गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से संचालित गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत आज जनपद मथुरा सहित देशभर के सभी जिलों में संबंधित जिलाधिकारी महोदय/महोदया के माध्यम से भारत के महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, संबंधित राज्य के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र एवं ज्ञापन सौंपे गए। पिछले लगभग छह माह से देशभर के संतों, गौसेवकों एवं गोभक्तों के नेतृत्व में गो सम्मान आह्वान अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से सम्पूर्ण भारत में गोहत्या-निषेध हेतु केंद्रीय कानून, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराना, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, केंद्रीय गो-चारा नीति का निर्माण तथा कृषि, चिकित्सा, पर्यावरण, शिक्षा एवं मानव जीवन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों को गो-केंद्रित राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बनाने सहित 30 से अधिक प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं। इन मांगों के समर्थन में देशभर में व्यापक जनजागरण एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल 2026 को देश की लगभग 5,000 तहसीलों के माध्यम से 5 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संबंधित राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों को सौंपे गए थे। इन मांगों पर अपेक्षित निर्णय न होने के कारण अभियान के द्वितीय चरण में आज पुनः देशभर के सभी जिलों से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित अनुस्मारक (रिमाइंडर) प्रार्थना-पत्र सरकार को प्रेषित किए गए। जनपद मथुरा की ओर से भी लगभग 21 लाख से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र संबंधित जिलाधिकारी महोदय/महोदया के माध्यम से भारत सरकार को प्रेषित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ निर्धारित शुभ मुहूर्त में गोमाता के पूजन, शंखनाद एवं “श्री राम जय राम जय जय राम” विजय मंत्र के सामूहिक जप के साथ हुआ। इसके उपरांत गोभक्तों ने झंडे, बैनर, अभियान संदेशों वाले प्लेकार्ड एवं भजन-कीर्तन के साथ शांतिपूर्ण एवं अनुशासित प्रार्थना-यात्रा निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुँचे। प्रार्थना-यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम के स्वरूप, गोमाता की झांकी तथा अभियान के अंतर्गत संकलित हस्ताक्षरों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। तत्पश्चात संत-महात्माओं, जिला कार्यकारिणी, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी महोदय/महोदया को ज्ञापन एवं हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सौंपा। मथुरा जिले के जिलाधिकारी ने सभी संतों के समक्ष बाहर आकर स्वयं ज्ञापन लिया और संतों को आश्वासन दिया कि यह ज्ञापन वो सरकार तक पहुचायेंगे। साथ ही उन्होंने मथुरा में गोमाता के सम्मान में हर प्रकार का प्रायस करने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गोमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण, ग्राम्य अर्थव्यवस्था एवं जनकल्याण का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सरकार से गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान से संबंधित सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि यह अभियान पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संचालित किया जा रहा है तथा जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय होने तक चरणबद्ध रूप से आगे भी जारी रहेगा।
गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से संचालित गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत आज जनपद मथुरा सहित देशभर के सभी जिलों में संबंधित जिलाधिकारी महोदय/महोदया के माध्यम से भारत के महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, संबंधित राज्य के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र एवं ज्ञापन सौंपे गए। पिछले लगभग छह माह से देशभर के संतों, गौसेवकों एवं गोभक्तों के नेतृत्व में गो सम्मान आह्वान अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से सम्पूर्ण भारत में गोहत्या-निषेध हेतु केंद्रीय कानून, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराना, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, केंद्रीय गो-चारा नीति का निर्माण तथा कृषि, चिकित्सा, पर्यावरण, शिक्षा एवं मानव जीवन से जुड़े अन्य
महत्वपूर्ण विषयों को गो-केंद्रित राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बनाने सहित 30 से अधिक प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं। इन मांगों के समर्थन में देशभर में व्यापक जनजागरण एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल 2026 को देश की लगभग 5,000 तहसीलों के माध्यम से 5 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संबंधित राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों को सौंपे गए थे। इन मांगों पर अपेक्षित निर्णय न होने के कारण अभियान के द्वितीय चरण में आज पुनः देशभर के सभी जिलों से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित अनुस्मारक (रिमाइंडर) प्रार्थना-पत्र सरकार को प्रेषित किए गए। जनपद मथुरा की ओर से भी लगभग 21 लाख से अधिक नागरिकों
के हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र संबंधित जिलाधिकारी महोदय/महोदया के माध्यम से भारत सरकार को प्रेषित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ निर्धारित शुभ मुहूर्त में गोमाता के पूजन, शंखनाद एवं “श्री राम जय राम जय जय राम” विजय मंत्र के सामूहिक जप के साथ हुआ। इसके उपरांत गोभक्तों ने झंडे, बैनर, अभियान संदेशों वाले प्लेकार्ड एवं भजन-कीर्तन के साथ शांतिपूर्ण एवं अनुशासित प्रार्थना-यात्रा निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुँचे। प्रार्थना-यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम के स्वरूप, गोमाता की झांकी तथा अभियान के अंतर्गत संकलित हस्ताक्षरों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। तत्पश्चात संत-महात्माओं, जिला कार्यकारिणी, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी महोदय/महोदया को ज्ञापन एवं हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सौंपा। मथुरा जिले के जिलाधिकारी ने सभी संतों
के समक्ष बाहर आकर स्वयं ज्ञापन लिया और संतों को आश्वासन दिया कि यह ज्ञापन वो सरकार तक पहुचायेंगे। साथ ही उन्होंने मथुरा में गोमाता के सम्मान में हर प्रकार का प्रायस करने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गोमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण, ग्राम्य अर्थव्यवस्था एवं जनकल्याण का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सरकार से गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान से संबंधित सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि यह अभियान पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संचालित किया जा रहा है तथा जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय होने तक चरणबद्ध रूप से आगे भी जारी रहेगा।
- उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती और ट्रांसफार्मर की खराबी से परेशान ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रविवार शाम लक्ष्मीनगर मथुरा बिजलीघर फीडर से जुड़े पानीगांव के ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई और एसडीओ व जेई के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पिछले करीब छह माह से विधुत ट्रांसफार्मर की खराबी और मनमाने ढंग से लगातार बिजली कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी में बिजली न आने के कारण लोगों को रातभर छतों पर बैठकर रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार टोल फ्री नंबर 1912 और संबंधित विद्युत अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। स्थानीय ग्रामीण सतीश चंद्र और राजवीर सिंह ने बताया कि लंबे समय से गांव में बिजली आपूर्ति व्यवस्था खराब बनी हुई है। आए दिन बिजली कटौती के साथ ही समय-समय पर ट्रांसफॉर्मर में खराबी आने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बिजली बिलों में बढ़ोतरी को लेकर भी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर मुख्यमंत्री द्वारा गांवों में 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर पानीगांव में रात के समय अधिकांश घरों में अंधेरा छाया रहता है। शिकायत करने के लिए अधिकारियों को फोन किया जाता है तो कई बार फोन नहीं उठाया जाता और फोन उठने पर भी समस्या का समाधान नहीं होता। बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने एकजुट होकर विद्युत विभाग के खिलाफ विरोध जताते हुए जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। विरोध और नारेबाजी करने वालों में राजबीर सिंह चौधरी, फूलसिंह चौधरी, डॉ ओमप्रकाश, पिंटू चौधरी, सतीश चन्द्र, ओमप्रकाश, खजानसिंह, रमेश चौधरी, वीरेंद्र, रवि सिंह, आदि ग्रामीण मौजूद रहे।4
- मथुरा के संत प्रेमानंद महाराज जी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित किया। इस पवित्र दिन पर, उन्होंने अपने अनुयायियों से आध्यात्मिक गुरुओं के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने का आग्रह किया। संत प्रेमानंद महाराज जी ने कहा कि गुरु की कृपा से ही जीवन में आध्यात्मिक उन्नति संभव है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें और उनके आशीर्वाद से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।1
- मथुरा से शुरू होकर पूरे भारतवर्ष में गौ सम्मान की माँग को लेकर ज्ञापन दिए गए हैं। इस आंदोलन का मकसद गायों के प्रति सम्मान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मथुरा में स्थानीय संगठनों ने इस आवाहन का नेतृत्व किया और अन्य राज्यों में भी यह माँग गूंजी। इस ज्ञापन में गायों की सुरक्षा, उनके लिए विशेष कानून और गौशालाओं के विकास की माँग शामिल है। आंदोलनकारियों का कहना है कि गायें सिर्फ एक पशु नहीं हैं, बल्कि वे हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी है। इस ज्ञापन के बाद, कई राज्यों में स्थानीय प्रशासन और सरकारों से प्रतिक्रियाएँ आई हैं। कुछ जगहों पर गौशालाओं के विकास के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि अन्य जगहों पर विशेष कानून बनाने की माँग जोर पकड़ रही है। आंदोलनकारी इस माँग को लेकर अड़े हुए हैं और आगे भी इसी तरह के कदम उठाते रहने की बात कह रहे हैं।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर महत्वपूर्ण बात कही है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए श्री नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में एक हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। परीक्षा सुधारों से जुड़े इस फैसले का छात्रों, अभिभावकों और पूरे शिक्षा जगत पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।1
- मथुरा में कथित मांस सप्लाई की सूचना मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मामला सामने आते ही संदिग्ध व्यक्ति मौके पर अपना बैग छोड़कर फरार हो गए।1
- मथुरा के गोवर्धन में गुरु पूर्णिमा मेले के अवसर पर रविवार को गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। "राधे-राधे" और "गिरिराज महाराज की जय" के जयघोष के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने परिक्रमा लगाई, जिससे सात कोस का पूरा परिक्रमा मार्ग मानव श्रृंखला में तब्दील नजर आया। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालु राधा-कृष्ण के भजनों पर झूमते, गाते और नृत्य करते हुए आगे बढ़ते रहे, जबकि गिरिराज महाराज के मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मेले के दौरान ब्रज की परंपरा और अतिथि सत्कार का अनोखा नजारा देखने को मिला, जब ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद रावत ने अधीनस्थ अधिकारियों और गोवर्धन नगर पंचायत चेयरमैन के साथ मिलकर परिक्रमार्थियों पर पुष्प वर्षा की और इत्र छिड़ककर उनका भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने पुलिस और प्रशासन की इस पहल की सराहना की। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए परिक्रमा मार्ग के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई, जिससे पूरे भक्तिमय और सुरक्षित वातावरण में गुरु पूर्णिमा पर्व संपन्न हुआ।1
- मथुरा के वात्सल्य ग्राम स्थित संविद गुरुकुलम बालिका सैनिक स्कूल में एक भव्य अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में पद्म भूषण विभूषित साध्वी ऋतंभरा दीदी माँ जी ने माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नव निर्वाचित छात्र परिषद की पदाधिकारी छात्राओं को बैज लगाकर और दायित्व ध्वज सौंपकर उनके कर्तव्यों की शपथ दिलाई गई। दीदी माँ जी ने छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सच्चा नेतृत्व वही है जो स्वयं को अनुशासित और संयमित रखकर दूसरों के सामने उदाहरण प्रस्तुत करे। उन्होंने छात्राओं से ध्रुव और लव कुश जैसे पौराणिक पात्रों की भांति आत्मविश्वासी बनने का आह्वान किया। दीदी माँ ने कहा कि आप सभी भारत की ऋषि परंपरा की संवाहक और देश का गौरव हैं, अपने मन पर नियंत्रण रखकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। आपकी वाणी में विनम्रता और आचरण में संस्कारों की परिपक्वता होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि छात्राएं भविष्य की निर्माता हैं इसलिए उन्हें शुभ अशुभ का ज्ञान रखते हुए विद्यालय में अनुशासन और नीति की नैतिकता को मजबूत करना होगा। इस समारोह में साक्षी वर्मा कक्षा 12 विज्ञान को हेड गर्ल तथा अनन्या वत्स कक्षा 11 विज्ञान को वाइस हेड गर्ल चुना गया। दृष्णा अनिल स्पोर्ट्स कैप्टन, परी गोयल वाइस स्पोर्ट्स कैप्टन, गार्गी शर्मा कल्चरल कैप्टन और दिव्यंका सिंह वाइस कल्चरल कैप्टन चुनी गईं। संस्कृति सिवाच कैप्टन, यश्वी अग्रवाल वाइस कैप्टन, वामिका सिंह कैप्टन, तन्वी पाण्डेय वाइस कैप्टन, ललिता कुमारी कैप्टन, आन्या शर्मा वाइस कैप्टन, तन्वी कैप्टन, कृष्णा दुबे वाइस कैप्टन, वसुंधरा चंदेल डिसिप्लिन कैप्टन तथा वंदना चौधरी डिसिप्लिन वाइस कैप्टन बनीं। वामिका कश्यप को हेड गर्ल तथा विनायक भट्ट को हेड बॉय चुना गया। प्राची प्रज्ञा सीनियर सैनिक कैडेट कैप्टन, शाही सिंह परिहार कैप्टन कॉरपोरल और अनन्या कैप्टन क्वार्टर मास्टर मनोनीत हुईं। इसके अलावा पाल्यम व लोपामुद्रा अनुशासन समिति में दिव्याशा गंगवार, राधिका, स्नेहा विश्वास, उन्नति गुप्ता, वंशिका चौहान, वेदिका शर्मा, आभा, भान्वी बघेल, समृद्धि सिंह, खुशी कुमारी, प्रियांशी, कामताक, समीक्षा मिश्रा, अमूल्या तिवारी, आर्ची दलाल और आन्या अलिवा दास को भी विभिन्न दायित्व सौंपे गए। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन संजय भैया, निदेशिका सुश्री सुमन लता जी, परम शक्ति पीठ के कोषाध्यक्ष अशोक सरीन, उप प्रधानाचार्या श्रीमती पूजा सिंह, पूर्व डीआईजी एच के शर्मा एवं सत्यशील जी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।4
- मथुरा में पत्रकार दीपक सारस्वत ने HDFC Life insurance को लेकर चर्चा की। इस चर्चा में दीपक सारस्वत ने HDFC Life insurance के बारे में बात की।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में साधु-संतों ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर एक विशेष आयोजन किया। इस आयोजन में भजन-कीर्तन के साथ-साथ एक महा रैली का भी आयोजन किया गया। इस रैली का उद्देश्य लोगों को गौ माता के प्रति जागरूक करना और उन्हें गौ माता की ओर आकर्षित करना था। साधु-संतों ने भजन-कीर्तन के साथ रैली निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए। इस आयोजन से गौ माता के सम्मान में लोगों की भावनाओं को और मजबूत करने की कोशिश की गई।4