लखनऊ : हजरतगंज में नियमों को ताख पर रख समय से पहले शराब बिक्री, वीडियो वायरल - लखनऊ। राजधानी लखनऊ के वीआईपी लखनऊ : हजरतगंज में नियमों को ताख पर रख समय से पहले शराब बिक्री, वीडियो वायरल - लखनऊ। राजधानी लखनऊ के वीआईपी इलाके हजरतगंज में शराब बिक्री को लेकर नियमों की खुली अनदेखी का मामला सामने आया है। आरोप है कि केडी सिंह बाबू स्टेडियम चौकी से चंद कदमों की दूरी पर स्थित एक देसी शराब ठेके पर निर्धारित समय से पहले ही शराब की बिक्री की जा रही है। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि ठेके पर सुबह निर्धारित समय से पहले ही ग्राहकों को शराब बेची जा रही थी। इतना ही नहीं, इस कथित अवैध बिक्री का खुलासा न हो, इसके लिए ठेके के सामने तिरपाल लगाकर अंदर होने वाली गतिविधियों को छिपाने की कोशिश भी की गई। वायरल वीडियो में भी यही दावा किया जा रहा है कि नियमों को दरकिनार कर खुलेआम शराब बेची जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यह ठेका पुलिस चौकी से बेहद कम दूरी पर स्थित है, तो फिर आखिर इतनी बेखौफ तरीके से नियमों का उल्लंघन कैसे हो रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय से पहले शराब बिक्री की शिकायत सही है, तो यह न सिर्फ आबकारी नियमों का उल्लंघन है बल्कि पुलिस और संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल है।
लखनऊ : हजरतगंज में नियमों को ताख पर रख समय से पहले शराब बिक्री, वीडियो वायरल - लखनऊ। राजधानी लखनऊ के वीआईपी लखनऊ : हजरतगंज में नियमों को ताख पर रख समय से पहले शराब बिक्री, वीडियो वायरल - लखनऊ। राजधानी लखनऊ के वीआईपी इलाके हजरतगंज में शराब बिक्री को लेकर नियमों की खुली अनदेखी का मामला सामने आया है। आरोप है कि केडी सिंह बाबू स्टेडियम चौकी से चंद कदमों की दूरी पर स्थित एक देसी शराब ठेके पर निर्धारित समय से पहले ही शराब की बिक्री की जा रही है। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि ठेके पर सुबह निर्धारित समय से पहले ही ग्राहकों को शराब बेची जा रही थी। इतना ही नहीं, इस कथित अवैध बिक्री का खुलासा न हो, इसके लिए ठेके के सामने तिरपाल लगाकर अंदर होने वाली गतिविधियों को छिपाने की कोशिश भी की गई। वायरल वीडियो में भी यही दावा किया जा रहा है कि नियमों को दरकिनार कर खुलेआम शराब बेची जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यह ठेका पुलिस चौकी से बेहद कम दूरी पर स्थित है, तो फिर आखिर इतनी बेखौफ तरीके से नियमों का उल्लंघन कैसे हो रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय से पहले शराब बिक्री की शिकायत सही है, तो यह न सिर्फ आबकारी नियमों का उल्लंघन है बल्कि पुलिस और संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल है।
- लखनऊ: जनेश्वर मिश्र पार्क के पास भीषण हादसातेज रफ्तार बाइकों की जोरदार भिड़ंत बिजली विभाग के AE के बेटे की हादसे में मौत बाइकर्स ग्रुप के साथ राइडिंग करते वक्त हादसा बाइक ग्रुप के साथ नैतिक कर रहा था राइडिंग।1
- BREAKING: पुलिस ने इतना पीटा, पत्रकार के दोनों हाथ में फ्रैक्चर - लखनऊ का मामला - शिकायत के बाद भी FIR नहीं होने का आरोप - उसी इंदिरानगर थाने में तैनात है आरोपी सिपाही..!2
- लखनऊ पीजीआई थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध रिकवरी एजेंटों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में कई लोगों से जबरन वसूली किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक विकास रावत, प्रशांत सिंह और दुर्गेश शुक्ला नाम के कुछ लोग कथित तौर पर रिकवरी के नाम पर लोगों से अवैध वसूली कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग क्षेत्र में दबाव बनाकर लोगों से पैसा वसूलते हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन लोगों को कथित रूप से कुछ कारखासों का संरक्षण भी प्राप्त है, जिसके चलते इनके हौसले बुलंद हैं और खुलेआम वसूली का खेल जारी है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और क्षेत्र में चल रही अवैध वसूली पर कब तक रोक लगती है।1
- "बच्चे किताबें नहीं खोलें ना खोले इनको देखकर कच्छा जरूर खोल लेंगे... कोटा के एक CBSE बोर्ड स्कूल में हों रहें कार्यक्रम का दृश्य..! इसे कहते हैं 'मॉडर्न एजुकेशन'! बच्चे किताब खोलें न खोलें, पर स्टेज पर तौलिये खोलकर आग लगानी जरूर सीख रहे हैं। मज़े की बात यह कि पोस्टर में बड़े गर्व से लिखा है CBSE से संबद्ध Jeeban Jyoti Model School जिसमें नर्सरी से 10th तक की पढ़ाई होती है। क्या यही भविष्य है 🔥1
- लखनऊ के गोमती नगर इलाके में जनेश्वर मिश्र पार्क के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रील वीडियो बनाते समय तेज रफ्तार स्पोर्ट्स बाइक और स्कूटी के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में 17 वर्षीय 12वीं के छात्र नैतिक की मौके पर मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त आदित्य और स्कूटी सवार कृष्णा व लव शर्मा गंभीर रूप से घायल हैं। बताया जा रहा है कि बाइक पर 360 डिग्री कैमरा लगा था और दोनों युवक रील शूट कर रहे थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- लखनऊ: जनेश्वर मिश्र पार्क के पास भीषण हादसा बिजली विभाग में कार्य करने वाले के बेटे की हुई मौत तेज रफ्तार बाइकों की जोरदार भिड़ंत बिजली विभाग के AE के बेटे की हादसे में मौत बाइकर्स ग्रुप के साथ राइडिंग करते वक्त हादसा बाइक ग्रुप के साथ नैतिक कर रहा था राइडिंग।1
- तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में बिजली विभाग के एई के बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक बाइकर्स ग्रुप के साथ राइडिंग कर रहा था, तभी तेज रफ्तार के चलते हादसा हो गया। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है।1
- राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर थाना क्षेत्र से पुलिस की कथित दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने मामूली टक्कर के बाद युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसके दोनों हाथ टूट गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और अब इसका CCTV फुटेज भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामूली कहासुनी और टक्कर के बाद पुलिसकर्मी ने अपना रौब दिखाते हुए युवक पर हमला कर दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि युवक के दोनों हाथों में फ्रैक्चर हो गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपों के मुताबिक, जब पीड़ित इंदिरा नगर पुलिस के पास पहुंचा तो उसे तत्काल मदद देने के बजाय कहा गया कि “पहले जांच होगी, फिर मेडिकल कराया जाएगा।” उधर, दर्द से कराह रहा पीड़ित खुद ही इलाज और मेडिकल के लिए बलरामपुर अस्पताल पहुंचा, जहां वह अपनी चोटों का परीक्षण करवा रहा है। इस बीच, घटना का CCTV फुटेज वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ता जा रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर वर्दीधारी पुलिसकर्मी की दबंगई साफ नजर आ रही है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर आम नागरिकों की सुरक्षा के जिम्मेदार ही कानून को हाथ में लेने लगें, तो जनता आखिर न्याय के लिए किसके पास जाए? अब देखना होगा कि लखनऊ पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है—क्या आरोपी पुलिसकर्मी पर निष्पक्ष जांच के बाद सख्त कदम उठेगा या मामला दबाने की कोशिश होगी? जनता के सवाल क्या पीड़ित को समय पर मेडिकल न कराना पुलिस की लापरवाही है? वायरल CCTV के बाद क्या आरोपी पुलिसकर्मी पर होगी कार्रवाई? क्या विभागीय जांच निष्पक्ष होगी?1