रामपुर में पटवाई पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोहना पुल रोड से महिंद्रा थार में सवार तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुरादाबाद के प्रहलाद सिंह तथा रामपुर के विवेक कुमार और हरविंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹7.5 लाख नकद, एक डेल लैपटॉप, पेटीएम कार्ड स्वाइप मशीन, छह मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की छह मोहरें, चार बिल बुक, 18 एटीएम कार्ड, 15 चेक बुक, चार पासबुक, भारतीय पासपोर्ट, आधार व पैन कार्ड सहित महिंद्रा थार बरामद की। वाहन को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने साइबर ठगी के अपने तरीकों का खुलासा किया। वे लोगों को एपीके फाइल भेजकर उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल करते थे और फिर उनके बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर लेते थे। इसके अतिरिक्त, गिरोह पैसा दोगुना-तिगुना करने का झांसा देकर भी लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। यह गिरोह जरूरतमंद लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई का नियंत्रण अपने पास रखता था, और साइबर ठगी की रकम इन्हीं खातों के जरिए इधर-उधर की जाती थी। आरोपियों ने फर्जी कंपनियां बनाकर नकली दस्तावेज और मोहरों के सहारे बिजनेस खाते भी खुलवाए थे। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर थाना पटवाई में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रामपुर में पटवाई पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोहना पुल रोड से महिंद्रा थार में सवार तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुरादाबाद के प्रहलाद सिंह तथा रामपुर के विवेक कुमार और हरविंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹7.5 लाख नकद, एक डेल लैपटॉप, पेटीएम कार्ड स्वाइप मशीन, छह मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की छह मोहरें, चार बिल बुक, 18 एटीएम कार्ड, 15 चेक बुक, चार पासबुक, भारतीय पासपोर्ट, आधार व पैन कार्ड सहित महिंद्रा थार बरामद की। वाहन को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने साइबर ठगी
के अपने तरीकों का खुलासा किया। वे लोगों को एपीके फाइल भेजकर उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल करते थे और फिर उनके बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर लेते थे। इसके अतिरिक्त, गिरोह पैसा दोगुना-तिगुना करने का झांसा देकर भी लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। यह गिरोह जरूरतमंद लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई का नियंत्रण अपने पास रखता था, और साइबर ठगी की रकम इन्हीं खातों के जरिए इधर-उधर की जाती थी। आरोपियों ने फर्जी कंपनियां बनाकर नकली दस्तावेज और मोहरों के सहारे बिजनेस खाते भी खुलवाए थे। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर थाना पटवाई में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- रामपुर में पटवाई पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोहना पुल रोड से महिंद्रा थार में सवार तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुरादाबाद के प्रहलाद सिंह तथा रामपुर के विवेक कुमार और हरविंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹7.5 लाख नकद, एक डेल लैपटॉप, पेटीएम कार्ड स्वाइप मशीन, छह मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की छह मोहरें, चार बिल बुक, 18 एटीएम कार्ड, 15 चेक बुक, चार पासबुक, भारतीय पासपोर्ट, आधार व पैन कार्ड सहित महिंद्रा थार बरामद की। वाहन को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने साइबर ठगी के अपने तरीकों का खुलासा किया। वे लोगों को एपीके फाइल भेजकर उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल करते थे और फिर उनके बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर लेते थे। इसके अतिरिक्त, गिरोह पैसा दोगुना-तिगुना करने का झांसा देकर भी लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। यह गिरोह जरूरतमंद लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई का नियंत्रण अपने पास रखता था, और साइबर ठगी की रकम इन्हीं खातों के जरिए इधर-उधर की जाती थी। आरोपियों ने फर्जी कंपनियां बनाकर नकली दस्तावेज और मोहरों के सहारे बिजनेस खाते भी खुलवाए थे। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर थाना पटवाई में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।2
- रामपुर में थाना शहजादनगर और औषधि निरीक्षक की एक संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित नशीली दवाओं के साथ तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई की जानकारी पुलिस अधीक्षक, रामपुर द्वारा दी गई बाइट में साझा की गई। टीम ने 100-100 मिलीलीटर की 340 शीशी डाईलेक्स डीसी, 245 शीशी बैरिकोफ और 296 शीशी बेसकोड नशे का सीरप जब्त किया। कुल मिलाकर, अधिकारियों ने 881 शीशी प्रतिबंधित नशीले सीरप के साथ-साथ दो एप्पल मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के विकास खंड भुता स्थित ग्राम पंचायत खंडसरा में ग्राम प्रधान और सचिव की गंभीर लापरवाही के कारण एक गरीब महिला विमला देवी पिछले दो साल से प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित है। महिला को एक जाँच में पूरी तरह पात्र पाया गया है, बावजूद इसके उसका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं किया गया। यह मामला सामने आने के बाद खंड विकास अधिकारी (BDO) ने दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या 92315000018955 के निस्तारण के दौरान भुता के खंड विकास अधिकारी ने अपनी आख्या पत्रांक 758/शिकायत सन्दर्भ/आख्या/2022-23, दिनांक 15.06.2023 में इस अनियमितता का खुलासा किया। शिकायतकर्ता विमला देवी पत्नी रमनपाल, निवासी कौआखेड़ा ने प्रधानमंत्री आवास की मांग की थी, और स्थलीय सत्यापन में यह पुष्टि हुई कि उनका घर कच्चा है तथा वे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के सभी मानकों पर पूरी तरह पात्र हैं। हालाँकि, चौंकाने वाली बात यह है कि विमला देवी का परिवार वर्तमान प्रचलित पात्रता सूची में शामिल ही नहीं है। BDO ने स्पष्ट किया कि फिलहाल नए परिवारों को सूची में जोड़ने का विकल्प उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते उनका नाम कार्यालय स्तर पर 'संरक्षित' कर लिया गया है और भविष्य में सूची खुलने पर उन्हें लाभ दिलाने का आश्वासन दिया गया है। पीड़ित महिला विमला देवी का कहना है कि वह पिछले दो साल से ब्लॉक और तहसील के चक्कर काट-काटकर थक चुकी हैं। उन्होंने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उनका घर गिरने को है और बरसात में उन्हें रातभर जागना पड़ता है। पात्र होने के बावजूद उनका नाम सूची में न होने पर उन्होंने सवाल उठाया, "गरीब का हक कब मिलेगा?" इस गंभीर मामले पर खंड विकास अधिकारी अर्जुन सिंह ने कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे बड़ी लापरवाही बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब महिला जांच में पात्र पाई गई थी, तो ग्राम पंचायत स्तर पर उसका नाम क्यों नहीं जोड़ा गया, यह प्रधान और सचिव की सीधी जिम्मेदारी थी। BDO अर्जुन सिंह ने जिलाधिकारी महोदय से अनुरोध किया है कि इस प्रकरण को तत्काल निस्तारित किया जाए, दोषियों पर अविलंब कार्रवाई हो, और पीड़ित महिला को प्राथमिकता के आधार पर आवास दिलाया जाए, क्योंकि गरीबों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और उन्होंने ग्राम प्रधान व सचिव पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई के साथ-साथ विमला देवी को एक विशेष प्रकरण मानकर तुरंत आवास स्वीकृति दिए जाने की मांग की है।1
- जनपद रामपुर के स्वार कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत मिर्जापुर मोहब्बत नगर के जंगल में पिछले दो दिनों से ग्रामीणों के बीच दहशत का कारण बना तेंदुआ, अब वन विभाग की टीम को चकमा देकर मक्का के खेत से फरार हो गया है। बुधवार को घंटों चले सघन कॉम्बिंग अभियान के बावजूद तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि, वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले मिर्जापुर मोहब्बत गांव के जंगल में तेंदुए के दिखाई देने के बाद से इलाके में डर का माहौल बन गया था। पहले दिन तेंदुए ने गांव के सफाई कर्मचारी के बेटे आकाश पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए मक्का के खेत में पिंजरा लगाया, खेत के दोनों ओर जाल बिछाया और पिंजरे में एक बकरी को चारे के रूप में बांधा। मंगलवार को जब पिंजरे में बंद बकरी को चारा डालने वन विभाग के कर्मचारी धर्मेंद्र यादव पहुंचे, तो तेंदुए ने उन पर भी हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद वन विभाग की टीम ने दिन-रात निगरानी और गश्त शुरू कर दी थी, लेकिन तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंसा। आज वन विभाग की टीम ने ट्रैक्टर और पैदल मक्का के खेत में व्यापक कॉम्बिंग अभियान चलाया। इस दौरान ग्राम प्रधान पति इरफान भी टीम के साथ मौजूद रहे। काफी देर तक तलाश करने के बावजूद खेत में तेंदुए का कोई सुराग नहीं लगा, जिससे माना जा रहा है कि तेंदुआ वन विभाग को चकमा देकर खेत से निकल गया है। जैसे ही ग्रामीणों को तेंदुए के खेत में न मिलने की सूचना मिली, उन्होंने राहत की सांस ली। वन विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में निगरानी जारी रखने के साथ ही लोगों से सतर्क रहने की अपील दोहराई है।1
- रामपुर में सात मुहर्रम के अवसर पर बाबू मॉल से एक मेहंदी का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शहर के विभिन्न स्थानों से होता हुआ कोठी खास बात पर समाप्त हुआ, जहाँ पुलिस द्वारा सलामी दी गई।1
- रामपुर जिले के चपटा गांव के वार्ड नंबर 5 में ग्रामीण गंदगी और जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के निवासी हीरालाल समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने इस स्थिति के समाधान के लिए आवाज उठाई है। उनका कहना है कि नालियां चोक होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चोक पड़ी नालियों की तुरंत सफाई करवाने और नए नाले का निर्माण करने की मांग की है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने गांव में बच्चों की शिक्षा के लिए एक स्कूल बनवाने की भी मांग रखी है।1
- एक निवेदन में बताया गया है कि ईदगाह और घरों के ठीक सामने भारी गंदगी जमा हो गई है। यहाँ कूड़ा-करकट और नाली का पानी इकट्ठा हो रहा है, जिसके कारण कई गंभीर बीमारियाँ फैलने का खतरा बढ़ गया है। इस समस्या से निजात पाने के लिए तुरंत प्रभाव से सफाई कराने की मांग की गई है।1
- बिलासपुर नगर के भट्टी टोला स्थित वाल्मीकि चौक के समीप बुधवार को पेयजल संकट को लेकर स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसान नेता मोहम्मद सलीम वारसी के नेतृत्व में एकत्र हुए लोगों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जल्द समस्या के समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चौक पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए नगर पालिका द्वारा लगाया गया ठंडे पानी का फ्रीजर पिछले करीब एक माह से खराब पड़ा है, जिसके कारण भीषण गर्मी में लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार पालिका प्रशासन को शिकायत पत्र देने के बावजूद अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मांग की कि खराब पड़े फ्रीजर को तत्काल ठीक कराया जाए और स्थायी समाधान के लिए वाल्मीकि चौक के पास एक हैंडपंप भी लगाया जाए, ताकि क्षेत्र के नागरिकों और राहगीरों को स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द इस पेयजल संकट का समाधान नहीं हुआ तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।1