मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, भारत आदिवासी पार्टी ने किया विरोध मनोहरपुर। मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया है। इस घटना को लेकर भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुशील बारला ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत अत्यंत दुखद और चिंताजनक घटना है। यदि अस्पताल में समय पर उचित इलाज और व्यवस्था उपलब्ध होती, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, जिसके कारण मरीजों को अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सुशील बारला ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि मृतका के परिजनों को 25 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि मनोहरपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द से जल्द सुधारा जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है और स्थानीय लोग स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, भारत आदिवासी पार्टी ने किया विरोध मनोहरपुर। मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया है। इस घटना को लेकर भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुशील बारला ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत अत्यंत दुखद और चिंताजनक घटना है। यदि अस्पताल में समय पर उचित इलाज और व्यवस्था उपलब्ध होती, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, जिसके कारण मरीजों को अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सुशील बारला ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि मृतका के परिजनों को 25 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि मनोहरपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द से जल्द सुधारा जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है और स्थानीय लोग स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
- मनोहरपुर। मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया है। इस घटना को लेकर भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुशील बारला ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत अत्यंत दुखद और चिंताजनक घटना है। यदि अस्पताल में समय पर उचित इलाज और व्यवस्था उपलब्ध होती, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, जिसके कारण मरीजों को अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सुशील बारला ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि मृतका के परिजनों को 25 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि मनोहरपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द से जल्द सुधारा जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है और स्थानीय लोग स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।1
- चाईबासा के बरकुंडिया गांव में हाथी ने महिला को पटक कर मार डाला, एक अन्य जख्मी बरकुंडिया गांव के तूरामडीह टोले मे जंगली हाथी ने सोमवार की रात 11 बजे बांस फूस के कच्चे मंदिर को तहस नहस कर सो रही 58 वर्षीय महिला चांदू देवी गोप को पटक कर मार डाला और पुजारी लखन कूदादा को जख्मी कर दिया है। घटना के समय तेज गति से आंधी बारिश हो रही थी। उस समय हाथी द्वारा मंदिर पर हमला कर दिया गया। हाथी द्वारा तहस नहस किए जाने के दौरान उसने सो रही 58 वर्षीय महिला चांदू देवी गोप को पटक कर मार डाला । पुजारी लखन कूदादा लकड़ी और पुआल से दब गया। इस कारण हाथी की उस पर नजर नहीं पड़ी, लेकिन हाथी के पैर से उसका पैर दब जाने के के कारण वह जख्मी हो गया। सुबह गांव के लोग जमा हुए। इस घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे। वन विभाग द्वारा शव को उठा कर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया। जख्मी लखन कूदादा का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। उसकी खराब हालत को देखते हुए उसे आईसीयू वार्ड में दाखिल कराया गया है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिवार वालो को सौंप दिया गया है। मृतक महिला चांदू देवी गोप के पुत्र गोपाल गोप ने बताया1
- Post by युवा भारत1
- बसिया (गुमला): बसिया थाना क्षेत्र में आज दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में एक 16 वर्षीय युवती की जान चली गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस ने एक मामले में कार को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है। *पहली घटना: झपकी आने से अनियंत्रित हुई कार, युवक को रौंदा* पहली दुर्घटना बसिया थाना क्षेत्र के ब्लॉक गेट के समीप रांची-सिमडेगा मुख्य पथ पर हुई। जानकारी के अनुसार, बसिया निवासी रोहित लोहरा (पिता: लालू लोहरा) अपने मित्र के साथ सड़क किनारे खड़ा था। इसी दौरान सिमडेगा की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने अनियंत्रित होकर सड़क की विपरीत दिशा में जाकर रोहित को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि कार चालक सिमडेगा से रांची जा रहा था और गाड़ी चलाते समय झपकी लगने के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। घटना के तुरंत बाद घायल रोहित को बसिया रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर चालक को पकड़ लिया है। *दूसरी घटना: टेम्पो से गिरने से 16 वर्षीय बालिका की दर्दनाक मौत* वहीं, एक अन्य हृदयविदारक घटना में एक 16 वर्षीय किशोरी की जान चली गई। मिली जानकारी के अनुसार, सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड की रहने वाली बंदनी कुमारी अपनी माँ के साथ टेम्पो में सवार होकर कुरकुरा बाजार जा रही थी। बाजार पहुँचने से कुछ ही दूरी पहले अचानक वह चलते टेम्पो से नीचे गिर गई, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। आनन-फानन में उसे बसिया रेफरल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।2
- vedvyas hill top ka najara dekh kar bahut maja aaya1
- सिमडेगा:- सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सलडेगा में सोमवार को मातृ सम्मेलन सह वार्षिक परीक्षाफल वितरण कार्यक्रम भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य एवं रांची की पूर्व मेयर डॉ. आशा लकड़ा सहित अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।मुख्य अतिथि डॉ. आशा लकड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि माताएं बच्चों के चरित्र निर्माण की आधारशिला होती हैं और संस्कारयुक्त शिक्षा से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।इस दौरान वार्षिक परीक्षाफल की घोषणा की गई तथा विभिन्न कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की माताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों की माताओं को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।विद्यालय के संरक्षक पुरुषोत्तम अग्रवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। अंत में प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार पाठक ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- राजनगर — प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में व्यवस्थाओं की पोल एक बार फिर खुलकर सामने आई है। जहां एक ओर सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजनगर सीएचसी की जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक नजर आ रही है। अस्पताल परिसर के अंदर कुत्तों का बेधड़क घूमना और वार्ड के आसपास सोना न सिर्फ स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा पैदा करता है। इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच इस अव्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। इतना ही नहीं, स्वास्थ्य केंद्र में पानी की भी भारी बर्बादी हो रही है। नल खुले पड़े हैं और पानी लगातार बह रहा है, लेकिन इसे रोकने वाला कोई जिम्मेदार नजर नहीं आता। यह स्थिति न केवल संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता का भी स्पष्ट उदाहरण है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन समिति और संबंधित पदाधिकारी पूरी तरह से लापरवाह बने हुए हैं। नियमित निगरानी और व्यवस्था सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिससे हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान की यह स्थिति है, तो आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कैसे मिल पाएंगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे या फिर यूं ही लापरवाही का आलम बना रहेगा? अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है, या फिर यह मामला1
- Post by Ravi Gupta4