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पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान बंगाल पुलिस का कोई अधिकारी सिविल ड्रेस में एक महिला के घर पर जाकर उसे धमकाया तो मेंसुवेंदु अधिकारी ने पुलिस थाने जाकर सभी अधिकारियों की क्लास ली
ARBIND KUMAR
पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान बंगाल पुलिस का कोई अधिकारी सिविल ड्रेस में एक महिला के घर पर जाकर उसे धमकाया तो मेंसुवेंदु अधिकारी ने पुलिस थाने जाकर सभी अधिकारियों की क्लास ली
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- धनबाद। (प्रेम कुमार). जिला कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस महिला मोर्चा ने महिला आरक्षण बिल लागू करने की मांग को लेकर गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने रणधीर वर्मा चौक से डीआरएम चौक तक पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों को भ्रमित कर रही है और चुनाव के समय महिला आरक्षण का मुद्दा उठाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। वहीं कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष सीता राणा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल वर्ष 2023 में ही संसद से पारित हो चुका है, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इसे लेकर जनता को गुमराह कर रही है।1
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- 15 सूत्री श्रमिकों की मांगों कों ले BCKU ने की ब्लॉक दो प्रबंधन से वार्ता, मिला आश्वासन (रिपोर्ट प्रेम कुमार)- बाघमारा के ब्लॉक दो क्षेत्र में बिहार कोलियरी कामगार यूनियन (BCKU) और परियोजना प्रबंधन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई। इस बैठक में यूनियन ने श्रमिकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा। प्रमुख बिंदु और चर्चा: मांगों का विवरण: यूनियन ने मुख्य रूप से श्रमिकों के आवासों की मरम्मत, पीने के पानी की सुचारू व्यवस्था, बिजली आपूर्ति में सुधार और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करने जैसी मांगें रखीं। प्रबंधन का रुख: वार्ता के दौरान प्रबंधन ने अधिकांश मांगों को जायज ठहराया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उन पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। यूनियन की चेतावनी: BCKU नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि दिए गए आश्वासनों पर समय सीमा के भीतर अमल नहीं किया गया, तो यूनियन आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने को बाध्य होगी। मौके पर परियोजना पदाधिकारी एस के सिन्हा ने सभी मांगो पर सौहार्दपूर्ण वार्ता के उपरांत शीघ्र निष्पादन का आश्वासन दिया. वार्ता में मुख्य रूप से बीसीकेयू के बैजनाथ यादव, प्रताप कुमार बरनवाल, एमडी एहसान अहमद, कुलदीप प्रसाद महतो, दिलीप नोनिया, शिव शंकर सिंह, धनंजय महतो, सीताराम कर्मकार, बद्री कुमार सिंह, संजय कुमार, रामप्रवेश चौहान इत्यादि शामिल थे.1