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बड़ी प्रशासनिक खबर: सिवनी को मिली नई कलेक्टर, नेहा मीना का देवास तबादला बड़ी प्रशासनिक खबर: सिवनी को मिली नई कलेक्टर, नेहा मीना का देवास तबादला श्रीमती अंजू अरुण कुमार संभालेंगी सिवनी कलेक्टर की जिम्मेदारी, मध्यप्रदेश शासन ने जारी किया आदेश #Seoni #BreakingNews
सरवन वर्मा पत्रकार
बड़ी प्रशासनिक खबर: सिवनी को मिली नई कलेक्टर, नेहा मीना का देवास तबादला बड़ी प्रशासनिक खबर: सिवनी को मिली नई कलेक्टर, नेहा मीना का देवास तबादला श्रीमती अंजू अरुण कुमार संभालेंगी सिवनी कलेक्टर की जिम्मेदारी, मध्यप्रदेश शासन ने जारी किया आदेश #Seoni #BreakingNews
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- बड़ी प्रशासनिक खबर: सिवनी को मिली नई कलेक्टर, नेहा मीना का देवास तबादला बड़ी प्रशासनिक खबर: सिवनी को मिली नई कलेक्टर, नेहा मीना का देवास तबादला श्रीमती अंजू अरुण कुमार संभालेंगी सिवनी कलेक्टर की जिम्मेदारी, मध्यप्रदेश शासन ने जारी किया आदेश #Seoni #BreakingNews1
- वन विकास निगम कार्यालय में ‘निधि आपके निकट 2.0’ कार्यक्रम आयोजित सिवनी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा 27 अक्टूबर को वन विकास निगम, बरघाट परियोजना मंडल कार्यालय, ज्यारथ नाका सिवनी में ‘निधि आपके निकट 2.0’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डीएफओ रामकिशन सोलंकी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 35 से 40 कर्मचारी, पेंशनधारक एवं नियोक्ता शामिल हुए। इस दौरान पीएफ और पेंशन संबंधी जानकारी देने के साथ नाम, पिता के नाम एवं जन्मतिथि में संशोधन जैसी समस्याओं का निराकरण किया गया। कुछ पेंशनधारकों के फॉर्म-10डी भी ऑनलाइन जमा किए गए। आगामी कार्यक्रम 27 नवंबर 2026 को आयोजित होगा।1
- Seoni News: कलेक्टर Neha Meena का देवास तबादला, Anju Arun Kumar बनीं सिवनी की नई कलेक्टर1
- कटंगी-तिरोड़ी में बदला मौसम का मिजाज, बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता मंगलवार 27 अक्टूबर को कटंगी और तिरोड़ी तहसील क्षेत्र में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। शाम करीब 7 बजे क्षेत्र के कई गांवों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। दरअसल, इन दिनों क्षेत्र में धान की फसल कटाई का काम जोरों पर है। खेतों में धान की फसल पककर तैयार खड़ी है और कई किसान फसल काटकर खेतों में ही सुखाने के लिए रखे हुए हैं। ऐसे में अचानक हुई बारिश से फसल भीगने और खेतों में जलभराव का खतरा बन गया है।1
- सरंडी में भालू दिखाई देने से ग्रामीणों में भय की लहर वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी खोजने का कर रहे प्रयास वारासिवनी। वारासिवनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सरंडी में मंगलवार की सुबह वन्य प्राणी भालू के दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पिछले कुछ दिनों से ग्राम सावंगी व सरंडी में भालू के विचरण से इन क्षेत्रों के ग्रामीण परेशान व भयभीत है। मंगलवार की सुबह लगभग 6 बजे ग्राम सरंडी के ग्रामीण पूरन लाल खोब्रागड़े ने अपने मकान के सामने से भालू को जाते हुए देखा, तो उसने अपने पड़ोसी ग्रामीणों व कोटवार को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद कोटवार ने वन विभाग को लगभग 8 बजे सूचना दी। कोटवार की सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारी ग्राम सरंडी पहुॅचे। जहॉ पहुॅच कर उन्होंने भालू की तलाश प्रारंभ की, लेकिन शाम तक उनको भालू नहीं मिला है और उसकी तलाश जारी है। ग्राम सरंडी में भालू के दिखाई देने की खबर मिलने के बाद वारासिवनी वन परिक्षेत्र के रेंजर छत्रपाल सिंह जादौन भी स्थल पर पहुॅचे और फिर सीसीएफ गौरव चौधरी भी ग्राम सरंडी पहुॅचे। वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारीगण भालू को लगातार खोजने का प्रयास कर रहे है, लेकिन उसकी स्थिति का अभी तक पता नहीं चला है। कुछ लोगों का कहना है कि वह पूरनलाल खोब्रागड़े के घर के पीछे की झाडिय़ों में छुपा हुआ है, लेकिन वह किसी को भी दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीण पूरनलाल खोब्रागडे ने बताया कि सुबह लगभग 6 बजे वह पेशाब जाने के लिए उठे, तो भालू उनके सामने की ओर से सडक़ को क्रास कर पीछे बाथरुम की ओर चला गया और फिर वहॉ से झाडिय़ों की ओर चला गया। उसे बहुत सारे ग्रामीणों ने देखा और भगाने का प्रयास किया गया। भालू के दिखने की जानकारी उन्होंने अपने कोटवार बड़े भाई को दी। जिन्होंने लगभग 8 बजे वन विभाग को इसकी खबर दी थी। ग्रामीण श्यामराव शेंडे ने बताया कि सुबह भालू दिखाई दिया था और वह झाडिय़ों में विचरण करते हुए मकान के पीछे के हिस्से में चला गया था, लेकिन अब वह दिखाई नहीं दे रहा है। फिलहाल तो वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शाम तक सरंडी में भालू को ढूॅढने का प्रयास कर रहे है। लेकिन भालू किसी को भी दिखाई नहीं दे रहा है। जिससे ग्रामीणों में भय बना हुआ है। इनका कहना है:- रात्रि के समय भी वनकर्मी ग्राम में रहकर सर्चिंग अभियान चलायेगे और सर्चिंग में भालू का पता नहीं चल पाया, तो कल ड्रोन के माध्यम से उसका पता करने का प्रयास किया जायेगा। छत्रपाल सिंह जादौन वन परिक्षेत्र अधिकारी वारासिवनी।4
- मीरगपुर में 50 रक्तदाताओं ने किया रक्तदान, जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति स्वर्गीय रवि देशमुख की पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर आयोजित मीरगपुर। पूर्व सरपंच स्वर्गीय श्री रवि देशमुख की पुण्यतिथि के अवसर पर मीरगपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 50 रक्तदाताओं ने रक्तदान कर मानवता और समाजसेवा का संदेश दिया। आयोजन का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता में सहयोग करना तथा समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष डॉ. तेजलाल चौधरी, जिला सलाहकार समिति मीरगपुर के राजेन्द्र देशमुख, ग्राम पंचायत दुधारा के सरपंच संघ अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र देशमुख, जिला पंचायत सभापति महिला एवं बाल विकास कटंगी श्रीमती केशर बाई बिसेन, पूर्व जिला पंचायत सभापति श्रीमती अरुणा गजभिए, ग्राम पंचायत मीरगपुर के सरपंच दीपक देशमुख, जनपद सभापति गुडरुघाट आलोक पाटिल, मोहगांव घाट के सरपंच दुर्गेश पारधी तथा टटेकसा के पूर्व सरपंच फागुलाल गौतम उपस्थित रहे। इसके अलावा सावरगांव मंडल मीडिया प्रभारी शैलेश ठाकरे, युवा मोर्चा के अंकित ठाकरे, जयेश देशमुख, रूपेंद्र क्षीरसागर, विनय जायसवाल तथा मीरगपुर मंडल उपाध्यक्ष फुलेंद्र डहारे सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। समस्त स्वास्थ्य स्टाफ की उपस्थिति में रक्तदान शिविर संपन्न हुआ। शिविर में 50 लोगों द्वारा रक्तदान किया जाना आयोजन की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता का संदेश देते हुए उपस्थित लोगों ने सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। स्वर्गीय रवि देशमुख की स्मृति में आयोजित यह पहल समाजसेवा और मानवता के प्रति समर्पण का उदाहरण बनी। इस आयोजन के माध्यम से लोगों को रक्तदान के महत्व को समझने और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने का संदेश दिया गया।4
- जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनीं आवेदकों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश सिवनी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली शाह, अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री, एसडीएम सिवनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- खैरलांजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस सेवा ठप खैरलांजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस सेवा ठप रेफर मरीज को तीन घंटे करना पड़ा इंतजार नवभारत, खैरलांजी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरलांजी में एंबुलेंस सेवा की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सड़क दुर्घटना में घायल एक युवती को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल बालाघाट रेफर किए जाने के बाद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से लगभग तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान मरीज की हालत बिगड़ने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की जान पर बन आती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? प्राप्त जानकारी के अनुसार,25 अक्टूबर को रात्रि लगभग 8 बजे लालबर्रा निवासी विस्मिता , पिता रविशंकर, नागपुर से अपने गांव लालबर्रा जा रहे थे। इसी दौरान खैरलांजी से लगभग दो किलोमीटर दूर नवेगांव में उनकी मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में घायल को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरलांजी लाया गया। यहां उपचार के दौरान मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल बालाघाट रेफर कर दिया। अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस, मरीज करता रहा इंतजार मरीज को रेफर किए जाने के बाद जब एंबुलेंस की जरूरत पड़ी, तो अस्पताल में उपलब्ध जननी 108 और अन्य दो एंबुलेंस के बंद होने की जानकारी सामने आई। इसके चलते मरीज को दूसरी एंबुलेंस की व्यवस्था होने तक लगभग तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। आरोप है कि इस देरी के दौरान मरीज की हालत और बिगड़ती गई। आपातकालीन स्थिति में इस तरह की देरी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनप्रतिनिधियों द्वारा दी गई एंबुलेंस का क्या हो रहा उपयोग? बताया जाता है कि पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरलांजी को एक एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई थी। वहीं, पूर्व विधायक टामलाल सहारे द्वारा भी अस्पताल को एक एंबुलेंस प्रदान किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद मरीज को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इन वाहनों की वर्तमान स्थिति, रखरखाव और संचालन को लेकर संबंधित विभाग से स्पष्ट जानकारी सामने आना आवश्यक है। एंबुलेंस चालक की ड्यूटी पर भी उठे सवाल मामले में तूफान एंबुलेंस के चालक मनोज माहुले की ड्यूटी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि एंबुलेंस चालक को बीएमओ डॉ. खिलेंद्र पाल के निजी वाहन के संचालन में लगाया गया है। यदि यह आरोप सही है, तो यह जांच का विषय है कि सरकारी व्यवस्था के लिए नियुक्त चालक की ड्यूटी निजी वाहन पर किस आदेश से लगाई गई और इस दौरान एंबुलेंस सेवा का संचालन किसके जिम्मे था। जिम्मेदारी तय होगी या मामला दब जाएगा? इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को एंबुलेंस की उपलब्धता, खराब वाहनों की स्थिति, चालक की ड्यूटी और मरीज को रेफर करने के बाद हुई देरी की जांच करानी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सरकारी संसाधनों का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप हो रहा है या नहीं। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा में एंबुलेंस केवल एक वाहन नहीं, बल्कि मरीज को समय पर उपचार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में खैरलांजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आई इस घटना ने व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है या मरीजों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।2