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जालौन। जनपद में अचानक हुई तेज बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस समय जिले में गेहूं की कटाई का कार्य जोरों पर चल रहा है, जबकि कई किसान मूंग की बुवाई में भी जुटे हुए हैं। बारिश के कारण खेतों में रखी कट चुकी गेहूं की फसल भीग गई, जिससे किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। बताया जा रहा है कि कई किसानों ने गेहूं की कटाई कर फसल को खेतों में ही सुखाने के लिए छोड़ रखा था। अचानक बारिश होने से कटे हुए गेहूं के पूले भीग गए और कई जगह खेतों में पानी भर गया, जिससे दानों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं दूसरी ओर, मूंग की बुवाई कर रहे किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में नमी और पानी भर जाने से बीज खराब होने या बह जाने की आशंका जताई जा रही है।
Bheem rajawat 9628800458
जालौन। जनपद में अचानक हुई तेज बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस समय जिले में गेहूं की कटाई का कार्य जोरों पर चल रहा है, जबकि कई किसान मूंग की बुवाई में भी जुटे हुए हैं। बारिश के कारण खेतों में रखी कट चुकी गेहूं की फसल भीग गई, जिससे किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। बताया जा रहा है कि कई किसानों ने गेहूं की कटाई कर फसल को खेतों में ही सुखाने के लिए छोड़ रखा था। अचानक बारिश होने से कटे हुए गेहूं के पूले भीग गए और कई जगह खेतों में पानी भर गया, जिससे दानों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं दूसरी ओर, मूंग की बुवाई कर रहे किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में नमी और पानी भर जाने से बीज खराब होने या बह जाने की आशंका जताई जा रही है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- खास खबर है जालौन जिले से जहां आज अचानक से मौसम ने करवट बदली और तेज़ हवाओं के साथ बारिश हुई और ओले भी गिरे हैं2
- Post by Bheem rajawat 96288004584
- “यह सिर्फ नाला नहीं, गरीब की छाती पर चलती व्यवस्था है” जालौन, उत्तर प्रदेश। जनपद जालौन के ग्राम मल्लाहनपुरा, थाना रामपुरा से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक गरीब किसान ने अपनी खेती और जमीन बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद उसकी कृषि भूमि पर जबरन चौड़े नाले का निर्माण कार्य जारी है। पीड़ित किसान भगवानदीन निषाद ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी गाटा संख्या 1383, रकबा 0.5600 हेक्टेयर कृषि भूमि, जो रामपुरा जागीर–निनावली रोड पर स्थित है, पर कथित रूप से दबंगई और प्रशासनिक चुप्पी के बीच जबरन नाला निर्माण कराया जा रहा है। “यही खेत रोटी है, यही बच्चों का भविष्य है” भगवानदीन निषाद के अनुसार, यह जमीन सिर्फ मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार की जीवनरेखा है। इसी खेत से उनके घर का चूल्हा जलता है, परिवार की आजीविका चलती है और बच्चों के भविष्य की उम्मीद जुड़ी हुई है। लेकिन आज वही खेत कथित रूप से अवैध निर्माण, दबाव और अन्याय की चपेट में है। “जब खेत पर हमला होता है, तो सिर्फ मिट्टी नहीं कटती — एक गरीब परिवार की सांसें कटती हैं।” शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई कहाँ? पीड़ित किसान का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी जालौन, स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों से की है। इसके बावजूद यदि निर्माण कार्य नहीं रुक रहा, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़े सवाल क्या गरीब किसान की शिकायत अब सिर्फ कागज़ का टुकड़ा बनकर रह गई है? क्या प्रशासन केवल ताकतवरों के लिए ही जागता है? क्या कमजोर की जमीन पर कब्जे की कोशिश को सिस्टम की चुप्पी का संरक्षण मिल रहा है? “जिस सिस्टम को गरीब की रक्षा करनी थी, उसी की चुप्पी आज सबसे बड़ा सवाल बन गई है।” यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं, टूटती उम्मीदों की कहानी है यह मामला केवल जमीन की नाप-जोख या निर्माण कार्य के विवाद तक सीमित नहीं है। यह उस गरीब निषाद परिवार की टूटती उम्मीदों की कहानी है, जो अपनी खेती और हक बचाने के लिए दर-दर गुहार लगा रहा है। एक तरफ कथित दबंगई और प्रशासनिक चुप्पी, दूसरी तरफ एक कमजोर परिवार की बेबसी — यह तस्वीर किसी भी संवेदनशील समाज को झकझोरने के लिए काफी है। “कमजोर की जमीन पर कब्जे की कोशिश और प्रशासन मौन — यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक संकेत है।” मानसिक तनाव में परिवार, भय का माहौल पीड़ित भगवानदीन निषाद ने कहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के चलते वह और उनका परिवार गंभीर मानसिक तनाव में है। परिवार में भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। यदि समय रहते प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ की मांग शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ प्रशासन से मांग करता है कि— मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए पीड़ित किसान की भूमि पर हो रहे निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराया जाए गरीब की जमीन, उसकी खेती और उसके परिवार के भविष्य की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि संवैधानिक और मानवीय जिम्मेदारी भी है।2
- उरई (जालौन)। ग्राम गढ़र स्थित सामाजिक चेतना स्थल पर मंगलवार को भावुक और प्रेरणादायी माहौल देखने को मिला। टीम बदलाव परिवार के सदस्यों ने स्मृतिशेष सरला निरंजन के तृतीय स्मृति दिवस पर पहले उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। इसके बाद शिक्षा और संस्कार का संदेश देते हुए बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों की आंखों में संवेदना और चेहरों पर संतोष की झलक साफ दिखाई दे रही थी। टीम बदलाव के सहयोग से नेशनल जनमत के संपादक नीरज भाई पटेल ने इस अवसर पर करीब 100 बच्चों को पेंसिल, रबर, कटर, रजिस्टर और किताबें वितरित कीं। जैसे ही बच्चों के हाथों में पढ़ाई का सामान पहुंचा, उनके चेहरों पर खुशी खिल उठी, जो उपस्थित लोगों के लिए भावुक कर देने वाला दृश्य था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कविताएं सुनाईं, जिससे पूरा परिसर तालियों की गूंज से भर गया। मासूम आवाजों में प्रस्तुत कविताओं ने न केवल माहौल को जीवंत बनाया, बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया। इसके बाद बच्चों को फल वितरित किए गए, जिससे उनका उत्साह और बढ़ गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामग्री वितरण नहीं, बल्कि बच्चों में शिक्षा के प्रति लगाव और आत्मविश्वास को मजबूत करना रहा। अंत में टीम बदलाव ने यह संदेश दिया कि स्मृतियां तभी सार्थक होती हैं, जब वे समाज को नई दिशा देने और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य का माध्यम बनें। सभी उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर अतुल अहिरवार, प्रवेश निरंजन, श्रवण निरंजन, प्रताप यादव, महेंद्र भाटिया, अजय श्रीवास, रविंद्र गौतम,संतोष राजपूत,पंकज पटेल, रविंद्र चौधरी, राहुल गौतम और प्रदीप महतवानी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- जालौन में 58 वर्षीय किसान करण वीर सिंह की दर्दनाक मौत, देर रात खेतों में जानवर भगाने गए थे किसान, रेलवे ट्रैक के पास हुआ हादसा, ट्रेन की चपेट में आने से मौत, घटना से क्षेत्र में मचा हड़कंप, पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटे थे, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, खेतों की रखवाली करते समय हुआ हादसा, गांव में शोक की लहर, एट थाना क्षेत्र का मामला!!!!!!1
- जनपद जालौन के कालपी विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में इन दिनों एक नाम तेजी से उभरकर सामने आ रहा है—रश्मि पाल। समाजवादी पार्टी की सक्रिय युवा नेत्री के रूप में पहचान बना चुकी रश्मि पाल अब अपनी लगातार सक्रियता और जनसंपर्क के चलते क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत दावेदारी पेश करती नजर आ रही हैं। रश्मि पाल लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रही हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें उठाने का प्रयास कर रही हैं। उनकी यह कार्यशैली आम जनता के बीच उन्हें एक जमीनी और भरोसेमंद नेता के रूप में स्थापित कर रही है। खासतौर पर युवा और महिला वर्ग में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि रश्मि पाल शिक्षित, सरल और सहज स्वभाव की नेता हैं, जो हर समय जनता के बीच मौजूद रहती हैं। यही कारण है कि कम समय में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। रश्मि पाल ने कहा कि अगर पार्टी मुझे मौका देती है, तो मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी से चुनाव लड़ूंगी। मेरी प्राथमिकता क्षेत्र का विकास, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं और आम जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना रहेगा। राजनीति मेरे लिए सेवा का माध्यम है।" पार्टी में भी रश्मि पाल लगातार सक्रिय नजर आ रही हैं, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत होती दिख रही है। वर्तमान समय में कालपी की सियासत में वह एक उभरते हुए और सकारात्मक विकल्प के रूप में देखी जा रही हैं, जिनसे क्षेत्र की जनता को नई उम्मीदें जुड़ी हैं। वाइट-रश्मि पाल। रिपोर्ट–जनपद जालौन से के लिए अमित कुमार।2
- जनपद के कोंच कस्बे में पशुपालन विभाग की मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट वैन के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो मंगलवार सुबह 10 बजे सामने आया है, आरोप है कि पशुओं के इलाज और आपात सेवाओं के लिए चलाई जा रही विभागीय वैन का इस्तेमाल निजी कार्यों और सामान ढुलाई के लिए किया जा रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पशुपालन विभाग द्वारा संचालित मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट वैन का उद्देश्य गांव-गांव जाकर पशुओं का इलाज करना और आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। लेकिन कोंच कस्बे में इस वैन का उपयोग निजी सामान ढुलाई के लिए किया जा रहा है, जिससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार इस वैन को पशुओं के इलाज के बजाय निजी कार्यों में उपयोग करते हुए देखा गया है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की जानकारी में ही वाहन से निजी सामान की ढुलाई की जा रही है। इससे पशुपालकों को मिलने वाली सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब जरूरत पड़ती है, तब मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट उपलब्ध नहीं होती, जबकि वही वाहन अन्य निजी कार्यों में व्यस्त दिखाई देता है। इससे पशुपालकों में नाराजगी देखी जा रही है और उन्होंने मामले की जांच की मांग की है। इस मामले में जब संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। हालांकि, सूत्रों के अनुसार मामला संज्ञान में आने के बाद जांच की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर रोक लगाई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि पशुपालकों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित न हों। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या पशुपालन विभाग की इस मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट के दुरुपयोग पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।1
- Post by Bheem rajawat 96288004581