सण्डीला : ई-रिक्शा रूट निर्धारण और रेलवे क्रासिंग पर जाम को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन सण्डीला, हरदोई। नगर की चरमराती यातायात व्यवस्था और ई-रिक्शा चालकों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को लेकर प्रादेशिक जनहित जागरण समिति ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सुश्री नारायणी भाटिया को एक मांग पत्र सौंपा है। समिति ने प्रशासन से ई-रिक्शा के रूट निर्धारण में सुधार और रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने की मांग की है। ई-रिक्शा चालकों के लिए 'क्षेत्र आधारित' परमिट की मांग :- समिति के पदाधिकारियों ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि वर्तमान में पुलिस द्वारा निर्धारित किए गए रूटों के कारण स्थानीय चालकों को काफी परेशानी हो रही है। समस्या - वर्तमान व्यवस्था में यदि कोई नगर का निवासी ई-रिक्शा लेकर अपने घर की ओर जाता है, तो रूट उल्लंघन के नाम पर उसका चालान कर दिया जाता है। यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों (बेनीगंज, अतरौली, लखनऊ रोड आदि) से आने वाले चालकों के साथ भी है। सुझाव - समिति ने मांग की है कि जो चालक जहाँ का निवासी है, उसे उसी क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाने का परमिट प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए, ताकि वे बिना किसी उत्पीड़न के अपनी रोजी-रोटी कमा सकें। रेलवे क्रासिंग पर 'होमगार्ड' की जगह 'सिपाही' तैनात करने की मांग :- ज्ञापन में नगर की दूसरी बड़ी समस्या रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले जाम को बताया गया है। समिति का कहना है कि फाटक बंद होने के दौरान वाहन चालक गलत दिशा में गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे घंटों जाम लगा रहता है। मौके पर तैनात होमगार्ड्स की बात कोई नहीं सुनता, जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है। मांग की गई है कि क्रासिंग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस सिपाहियों की ड्यूटी लगाई जाए ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके और ट्रेनों के संचालन में भी बाधा न आए। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील :- समिति के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश अग्निहोत्री व अन्य सदस्यों (अजय द्विवेदी, अभय शुक्ला आदि) ने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि केवल कागजों पर या अखबारों में लिखने से समस्या का समाधान नहीं होगा। शासन-प्रशासन को धरातल पर कड़े निर्णय लेने होंगे ताकि सण्डीला की जनता को जाम के झाम से मुक्ति मिल सके।
सण्डीला : ई-रिक्शा रूट निर्धारण और रेलवे क्रासिंग पर जाम को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन सण्डीला, हरदोई। नगर की चरमराती यातायात व्यवस्था और ई-रिक्शा चालकों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को लेकर प्रादेशिक जनहित जागरण समिति ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सुश्री नारायणी भाटिया को एक मांग पत्र सौंपा है। समिति ने प्रशासन से ई-रिक्शा के रूट निर्धारण में सुधार और रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने की मांग की है। ई-रिक्शा चालकों के लिए 'क्षेत्र आधारित' परमिट की मांग :- समिति के पदाधिकारियों ने पत्र के माध्यम
से अवगत कराया कि वर्तमान में पुलिस द्वारा निर्धारित किए गए रूटों के कारण स्थानीय चालकों को काफी परेशानी हो रही है। समस्या - वर्तमान व्यवस्था में यदि कोई नगर का निवासी ई-रिक्शा लेकर अपने घर की ओर जाता है, तो रूट उल्लंघन के नाम पर उसका चालान कर दिया जाता है। यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों (बेनीगंज, अतरौली, लखनऊ रोड आदि) से आने वाले चालकों के साथ भी है। सुझाव - समिति ने मांग की है कि जो चालक जहाँ का निवासी है, उसे उसी क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाने का
परमिट प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए, ताकि वे बिना किसी उत्पीड़न के अपनी रोजी-रोटी कमा सकें। रेलवे क्रासिंग पर 'होमगार्ड' की जगह 'सिपाही' तैनात करने की मांग :- ज्ञापन में नगर की दूसरी बड़ी समस्या रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले जाम को बताया गया है। समिति का कहना है कि फाटक बंद होने के दौरान वाहन चालक गलत दिशा में गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे घंटों जाम लगा रहता है। मौके पर तैनात होमगार्ड्स की बात कोई नहीं सुनता, जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है। मांग की गई है कि क्रासिंग
पर पर्याप्त संख्या में पुलिस सिपाहियों की ड्यूटी लगाई जाए ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके और ट्रेनों के संचालन में भी बाधा न आए। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील :- समिति के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश अग्निहोत्री व अन्य सदस्यों (अजय द्विवेदी, अभय शुक्ला आदि) ने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि केवल कागजों पर या अखबारों में लिखने से समस्या का समाधान नहीं होगा। शासन-प्रशासन को धरातल पर कड़े निर्णय लेने होंगे ताकि सण्डीला की जनता को जाम के झाम से मुक्ति मिल सके।
- सण्डीला, हरदोई। नगर की चरमराती यातायात व्यवस्था और ई-रिक्शा चालकों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को लेकर प्रादेशिक जनहित जागरण समिति ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सुश्री नारायणी भाटिया को एक मांग पत्र सौंपा है। समिति ने प्रशासन से ई-रिक्शा के रूट निर्धारण में सुधार और रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने की मांग की है। ई-रिक्शा चालकों के लिए 'क्षेत्र आधारित' परमिट की मांग :- समिति के पदाधिकारियों ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि वर्तमान में पुलिस द्वारा निर्धारित किए गए रूटों के कारण स्थानीय चालकों को काफी परेशानी हो रही है। समस्या - वर्तमान व्यवस्था में यदि कोई नगर का निवासी ई-रिक्शा लेकर अपने घर की ओर जाता है, तो रूट उल्लंघन के नाम पर उसका चालान कर दिया जाता है। यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों (बेनीगंज, अतरौली, लखनऊ रोड आदि) से आने वाले चालकों के साथ भी है। सुझाव - समिति ने मांग की है कि जो चालक जहाँ का निवासी है, उसे उसी क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाने का परमिट प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए, ताकि वे बिना किसी उत्पीड़न के अपनी रोजी-रोटी कमा सकें। रेलवे क्रासिंग पर 'होमगार्ड' की जगह 'सिपाही' तैनात करने की मांग :- ज्ञापन में नगर की दूसरी बड़ी समस्या रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले जाम को बताया गया है। समिति का कहना है कि फाटक बंद होने के दौरान वाहन चालक गलत दिशा में गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे घंटों जाम लगा रहता है। मौके पर तैनात होमगार्ड्स की बात कोई नहीं सुनता, जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है। मांग की गई है कि क्रासिंग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस सिपाहियों की ड्यूटी लगाई जाए ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके और ट्रेनों के संचालन में भी बाधा न आए। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील :- समिति के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश अग्निहोत्री व अन्य सदस्यों (अजय द्विवेदी, अभय शुक्ला आदि) ने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि केवल कागजों पर या अखबारों में लिखने से समस्या का समाधान नहीं होगा। शासन-प्रशासन को धरातल पर कड़े निर्णय लेने होंगे ताकि सण्डीला की जनता को जाम के झाम से मुक्ति मिल सके।4
- Post by JAINUl2
- Post by Anoopshukla1
- हरदोई में घर के बाहर खड़ी कार में नकाबपोश ने लगाई आग, सीसीटीवी में कैद हुई घटना....1
- Post by SNOFFICIAL 98211
- पासी समाज का इतिहास1
- Lko Big Breaking ADG लखनऊ जोन के पद पर तैनाती के बाद आज कार्यालय पहुंचे प्रवीण कुमार!! कार्यालय पहुंचने पर पुलिस कर्मियों ने ADG प्रवीण कुमार को दी सलामी!! कार्यभार ग्रहण करने के बाद ADG ने सभी पुलिस कर्मियों से किया परिचय!! अधीनस्थ अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस नीति सख्ती से लागू करने के निर्देश!! ADG प्रवीण कुमार बोले कानून व्यवस्था से किसी भी हाल में समझौता नहीं!! लखनऊ जोन में कानून व्यवस्था को लेकर ADG प्रवीण कुमार का सख्त रुख!! इससे पहले IG अयोध्या और IG मेरठ रह चुके हैं प्रवीण कुमार!!1
- हरदोई। जनपद की सर्विलांस सेल और CEIR पोर्टल के माध्यम से हरदोई पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पिछले तीन महीनों में विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए 125 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है। स्वामियों के चेहरे पर लौटी मुस्कान :- पुलिस कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधीक्षक हरदोई ने बरामद किए गए सभी 125 मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए। अपना खोया हुआ कीमती मोबाइल वापस पाकर आवेदकों ने खुशी जाहिर की और हरदोई पुलिस की कार्यप्रणाली की जमकर प्रशंसा की। कैसे मिली सफलता? सर्विलांस सेल ने जनपद के विभिन्न थानों में प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी सर्विलांस और केंद्र सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से इन फोनों को ट्रैक कर बरामद किया। सराहनीय कार्य करने वाली टीम :- इस उपलब्धि में सर्विलांस टीम के निम्नलिखित सदस्यों का विशेष योगदान रहा: प्रभारी सर्विलांस - उ0नि0 अब्दुल जब्बार टीम सदस्य - हे0का0 आकाश कुमार, क0आ0 राजकुमार वर्मा, का0 ओमवीर सिंह, का0 नितिन कुमार गुप्ता, का0 यादवेन्द्र सिंह और का0 उज्जवल।4