Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तमकुही राज क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी ने 424 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी है। हालांकि, इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी द्वारा की गई किसी टिप्पणी या बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने आखिर ऐसा क्या कह दिया।
धर्मेन्द्र कसौधन
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तमकुही राज क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी ने 424 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी है। हालांकि, इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी द्वारा की गई किसी टिप्पणी या बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने आखिर ऐसा क्या कह दिया।
More news from Kushi Nagar and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तमकुही राज क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी ने 424 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी है। हालांकि, इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी द्वारा की गई किसी टिप्पणी या बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने आखिर ऐसा क्या कह दिया।1
- स्थानीय निवासियों को इलाके में खराब सड़क और नाले की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नाले की जर्जर स्थिति के कारण सड़क पर पानी का बहाव बना रहता है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। इन समस्याओं के साथ ही, कचरा भी एक प्रमुख परेशानी का कारण बना हुआ है।1
- तमकुही राज थाना क्षेत्र के अंतर्गत डीबनी चौकी से 100 कदम उत्तर स्थित डीबनी बाज़ार का वाटर एटीएम दो महीने से भी ज़्यादा समय से खराब पड़ा है। इस भीषण गर्मी में आम जनता पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है और काफी परेशान है। जनता की इस बेहाली के बावजूद, अभी तक किसी भी अधिकारी ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं।1
- यह वीडियो पीएच स्केल से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करेगा, जिसमें अम्ल, क्षार और लवण की जाँच के तरीके भी शामिल हैं। दर्शक जानेंगे कि पीएच स्केल क्या होता है, इसके मुख्य उपयोग क्या हैं, और इसे किसने तथा कब खोजा था। वीडियो में पीएच स्केल के आवश्यक गुणधर्मों, पीएच मान की परिभाषा और पीएच मान की गणना कैसे की जाती है, जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। यह शैक्षिक सामग्री विशेष रूप से पीएच स्केल की अवधारणा को गहराई से समझने के लिए तैयार की गई है।1
- यह वीडियो पीएच स्केल के विस्तृत विश्लेषण पर केंद्रित है, जिसमें दर्शक इसके विभिन्न पहलुओं को विस्तार से जान पाएंगे। वीडियो में यह बताया जाएगा कि पीएच स्केल क्या है, इसके प्रमुख उपयोग क्या हैं, और इसकी खोज किसने तथा कब की थी। इसके अतिरिक्त, यह वीडियो इस बात पर भी प्रकाश डालेगा कि पीएच स्केल का उपयोग करके अम्ल, क्षार और लवण की पहचान कैसे की जाती है। इसमें पीएच स्केल में आवश्यक गुणों, पीएच मान की परिभाषा, और पीएच मान की गणना कैसे की जाती है, इन सभी विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में प्रेस वार्ता करते हुए कृषि विश्वविद्यालय के निरीक्षण की बात बताई। उन्होंने जोर दिया कि यह विश्वविद्यालय पूर्वांचल के लोगों की आय बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने और किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ उनकी लागत कम करने में एक महती भूमिका निभाएगा। इसे अन्नदाता की आमदनी बढ़ाने में मील का पत्थर साबित बताया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सत्र से विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसकी तैयारियां चल रही हैं। शुरुआती दो से तीन महीने के लिए किराए का भवन लेकर उसमें विश्वविद्यालय का संचालन किया जाएगा। इस कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना कुशीनगर के लिए उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कुशीनगर में अराजकता और उपद्रव समाप्त हो गया है, और अब यह विकास का नया कीर्तिमान बना रहा है। जिले में नए-नए हाइवे का निर्माण हो रहा है, जिसमें गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे भी शुरू हो रहा है। इसके अलावा, नॉर्थ और साउथ कॉरिडोर के लिए पडरौना से वाराणसी की दूरी भी कम होगी। कुशीनगर में पहले से ही एक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा मौजूद है और यहाँ फूड प्रोसेसिंग की यूनिटें भी लगाई जाएंगी।1
- नौतन प्रखंड के मंगलपुर गुदरिया पंचायत में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 152 पर जीविका द्वारा तैयार किए गए पोशाक का वितरण किया गया। केंद्र की सेविका अनीता देवी ने 40 बच्चों के बीच इन पोशाकों का वितरण किया। नए कपड़े पाकर बच्चे काफी खुश नजर आए और खुशी से झूम उठे। जीविका की इस पहल से आंगनबाड़ी के बच्चों के चेहरे खिल उठे। इस दौरान सहायिका, अभिभावक और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।1
- यह वीडियो प्राचीन भारत के इतिहास की एक 'अनकही सच्चाई' को उजागर करने का वादा करता है, जहाँ यह सवाल उठाया गया है कि क्या प्राचीन भारत में महिलाएँ पुरुषों की तुलना में अधिक पढ़ी-लिखी थीं। वीडियो में विस्तार से बताया जाएगा कि 'ब्राह्मण काल' में नारियों को किस प्रकार शिक्षा प्रदान की जाती थी और उस समय महिलाओं की शिक्षा व्यवस्था कैसी थी। इसके अतिरिक्त, इसमें आधुनिक युग और प्राचीन काल की महिलाओं की शिक्षा व्यवस्था के बीच के अंतर पर भी गहराई से चर्चा की जाएगी।1