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पीलीभीत जिले के अमरिया क्षेत्र में हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। दो बाइकों की टक्कर के चलते इस घटना में तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए।
MOHD ARIF
पीलीभीत जिले के अमरिया क्षेत्र में हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। दो बाइकों की टक्कर के चलते इस घटना में तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए।
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- पीलीभीत जिले के मरौरी ब्लॉक में पड़ने वाले बाढ़ प्रभावित गांवों जैसे कंजा हरिया, ढेरम मंडरिया और सहराई से होकर गुजरने वाली काटना नदी की साफ-सफाई के काम में अनियमितताएं सामने आने लगी हैं। इस मामले में स्वामी प्रवक्ता नंद जी, जय किसान मंडल के संजीव प्रताप सिंह, दिलेर सिंह मल्ही और विजय सरकार के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया गया है।1
- पीलीभीत में गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार का एक बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। मंत्री ने उन सवालों पर खुलकर जवाब दिया है, जो अपने भाषणों में अक्सर 'मियां' शब्द के इस्तेमाल को लेकर उठते रहे हैं। संजय सिंह गंगवार ने स्पष्ट कहा है कि जिस दिन 'मियां' हिंदू बन जाएंगे, वह उन्हें 'मियां' कहना छोड़ देंगे। अपने बयान को विस्तार देते हुए मंत्री ने यह भी कहा कि पहले सभी लोग हिंदू ही थे और वर्तमान मुस्लिम समाज के लोग कन्वर्टेड मुस्लिम हैं। गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार का यह बयान अब राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में गरमागरम बहस का मुद्दा बन गया है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 'मियां को मियां न कहें तो क्या कहें'। अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए राज्य मंत्री गंगवार ने कहा कि 'मियां छोड़कर हिंदू बन जाएं, तो मियां कहना छोड़ देंगे'।1
- उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग में बुलेट मोटरसाइकिल की खरीद में बड़े घोटाले का आरोप लगा है। फायरमैन जितेंद्र राठौर ने लखनऊ में अग्निकांड स्थल पर पहुँचकर यह दावा किया कि विभाग को ₹11 लाख में एक बुलेट मोटरसाइकिल मिली है, जबकि उसकी वास्तविक कीमत केवल ₹3 लाख है। इस हिसाब से, राठौर के अनुसार, एक बुलेट की खरीद में ₹8 लाख का घोटाला किया गया है, जिसके लिए उन्होंने सीधे तौर पर डीजी (DG) को जिम्मेदार ठहराया है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के विकास खंड भुता स्थित ग्राम पंचायत खंडसरा में ग्राम प्रधान और सचिव की गंभीर लापरवाही के कारण एक गरीब महिला विमला देवी पिछले दो साल से प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित है। महिला को एक जाँच में पूरी तरह पात्र पाया गया है, बावजूद इसके उसका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं किया गया। यह मामला सामने आने के बाद खंड विकास अधिकारी (BDO) ने दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या 92315000018955 के निस्तारण के दौरान भुता के खंड विकास अधिकारी ने अपनी आख्या पत्रांक 758/शिकायत सन्दर्भ/आख्या/2022-23, दिनांक 15.06.2023 में इस अनियमितता का खुलासा किया। शिकायतकर्ता विमला देवी पत्नी रमनपाल, निवासी कौआखेड़ा ने प्रधानमंत्री आवास की मांग की थी, और स्थलीय सत्यापन में यह पुष्टि हुई कि उनका घर कच्चा है तथा वे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के सभी मानकों पर पूरी तरह पात्र हैं। हालाँकि, चौंकाने वाली बात यह है कि विमला देवी का परिवार वर्तमान प्रचलित पात्रता सूची में शामिल ही नहीं है। BDO ने स्पष्ट किया कि फिलहाल नए परिवारों को सूची में जोड़ने का विकल्प उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते उनका नाम कार्यालय स्तर पर 'संरक्षित' कर लिया गया है और भविष्य में सूची खुलने पर उन्हें लाभ दिलाने का आश्वासन दिया गया है। पीड़ित महिला विमला देवी का कहना है कि वह पिछले दो साल से ब्लॉक और तहसील के चक्कर काट-काटकर थक चुकी हैं। उन्होंने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उनका घर गिरने को है और बरसात में उन्हें रातभर जागना पड़ता है। पात्र होने के बावजूद उनका नाम सूची में न होने पर उन्होंने सवाल उठाया, "गरीब का हक कब मिलेगा?" इस गंभीर मामले पर खंड विकास अधिकारी अर्जुन सिंह ने कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे बड़ी लापरवाही बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब महिला जांच में पात्र पाई गई थी, तो ग्राम पंचायत स्तर पर उसका नाम क्यों नहीं जोड़ा गया, यह प्रधान और सचिव की सीधी जिम्मेदारी थी। BDO अर्जुन सिंह ने जिलाधिकारी महोदय से अनुरोध किया है कि इस प्रकरण को तत्काल निस्तारित किया जाए, दोषियों पर अविलंब कार्रवाई हो, और पीड़ित महिला को प्राथमिकता के आधार पर आवास दिलाया जाए, क्योंकि गरीबों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और उन्होंने ग्राम प्रधान व सचिव पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई के साथ-साथ विमला देवी को एक विशेष प्रकरण मानकर तुरंत आवास स्वीकृति दिए जाने की मांग की है।1
- बरेली पुलिस ने मीरगंज थाना क्षेत्र में एक कुख्यात स्मैक तस्कर और दुराचारी के साथ-साथ उसके सह-अभियुक्त दुराचारी पुत्र के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम गुलड़िया थाना मीरगंज के रहने वाले इन अभियुक्तों द्वारा स्मैक तस्करी करके लगभग 3 करोड़ 20 लाख 15 हजार रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की गई थी, जिसे पुलिस ने अब एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68 F(2) के तहत फ्रीज कर दिया है। इस कार्रवाई के संबंध में एसपी साउथ श्रीमती अंशिका वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह संपत्ति अवैध गतिविधियों से प्राप्त की गई थी।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठे हैं। इस मामले में ब्राह्मण महासभा ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की है। अपनी मांग को लेकर महासभा ने एक ज्ञापन भी सौंपा है।1
- रामपुर में पटवाई पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोहना पुल रोड से महिंद्रा थार में सवार तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुरादाबाद के प्रहलाद सिंह तथा रामपुर के विवेक कुमार और हरविंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹7.5 लाख नकद, एक डेल लैपटॉप, पेटीएम कार्ड स्वाइप मशीन, छह मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की छह मोहरें, चार बिल बुक, 18 एटीएम कार्ड, 15 चेक बुक, चार पासबुक, भारतीय पासपोर्ट, आधार व पैन कार्ड सहित महिंद्रा थार बरामद की। वाहन को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने साइबर ठगी के अपने तरीकों का खुलासा किया। वे लोगों को एपीके फाइल भेजकर उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल करते थे और फिर उनके बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर लेते थे। इसके अतिरिक्त, गिरोह पैसा दोगुना-तिगुना करने का झांसा देकर भी लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। यह गिरोह जरूरतमंद लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई का नियंत्रण अपने पास रखता था, और साइबर ठगी की रकम इन्हीं खातों के जरिए इधर-उधर की जाती थी। आरोपियों ने फर्जी कंपनियां बनाकर नकली दस्तावेज और मोहरों के सहारे बिजनेस खाते भी खुलवाए थे। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर थाना पटवाई में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।2
- उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी शिवम यादव ने अपने संघर्ष और कड़ी मेहनत से एक अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने एक तरफ जहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के तौर पर अपनी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की, वहीं किस्मत ने उन्हें एक बड़ी खुशखबरी अगले ही दिन दे दी। सिपाही की ट्रेनिंग खत्म होने के ठीक बाद बिहार लोक सेवा आयोग का परिणाम घोषित हुआ, जिसमें शिवम ने पूरे बिहार में 33वीं रैंक हासिल कर सबको हैरान कर दिया। शिवम यादव की यह कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है। एक सिपाही प्रशिक्षु के अफसर बनने का उनका यह सफर परिश्रम और सफलता का सच्चा प्रमाण है, जिसने यह साबित कर दिखाया कि आखिर कैसे एक सिपाही प्रशिक्षु ने अफसर बनने का अपना सपना सच कर दिखाया।1