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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी का पुतला दहन किया गया।

2 hrs ago
user_Uday Kumar Ayam
Uday Kumar Ayam
Photographer प्रतापपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी का पुतला दहन किया गया।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • बलरामपुर जिले की बासेन पंचायत में इन दिनों वन भूमि पर अवैध तरीके से कब्ज़ा कर मकान बनाने की होड़ मची हुई है। खासकर NH 343 मुख्य मार्ग, विशेषकर सरईसिंया NH से लगे क्षेत्रों में, सड़क किनारे की जमीनों पर अवैध निर्माण का काम तेज़ी से चल रहा है। इस अवैध कब्ज़े का स्थानीय लोग बड़ी संख्या में विरोध कर रहे हैं। आरोप है कि वन विभाग के स्थानीय बीट के वनकर्मी भी दबे पांव मिलीभगत कर बाहरी लोगों को संरक्षण दे रहे हैं। इसी को लेकर सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष ने इस अवैध कब्ज़े का कड़ा विरोध जताते हुए नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने 'बाहरी भगाओ छत्तीसगढ़ बचाओ' का नारा देते हुए कहा कि आदिवासी बाहरी लोगों को वहाँ बसने नहीं देंगे। उनके अनुसार, यह वन भूमि पर अवैध कब्ज़ा आदिवासियों के हितों की अनदेखी है, जिसे वे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस शिकायत पर अपर कलेक्टर ने तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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    बलरामपुर जिले की बासेन पंचायत में इन दिनों वन भूमि पर अवैध तरीके से कब्ज़ा कर मकान बनाने की होड़ मची हुई है। खासकर NH 343 मुख्य मार्ग, विशेषकर सरईसिंया NH से लगे क्षेत्रों में, सड़क किनारे की जमीनों पर अवैध निर्माण का काम तेज़ी से चल रहा है। इस अवैध कब्ज़े का स्थानीय लोग बड़ी संख्या में विरोध कर रहे हैं।

आरोप है कि वन विभाग के स्थानीय बीट के वनकर्मी भी दबे पांव मिलीभगत कर बाहरी लोगों को संरक्षण दे रहे हैं। इसी को लेकर सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष ने इस अवैध कब्ज़े का कड़ा विरोध जताते हुए नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने 'बाहरी भगाओ छत्तीसगढ़ बचाओ' का नारा देते हुए कहा कि आदिवासी बाहरी लोगों को वहाँ बसने नहीं देंगे। उनके अनुसार, यह वन भूमि पर अवैध कब्ज़ा आदिवासियों के हितों की अनदेखी है, जिसे वे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

इस शिकायत पर अपर कलेक्टर ने तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • सूरजपुर, छत्तीसगढ़ में 3 जून 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा आदिवासी समुदाय के लिए "वनवासी" शब्द के प्रयोग के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया। सूरजपुर के अग्रसेन चौक (पुराना बस स्टैंड) पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में आदिवासी एवं मूलवासी समाज के सैकड़ों लोग, जिनमें भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष चिंटू सोनवानी भी शामिल थे, इकट्ठा हुए। उन्होंने गृह मंत्री का पुतला दहन कर और जोरदार नारेबाजी कर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रतिकूल मौसम, जिसमें तेज धूप और अचानक हुई बारिश भी शामिल थी, के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ और वे अपनी मांगों पर डटे रहे। यह विरोध केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 24 मई 2026 को जनजाति सुरक्षा मंच के एक कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय को "वनवासी" कहकर संबोधित करने के बाद उपजे व्यापक आक्रोश का परिणाम है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्व आदिवासी समाज (युवा प्रभाग) के जिला अध्यक्ष बी.पी.एस. पोया ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज भारत की प्राचीनतम मूलवासी सभ्यता का प्रतिनिधित्व करता है, जिसकी अपनी अनूठी भाषा, संस्कृति, परंपरा और जीवन-पद्धति है। उन्होंने "आदिवासी" शब्द को उनकी ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक बताते हुए कहा कि "वनवासी" शब्द इस पहचान को सीमित और विकृत करता है, जो न तो ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित है और न ही शैक्षणिक दृष्टि से उचित है। पोया ने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए बताया कि अनुच्छेद 342 के तहत आदिवासी समुदाय को "अनुसूचित जनजाति" के रूप में मान्यता प्राप्त है, और अनुच्छेद 14, 15, 21, 29 एवं 46 उन्हें समानता, गरिमा, सांस्कृतिक अधिकार और विकास की संवैधानिक गारंटी प्रदान करते हैं। ऐसे में, भ्रामक शब्दों का प्रयोग संविधान की मूल भावना के विपरीत है। बी.पी.एस. पोया ने केंद्रीय गृह मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी शब्दावली का प्रयोग जारी रहा, तो ग्राम स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक व्यापक आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन का समापन महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपने के साथ हुआ। समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी संवैधानिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था में पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि अपनी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए वैधानिक तरीके से आवाज उठाना उनका अधिकार है। इस कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक जुनास एक्का, जिला उपाध्यक्ष सुमन टोप्पो, युवा प्रभाग संभाग अध्यक्ष राजा क्षितिज कुमार सिंह उइके सहित विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्षों—शिव प्रताप सिंह आयाम (सूरजपुर), गुलाब सिंह नेताम (रामानुजनगर), विनय पावले (भैयाथान), चंद्रसेन सिंह पोया (ओड़गी), संपलाल सिंह पोया (प्रतापपुर), तथा प्रेमनगर कार्यकारिणी अध्यक्ष सूरज सिंह पोर्ते—के साथ अशोक पैकरा, गीता पंडो, मनीष प्रताप सिंह उर्रे, संदीप कुशवाहा, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष चिंटू सोनवानी, दीपक मानिकपुरी, अमित कुमार मिंज, अमित कुमार सिंह खैरवार, मीना गौतम, युगेश सोनपाकर, दीपक सिंह धुर्वे जैसे पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
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    सूरजपुर, छत्तीसगढ़ में 3 जून 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा आदिवासी समुदाय के लिए "वनवासी" शब्द के प्रयोग के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया। सूरजपुर के अग्रसेन चौक (पुराना बस स्टैंड) पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में आदिवासी एवं मूलवासी समाज के सैकड़ों लोग, जिनमें भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष चिंटू सोनवानी भी शामिल थे, इकट्ठा हुए। उन्होंने गृह मंत्री का पुतला दहन कर और जोरदार नारेबाजी कर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रतिकूल मौसम, जिसमें तेज धूप और अचानक हुई बारिश भी शामिल थी, के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ और वे अपनी मांगों पर डटे रहे।

यह विरोध केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 24 मई 2026 को जनजाति सुरक्षा मंच के एक कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय को "वनवासी" कहकर संबोधित करने के बाद उपजे व्यापक आक्रोश का परिणाम है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्व आदिवासी समाज (युवा प्रभाग) के जिला अध्यक्ष बी.पी.एस. पोया ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज भारत की प्राचीनतम मूलवासी सभ्यता का प्रतिनिधित्व करता है, जिसकी अपनी अनूठी भाषा, संस्कृति, परंपरा और जीवन-पद्धति है। उन्होंने "आदिवासी" शब्द को उनकी ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक बताते हुए कहा कि "वनवासी" शब्द इस पहचान को सीमित और विकृत करता है, जो न तो ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित है और न ही शैक्षणिक दृष्टि से उचित है। पोया ने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए बताया कि अनुच्छेद 342 के तहत आदिवासी समुदाय को "अनुसूचित जनजाति" के रूप में मान्यता प्राप्त है, और अनुच्छेद 14, 15, 21, 29 एवं 46 उन्हें समानता, गरिमा, सांस्कृतिक अधिकार और विकास की संवैधानिक गारंटी प्रदान करते हैं। ऐसे में, भ्रामक शब्दों का प्रयोग संविधान की मूल भावना के विपरीत है।

बी.पी.एस. पोया ने केंद्रीय गृह मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी शब्दावली का प्रयोग जारी रहा, तो ग्राम स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक व्यापक आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन का समापन महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपने के साथ हुआ। समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी संवैधानिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था में पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि अपनी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए वैधानिक तरीके से आवाज उठाना उनका अधिकार है। इस कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक जुनास एक्का, जिला उपाध्यक्ष सुमन टोप्पो, युवा प्रभाग संभाग अध्यक्ष राजा क्षितिज कुमार सिंह उइके सहित विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्षों—शिव प्रताप सिंह आयाम (सूरजपुर), गुलाब सिंह नेताम (रामानुजनगर), विनय पावले (भैयाथान), चंद्रसेन सिंह पोया (ओड़गी), संपलाल सिंह पोया (प्रतापपुर), तथा प्रेमनगर कार्यकारिणी अध्यक्ष सूरज सिंह पोर्ते—के साथ अशोक पैकरा, गीता पंडो, मनीष प्रताप सिंह उर्रे, संदीप कुशवाहा, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष चिंटू सोनवानी, दीपक मानिकपुरी, अमित कुमार मिंज, अमित कुमार सिंह खैरवार, मीना गौतम, युगेश सोनपाकर, दीपक सिंह धुर्वे जैसे पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
    user_Shivnath bagheL
    Shivnath bagheL
    Newspaper publisher सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • सोनहत क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। इस बारिश के बाद अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि खेती-किसानी के कार्यों को शुरू करने का उपयुक्त समय आ गया है।
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    सोनहत क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। इस बारिश के बाद अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि खेती-किसानी के कार्यों को शुरू करने का उपयुक्त समय आ गया है।
    user_Braj kumar
    Braj kumar
    सोनहत, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • कर्नाटक की राजनीति में 3 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण के साथ ही उनका वर्षों पुराना राजनीतिक संघर्ष और एक व्यक्तिगत संकल्प पूरा हो गया। दरअसल, वर्ष 2019 में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद डी.के. शिवकुमार ने यह प्रण लिया था कि जब तक वे मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, तब तक अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। लगभग सात वर्षों तक इस संकल्प का पालन करने के बाद, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही उनका यह प्रण भी पूर्ण हो गया। छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले शिवकुमार वर्ष 1989 में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति तैयार करने और पार्टी नेताओं को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई, जिस कारण उन्हें कांग्रेस का "ट्रबलशूटर" भी कहा जाता है। साल 2019 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी और तिहाड़ जेल में बिताए गए दिनों के बाद भी शिवकुमार ने हार नहीं मानी और राजनीति में दमदार वापसी करते हुए अपनी संगठनात्मक क्षमता के बल पर पार्टी में मजबूत स्थान बनाए रखा। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद डी.के. शिवकुमार ने इस उपलब्धि को जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और लंबे संघर्ष की जीत बताया। उनके समर्थकों ने भी इसे धैर्य, संकल्प और राजनीतिक प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया। तिहाड़ जेल से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का डी.के. शिवकुमार का यह सफर भारतीय राजनीति की चर्चित संघर्ष गाथाओं में शुमार हो गया है, जो दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देता है।
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    कर्नाटक की राजनीति में 3 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण के साथ ही उनका वर्षों पुराना राजनीतिक संघर्ष और एक व्यक्तिगत संकल्प पूरा हो गया। दरअसल, वर्ष 2019 में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद डी.के. शिवकुमार ने यह प्रण लिया था कि जब तक वे मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, तब तक अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। लगभग सात वर्षों तक इस संकल्प का पालन करने के बाद, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही उनका यह प्रण भी पूर्ण हो गया।

छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले शिवकुमार वर्ष 1989 में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति तैयार करने और पार्टी नेताओं को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई, जिस कारण उन्हें कांग्रेस का "ट्रबलशूटर" भी कहा जाता है। साल 2019 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी और तिहाड़ जेल में बिताए गए दिनों के बाद भी शिवकुमार ने हार नहीं मानी और राजनीति में दमदार वापसी करते हुए अपनी संगठनात्मक क्षमता के बल पर पार्टी में मजबूत स्थान बनाए रखा।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद डी.के. शिवकुमार ने इस उपलब्धि को जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और लंबे संघर्ष की जीत बताया। उनके समर्थकों ने भी इसे धैर्य, संकल्प और राजनीतिक प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया। तिहाड़ जेल से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का डी.के. शिवकुमार का यह सफर भारतीय राजनीति की चर्चित संघर्ष गाथाओं में शुमार हो गया है, जो दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देता है।
    user_Akhil Mittal
    Akhil Mittal
    उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • छात्र-युवाओं ने दृढ़ता से घोषणा की है कि वे भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था में फैली अनियमितताओं के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज़ को किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता, और जो लोग छात्र-युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने में लिप्त हैं, उनके विरुद्ध उनका संघर्ष निरंतर चलता रहेगा। संघर्षरत युवाओं ने वाटर कैनन, लाठियों और FIR जैसी बाधाओं का सामना करने के बावजूद अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि ये दमनकारी तरीके उन्हें उनके पथ से विचलित नहीं कर सकते। उनका अडिग नारा है कि 'संघर्ष हमारा अधिकार है, और न्याय हमारी मांग।'
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    छात्र-युवाओं ने दृढ़ता से घोषणा की है कि वे भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था में फैली अनियमितताओं के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज़ को किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता, और जो लोग छात्र-युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने में लिप्त हैं, उनके विरुद्ध उनका संघर्ष निरंतर चलता रहेगा।

संघर्षरत युवाओं ने वाटर कैनन, लाठियों और FIR जैसी बाधाओं का सामना करने के बावजूद अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि ये दमनकारी तरीके उन्हें उनके पथ से विचलित नहीं कर सकते। उनका अडिग नारा है कि 'संघर्ष हमारा अधिकार है, और न्याय हमारी मांग।'
    user_रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    Advertising Photographer बैकुंठपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • बुलबुल में आजकल लोग पानी के लिए तरस रहे हैं, जिसका कारण नगर निगम की बड़ी लापरवाही बताई जा रही है। पहले शाम को ठीक से पानी आता था, लेकिन आजकल 10-15 मिनट से ज़्यादा पानी नहीं दिया जा रहा है।
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    बुलबुल में आजकल लोग पानी के लिए तरस रहे हैं, जिसका कारण नगर निगम की बड़ी लापरवाही बताई जा रही है। पहले शाम को ठीक से पानी आता था, लेकिन आजकल 10-15 मिनट से ज़्यादा पानी नहीं दिया जा रहा है।
    user_Ashish Kumar tirkey
    Ashish Kumar tirkey
    Driver बतौली, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के तहत बेंगलुरु में ध्याण मंदिर का लोकार्पण किया। इस दौरे पर उन्होंने कर्नाटक में कई नई पहलें भी शुरू कीं।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के तहत बेंगलुरु में ध्याण मंदिर का लोकार्पण किया। इस दौरे पर उन्होंने कर्नाटक में कई नई पहलें भी शुरू कीं।
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • पूज्य शदाणी दरबार द्वारा 17वें 'ज्ञानवर्धक संस्कार शिविर' का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 200 बच्चों ने विभिन्न कलाओं, नैतिक मूल्यों और अध्यात्म का ज्ञान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों द्वारा किए गए मंत्रोच्चार से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। शिविर के दौरान बच्चों को जीवन की चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने की प्रेरणा दी गई। उन्हें संकल्प और विकल्प के उदाहरण के माध्यम से समझाया गया कि कठिन परिस्थितियों में जो व्यक्ति अपने संकल्प पर अडिग रहता है, वही सफलता प्राप्त करता है, जबकि विकल्पों के पीछे भागने वाला अक्सर अपने लक्ष्य से भटक जाता है। बच्चों को विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास, धैर्य और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। ऐसे संस्कार शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें नैतिकता, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को भी सशक्त करने का कार्य करते हैं, क्योंकि संस्कारों और संकल्प से ही एक सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण होता है।
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    पूज्य शदाणी दरबार द्वारा 17वें 'ज्ञानवर्धक संस्कार शिविर' का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 200 बच्चों ने विभिन्न कलाओं, नैतिक मूल्यों और अध्यात्म का ज्ञान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों द्वारा किए गए मंत्रोच्चार से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

शिविर के दौरान बच्चों को जीवन की चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने की प्रेरणा दी गई। उन्हें संकल्प और विकल्प के उदाहरण के माध्यम से समझाया गया कि कठिन परिस्थितियों में जो व्यक्ति अपने संकल्प पर अडिग रहता है, वही सफलता प्राप्त करता है, जबकि विकल्पों के पीछे भागने वाला अक्सर अपने लक्ष्य से भटक जाता है। बच्चों को विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास, धैर्य और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। ऐसे संस्कार शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें नैतिकता, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को भी सशक्त करने का कार्य करते हैं, क्योंकि संस्कारों और संकल्प से ही एक सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण होता है।
    user_रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    Advertising Photographer बैकुंठपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • चिनिया थाना क्षेत्र के रानीचेरी गांव में गुरुवार की देर शाम एक सड़क दुर्घटना में एक अज्ञात युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना करीब 7 बजे तब हुई, जब युवक मोटरसाइकिल से चिनिया-रणपुरा मुख्य सड़क होते हुए रंगपुर की ओर जा रहा था। रानीचेरी गांव के समीप अचानक उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर गिर पड़ा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के तुरंत बाद, मौके पर पहुँचे स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल युवक को तत्काल उठाकर चिनिया स्थित एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार, युवक को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल घायल युवक की पहचान नहीं हो सकी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, वहीं स्थानीय लोग युवक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
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    चिनिया थाना क्षेत्र के रानीचेरी गांव में गुरुवार की देर शाम एक सड़क दुर्घटना में एक अज्ञात युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना करीब 7 बजे तब हुई, जब युवक मोटरसाइकिल से चिनिया-रणपुरा मुख्य सड़क होते हुए रंगपुर की ओर जा रहा था।

रानीचेरी गांव के समीप अचानक उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर गिर पड़ा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के तुरंत बाद, मौके पर पहुँचे स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल युवक को तत्काल उठाकर चिनिया स्थित एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया।

चिकित्सकों के अनुसार, युवक को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल घायल युवक की पहचान नहीं हो सकी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, वहीं स्थानीय लोग युवक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    1 hr ago
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