मध्य प्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी में तिनका सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित तीन महीने के समर कैम्प-2026 का भव्य समापन रविवार को संस्था परिसर में उत्साह और गरिमामय वातावरण में हुआ। इस विशेष प्रशिक्षण अभियान में प्रदेश के 20 जिलों के 1,637 खिलाड़ियों ने कराटे और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन समारोह में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस, प्रशासनिक और खेल विभाग के अधिकारियों समेत नगर के गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। समारोह की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद टिमरनी के अध्यक्ष देवेन्द्र भारद्वाज और अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) आकांक्षा तलैया रहे। विशिष्ट अतिथियों में थाना प्रभारी महेश गोड, उप निरीक्षक प्रियंका पाठक, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी रामनिवास जाट, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक राजेन्द्र उपाध्याय, जिला मलखंभ संघ के अध्यक्ष रोहित रहड़वा और खेल समन्वयक सुश्री हीना अली खान शामिल हुए। इस अवसर पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों को टी-शर्ट, ट्रैकसूट, स्पोर्ट्स शूज़, कराटे किट बैग, खेल सामग्री और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जबकि बेहतरीन कार्य करने वाले 10 प्रशिक्षकों को 20 लीटर के वाटर कैम्पर भेंट किए गए। अतिथियों ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासित और सशक्त समाज के निर्माण का आधार हैं। संस्था की अध्यक्ष मना मंडलेकर ने बताया कि संस्था अब तक 8 राज्यों के 20 जिलों में 94,423 बच्चों को प्रशिक्षित कर चुकी है, जिनमें 59,892 बालिकाएँ शामिल हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश में 68 कराटे प्रशिक्षण केन्द्र नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं और संस्था ने 620 से अधिक सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों में प्रशिक्षण प्रदान किया है। समारोह के समापन पर एसडीओपी आकांक्षा तलैया और थाना प्रभारी महेश गोड के नेतृत्व में सभी खिलाड़ियों और उपस्थित नागरिकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन मोना खरे, अर्पण, दीपाली नागर, प्रीति इरपाचे, विकास वर्मा व रोहित खातरकर ने किया और अंत में संस्था के सचिव रितेश तिवारी के आभार प्रदर्शन व राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
मध्य प्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी में तिनका सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित तीन महीने के समर कैम्प-2026 का भव्य समापन रविवार को संस्था परिसर में उत्साह और गरिमामय वातावरण में हुआ। इस विशेष प्रशिक्षण अभियान में प्रदेश के 20 जिलों के 1,637 खिलाड़ियों ने कराटे और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन समारोह में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस, प्रशासनिक और खेल विभाग के अधिकारियों समेत नगर के गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। समारोह की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर
माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद टिमरनी के अध्यक्ष देवेन्द्र भारद्वाज और अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) आकांक्षा तलैया रहे। विशिष्ट अतिथियों में थाना प्रभारी महेश गोड, उप निरीक्षक प्रियंका पाठक, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी रामनिवास जाट, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक राजेन्द्र उपाध्याय, जिला मलखंभ संघ के अध्यक्ष रोहित रहड़वा और खेल समन्वयक सुश्री हीना अली खान शामिल हुए। इस अवसर पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों को टी-शर्ट, ट्रैकसूट, स्पोर्ट्स शूज़, कराटे किट बैग, खेल सामग्री और प्रमाण-पत्र
वितरित किए गए, जबकि बेहतरीन कार्य करने वाले 10 प्रशिक्षकों को 20 लीटर के वाटर कैम्पर भेंट किए गए। अतिथियों ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासित और सशक्त समाज के निर्माण का आधार हैं। संस्था की अध्यक्ष मना मंडलेकर ने बताया कि संस्था अब तक 8 राज्यों के 20 जिलों में 94,423 बच्चों को प्रशिक्षित कर चुकी है, जिनमें 59,892 बालिकाएँ शामिल हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश में 68 कराटे प्रशिक्षण केन्द्र नियमित
रूप से संचालित हो रहे हैं और संस्था ने 620 से अधिक सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों में प्रशिक्षण प्रदान किया है। समारोह के समापन पर एसडीओपी आकांक्षा तलैया और थाना प्रभारी महेश गोड के नेतृत्व में सभी खिलाड़ियों और उपस्थित नागरिकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन मोना खरे, अर्पण, दीपाली नागर, प्रीति इरपाचे, विकास वर्मा व रोहित खातरकर ने किया और अंत में संस्था के सचिव रितेश तिवारी के आभार प्रदर्शन व राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
- मध्य प्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी में तिनका सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित तीन महीने के समर कैम्प-2026 का भव्य समापन रविवार को संस्था परिसर में उत्साह और गरिमामय वातावरण में हुआ। इस विशेष प्रशिक्षण अभियान में प्रदेश के 20 जिलों के 1,637 खिलाड़ियों ने कराटे और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन समारोह में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस, प्रशासनिक और खेल विभाग के अधिकारियों समेत नगर के गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। समारोह की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद टिमरनी के अध्यक्ष देवेन्द्र भारद्वाज और अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) आकांक्षा तलैया रहे। विशिष्ट अतिथियों में थाना प्रभारी महेश गोड, उप निरीक्षक प्रियंका पाठक, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी रामनिवास जाट, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक राजेन्द्र उपाध्याय, जिला मलखंभ संघ के अध्यक्ष रोहित रहड़वा और खेल समन्वयक सुश्री हीना अली खान शामिल हुए। इस अवसर पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों को टी-शर्ट, ट्रैकसूट, स्पोर्ट्स शूज़, कराटे किट बैग, खेल सामग्री और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जबकि बेहतरीन कार्य करने वाले 10 प्रशिक्षकों को 20 लीटर के वाटर कैम्पर भेंट किए गए। अतिथियों ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासित और सशक्त समाज के निर्माण का आधार हैं। संस्था की अध्यक्ष मना मंडलेकर ने बताया कि संस्था अब तक 8 राज्यों के 20 जिलों में 94,423 बच्चों को प्रशिक्षित कर चुकी है, जिनमें 59,892 बालिकाएँ शामिल हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश में 68 कराटे प्रशिक्षण केन्द्र नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं और संस्था ने 620 से अधिक सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों में प्रशिक्षण प्रदान किया है। समारोह के समापन पर एसडीओपी आकांक्षा तलैया और थाना प्रभारी महेश गोड के नेतृत्व में सभी खिलाड़ियों और उपस्थित नागरिकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन मोना खरे, अर्पण, दीपाली नागर, प्रीति इरपाचे, विकास वर्मा व रोहित खातरकर ने किया और अंत में संस्था के सचिव रितेश तिवारी के आभार प्रदर्शन व राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।4
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा आगामी 15 से 30 जुलाई 2026 तक एक विशेष जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और पूरे समाज को नशे के घातक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। इसके साथ ही, एक नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए इस अभियान में आम लोगों की सहभागिता को बढ़ाना भी पुलिस का अहम लक्ष्य है। इस मुहिम के तहत खंडवा पुलिस ने सभी नागरिकों, युवाओं और सोशल मीडिया क्रिएटर्स से विशेष अपील की है। पुलिस चाहती है कि सभी वर्ग इस अभियान से जुड़कर जागरूकता फैलाएं और नशे के खिलाफ सकारात्मक संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। पुलिस ने सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया है कि नशे से दूरी बनाकर स्वस्थ और सुरक्षित जिंदगी की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाएं, क्योंकि सचमुच #नशे_से_दूरी_है_जरूरी है।1
- बिहार में एक 'विदेशी' बच्चे ने जन्म लिया है। इस बच्चे के जन्म की खबर मिलते ही इसे एक नजर देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। हर कोई इस अनोखे बच्चे को देखने के लिए उत्सुक है और यह खबर अब तेजी से वायरल हो रही है।1
- देवास के कन्नौद में 'नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0' के तहत स्थानीय बस स्टैंड पर एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। थाना कन्नौद द्वारा 19 जुलाई 26 को आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता, बस यात्रियों, ऑटो और निजी वाहनों में सफर करने वाले लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया। इस दौरान वाहनों पर पंपलेट लगाकर लोगों को नशे के विरुद्ध सतर्क रहने और इससे जुड़ी जानकारी हेल्पलाइन नंबर पर देने के लिए प्रेरित किया गया। नाटक के माध्यम से दर्शकों को यह संदेश दिया गया कि ड्रग्स की लत का एक व्यक्ति और उसके परिवार पर क्या विपरीत प्रभाव पड़ता है और लोग किस प्रकार इस जाल में फंस जाते हैं, ताकि लोग सजग रहकर नशे से दूर रह सकें।4
- नर्मदा पुरम जिले के पिपरिया और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 20 दिनों के लंबे अंतराल के बाद मंगलवार रात करीब 3 बजे बारिश शुरू हुई, जो सुबह तक जारी रही। इस बारिश से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को उमस से राहत मिली है। ठंडी हवाओं और फुहारों के कारण मौसम खुशनुमा हो गया, जबकि मंगलवार सुबह अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। हालांकि, इस बारिश के कारण शहर की कई सड़कें और निचले इलाके पानी से भर गए हैं। लंबे समय बाद हुई यह बारिश क्षेत्र की फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। किसानों ने बताया कि लगातार सूखे की स्थिति पैदा होने से धान की फसल प्रभावित हो रही थी। ऐसे में यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी, और यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा तो धान सहित अन्य खरीफ फसलों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।1
- मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मुंदी नगर परिषद में चार नए एल्डरमैन नियुक्त किए हैं, जिसके संबंध में शासन ने आदेश जारी कर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को मनोनीत किया है। जारी आदेश के मुताबिक, वार्ड क्रमांक-1 से श्रीमती अनीता श्रीवास्तव, वार्ड क्रमांक-11 से अशोक जैन, वार्ड क्रमांक-3 से निलेश राठौर और वार्ड क्रमांक-14 से अशोक गुर्जर को मुंदी नगर परिषद का एल्डरमैन मनोनीत किया गया है। इन नए एल्डरमैनों की नियुक्ति से नगर परिषद की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस नियुक्ति के बाद से क्षेत्र में बधाई का दौर शुरू हो गया है, जहाँ विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों सहित नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने नव मनोनीत एल्डरमैनों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की है। लोगों को उम्मीद है कि वे नगर के विकास, जनहित और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।1
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाई जा रही "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" मुहिम एक अत्यंत सराहनीय और आवश्यक जन-जागरूकता अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता को नशे के घातक दुष्परिणामों से बचाना और उन्हें एक स्वस्थ व नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। इस अभियान के तहत समाज को नशे के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसानों के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि युवा पीढ़ी नशे की लत से बचकर अपने जीवन के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सके। इसमें जन-भागीदारी पर विशेष जोर देते हुए लोगों से खुद नशा छोड़ने, दूसरों को प्रेरित करने और अवैध नशे की बिक्री या तस्करी की जानकारी पुलिस को देने की अपील की गई है। नशे के कारण कैंसर, लिवर खराब होना, टीबी और हृदय रोग जैसी जानलेवा बीमारियां होती हैं, साथ ही यह मानसिक तनाव, डिप्रेशन, पारिवारिक रिश्तों में दरार, घरेलू हिंसा और अपराधों को भी बढ़ावा देता है। नशे की इस घातक लत से सुरक्षित रहने के लिए लोगों को नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों की गलत संगत से दूरी बनाने की सलाह दी गई है। इसके बजाय, युवाओं को अपना ध्यान रचनात्मक कार्यों, व्यायाम, योग या खेलकूद जैसे सकारात्मक शौकों में लगाने के लिए प्रेरित किया गया है।1
- जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया है। ये प्रदर्शनकारी संसद की तरफ बढ़ रहे थे, जिन्हें रोकने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा आंसू गैस भी छोड़े गए।1