Shuru
Apke Nagar Ki App…
बिहार भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने शिक्षा विभाग की ओर से मदरसों की जांच कराए जाने की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने इस जांच को 'बहुत जरूरी' बताया और जोर देकर कहा कि बिहार में बहुत से मदरसे केवल कागजों पर चल रहे हैं। इकबाल के अनुसार, इस स्थिति के कारण सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।
Mukhiyajee Reporter
बिहार भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने शिक्षा विभाग की ओर से मदरसों की जांच कराए जाने की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने इस जांच को 'बहुत जरूरी' बताया और जोर देकर कहा कि बिहार में बहुत से मदरसे केवल कागजों पर चल रहे हैं। इकबाल के अनुसार, इस स्थिति के कारण सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।
More news from बिहार and nearby areas
- बिहार भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने शिक्षा विभाग की ओर से मदरसों की जांच कराए जाने की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने इस जांच को 'बहुत जरूरी' बताया और जोर देकर कहा कि बिहार में बहुत से मदरसे केवल कागजों पर चल रहे हैं। इकबाल के अनुसार, इस स्थिति के कारण सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।1
- manjulika Chhath karte hue ............................1
- कृषि मंत्री विजय सिन्हा मुजफ्फरपुर में जनसुनवाई कर रहे थे। यह जनसुनवाई लोगों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।1
- बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर, राजधानी पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों ने अपनी 26 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राज्य के अलग-अलग जिलों से आए स्वास्थ्यकर्मियों ने सरकार से लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान, स्वास्थ्यकर्मियों ने परिचारिका श्रेणी "ए" (GNM), महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ANM), लिपिक और अन्य संवर्गों के सामूहिक स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाने, उन्हें सेवा सम्पुष्टि पत्र जारी करने तथा उनके गृह जिले अथवा निकटतम जिले में पदस्थापन सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, संविदा एवं आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मियों के सेवा समायोजन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारियों ने अर्बन एएनएम और आउटसोर्सिंग कर्मियों को न्यूनतम वैधानिक मजदूरी ₹26,000 देने, ESI-EPF जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य समिति कर्मचारियों के लिए संवर्ग नियमावली बनाने और रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति करने की भी मांग रखी। उन्होंने समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। धरना स्थल पर मौजूद दंडाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनका मांगपत्र स्वीकार किया और उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, स्वास्थ्यकर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके आंदोलन को और भी व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा।1
- एक सहयोग शिविर में आए हुए लोगों से बातचीत कर उनकी परेशानियों और समस्याओं को समझने का प्रयास किया गया। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि उन्हें किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।1
- बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के बीच तालमेल बिगड़ गया है। यह स्थिति सम्राट चौधरी के CM बनने के बाद सामने आई है। इस बिगड़े तालमेल के बीच, नीतीश से जुड़े संजय झा ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि 'घमंड' में बात नहीं करनी चाहिए।1
- पटना के पीएमसीएच अस्पताल में एक पत्रकार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में सवाल पूछे जाने पर, पटना पीएमसीएच के सुपरिंटेंडेंट ने फोन काट दिया और वहाँ से भाग गए।1
- मंजुलेखा ने मिस्टर एक्स के लिए करवा चौथ मनाया।1