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पवन कल्याण ने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को उनकी पुरानी टिप्पणियों को लेकर घेरा और उनसे 'माफी मांगो!' की मांग की है।
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पवन कल्याण ने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को उनकी पुरानी टिप्पणियों को लेकर घेरा और उनसे 'माफी मांगो!' की मांग की है।
More news from Giridih and nearby areas
- झारखंडधाम में एक बड़े आयोजन के साथ SRAJA शोरूम का भव्य शुभारंभ किया गया है, जिसे किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात के रूप में देखा जा रहा है। यह शोरूम क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।1
- गिरिडीह जिले के धनवार स्थित महेशमरवा गांव में ज़मीन विवाद गंभीर रूप ले चुका है। आरोप है कि कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद विवादित ज़मीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस ज़मीन विवाद को लेकर आदिवासी और मुस्लिम समुदाय के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। निर्माण कार्य के विरोध में एक पक्ष ने तीर-धनुष के साथ अपना विरोध जताया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक कोर्ट का आदेश नहीं आ जाता, तब तक निर्माण कार्य को रोक दिया जाए। उन्होंने प्रशासन से इलाके में शांति बनाए रखने की अपील भी की है।1
- गिरिडीह जिले के पचंबा थाना क्षेत्र में अवैध महुआ शराब के कारोबार को लेकर महिलाओं का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। कल्याणडीह गांव की महिलाओं ने अवैध महुआ शराब के खिलाफ जोरदार तरीके से हल्ला बोलते हुए पचंबा थाने का घेराव किया। इस दौरान महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अवैध शराब का धंधा बंद नहीं हुआ, तो वे एक बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगी।1
- बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर में ₹5 करोड़ 54 लाख 9 हजार की लागत से एक आधुनिक बस पड़ाव का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र का विकास करना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। हालाँकि, इस निर्माण कार्य के दौरान सरकारी धन की बर्बादी का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण एजेंसी द्वारा बस स्टैंड परिसर में लगभग दो वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से बनाए गए दिव्यांग यात्री शेड को तोड़ दिया गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस शेड को ध्वस्त करने की कोई आवश्यकता नहीं थी और निर्माण कार्य इसे सुरक्षित रखते हुए भी किया जा सकता था। लोगों ने आरोप लगाया है कि इस कार्रवाई से सरकारी राशि का नुकसान हुआ है और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा भी प्रभावित हुई है। नागरिकों ने इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और दिव्यांग यात्रियों के लिए पुनः सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- बिहार सरकार के श्रम नियोजन एवं प्रवासी कल्याण युवा बेरोजगार मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने अपने परिवार के साथ झारखंड के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थान बासुकीनाथ धाम का दौरा किया। वहाँ उन्होंने कामना ज्योतिर्लिंग नागेश की विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक आरती की। मंत्री के आगमन के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे, जिसके लिए जरमुंडी थाना पुलिस बल के जवान तैनात रहे। पूजा संपन्न होने के बाद, मंत्री ने कुछ देर दारुक वन स्थित वन विभाग गेस्ट हाउस में विश्राम किया और फिर अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो गए।1
- कचनार के पौधों की नर्सरी छोटे पॉलिथीन बैग में प्राकृतिक विधि से तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया में गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट और जैविक पोषक तत्वों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे स्वस्थ और मजबूत पौधे विकसित हो सकें।1
- यह सवाल उठाया गया है कि क्या यह मामला राबड़ी बंगले से जुड़ा है या इसे 'सियासी संग्राम' माना जाए। इस पर सम्राट चौधरी ने एक 'दो टूक' जवाब दिया है।1
- तारापुर में मंगलवार को अनुमंडल अग्निशमनालय के तत्वावधान में थाना परिसर के समीप एक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना और अग्निकांड से होने वाले नुकसान को कम करना था। इस दौरान, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने आग लगने के प्रमुख कारणों, उसके दुष्परिणामों तथा बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में सूखी घास, फसल अवशेष, भूसा, बिजली के खुले तार और गैस के असुरक्षित उपयोग से आग लगने की घटनाएँ बढ़ जाती हैं। जागरूकता बढ़ाने के लिए, वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से वास्तविक घटनाओं और आग से बचाव के तरीकों को प्रदर्शित किया गया, साथ ही अग्नि सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी वाले पंपलेट भी वितरित किए गए। अग्निशमन पदाधिकारी वंदना कुमारी ने लोगों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में वे तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दें।1
- बिहार के वैशाली जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और रूह कंपाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ 33 साल पुराने एक जानलेवा हमले के मामले में 84 वर्षीय दीप राय नाम के एक बुजुर्ग को जेल भेज दिया गया है। जिस उम्र में इंसान को अपनों के सहारे की जरूरत होती है, उस बुढ़ापे में उन्हें सलाखों के पीछे जाना पड़ा है। यह मामला 1992 का है, जब दीप राय ने अपनी जवानी के जोश में एक विवाद के दौरान गोलीबारी की थी। केस चला, गवाह बदले, और अब 33 साल बाद कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है। इस केस के अन्य चार आरोपी पहले ही दुनिया छोड़ चुके हैं, लेकिन दीप राय अकेले कानून के कटघरे में खड़े रह गए। उनकी शारीरिक स्थिति इतनी कमजोर है कि उन्हें कोर्ट से बाहर निकालने के लिए दो लोगों का सहारा लेना पड़ा। इस घटना को देखकर हर कोई स्तब्ध है, और यह टिप्पणी कर रहा है कि कानून अंधा नहीं होता। जवानी का यह कांड अब बुढ़ापे में पछतावा और नर्क बनकर सामने आया है, जो बताता है कि समय बीतने के बाद भी कर्मों का फल मिलता है।1