बस्सी: आईपीएस विनय कुमार की शाही विदाई, गाजे-बाजे और घोड़ी पर सवार होकर निकले कप्तान बस्सी (जयपुर ग्रामीण): पुलिस प्रशासन में अपनी सख्त पकड़ और जनहितकारी कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले आईपीएस और एसीपी विनय कुमार को बस्सी सर्कल में एक भव्य और यादगार विदाई दी गई। राज्यपाल के परिसहाय (ADC) पद पर स्थानांतरण होने के अवसर पर आयोजित इस समारोह में पुलिसकर्मियों और आम जनता का उनके प्रति भारी प्रेम देखने को मिला। घोड़ी पर विदाई यात्रा: शाही अंदाज में रवानगी विदाई समारोह को बेहद खास बनाने के लिए पुलिस स्टाफ और स्थानीय लोगों ने पारंपरिक राजस्थानी अंदाज अपनाया। एसीपी विनय कुमार को गाजे-बाजे के साथ घोड़ी पर बिठाकर एसीपी कार्यालय से बस्सी चक तक एक भव्य विदाई यात्रा निकाली गई। रास्ते भर लोगों ने उनके कार्यकाल की सराहना की और उन पर स्नेह बरसाया। कार्यकाल की उपलब्धियां: अपराध पर नकेल और जन-विश्वास समारोह के दौरान वक्ताओं ने विनय कुमार के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उनके कार्यकाल की मुख्य विशेषताएं रहीं: प्रभावी अपराध नियंत्रण: उनके नेतृत्व में क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत हुई और अपराधियों में खौफ पैदा हुआ। पुलिस-पब्लिक तालमेल: उन्होंने पुलिस और आमजन के बीच की दूरी को कम कर आपसी विश्वास को नई ऊंचाई दी। सख्त प्रशासनिक पकड़: अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मामले में उन्होंने एक मिसाल कायम की। सम्मान के साथ झलकी विदाई की कसक समारोह में आईपीएस विनय कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। जहाँ एक ओर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की जा रही थी, वहीं एक सक्षम अधिकारी के जाने का मलाल भी लोगों के चेहरों पर साफ दिखा। विदाई के इन भावुक क्षणों में कई पुलिसकर्मियों और नागरिकों की आंखें नम नजर आईं। "एक अधिकारी जब जनता के बीच विश्वास कमाता है, तो उसकी विदाई केवल एक सरकारी आदेश नहीं, बल्कि एक उत्सव बन जाती है। बस्सी में विनय कुमार की विदाई इसी का जीवंत उदाहरण रही।"
बस्सी: आईपीएस विनय कुमार की शाही विदाई, गाजे-बाजे और घोड़ी पर सवार होकर निकले कप्तान बस्सी (जयपुर ग्रामीण): पुलिस प्रशासन में अपनी सख्त पकड़ और जनहितकारी कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले आईपीएस और एसीपी विनय कुमार को बस्सी सर्कल में एक भव्य और यादगार विदाई दी गई। राज्यपाल के परिसहाय (ADC) पद पर स्थानांतरण होने के अवसर पर आयोजित इस समारोह में पुलिसकर्मियों और आम जनता का उनके प्रति भारी प्रेम देखने को मिला। घोड़ी पर विदाई यात्रा: शाही अंदाज में रवानगी विदाई समारोह को बेहद खास बनाने के लिए पुलिस स्टाफ और स्थानीय लोगों ने पारंपरिक राजस्थानी अंदाज अपनाया। एसीपी विनय कुमार को गाजे-बाजे के साथ घोड़ी पर बिठाकर एसीपी कार्यालय से बस्सी चक तक एक भव्य विदाई यात्रा निकाली गई। रास्ते भर लोगों ने उनके कार्यकाल की सराहना की और उन पर स्नेह बरसाया। कार्यकाल की उपलब्धियां: अपराध पर नकेल और जन-विश्वास समारोह के दौरान वक्ताओं ने विनय कुमार के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उनके कार्यकाल की मुख्य विशेषताएं रहीं: प्रभावी अपराध नियंत्रण: उनके नेतृत्व में क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत हुई और अपराधियों में खौफ पैदा हुआ। पुलिस-पब्लिक तालमेल: उन्होंने पुलिस और आमजन के बीच की दूरी को कम कर आपसी विश्वास को नई ऊंचाई दी। सख्त प्रशासनिक पकड़: अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मामले में उन्होंने एक मिसाल कायम की। सम्मान के साथ झलकी विदाई की कसक समारोह में आईपीएस विनय कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। जहाँ एक ओर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की जा रही थी, वहीं एक सक्षम अधिकारी के जाने का मलाल भी लोगों के चेहरों पर साफ दिखा। विदाई के इन भावुक क्षणों में कई पुलिसकर्मियों और नागरिकों की आंखें नम नजर आईं। "एक अधिकारी जब जनता के बीच विश्वास कमाता है, तो उसकी विदाई केवल एक सरकारी आदेश नहीं, बल्कि एक उत्सव बन जाती है। बस्सी में विनय कुमार की विदाई इसी का जीवंत उदाहरण रही।"
- बस्सी (जयपुर ग्रामीण): पुलिस प्रशासन में अपनी सख्त पकड़ और जनहितकारी कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले आईपीएस और एसीपी विनय कुमार को बस्सी सर्कल में एक भव्य और यादगार विदाई दी गई। राज्यपाल के परिसहाय (ADC) पद पर स्थानांतरण होने के अवसर पर आयोजित इस समारोह में पुलिसकर्मियों और आम जनता का उनके प्रति भारी प्रेम देखने को मिला। घोड़ी पर विदाई यात्रा: शाही अंदाज में रवानगी विदाई समारोह को बेहद खास बनाने के लिए पुलिस स्टाफ और स्थानीय लोगों ने पारंपरिक राजस्थानी अंदाज अपनाया। एसीपी विनय कुमार को गाजे-बाजे के साथ घोड़ी पर बिठाकर एसीपी कार्यालय से बस्सी चक तक एक भव्य विदाई यात्रा निकाली गई। रास्ते भर लोगों ने उनके कार्यकाल की सराहना की और उन पर स्नेह बरसाया। कार्यकाल की उपलब्धियां: अपराध पर नकेल और जन-विश्वास समारोह के दौरान वक्ताओं ने विनय कुमार के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उनके कार्यकाल की मुख्य विशेषताएं रहीं: प्रभावी अपराध नियंत्रण: उनके नेतृत्व में क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत हुई और अपराधियों में खौफ पैदा हुआ। पुलिस-पब्लिक तालमेल: उन्होंने पुलिस और आमजन के बीच की दूरी को कम कर आपसी विश्वास को नई ऊंचाई दी। सख्त प्रशासनिक पकड़: अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मामले में उन्होंने एक मिसाल कायम की। सम्मान के साथ झलकी विदाई की कसक समारोह में आईपीएस विनय कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। जहाँ एक ओर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की जा रही थी, वहीं एक सक्षम अधिकारी के जाने का मलाल भी लोगों के चेहरों पर साफ दिखा। विदाई के इन भावुक क्षणों में कई पुलिसकर्मियों और नागरिकों की आंखें नम नजर आईं। "एक अधिकारी जब जनता के बीच विश्वास कमाता है, तो उसकी विदाई केवल एक सरकारी आदेश नहीं, बल्कि एक उत्सव बन जाती है। बस्सी में विनय कुमार की विदाई इसी का जीवंत उदाहरण रही।"1
- जयपुर में शुक्रवार शाम को अंधड़ के चलते ब्रह्मपुरी इलाके में एक घर की टीनशेड की छत ढह गई। टीनशेड की छत के नीचे गिरने से घर में मौजूद महिला दब गई। महिला के बने की सूचना के बाद ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन कर महज कुछ ही मिनटों में दबी महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस की ओर से प्राथमिक उपचार के लिए महिला को हॉस्पिटल भर्ती करवाया गया। पुलिस ने बताया- तेज अंधड़ के चलते शुक्रवार शाम को जोरावर सिंह गेट पर टीनशेड का घर ढह गया। अंधड़ के चलते टीनशेड की छत पूरी तरह से टूटकर नीचे आ गिरी। हादसे के समय घर के अंदर मौजूद महिला टीनशेड के नीचे दब गई। वहीं स्थानीय लोगों की सूचना पर ब्रह्मपुरी थाने की चेतक मौके पर पहुंची। चेतक में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टूटे बिजली तारों को देखने के बाद भी पुलिसकर्मी अंदर घुसे। काफी मशक्कत कर टीनशेड के नीचे दबी महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस चेतक की मदद से प्राथमिक उपचार के लिए हॉस्पिटल पहुंचाया गया।1
- राजस्थान के हाइवे पर रोडवेज को ओवरटेक करने से पहले रोडवेज के पीछे लिखे स्लोगन को जरूर पढ़ना आ रोड़वेज है प्रधान ठंड रख ठंड...1
- जयपुर से बड़ी खबर राजधानी जयपुर के ब्रह्मपुरी थाना इलाके में तेज अंधड़ और बारिश के चलते एक बड़ा हादसा हो गया। जोरावर सिंह गेट स्थित सुरेश स्मृति पार्क के पास टीन शेड का एक मकान अचानक ढह गया, जिसके मलबे में एक महिला दब गई। घटना की सूचना मिलते ही चेतक ब्रह्मपुरी टीम मौके पर पहुंची। हालात बेहद गंभीर थे—टूटे हुए बिजली के तारों में करंट दौड़ रहा था और मलबे के नीचे महिला फंसी हुई थी। इस दौरान हेड कांस्टेबल भागीरथ और कांस्टेबल हंसराज ने बहादुरी दिखाते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना अंदर प्रवेश किया। उन्होंने सावधानीपूर्वक टीन शेड हटाकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद महिला को तुरंत चेतक वाहन से भारी भीड़ के बीच निकालकर एसएमएस हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है। यह साहसिक कार्य पुलिस के कर्तव्यनिष्ठा और आमजन की सुरक्षा के प्रति समर्पण का जीता-जागता उदाहरण है।1
- Post by Kishan Lal jangid1
- Post by Just Jaipur Live1
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