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उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की दातागंज तहसील में स्थित धनौरा गांव में एक पीपल का पेड़ गिरने से एक मकान को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है।
प्रेमराज यादव
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की दातागंज तहसील में स्थित धनौरा गांव में एक पीपल का पेड़ गिरने से एक मकान को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है।
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- बदायूं जिले के दातागंज नगर में एक 12 वर्षीय बच्चे पर बंदरों के झुंड ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद बच्चे को इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। यह वारदात मंगलवार शाम लगभग 7 बजे ख्वाजा नगर मोहल्ले में हुई। गुलाम मुस्तफा, जो रियासहत अली के पुत्र हैं, अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे, तभी अचानक बंदरों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बंदरों के हमले के बाद साथ खेल रहे अन्य बच्चे डरकर भाग गए। आसपास के लोगों ने तुरंत दौड़कर गुलाम मुस्तफा को बचाया, लेकिन तब तक बंदरों ने उसे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। परिवार ने तत्काल उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जहाँ उसका इलाज जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की दातागंज तहसील में स्थित धनौरा गांव में एक पीपल का पेड़ गिरने से एक मकान को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है।2
- Looking for Job Expected Salary : 20000 Job Title : सेल्स Job Field : बीपीओ City / Locality : budaun Job Type : Part Time Experience Level : Fresher Education Qualification : 12th Pass 12 pass1
- उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं में थाना बिनावर क्षेत्र के नाई गांव में सरकारी सुविधाघरों पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। इन सरकारी बारातघरों और सुविधाघरों पर ताले लगे हुए हैं, और बारातघर को गोबर के कंडों से भर दिया गया है। एक स्थानीय बालिका ने बताया कि ताले लगे इन सुविधाघरों में कभी भूसा भरा जाता है तो कभी गोबर के कंडे रखे जाते हैं, और इन करोड़ों की लागत से बने ढाँचों की मरम्मत पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि ये सुविधा बारातघर तो अनुपयोगी पड़े हैं, परंतु कागजों में इनका उपयोग लगातार दिखाया जा रहा है।2
- बदायूं में बुधवार शाम जिलाधिकारी अवनीश राय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा और अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बकरीद व अन्य आगामी त्योहारों के मद्देनजर शहर के विभिन्न स्थानों पर पैदल मार्च किया। इस मार्च का उद्देश्य कानून के प्रति विश्वास और शांति व सद्भाव का संदेश देना था। जिलाधिकारी ने छः सड़का से खण्डसारी मोहला, पुराना बाजार, शास्त्री चौक, मंढई चौक, जामा मस्जिद से कोतवाली, घंटाघर, खैराती चौक से नेहरू चौक और नगर पालिका होते हुए लावेला चौक तक पैदल मार्च किया। इस दौरान, उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित है और सामाजिक माहौल बिगाड़ने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस व प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सजग व सतर्क है और सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी ने भी सोशल मीडिया पर किसी प्रकार का भ्रामक या सामाजिक माहौल बिगाड़ने वाला पोस्ट किया तो उसे चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जनपद में सभी त्योहार आपसी प्रेम और भाईचारे से मनाए जाते रहे हैं और इसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे त्योहारों के दिन निरंतर गतिशील रहें और छोटी से छोटी घटना की जानकारी भी उच्च अधिकारियों को दें ताकि समय रहते उसका निदान किया जा सके। जिलाधिकारी ने आगाह किया कि कोई भी घटना होने पर उसकी पुष्टि के बाद ही कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए, क्योंकि किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में स्थित प्रसिद्ध मनौना धाम (खाटू श्याम मंदिर) के एक कर्मचारी रमन के डेढ़ वर्षीय बेटे का अपहरण कर लिया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अपहरणकर्ताओं, योगेश कन्नौजिया और पवन सिंह, को पकड़ लिया। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में इन दोनों अपहरणकर्ताओं की टांग में गोली लगी है। एसपी अंशिका वर्मा ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी इस बच्चे को किसी को बेचने की फिराक में थे। मुख्य आरोपी योगेश शाहजहाँपुर के मेडिकल कॉलेज से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रहा है। उसने बताया कि एक मरीज ने उससे एक नवजात बच्चे की मांग की थी, जिसके बदले में पैसे देने की बात तय हुई थी।1
- बरेली में शील चौराहा पर नगर निगम की टीम द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ एक अभियान चलाया गया।1
- बदायूं जिले के दातागंज क्षेत्र के जबलपुर गांव में ग्रामीण अपने घरों के सामने फैली भीषण गंदगी और दुर्गंध से बुरी तरह प्रभावित हैं। लोगों का कहना है कि उनके घरों के सामने गोबर खाद का ढेर लगा रहता है, जिससे चारों तरफ गंदगी फैल गई है। सड़ा हुआ पानी भी इसी कचरे में मिलता है, जिसके कारण हर वक्त तेज बदबू आती रहती है और यह स्थिति बीमारियों को न्योता दे रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गंदगी के साथ-साथ गांव में आने-जाने के लिए उचित रास्ता भी नहीं है। यहां सीसी सड़क भी नहीं बनी है और जब रास्ते पर पानी भर जाता है, तो लोगों को निकलने में भारी परेशानी होती है। घरों से निकलने वाले पानी की निकासी के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे पानी कहीं जा नहीं पाता और समस्या और भी विकट हो गई है। इस परेशानी के कारण ग्रामीण इतने तंग आ चुके हैं कि उनके रिश्तेदार भी घरों के सामने की इस गंदगी को देखकर उन्हें ही खरी-खोटी सुनाते हैं। ग्रामीण लगातार बीमारियों का सामना कर रहे हैं और इस विकट स्थिति से निजात पाने के लिए प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं, क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे क्या करें।1