विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार को एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित करना था। अस्पताल परिसर में चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और एक हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. गुप्ता ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय हालातों के मद्देनजर पौधारोपण अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वृक्ष न सिर्फ पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इस पौधारोपण अभियान में डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु और डॉ. प्रियम यादव सहित अन्य चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनके साथ ही फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, लोकेंद्र पाल एवं जितेंद्र राठौर सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भी पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी सिक्योरिटी कर्मी अवधेश और दीपक ने संभाली। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाएगी तथा समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम हरित विकास, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ समाज की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार को एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित करना था। अस्पताल परिसर में चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और एक हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. गुप्ता ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय हालातों के मद्देनजर पौधारोपण अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वृक्ष न सिर्फ पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इस पौधारोपण अभियान में डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु और डॉ. प्रियम यादव सहित अन्य चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनके साथ ही फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, लोकेंद्र पाल एवं जितेंद्र राठौर सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भी पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी सिक्योरिटी कर्मी अवधेश और दीपक ने संभाली। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाएगी तथा समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम हरित विकास, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ समाज की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार को एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित करना था। अस्पताल परिसर में चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और एक हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. गुप्ता ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय हालातों के मद्देनजर पौधारोपण अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वृक्ष न सिर्फ पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इस पौधारोपण अभियान में डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु और डॉ. प्रियम यादव सहित अन्य चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनके साथ ही फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, लोकेंद्र पाल एवं जितेंद्र राठौर सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भी पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी सिक्योरिटी कर्मी अवधेश और दीपक ने संभाली। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाएगी तथा समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम हरित विकास, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ समाज की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार को एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. गुप्ता ने बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय हालातों के संदर्भ में पौधारोपण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इस पौधारोपण अभियान में डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु और डॉ. प्रियम यादव सहित कई चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आग्रह किया। फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, लोकेंद्र पाल और जितेंद्र राठौर जैसे स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों ने भी पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सिक्योरिटी कर्मी अवधेश और दीपक ने संभाली थी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प भी लिया कि वे लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करेंगे और समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास करेंगे। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह पहल हरित विकास, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ समाज की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम साबित हुई।4
- जनपद जालौन के कदौरा नगर में शुक्रवार को प्रशासन ने सार्वजनिक भूमि और सड़कों पर लंबे समय से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के नेतृत्व में नगर पंचायत और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने बुलडोजर का इस्तेमाल करते हुए नगर के विभिन्न हिस्सों में किए गए अवैध कब्जों को ध्वस्त किया और नगर पंचायत की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे बने चबूतरे, टीनशेड, अस्थायी दुकानें और अन्य अवैध निर्माण हटाए गए, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने तो बुलडोजर के पहुंचने से पहले ही अपने अवैध निर्माण स्वयं हटाने शुरू कर दिए। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें नगर पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जों और अतिक्रमण के कारण आम नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने एक पूर्व निर्धारित योजना के तहत यह विशेष अभियान चलाया। इस दौरान कई स्थानों पर वर्षों से किए गए कब्जों को हटाया गया। अभियान को देखने के लिए नगर के प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक मार्गों पर भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए, लेकिन नायब तहसीलदार, नगर पंचायत कर्मचारियों, राजस्व विभाग की टीम और पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी तथा निगरानी के कारण यह कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। उपजिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक मार्गों और नगर पंचायत की संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अतिक्रमणकारियों से अपील की कि वे स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा लें, अन्यथा प्रशासन कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त कर देगा। प्रशासन ने नगरवासियों से सहयोग की अपील करते हुए यह भी बताया कि नगर को अतिक्रमण मुक्त बनाने तथा आम लोगों को सुगम आवागमन और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।2
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जालौन में एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था। इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और कर्मचारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर हरित और स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. गुप्ता ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय हालातों के बीच पौधारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पौधारोपण अभियान में डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु और डॉ. प्रियम यादव सहित अन्य चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। इस अवसर पर फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, लोकेंद्र पाल और जितेंद्र राठौर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान सिक्योरिटी कर्मी अवधेश और दीपक ने सुरक्षा व्यवस्था की ज़िम्मेदारी संभाली। उपस्थित सभी लोगों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने और समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम हरित विकास, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ समाज की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।3
- ऐतिहासिक गांव भदेख दिवारा अपनी गौरवशाली विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के कारण एक बार फिर चर्चा में है। गांव में स्थित राजा परीक्षित की प्राचीन गढ़ी के समीप खड़ा एक विशालकाय बरगद का वृक्ष, जो गुलामी से आजादी तक के अनेक दौरों का जीवंत साक्षी है, इस विरासत का केंद्र है। ग्रामीणों के अनुसार, यह बरगद सैकड़ों वर्षों से अडिग खड़ा है और अपने भीतर अतीत की अनगिनत स्मृतियों को संजोए हुए है। बुजुर्गों की मानें तो यह वही बरगद है जिसके नीचे कभी राजा परीक्षित की सेना विश्राम करती थी और राजा का हाथी भी इसी विशाल वृक्ष से बांधा जाता था, जहाँ सैनिक घनी छांव में रणनीतियाँ बनाते थे। क्षेत्र का एक बड़ा और प्रमुख गांव होने के नाते, भदेख दिवारा के लोगों के लिए यह बरगद केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवा पीढ़ी तक, सभी इस वृक्ष के प्रति विशेष सम्मान रखते हैं। आज भी ग्रामीण इसकी विशाल छांव में बैठकर विश्राम करते हैं, आपसी चर्चा करते हैं और अपने पूर्वजों की वीरता व गौरव की कहानियाँ सुनते हैं। सदियों पुराना यह बरगद आज भी भदेख दिवारा की धरती पर इतिहास का प्रहरी बनकर खड़ा है, जिसकी फैली हुई शाखाएं बीते युग की वीरगाथाओं को दोहराती हुई और आने वाली पीढ़ियों को अपनी विरासत को संजोकर रखने का संदेश देती हैं। यह बरगद, जो अपने आप में कई इतिहास संजोए हुए है, विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष रूप से उल्लेखनीय है।1
- जालौन पुलिस ने एक सनसनीखेज अपहरण की वारदात का पर्दाफाश करते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। थाना आटा पुलिस, स्वाट/सर्विलांस टीम और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अपहृत रोहित, पुत्र महेन्द्रपाल (उम्र करीब 24 वर्ष, निवासी ग्राम बारा, थाना आटा, जालौन) को सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस मामले में कुल 05 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डिजायर कार (UP14ST1864) और अपहृत की बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी बरामद की है। रोहित का अपहरण 02.06.2026 को कुसमरा रोड से दिनदहाड़े किया गया था। उनकी पत्नी की तहरीर पर थाना आटा में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में 3 टीमें गठित की गईं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, लोकेशन ट्रैकिंग और जमीनी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली और गाजियाबाद पहुंची, जहां दबिश देकर रोहित को छुड़ाया गया और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अजय पुत्र जयप्रकाश (उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम अटकुआँ थाना चरखारी, महोबा / हाल निवासी लक्ष्मीनगर, दिल्ली), शंकर कुमार पुत्र महेश (उम्र 25 वर्ष, निवासी वैशाली, थाना कौशाम्बी, गाजियाबाद), सुनील पुत्र छोटेलाल (उम्र 30 वर्ष, निवासी स्वासी खुर्द, थाना ललपुरा, हमीरपुर), रिजवान पुत्र सलीम कुरैशी (उम्र 19 वर्ष, निवासी सदनपुर, थाना कोतवाली उरई, जालौन) और दीपक पुत्र राजेश (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम बारा, थाना आटा, जालौन) शामिल हैं। अपहृत रोहित के मुताबिक, पैसों के लेन-देन के विवाद में अजय, शंकर और रविन्द्र ने मिलकर उसे 02 जून को करीब 3:30 बजे जबरन गाड़ी में डालकर अपहरण किया था। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि घटना में अन्य आरोपी भी मोटरसाइकिल से साथ थे और सभी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। इस घटना के बाद कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, जैसे क्या पैसों का विवाद अब सीधे अपहरण में बदल रहा है और क्या अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि दिनदहाड़े ऐसी वारदातें हो रही हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या इस गैंग के और भी सदस्य अभी फरार हैं और अगर समय पर कार्रवाई न होती तो क्या कोई बड़ा हादसा हो सकता था। जालौन पुलिस की यह बड़ी कामयाबी सराहनीय है, लेकिन इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस के अवसर पर हिंदू युवा वाहिनी जालौन टीम ने नगर के श्री गोवर्धन गौशाला, मोहल्ला मुरली मनोहर में एक भव्य जन्मोत्सव का आयोजन किया। इस दौरान गौसेवा, मिष्ठान वितरण और भगवान शिव के रुद्राभिषेक के माध्यम से मुख्यमंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गोवर्धन गौशाला में गौ माता के पूजन-अर्चन से हुआ, जिसके बाद हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गौ माता को गुड़ खिलाकर गौसेवा की। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की प्रार्थना की। इसके उपरांत, कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिमा पर तिलक लगाकर जन्मोत्सव मनाया और उपस्थित लोगों के बीच मिष्ठान वितरण किया। कार्यक्रम के दौरान, कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना भी की। तत्पश्चात, सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता महंत जी के मंदिर पहुँचे, जहाँ भगवान शिव की पवित्र शिवलिंग पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक किया गया। रुद्राभिषेक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दीर्घायु जीवन, प्रदेश की खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की गई, जिससे पूरे कार्यक्रम में एक धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा। इस भव्य आयोजन में हिंदू युवा वाहिनी के निवर्तमान जिला अध्यक्ष राजा सिंह सेंगर, बलराम सोनी, मनोज गुप्ता, नगर संयोजक रामजी ताम्रकार, नगर अध्यक्ष अनूप दीक्षित, दिनेश कुशवाहा, गौ रक्षक सुलखान यादव, पंडित आचार्य मनोज बाजपेई, शिवम ताम्रकार, विपिन महाराज सुरजपुरा, मुनि महाराज, दीपेंद्र राठौर, राजा ताम्रकार, मुन्ना शिवहरे, जयंत सक्सेना, अभिनव सिंह, कार्तिक, सत्यम सक्सेना, प्रथम गुप्ता, रूपेश साहू, पत्रकार अखिलेश सोनी और सुनील सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- जालौन के उरई में शराबियों के बीच जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। शराब पीने के दौरान हुई इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना उरई कोतवाली क्षेत्र के रामनगर अजनारी रोड पर स्थित एक मंदिर और कोचिंग संस्थान के पास बताई जा रही है, जहाँ शराब के ठेके के पास शराबियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, शराब पीने के बाद अक्सर युवक गाली-गलौज और झगड़ा करते हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ रहा है।1