उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहाँ गुंडे अंकित बालियान ने अपनी दोना फैक्ट्री में एक दर्जन मजदूरों को कई सालों से बंधक बनाकर रखा था। इन मजदूरों को कुछ घंटे पहले ही मुक्त कराया गया, जिसके बाद उनकी हालत जानवरों से भी बदतर पाई गई। यह भी बताया गया है कि मुजफ्फरनगर के SSP संजय वर्मा के हाथ में जो हथियार है, उसी से इन बंधक बनाए गए मजदूरों को जानवरों की तरह टार्चर किया जाता था। मुक्त कराए गए मजदूरों के शरीर पर बेतहाशा चोटों के निशान थे, और कई मजदूरों के हाथ-पांव मार-मारकर सुजा दिए गए थे। फैक्ट्री में काम खत्म होने के बाद इन मजदूरों को लॉकअप में बंद कर दिया जाता था। उन्हें 24 घंटे में केवल एक बार खाना मिलता था, जिसमें चोकर की रोटी, नमक और हरी मिर्च शामिल होती थी। ये मजदूर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से 12 हजार रुपये मासिक वेतन का लालच देकर लाए गए थे। पुलिस जाँच में यह भी सामने आया है कि अंकित बालियान ने थर्ड डिग्री टार्चर देकर तीन मजदूरों की हत्या कर दी। मारे गए मजदूरों में से एक की पहचान कर ली गई है।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहाँ गुंडे अंकित बालियान ने अपनी दोना फैक्ट्री में एक दर्जन मजदूरों को कई सालों से बंधक बनाकर रखा था। इन मजदूरों को कुछ घंटे पहले ही मुक्त कराया गया, जिसके बाद उनकी हालत जानवरों से भी बदतर पाई गई। यह भी बताया गया है कि मुजफ्फरनगर के SSP संजय वर्मा के हाथ में जो हथियार है, उसी से इन बंधक बनाए गए मजदूरों को जानवरों की तरह टार्चर किया जाता था। मुक्त कराए गए मजदूरों के शरीर पर बेतहाशा चोटों के निशान थे, और कई मजदूरों के हाथ-पांव मार-मारकर सुजा दिए गए थे। फैक्ट्री में काम खत्म होने के बाद इन मजदूरों को लॉकअप में बंद कर दिया जाता था। उन्हें 24 घंटे में केवल एक बार खाना मिलता था, जिसमें चोकर की रोटी, नमक और हरी मिर्च शामिल होती थी। ये मजदूर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से 12 हजार रुपये मासिक वेतन का लालच देकर लाए गए थे। पुलिस जाँच में यह भी सामने आया है कि अंकित बालियान ने थर्ड डिग्री टार्चर देकर तीन मजदूरों की हत्या कर दी। मारे गए मजदूरों में से एक की पहचान कर ली गई है।
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहाँ गुंडे अंकित बालियान ने अपनी दोना फैक्ट्री में एक दर्जन मजदूरों को कई सालों से बंधक बनाकर रखा था। इन मजदूरों को कुछ घंटे पहले ही मुक्त कराया गया, जिसके बाद उनकी हालत जानवरों से भी बदतर पाई गई। यह भी बताया गया है कि मुजफ्फरनगर के SSP संजय वर्मा के हाथ में जो हथियार है, उसी से इन बंधक बनाए गए मजदूरों को जानवरों की तरह टार्चर किया जाता था। मुक्त कराए गए मजदूरों के शरीर पर बेतहाशा चोटों के निशान थे, और कई मजदूरों के हाथ-पांव मार-मारकर सुजा दिए गए थे। फैक्ट्री में काम खत्म होने के बाद इन मजदूरों को लॉकअप में बंद कर दिया जाता था। उन्हें 24 घंटे में केवल एक बार खाना मिलता था, जिसमें चोकर की रोटी, नमक और हरी मिर्च शामिल होती थी। ये मजदूर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से 12 हजार रुपये मासिक वेतन का लालच देकर लाए गए थे। पुलिस जाँच में यह भी सामने आया है कि अंकित बालियान ने थर्ड डिग्री टार्चर देकर तीन मजदूरों की हत्या कर दी। मारे गए मजदूरों में से एक की पहचान कर ली गई है।1
- बरेली में मुहर्रम के एक जुलूस के दौरान कथित तौर पर एक बच्चे से पाकिस्तान समर्थक नारे लगवाए गए। यह घटना विशेष समुदाय को फंसाने की नीयत से अंजाम दी गई थी। पुलिस की सूझबूझ के चलते मामले में हेमेंद्र और मुनेश नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में चल रही कथित 'फर्जी एनकाउंटर सेवा' को लेकर एक तीखा आरोप लगाया गया है, जिसके गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई है। इस संदर्भ में, समाज सेवी भरत तिवारी का कथित तौर पर 'फर्जी एनकाउंटर' कर दिया गया है। पोस्ट में जोर दिया गया है कि भरत तिवारी कोई अपराधी नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपने से जुड़े गांवों के लोगों के मुद्दे उठाए थे। इस एनकाउंटर की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि बताया गया है कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद एनकाउंटर की घटना पर आश्चर्य व्यक्त किया गया है। इस कार्रवाई का आरोप बिहार पुलिस शासन प्रशासन या 'भोजपुरी की पुलिस' पर लगाया गया है। पोस्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि यह सोचा जाता है कि एक 'भगत सिंह' को मारने से और 'भगत सिंह' पैदा नहीं होंगे, तो यह एक गलतफहमी है। अंत में, भरत तिवारी के लिए न्याय की पुरजोर मांग की गई है।1
- मुरादाबाद के लाइन पार माजुरा क्षेत्र में स्थानीय निवासियों को गंदगी के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मानसरोवर वाली गली में 25 एक्सपोर्ट के पीछे स्थित इस इलाके में सफाई की तत्काल आवश्यकता है। निवासियों ने नगर आयोग मुरादाबाद से शीघ्र ही साफ-सफाई करवाने का कष्ट करने की अपील की है ताकि उनकी दिक्कतों को दूर किया जा सके।2
- मोरदाबाद जिले के ग्राम चकबेगमपुर के निवासी गंदगी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं और शिकायत कर रहे हैं कि उनकी बातें अनसुनी की जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस गंदगी से और कितना लड़ेंगे, क्योंकि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायतें की हैं, लेकिन न तो कोई उनकी सुन रहा है और न ही प्रधान इस पर कोई ध्यान दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस गंदगी के कारण हर दिन कोई न कोई बीमार पड़ रहा है, और यह स्थिति किसी दिन जानलेवा भी बन सकती है। उनकी प्रमुख मांग है कि गांव में नाले बनवाए जाएं, आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जाएँ और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से छुटकारा मिल सके।1
- आने वाली 29 जून को नजीबाबाद में असदुद्दीन ओवैसी की आवाज़ गरजेगी, जहाँ AIMIM एक विशाल जनसभा का आयोजन कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की टांडा तहसील में भीषण गर्मी और लू के कारण आम जनजीवन बुरी तरह बेहाल है। इस तपती धूप से सड़कों पर निकलने वाले लोगों, खासकर यात्रियों और मेहनतकश मजदूरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने मिलकर सड़कों के किनारे राहगीरों को पानी पिलाने की व्यवस्था की है। इस चिलचिलाती धूप में मिल रही इस सेवा को राहगीरों ने किसी वरदान से कम नहीं बताया है।1
- खुद को भाजपा का कर्मठ कार्यकर्ता बताने वाले एक व्यक्ति ने कहा है कि उसने अब अंधभक्ति छोड़ दी है।1