मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए दरभंगा जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पूरे शहर में लगातार फ्लैग मार्च निकाले जा रहे हैं, वहीं संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन द्वारा जिले में लगभग 400 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है, जहाँ पुलिस पदाधिकारी, जवान, चौकीदार और होमगार्ड की तैनाती की गई है। इन सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि एसएसपी कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम से सभी गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए जिले में 10 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी तैनात की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में एसएसबी, बीएमपी, होमगार्ड सहित अन्य सुरक्षा बलों को भी लगाया गया है। आवश्यकतानुसार, बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट भी लगाए गए हैं। प्रशासन सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रख रहा है और चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने या भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के डीजे का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। साउंड सिस्टम या लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे मुहर्रम का पर्व शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं, तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को दें। प्रशासन ने मुहर्रम के जुलूस मार्गों का निरीक्षण कर सभी आवश्यक सुरक्षा प्रबंध पूरे कर लिए हैं और दावा किया है कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए दरभंगा जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पूरे शहर में लगातार फ्लैग मार्च निकाले जा रहे हैं, वहीं संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन द्वारा जिले में लगभग 400 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है, जहाँ पुलिस पदाधिकारी, जवान, चौकीदार और होमगार्ड की तैनाती की गई है। इन सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि एसएसपी कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम से सभी गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए जिले में 10 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी तैनात की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में एसएसबी, बीएमपी, होमगार्ड सहित अन्य सुरक्षा बलों को भी लगाया गया है। आवश्यकतानुसार, बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट भी लगाए गए हैं। प्रशासन सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रख रहा है और चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने या भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के डीजे का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। साउंड सिस्टम या लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे मुहर्रम का पर्व शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं, तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को दें। प्रशासन ने मुहर्रम के जुलूस मार्गों का निरीक्षण कर सभी आवश्यक सुरक्षा प्रबंध पूरे कर लिए हैं और दावा किया है कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
- एक पत्रकार को खबर चलाने के कारण धमकी मिली है। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर धमकी देने वाला यह शख्स कौन है। इसके साथ ही यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि धमकी देने वाले इस शख्स का एक पूर्व मुखिया से क्या रिश्ता है।1
- समस्तीपुर में सामाजिक सुरक्षा कोषांग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्त भारत अभियान योजना के तहत एक सप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 17 जून 2026 से 26 जून 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न कार्यालयों और संस्थाओं के माध्यम से आमजनों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करना है। इस अभियान का लक्ष्य समाज के सभी वर्गों के व्यक्तियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। इस क्रम में सोमवार को समस्तीपुर के जिला पदाधिकारी, रोशन कुशवाहा ने समाहरणालय परिसर से जन-जागरूकता हेतु एक प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही, समाहरणालय सभाकक्ष में दीप प्रज्ज्वलन, हस्ताक्षर अभियान, सेल्फी प्वाइंट, रंगोली कार्यक्रम और शपथ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला खेल कार्यालय, जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, नशा मुक्ति केंद्र और एनसीसी कैडेट्स विंग के लगभग 550 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जहाँ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम में समस्तीपुर के उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा), सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, अधीक्षक, मद्य निषेध सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।1
- समस्तीपुर में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से नगर थाना और मुफस्सिल थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से शहर में फ्लैग मार्च निकाला। इस फ्लैग मार्च में नगर थाना प्रभारी अजीत कुमार और मुफस्सिल थाना प्रभारी अजीत प्रसाद सहित सैकड़ों पुलिसकर्मी शामिल रहे। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस प्रशासन ने शहर के विभिन्न इलाकों का भ्रमण किया और आम लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, शांति व्यवस्था कायम रखने तथा पर्व को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है, जिसके तहत सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और असामाजिक तत्वों पर पैनी नज़र बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फ्लैग मार्च का उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा का विश्वास कायम करना, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। यह फ्लैग मार्च मोहर्रम पर्व के अवसर पर शहर में शांति, सौहार्द और सुरक्षा का संदेश देने के साथ ही पुलिस-प्रशासन की सक्रियता और प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में पेयजल की स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर जहां प्रखंड प्रशासन ने 23 पंचायतों को लोहिया स्वच्छता अभियान का पाठ पढ़ाने का जिम्मा उठाया है, वहीं दूसरी ओर बहादुरपुर प्रखंड में पीने का पानी भी स्वच्छ नहीं है। इस विरोधाभासी स्थिति से प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई है।1
- दरभंगा के डीएमसीएच (DMCH) में उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब अपनी मांगों को लेकर एक नर्सिंग छात्र मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस घटना से प्रशासन के हाथ-पाँव फूल गए और इलाके में भारी तनाव का माहौल बन गया। लगभग चार घंटे तक टावर पर रहने के बाद, छात्र आखिरकार नीचे उतरा।1
- बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी मामले में न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है, जहाँ न्यायिक जांच कमेटी के माननीय जज साहब ने स्वयं पीड़ित भरत तिवारी के घर का दौरा किया। इस संवेदनशील मामले के मद्देनजर गठित कमेटी के जज साहब भोजपुर के डीएम, डीआईजी और पुलिस महकमे के तमाम आला अधिकारियों के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच पैदल चलकर पीड़ित के घर पहुँचे। इस दौरे के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। जांच कमेटी के अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार के पास बैठकर उनका पक्ष सुना और हर पहलू की बारीकी से जांच करने का आश्वासन दिया। हालांकि, इस जांच प्रक्रिया के दौरान, भरत तिवारी की माँ का दर्द और गुस्सा कैमरे के सामने छलक पड़ा। उन्होंने रोते हुए साफ शब्दों में कहा कि उन्हें पैसों या किसी अन्य मदद की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें केवल और केवल न्याय चाहिए। पीड़ित माँ ने स्पष्ट रूप से मांग की कि जो भी इस घटना में शामिल है और जिसने भी उनके बेटे को मारा है, चाहे वह प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी हो या एसडीएम, उन सभी को फाँसी की सज़ा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 'गुंडा' भी बताया। पीड़ित माँ ने यह भी जानकारी दी कि माननीय जज साहब ने उन्हें अपनी लिखित शिकायत और मांगें सौंपने को कहा है, जिस पर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। परिवार ने माननीय हाईकोर्ट पर अपना पूरा भरोसा जताया है, लेकिन साथ ही इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की पुरजोर मांग की है। अब यह देखना होगा कि इस उच्च स्तरीय न्यायिक जांच के बाद क्या वाकई दोषियों को उनके किए की सज़ा मिलेगी और क्या पीड़ित परिवार को वह न्याय मिल पाएगा जिसकी वे गुहार लगा रहे हैं।1
- एक पोस्ट में इस बात पर बेसब्री से सवाल उठाया गया है कि 'पोस्टकार्ड' का जवाब कब आएगा। यह सवाल `#JuryCourt` और `#VoteVapsi Passbook` से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में उठाया गया है। बार-बार पूछे गए प्रश्नचिह्न इस बात पर जोर देते हैं कि इन मामलों पर तत्काल जवाब की मांग की जा रही है।1
- मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए दरभंगा जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पूरे शहर में लगातार फ्लैग मार्च निकाले जा रहे हैं, वहीं संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन द्वारा जिले में लगभग 400 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है, जहाँ पुलिस पदाधिकारी, जवान, चौकीदार और होमगार्ड की तैनाती की गई है। इन सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि एसएसपी कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम से सभी गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए जिले में 10 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी तैनात की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में एसएसबी, बीएमपी, होमगार्ड सहित अन्य सुरक्षा बलों को भी लगाया गया है। आवश्यकतानुसार, बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट भी लगाए गए हैं। प्रशासन सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रख रहा है और चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने या भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के डीजे का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। साउंड सिस्टम या लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे मुहर्रम का पर्व शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं, तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को दें। प्रशासन ने मुहर्रम के जुलूस मार्गों का निरीक्षण कर सभी आवश्यक सुरक्षा प्रबंध पूरे कर लिए हैं और दावा किया है कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।1