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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का प्रयास कर रही है, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताते हुए कहा कि वे प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों को पूरी तरह गलत करार दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार, उनके पास तब 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। इसी तरह, उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई बदलाव नहीं आया है। खंडेलवाल ने आरोपों में जिक्र की गई 'सिद्धि विनायक कंपनी' के बारे में भी जानकारी दी, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया है, और यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर की थी। खंडेलवाल ने उन रिश्तेदारों का भी जिक्र किया, जिन पर आरोप लगाए गए थे, यह कहते हुए कि वे आरोप पूरी तरह गलत हैं और मुख्यमंत्री व उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा कार्रवाई करेंगे। खंडेलवाल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री को बर्दाश्त नहीं करती। उन्होंने कहा कि जब-जब प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले हैं, कांग्रेस ने उनके खिलाफ षडयंत्र रचकर उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने 'समाज के ठेकेदारों' पर भी निशाना साधा, जो पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाते और लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों को कमजोर करने के लिए ऐसे षडयंत्र करते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चूंकि कांग्रेसी मुख्यमंत्री के कामों में उन्हें पीछे नहीं कर पाए, इसलिए वे ऐसे षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

11 hrs ago
user_भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का प्रयास कर रही है, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताते हुए कहा कि वे प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों को पूरी तरह गलत करार दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार, उनके पास तब 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। इसी तरह, उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई बदलाव नहीं आया है। खंडेलवाल ने आरोपों में जिक्र की गई 'सिद्धि विनायक कंपनी' के बारे में भी जानकारी दी, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया है, और यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर की थी। खंडेलवाल ने उन रिश्तेदारों का भी जिक्र किया, जिन पर आरोप लगाए गए थे, यह कहते हुए कि वे आरोप पूरी तरह गलत हैं और मुख्यमंत्री व उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा कार्रवाई करेंगे। खंडेलवाल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री को बर्दाश्त नहीं करती। उन्होंने कहा कि जब-जब प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले हैं, कांग्रेस ने उनके खिलाफ षडयंत्र रचकर उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने 'समाज के ठेकेदारों' पर भी निशाना साधा, जो पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाते और लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों को कमजोर करने के लिए ऐसे षडयंत्र करते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चूंकि कांग्रेसी मुख्यमंत्री के कामों में उन्हें पीछे नहीं कर पाए, इसलिए वे ऐसे षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

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  • रायसेन जिले के दीवानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है, जहाँ मात्र एक डॉक्टर पर 40 गांवों की स्वास्थ्य देखभाल की जिम्मेदारी है। यह डॉक्टर अपनी ड्यूटी भी तीन अलग-अलग जगहों पर निभा रहा है, जिसके चलते इन 40 गांवों के लोगों का स्वास्थ्य पूरी तरह से भगवान भरोसे है। यह स्थिति क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
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    रायसेन जिले के दीवानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है, जहाँ मात्र एक डॉक्टर पर 40 गांवों की स्वास्थ्य देखभाल की जिम्मेदारी है। यह डॉक्टर अपनी ड्यूटी भी तीन अलग-अलग जगहों पर निभा रहा है, जिसके चलते इन 40 गांवों के लोगों का स्वास्थ्य पूरी तरह से भगवान भरोसे है। यह स्थिति क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
    user_ABBTAK NEWS Dewangnj
    ABBTAK NEWS Dewangnj
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का प्रयास कर रही है, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताते हुए कहा कि वे प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों को पूरी तरह गलत करार दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार, उनके पास तब 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। इसी तरह, उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई बदलाव नहीं आया है। खंडेलवाल ने आरोपों में जिक्र की गई 'सिद्धि विनायक कंपनी' के बारे में भी जानकारी दी, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया है, और यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर की थी। खंडेलवाल ने उन रिश्तेदारों का भी जिक्र किया, जिन पर आरोप लगाए गए थे, यह कहते हुए कि वे आरोप पूरी तरह गलत हैं और मुख्यमंत्री व उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा कार्रवाई करेंगे। खंडेलवाल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री को बर्दाश्त नहीं करती। उन्होंने कहा कि जब-जब प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले हैं, कांग्रेस ने उनके खिलाफ षडयंत्र रचकर उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने 'समाज के ठेकेदारों' पर भी निशाना साधा, जो पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाते और लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों को कमजोर करने के लिए ऐसे षडयंत्र करते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चूंकि कांग्रेसी मुख्यमंत्री के कामों में उन्हें पीछे नहीं कर पाए, इसलिए वे ऐसे षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
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    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का प्रयास कर रही है, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताते हुए कहा कि वे प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों को पूरी तरह गलत करार दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार, उनके पास तब 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। इसी तरह, उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई बदलाव नहीं आया है। खंडेलवाल ने आरोपों में जिक्र की गई 'सिद्धि विनायक कंपनी' के बारे में भी जानकारी दी, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया है, और यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर की थी। खंडेलवाल ने उन रिश्तेदारों का भी जिक्र किया, जिन पर आरोप लगाए गए थे, यह कहते हुए कि वे आरोप पूरी तरह गलत हैं और मुख्यमंत्री व उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा कार्रवाई करेंगे।

खंडेलवाल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री को बर्दाश्त नहीं करती। उन्होंने कहा कि जब-जब प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले हैं, कांग्रेस ने उनके खिलाफ षडयंत्र रचकर उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने 'समाज के ठेकेदारों' पर भी निशाना साधा, जो पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाते और लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों को कमजोर करने के लिए ऐसे षडयंत्र करते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चूंकि कांग्रेसी मुख्यमंत्री के कामों में उन्हें पीछे नहीं कर पाए, इसलिए वे ऐसे षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
    user_भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • विदिशा शहर में श्री राम अस्पताल के ठीक सामने एक बोलेरो वाहन डिवाइडर के ऊपर जा चढ़ा।
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    विदिशा शहर में श्री राम अस्पताल के ठीक सामने एक बोलेरो वाहन डिवाइडर के ऊपर जा चढ़ा।
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने भोपाल में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित कर मध्य प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रदेश में व्याप्त 'तबादला उद्योग' और सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार पर निशाना साधा, विशेष रूप से उद्यानिकी विभाग की स्थानांतरण नीति को लेकर। यश भारतीय ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार की 'स्थानांतरण नीति 2026' पूरी तरह विफल हो गई है और भ्रष्टाचार का एक बड़ा जरिया बन चुकी है। उनका कहना था कि इस नीति का उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था बनाना था, लेकिन धरातल पर यह केवल चहेते अधिकारियों को बचाने और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का माध्यम बन गई है। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने जानबूझकर इस नीति की खुलेआम अनदेखी की। जहाँ प्रदेश के अन्य बड़े विभागों ने सरकार द्वारा तय अंतिम तिथि तक अपने सभी स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए थे, वहीं उद्यानिकी विभाग में जानबूझकर फाइलें रोकी गईं और आदेश जारी नहीं किए गए। सपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि इसके पीछे क्या कारण हो सकता है: क्या यह सालों से एक ही पद पर जमे अधिकारियों को 'मलाईदार पदों' पर स्थानांतरण से अन्यत्र कम फायदे वाले स्थान पर तबादले से रोकना था, या कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को विशेष संरक्षण देना? उन्होंने यह भी बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार, विभागीय मंत्री ने स्थानांतरण नीति 2026 की अंतिम तारीख से पहले ही तबादले की सूची जॉन किंग्सली, सचिव महोदय को भेज दी थी, और यह सूची प्रेस विज्ञप्ति के साथ संलग्न है। भारतीय ने सरकार से इस पूरे स्थानांतरण प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की। उन्होंने कई सवालों के जवाब भी मांगे, जिनमें यह शामिल है कि जब शासन ने स्पष्ट समय सीमा तय की थी तो अंतिम तिथि तक आदेश क्यों जारी नहीं हुए, किसके दबाव में फाइलें रोकी गईं, और किसके हित में नियमों की अनदेखी हुई। उन्होंने यह भी पूछा कि जब दूसरे विभाग शासन के निर्देशों का पालन कर सकते हैं, तो उद्यानिकी विभाग में किन मजबूरियों के चलते अलग व्यवस्था चली। यश भारतीय ने अंतिम तिथि तक लंबित रखी गई फाइलों और निर्णयों की समीक्षा करने तथा आदेश समय पर जारी न होने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति का पता लगाने की मांग की। अंत में, उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी प्रकार का भ्रष्टाचार या पद का दुरुपयोग सामने आता है, तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।
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    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने भोपाल में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित कर मध्य प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रदेश में व्याप्त 'तबादला उद्योग' और सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार पर निशाना साधा, विशेष रूप से उद्यानिकी विभाग की स्थानांतरण नीति को लेकर।

यश भारतीय ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार की 'स्थानांतरण नीति 2026' पूरी तरह विफल हो गई है और भ्रष्टाचार का एक बड़ा जरिया बन चुकी है। उनका कहना था कि इस नीति का उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था बनाना था, लेकिन धरातल पर यह केवल चहेते अधिकारियों को बचाने और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का माध्यम बन गई है। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने जानबूझकर इस नीति की खुलेआम अनदेखी की। जहाँ प्रदेश के अन्य बड़े विभागों ने सरकार द्वारा तय अंतिम तिथि तक अपने सभी स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए थे, वहीं उद्यानिकी विभाग में जानबूझकर फाइलें रोकी गईं और आदेश जारी नहीं किए गए।

सपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि इसके पीछे क्या कारण हो सकता है: क्या यह सालों से एक ही पद पर जमे अधिकारियों को 'मलाईदार पदों' पर स्थानांतरण से अन्यत्र कम फायदे वाले स्थान पर तबादले से रोकना था, या कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को विशेष संरक्षण देना? उन्होंने यह भी बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार, विभागीय मंत्री ने स्थानांतरण नीति 2026 की अंतिम तारीख से पहले ही तबादले की सूची जॉन किंग्सली, सचिव महोदय को भेज दी थी, और यह सूची प्रेस विज्ञप्ति के साथ संलग्न है।

भारतीय ने सरकार से इस पूरे स्थानांतरण प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की। उन्होंने कई सवालों के जवाब भी मांगे, जिनमें यह शामिल है कि जब शासन ने स्पष्ट समय सीमा तय की थी तो अंतिम तिथि तक आदेश क्यों जारी नहीं हुए, किसके दबाव में फाइलें रोकी गईं, और किसके हित में नियमों की अनदेखी हुई। उन्होंने यह भी पूछा कि जब दूसरे विभाग शासन के निर्देशों का पालन कर सकते हैं, तो उद्यानिकी विभाग में किन मजबूरियों के चलते अलग व्यवस्था चली। यश भारतीय ने अंतिम तिथि तक लंबित रखी गई फाइलों और निर्णयों की समीक्षा करने तथा आदेश समय पर जारी न होने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति का पता लगाने की मांग की। अंत में, उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी प्रकार का भ्रष्टाचार या पद का दुरुपयोग सामने आता है, तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।
    user_PS24NEWS
    PS24NEWS
    Local News Reporter कोलार, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • भोपाल में कटारा हिल्स पुलिस ने एक महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश किया है। यह हत्या समलैंगिक संबंध बनाने की कोशिश के विरोध में की गई थी। मृतक का शव 29 मई 2026 को झागरिया हाईवे के इकोलॉजिकल पार्क में मिला था, जो उस समय लगभग पांच दिन पुराना था। मृतक की पहचान मंडीदीप निवासी राजेश राय के रूप में हुई थी, और घटनास्थल से उसका मोबाइल फोन गायब था। पुलिस ने IMEI और CDR के माध्यम से गायब हुए मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की, जो अजय मियाना नामक व्यक्ति के पास मिला। पूछताछ के दौरान हत्या का पूरा राज खुला और पुलिस ने आरोपी अजय सिंह मेवाड़ा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह मृतक के संपर्क में आया और उसे एक सुनसान जगह पर ले गया, जहाँ उसने मृतक के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। जब मृतक ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसका सिर पत्थर पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी मृतक का मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया था। मोबाइल की तकनीकी जांच और उसकी लोकेशन के आधार पर ही पुलिस आरोपी तक पहुंच पाई। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
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    भोपाल में कटारा हिल्स पुलिस ने एक महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश किया है। यह हत्या समलैंगिक संबंध बनाने की कोशिश के विरोध में की गई थी। मृतक का शव 29 मई 2026 को झागरिया हाईवे के इकोलॉजिकल पार्क में मिला था, जो उस समय लगभग पांच दिन पुराना था। मृतक की पहचान मंडीदीप निवासी राजेश राय के रूप में हुई थी, और घटनास्थल से उसका मोबाइल फोन गायब था।

पुलिस ने IMEI और CDR के माध्यम से गायब हुए मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की, जो अजय मियाना नामक व्यक्ति के पास मिला। पूछताछ के दौरान हत्या का पूरा राज खुला और पुलिस ने आरोपी अजय सिंह मेवाड़ा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह मृतक के संपर्क में आया और उसे एक सुनसान जगह पर ले गया, जहाँ उसने मृतक के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की।

जब मृतक ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसका सिर पत्थर पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी मृतक का मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया था। मोबाइल की तकनीकी जांच और उसकी लोकेशन के आधार पर ही पुलिस आरोपी तक पहुंच पाई। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    35 min ago
  • उज्जैन में 500 करोड़ रुपये की एक ज़मीन एक ट्रस्ट को मात्र 1 रुपए में दे दी गई है। इस ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री राम जी नाम के एक व्यक्ति हैं, जो मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार भी हैं।
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    उज्जैन में 500 करोड़ रुपये की एक ज़मीन एक ट्रस्ट को मात्र 1 रुपए में दे दी गई है। इस ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री राम जी नाम के एक व्यक्ति हैं, जो मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार भी हैं।
    user_Aamir Khan
    Aamir Khan
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • रायसेन जिले की अंबाडी इंदिरा आवास कॉलोनी में बिजली के तार खतरनाक ढंग से झूल रहे हैं, जो हर वक्त किसी बड़ी दुर्घटना या करंट लगने के गंभीर खतरे को जन्म दे रहे हैं। इन "मौत को दावत देते" झूलते तारों के कारण स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है, और यह सवाल उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का इंतजार कर रहा है।
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    रायसेन जिले की अंबाडी इंदिरा आवास कॉलोनी में बिजली के तार खतरनाक ढंग से झूल रहे हैं, जो हर वक्त किसी बड़ी दुर्घटना या करंट लगने के गंभीर खतरे को जन्म दे रहे हैं। इन "मौत को दावत देते" झूलते तारों के कारण स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है, और यह सवाल उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का इंतजार कर रहा है।
    user_ABBTAK NEWS Dewangnj
    ABBTAK NEWS Dewangnj
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सागर जिला अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक मरीज को दवा की जगह शराब पीते हुए देखा गया। वायरल वीडियो में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि कुछ ही देर पहले मरीज को बोतल (संभवतः ड्रिप) लगी हुई थी, जिसके निशान उसके हाथ पर साफ मौजूद हैं। नर्स द्वारा बार-बार मना किए जाने के बावजूद भी मरीज शराब पीता रहा।
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    मध्य प्रदेश के सागर जिला अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक मरीज को दवा की जगह शराब पीते हुए देखा गया। वायरल वीडियो में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि कुछ ही देर पहले मरीज को बोतल (संभवतः ड्रिप) लगी हुई थी, जिसके निशान उसके हाथ पर साफ मौजूद हैं। नर्स द्वारा बार-बार मना किए जाने के बावजूद भी मरीज शराब पीता रहा।
    user_AM   NEWS
    AM NEWS
    बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
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