष्य के तहत उपभोक्ताओं को अधिकतम सुविधा प्रदान की जा रही है। अब उपभोक्ता स्वयं भी अपने मोबाइल के माध्यम से आसानी से रिचार्ज कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बीसी सखी के माध्यम से भी रिचार्ज की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त विद्युत विभाग द्वारा विशेष काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां उपभोक्ता जाकर आसानी से रिचार्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर की स्थापना आरडीएसएस योजना के अंतर्गत निःशुल्क की जा रही है। मीटर स्थापना के समय उपभोक्ताओं को इंस्टॉलर की पहचान सुनिश्चित करने, सही मोबाइल नंबर पंजीकरण एवं सीलिंग प्रमाण पत्र की जांच करने की सलाह दी गई।उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में रिचार्ज के बाद सामान्यतः 2 घंटे के भीतर आपूर्ति बहाल हो जाती है। इसके अतिरिक्त ग्रेस पीरियड, इमरजेंसी क्रेडिट तथा नो-डिस्कनेक्ट जोन जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को असुविधा से बचाया जा सके।जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को अपनाकर पारदर्शी, आधुनिक एवं उपभोक्ता-अनुकूल विद्युत प्रणाली के निर्माण में सहयोग करें तथा अधिक से अधिक लोग UPPCL स्मार्ट ऐप डाउनलोड कर इसका लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर आपकी बिजली, आपका नियंत्रण की भावना के साथ यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को सशक्त बनाते हुए विद्युत सेवाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह अधिशासी अभियंता प्रथम जितेंद्र नाथ अधिशासी अभियंत महेंद्र भारती आदि मौजूद रहे।
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    user_प्रदीप महतवानी
    प्रदीप महतवानी
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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