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ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी (AIMM) ने राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण पर गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग से दागी जन प्रतिनिधियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने 30 जून 2026 को बरेली के जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन सौंपा है। मुख्तार अहमद ने बताया कि वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में ऐसे विधायक चुने गए थे, जिनके चुनावी हलफनामों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। उन्होंने हत्या और राजकीय घोटाला जैसे 10 से अधिक गंभीर अपराधों में आरोपित व्यक्तियों के जनप्रतिनिधि बनने पर चिंता जताई। AIMM का कहना है कि जब कानून बनाने वाले ही कानून का सम्मान नहीं करते, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ज्ञापन में AIMM ने चुनाव आयोग से पाँच प्रमुख मांगें की हैं। इनमें 2022 में चुने गए आपराधिक मामलों वाले विधायकों की सूची सार्वजनिक करना, आरोप तय हो चुके जन प्रतिनिधियों के गंभीर मामलों की विशेष अदालतों में फास्ट ट्रैक सुनवाई कराना, आगामी विधानसभा और अन्य चुनावों में गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों पर प्रभावी रोक लगाना, प्रत्याशियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी सरल भाषा में मतदाताओं को उपलब्ध कराना और चुनाव प्रक्रिया को स्वच्छ व पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठाना शामिल है। मुख्तार अहमद ने स्पष्ट किया कि AIMM किसी व्यक्ति या दल विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि राजनीति में स्वच्छ छवि और ईमानदार लोगों को अवसर देने की पक्षधर है। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी दागी उम्मीदवारों को टिकट न देने की अपील की, और कहा कि जनता को ईमानदार, जिम्मेदार और समाज सेवा के प्रति समर्पित प्रतिनिधि मिलने चाहिए। उनके अनुसार, राजनीति को अपराध मुक्त करना सभी दलों और चुनाव आयोग की एक संयुक्त जिम्मेदारी है।

3 hrs ago
user_जितेन्द्र पाल
जितेन्द्र पाल
Local News Reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी (AIMM) ने राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण पर गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग से दागी जन प्रतिनिधियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने 30 जून 2026 को बरेली के जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन सौंपा है। मुख्तार अहमद ने बताया कि वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में ऐसे विधायक चुने गए थे, जिनके चुनावी हलफनामों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। उन्होंने हत्या और राजकीय घोटाला जैसे 10 से अधिक गंभीर अपराधों में आरोपित व्यक्तियों के जनप्रतिनिधि बनने पर चिंता जताई। AIMM का कहना है कि जब कानून बनाने वाले ही कानून का सम्मान नहीं करते, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ज्ञापन में AIMM ने चुनाव आयोग से पाँच प्रमुख मांगें की हैं।

इनमें 2022 में चुने गए आपराधिक मामलों वाले विधायकों की सूची सार्वजनिक करना, आरोप तय हो चुके जन प्रतिनिधियों के गंभीर मामलों की विशेष अदालतों में फास्ट ट्रैक सुनवाई कराना, आगामी विधानसभा और अन्य चुनावों में गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों पर प्रभावी रोक लगाना, प्रत्याशियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी सरल भाषा में मतदाताओं को उपलब्ध कराना और चुनाव प्रक्रिया को स्वच्छ व पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठाना शामिल है। मुख्तार अहमद ने स्पष्ट किया कि AIMM किसी व्यक्ति या दल विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि राजनीति में स्वच्छ छवि और ईमानदार लोगों को अवसर देने की पक्षधर है। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी दागी उम्मीदवारों को टिकट न देने की अपील की, और कहा कि जनता को ईमानदार, जिम्मेदार और समाज सेवा के प्रति समर्पित प्रतिनिधि मिलने चाहिए। उनके अनुसार, राजनीति को अपराध मुक्त करना सभी दलों और चुनाव आयोग की एक संयुक्त जिम्मेदारी है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के बरेली से एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ एक बुजुर्ग महिला अपनी जमीन से जुड़े विवाद को लेकर बेहद परेशान है। महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसे अपनी समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों के लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। प्रार्थना पत्र देने के बावजूद उसे क्षेत्राधिकारियों के पास बार-बार जाना पड़ रहा है, जिससे वह इस पूरी प्रक्रिया से काफी हैरान और परेशान है।
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    उत्तर प्रदेश के बरेली से एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ एक बुजुर्ग महिला अपनी जमीन से जुड़े विवाद को लेकर बेहद परेशान है। महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसे अपनी समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों के लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। प्रार्थना पत्र देने के बावजूद उसे क्षेत्राधिकारियों के पास बार-बार जाना पड़ रहा है, जिससे वह इस पूरी प्रक्रिया से काफी हैरान और परेशान है।
    user_Jalal News 901
    Jalal News 901
    Media and information sciences faculty बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    59 min ago
  • बरेली के थाना सीबीगंज क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित ने दबंगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने इस संबंध में इंसाफ की गुहार लगाई है।
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    बरेली के थाना सीबीगंज क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित ने दबंगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने इस संबंध में इंसाफ की गुहार लगाई है।
    user_(JK Media News Update) (Hungama Times News)
    (JK Media News Update) (Hungama Times News)
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बरेली जिले के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित व्यक्ति ने कुछ दबंगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने इन आरोपों के बाद अब प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
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    बरेली जिले के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित व्यक्ति ने कुछ दबंगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने इन आरोपों के बाद अब प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
    user_Sameer
    Sameer
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • AIMM ने राजनीति के अपराधीकरण के गंभीर मुद्दे को उठाया है, जिसके संबंध में संगठन ने चुनाव आयोग को एक ज्ञापन भेजा है। AIMM के प्रतिनिधि मुख्तार अहमद ने इस दौरान कहा कि 2022 में आपराधिक मामलों वाले विधायकों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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    AIMM ने राजनीति के अपराधीकरण के गंभीर मुद्दे को उठाया है, जिसके संबंध में संगठन ने चुनाव आयोग को एक ज्ञापन भेजा है। AIMM के प्रतिनिधि मुख्तार अहमद ने इस दौरान कहा कि 2022 में आपराधिक मामलों वाले विधायकों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
    user_अवधेश शर्मा उप संपादक बरेली बरेली रिपोर्टर
    अवधेश शर्मा उप संपादक बरेली बरेली रिपोर्टर
    मीडिया में ज्यादा काम किया है बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बरेली में 30 जून, 2026 को पुलिस कोतवाली थाना क्षेत्र के सौदागरान मोहल्ला स्थित आला हजरत वाली गली के बिहारीपुर में मकान संख्या 75 को कुर्क करने की कार्रवाई करेगी। यह प्रकरण माननीय न्यायालय में धारा 145 सीआरपीसी के तहत विचाराधीन है, जिस पर माननीय सिटी मजिस्ट्रेट महोदय ने धारा 146 सीआरपीसी के अंतर्गत संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। इस संबंध में एसपी सिटी, बरेली, श्री मानुष पारीक ने एक बयान दिया है।
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    बरेली में 30 जून, 2026 को पुलिस कोतवाली थाना क्षेत्र के सौदागरान मोहल्ला स्थित आला हजरत वाली गली के बिहारीपुर में मकान संख्या 75 को कुर्क करने की कार्रवाई करेगी। यह प्रकरण माननीय न्यायालय में धारा 145 सीआरपीसी के तहत विचाराधीन है, जिस पर माननीय सिटी मजिस्ट्रेट महोदय ने धारा 146 सीआरपीसी के अंतर्गत संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। इस संबंध में एसपी सिटी, बरेली, श्री मानुष पारीक ने एक बयान दिया है।
    user_Mohd Ahemad saifi
    Mohd Ahemad saifi
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी (AIMM) ने राजनीति के अपराधीकरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा, और जिलाधिकारी बरेली के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा निर्वाचन आयोग को एक अन्य ज्ञापन भेजकर दागी जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आपराधिक मामलों वाले निर्वाचित विधायकों के संबंध में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है। मुख्तार अहमद ने कहा कि लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व चुनाव होता है, जहाँ जनता ऐसे प्रतिनिधियों को चुनती है जो कानून का सम्मान करें और समाज के विकास के लिए काम करें। लेकिन जब गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी लोग जनप्रतिनिधि बनते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि वर्ष 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में ऐसे विधायक चुने गए थे, जिनके चुनावी हलफनामों में आपराधिक मामलों का उल्लेख था, और ऐसे मामलों की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच आवश्यक है। मुख्तार अहमद ने स्पष्ट किया कि ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि उसकी मांग है कि राजनीति में स्वच्छ छवि और ईमानदार लोगों को आगे आने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब कानून बनाने वाले लोग स्वयं कानून का सम्मान करेंगे, और देश में एक ऐसी प्रभावी व्यवस्था बननी चाहिए जो 10 से अधिक गंभीर अपराधों, जैसे हत्या और राजकीय घोटाला, में आरोपित लोगों को चुनाव लड़ने से रोके। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट न देने की अपील की जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि जनता के सामने है। AIMM की प्रमुख मांगों में वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव में निर्वाचित आपराधिक मामलों वाले विधायकों की स्थिति सार्वजनिक करना, गंभीर आपराधिक मामलों में आरोप तय हो चुके जनप्रतिनिधियों के मामलों की सुनवाई विशेष अदालतों में जल्द पूरी कराना, आगामी विधानसभा एवं अन्य चुनावों में गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों पर प्रभावी रोक लगाना, तथा मतदाताओं को प्रत्याशियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराना शामिल है। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को स्वच्छ और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठाने की भी मांग की है। मुख्तार अहमद ने अंत में कहा कि राजनीति में अपराधीकरण को समाप्त करना सभी राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग की संयुक्त जिम्मेदारी है।
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    ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी (AIMM) ने राजनीति के अपराधीकरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा, और जिलाधिकारी बरेली के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा निर्वाचन आयोग को एक अन्य ज्ञापन भेजकर दागी जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आपराधिक मामलों वाले निर्वाचित विधायकों के संबंध में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।

मुख्तार अहमद ने कहा कि लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व चुनाव होता है, जहाँ जनता ऐसे प्रतिनिधियों को चुनती है जो कानून का सम्मान करें और समाज के विकास के लिए काम करें। लेकिन जब गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी लोग जनप्रतिनिधि बनते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि वर्ष 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में ऐसे विधायक चुने गए थे, जिनके चुनावी हलफनामों में आपराधिक मामलों का उल्लेख था, और ऐसे मामलों की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच आवश्यक है।

मुख्तार अहमद ने स्पष्ट किया कि ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि उसकी मांग है कि राजनीति में स्वच्छ छवि और ईमानदार लोगों को आगे आने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब कानून बनाने वाले लोग स्वयं कानून का सम्मान करेंगे, और देश में एक ऐसी प्रभावी व्यवस्था बननी चाहिए जो 10 से अधिक गंभीर अपराधों, जैसे हत्या और राजकीय घोटाला, में आरोपित लोगों को चुनाव लड़ने से रोके। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट न देने की अपील की जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि जनता के सामने है।

AIMM की प्रमुख मांगों में वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव में निर्वाचित आपराधिक मामलों वाले विधायकों की स्थिति सार्वजनिक करना, गंभीर आपराधिक मामलों में आरोप तय हो चुके जनप्रतिनिधियों के मामलों की सुनवाई विशेष अदालतों में जल्द पूरी कराना, आगामी विधानसभा एवं अन्य चुनावों में गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों पर प्रभावी रोक लगाना, तथा मतदाताओं को प्रत्याशियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराना शामिल है। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को स्वच्छ और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठाने की भी मांग की है। मुख्तार अहमद ने अंत में कहा कि राजनीति में अपराधीकरण को समाप्त करना सभी राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग की संयुक्त जिम्मेदारी है।
    user_ASHOK GUPTA
    ASHOK GUPTA
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी (AIMM) ने राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण पर गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग से दागी जन प्रतिनिधियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने 30 जून 2026 को बरेली के जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन सौंपा है। मुख्तार अहमद ने बताया कि वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में ऐसे विधायक चुने गए थे, जिनके चुनावी हलफनामों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। उन्होंने हत्या और राजकीय घोटाला जैसे 10 से अधिक गंभीर अपराधों में आरोपित व्यक्तियों के जनप्रतिनिधि बनने पर चिंता जताई। AIMM का कहना है कि जब कानून बनाने वाले ही कानून का सम्मान नहीं करते, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ज्ञापन में AIMM ने चुनाव आयोग से पाँच प्रमुख मांगें की हैं। इनमें 2022 में चुने गए आपराधिक मामलों वाले विधायकों की सूची सार्वजनिक करना, आरोप तय हो चुके जन प्रतिनिधियों के गंभीर मामलों की विशेष अदालतों में फास्ट ट्रैक सुनवाई कराना, आगामी विधानसभा और अन्य चुनावों में गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों पर प्रभावी रोक लगाना, प्रत्याशियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी सरल भाषा में मतदाताओं को उपलब्ध कराना और चुनाव प्रक्रिया को स्वच्छ व पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठाना शामिल है। मुख्तार अहमद ने स्पष्ट किया कि AIMM किसी व्यक्ति या दल विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि राजनीति में स्वच्छ छवि और ईमानदार लोगों को अवसर देने की पक्षधर है। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी दागी उम्मीदवारों को टिकट न देने की अपील की, और कहा कि जनता को ईमानदार, जिम्मेदार और समाज सेवा के प्रति समर्पित प्रतिनिधि मिलने चाहिए। उनके अनुसार, राजनीति को अपराध मुक्त करना सभी दलों और चुनाव आयोग की एक संयुक्त जिम्मेदारी है।
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    ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी (AIMM) ने राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण पर गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग से दागी जन प्रतिनिधियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने 30 जून 2026 को बरेली के जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन सौंपा है।

मुख्तार अहमद ने बताया कि वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में ऐसे विधायक चुने गए थे, जिनके चुनावी हलफनामों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। उन्होंने हत्या और राजकीय घोटाला जैसे 10 से अधिक गंभीर अपराधों में आरोपित व्यक्तियों के जनप्रतिनिधि बनने पर चिंता जताई। AIMM का कहना है कि जब कानून बनाने वाले ही कानून का सम्मान नहीं करते, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

ज्ञापन में AIMM ने चुनाव आयोग से पाँच प्रमुख मांगें की हैं। इनमें 2022 में चुने गए आपराधिक मामलों वाले विधायकों की सूची सार्वजनिक करना, आरोप तय हो चुके जन प्रतिनिधियों के गंभीर मामलों की विशेष अदालतों में फास्ट ट्रैक सुनवाई कराना, आगामी विधानसभा और अन्य चुनावों में गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों पर प्रभावी रोक लगाना, प्रत्याशियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी सरल भाषा में मतदाताओं को उपलब्ध कराना और चुनाव प्रक्रिया को स्वच्छ व पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठाना शामिल है।

मुख्तार अहमद ने स्पष्ट किया कि AIMM किसी व्यक्ति या दल विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि राजनीति में स्वच्छ छवि और ईमानदार लोगों को अवसर देने की पक्षधर है। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी दागी उम्मीदवारों को टिकट न देने की अपील की, और कहा कि जनता को ईमानदार, जिम्मेदार और समाज सेवा के प्रति समर्पित प्रतिनिधि मिलने चाहिए। उनके अनुसार, राजनीति को अपराध मुक्त करना सभी दलों और चुनाव आयोग की एक संयुक्त जिम्मेदारी है।
    user_जितेन्द्र पाल
    जितेन्द्र पाल
    Local News Reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बरेली जिले के भैरपुरा-खजुरिया-जादौपुर-भोजीपुरा-बरेली मार्ग पर बरसात का पानी भर गया है, जिससे सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। इसी बीच, सड़क पर जमा पानी के कारण एक 'नेताजी' का संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़े। इस घटना ने मार्ग पर जलभराव की गंभीर समस्या को उजागर किया है।
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    बरेली जिले के भैरपुरा-खजुरिया-जादौपुर-भोजीपुरा-बरेली मार्ग पर बरसात का पानी भर गया है, जिससे सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। इसी बीच, सड़क पर जमा पानी के कारण एक 'नेताजी' का संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़े। इस घटना ने मार्ग पर जलभराव की गंभीर समस्या को उजागर किया है।
    user_जितेन्द्र पाल
    जितेन्द्र पाल
    Local News Reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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