बलौदाबाजार में एक शासकीय स्कूल की व्यावसायिक शिक्षिका की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अभिषेक कुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने युवती को शादी का झांसा देकर लगभग पांच महीने तक उसके साथ संबंध बनाए। आरोप है कि इसी दौरान युवती गर्भवती भी हुई, लेकिन बाद में आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया और कथित तौर पर उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। यह घटना 22 जून को सामने आई जब युवती अपने किराए के कमरे में फांसी पर लटकी मिली। जांच के दौरान कमरे की दीवार पर एक कथित सुसाइड नोट और लिखित संदेश मिले, जिनमें आरोपी को उसकी मौत का जिम्मेदार ठहराया गया था। साइबर सेल की मदद से मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच के बाद पुलिस ने 23 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का स्पष्टीकरण है कि सभी आरोप न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और इस मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही लिया जाएगा।
बलौदाबाजार में एक शासकीय स्कूल की व्यावसायिक शिक्षिका की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अभिषेक कुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने युवती को शादी का झांसा देकर लगभग पांच महीने तक उसके साथ संबंध बनाए। आरोप है कि इसी दौरान युवती गर्भवती भी हुई, लेकिन बाद में आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया और कथित तौर पर उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। यह घटना 22 जून को सामने आई जब युवती अपने किराए के कमरे में फांसी पर लटकी मिली। जांच के दौरान कमरे की दीवार पर एक कथित सुसाइड नोट और लिखित संदेश मिले, जिनमें आरोपी को उसकी मौत का जिम्मेदार ठहराया गया था। साइबर सेल की मदद से मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच के बाद पुलिस ने 23 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का स्पष्टीकरण है कि सभी आरोप न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और इस मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही लिया जाएगा।
- बलौदाबाजार में शादी का झांसा देकर एक युवती का शारीरिक एवं मानसिक शोषण करने तथा उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अभिषेक कुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की प्रताड़ना और धोखे से आहत होकर एक शासकीय स्कूल में पदस्थ व्यावसायिक शिक्षिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतिका बलौदाबाजार में किराए के मकान में रहकर अपनी सेवाएँ दे रही थी। उसी मकान के समीप रहने वाले अभिषेक कुमार जायसवाल ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और शादी करने का वादा कर पिछले लगभग पाँच महीनों से उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब उसने आरोपी पर विवाह करने का दबाव बनाया, तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया और कथित रूप से गाली-गलौज, मारपीट तथा मानसिक प्रताड़ना देने लगा। लगातार मिल रहे मानसिक आघात और धोखे से परेशान होकर युवती ने 22 जून 2026 को अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। जाँच के दौरान कमरे की दीवार पर लिखे संदेश तथा घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट ने मामले को नया मोड़ दिया। मृतिका ने अपने लिखित संदेश में आरोपी अभिषेक जायसवाल को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में तत्काल मर्ग जाँच प्रारंभ कर अपराध दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान साइबर सेल की सहायता से मोबाइल फोन के स्क्रीनशॉट, डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य तकनीकी प्रमाण एकत्र किए गए। जाँच में आरोपी द्वारा मृतिका को प्रताड़ित किए जाने तथा उसके गर्भवती होने संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी अभिषेक कुमार जायसवाल (30 वर्ष), निवासी ग्राम निमधा, थाना मरवाही, जिला पेंड्रा एवं वर्तमान निवासी सिविल लाइन, बलौदाबाजार को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने महिला अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- मंगलवार देर रात करीब 1:40 बजे, बिल्हा मोड़ के पास सर्विस रोड पर एक खड़े ट्रेलर ट्रक में दूसरे ट्रेलर वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। इस घटना की सूचना हिर्री के डायल 112 को एक कॉलर ने फोन पर दी। टक्कर के कारण दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि किसी को कोई चोट नहीं आई। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां उन्होंने देखा कि सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर में पीछे से आ रहे दूसरे ट्रेलर के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए टक्कर मारी थी। इस दुर्घटना के बाद सड़क पर जाम की स्थिति बन गई थी, लेकिन गनीमत रही कि दोनों वाहनों के चालक सुरक्षित थे। रात में ही क्रेन बुलवाकर दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाया गया, और शिकायतकर्ता ड्राइवर को हिर्री थाना जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी गई है। यह उल्लेखनीय है कि इस सड़क पर अक्सर सड़क किनारे खड़े ट्रकों से टकराकर कार और बाइक चालकों की बड़ी दुर्घटनाओं में मौतें भी हो चुकी हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, सड़क किनारे खड़े वाहनों पर उचित कार्रवाई करने और वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक गाड़ी चलाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।1
- ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के एक युवक परमेश्वर मरकाम की दर्दनाक हत्या कर दी गई है। यह घटना ओडिशा के चंदाहंडी थाना क्षेत्र के सालेबीड़ी गाँव के भोई पारा में हुई, जो सीमा से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है। मृतक परमेश्वर मरकाम, देवभोग थाना के अंतर्गत मुनगापदर गाँव का निवासी था और वह पूर्व भाजपा विधायक डमरूधर पुजारी का रिश्तेदार बताया जा रहा है। वारदात की सूचना मिलते ही दोनों राज्यों की सीमावर्ती पुलिस मौके पर पहुंची और पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक के शरीर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिसमें उसका पैर टूटा हुआ है और शरीर के कई अन्य हिस्सों में भी मारपीट के गंभीर निशान हैं।1
- बिलासपुर शहर के रिवर व्यू क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब संदिग्ध परिस्थितियों में एक नवजात शिशु का शव पड़ा मिला। इस खबर के फैलते ही घटनास्थल पर आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह क्षेत्रवासियों की नजर नवजात के शव पर पड़ने के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर अपनी जांच प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसे वहां किसने छोड़ा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर संभावित पहलू की पड़ताल कर रही है। जांच टीम आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ-साथ क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है, क्योंकि अधिकारियों का मानना है कि फुटेज से घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों और समय को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। साथ ही, नवजात की पहचान और उसके परिजनों तक पहुंचने के प्रयास भी लगातार जारी हैं। शहर के व्यस्त रिवर व्यू क्षेत्र में नवजात का शव मिलने की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। कोतवाली पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार जांच कर रही है।4
- आज दिल्ली से आए प्रसिद्ध इस्लामी स्कॉलर प्रोफेसर मुख्तार अशरफ साहब ने 'उसकी देन कमेटी' के मंच पर स्मारिका 'पैगाम-ए-कर्बला' का भव्य विमोचन किया। इस आयोजन में शेख नाजिरुद्दीन (छोटे), जो नगर निगम के पूर्व सभापति रह चुके हैं, ने सहयोग किया। 'पैगाम-ए-कर्बला' स्मारिका को जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क द्वारा प्रकाशित किया गया है।1
- सेंट जेवियर स्कूल दुष्कर्म मामले को लेकर जनता का भारी आक्रोश देखने को मिला है। इसी कड़ी में, सर्वसेन समाज के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया, जहाँ दुष्कर्मी को तत्काल फांसी की सजा देने की जोरदार मांग उठाई गई। त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 10 दिनों में इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो पूरे प्रदेश भर में व्यापक आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।1
- बिलासपुर में चकरभाठा पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री और परिवहन के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए, मंगलवार रात 10:09 बजे जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी कि 120 पाव देशी प्लेन शराब और 6 नग बियर के साथ एक आरोपी और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा गया है। यह कार्रवाई 23.06.2026 को मिली मुखबिर की सूचना पर की गई। पकड़े गए आरोपी की पहचान 36 वर्षीय अजय कौशिक, पिता विजय कौशिक, निवासी हिर्री थाना के सामने, हिर्री, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है, जिसके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक भी था। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी मोटर साइकल क्रमांक CG 24 K 2311 पर, जिसके पीछे एक लड़का बैठा है, प्लास्टिक की बोरियों में शराब रखकर चकरभाठा से परसदा की ओर जा रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए, चकरभाठा पुलिस की टीम ने होटल सेंट्रल प्वाइंट के आगे मुख्य मार्ग पर उक्त मोटर साइकल को रोका और उसकी जाँच की। जाँच के दौरान प्लास्टिक की बोरियों से कुल 120 पाव देशी प्लेन शराब, जिसकी कीमत ₹9600 है, और 6 नग बियर, जिसकी कीमत ₹1260 है, बरामद की गई। अजय कौशिक और विधि से संघर्षरत बालक ने पूछताछ में इस शराब को बिक्री के उद्देश्य से ले जाना स्वीकार किया। अजय कौशिक के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 47 के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे अभिरक्षा में लिया गया है, जिसे बुधवार को न्यायिक रिमांड के लिए माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं, विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही की गई है। चकरभाठा पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध कार्यों में लिप्त अपराधियों की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या डायल 112 पर दें।1
- गरियाबंद जिले के गोबरा नवापारा तहसील क्षेत्र के ग्राम सुंदरकेरा के किसानों ने हल्का क्रमांक-9 के पटवारी ललित साहू और नायब तहसीलदार नवल कुमार मंडल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि खसरा नंबर 1862 से जुड़े एक मामले में सक्षम अधिकारियों के स्पष्ट आदेशों के बावजूद पिछले दो वर्षों से रिकॉर्ड दुरुस्ती का काम जानबूझकर लंबित रखा गया है, जिसके चलते उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि इस लापरवाही के कारण विवादित भूमि की रजिस्ट्रियां लगातार होती रहीं, जिससे भू-माफियाओं को फायदा पहुंचा और वास्तविक भूमिधारकों के अधिकार प्रभावित हुए। उनके अनुसार, दिसंबर 2024 में कलेक्टर एवं एसडीएम द्वारा इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद रिकॉर्ड में कोई संशोधन नहीं हुआ। बाद में, 18 जून 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रवि सिंह ने भी तहसीलदार को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, फिर भी आज तक दुरुस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को ग्राम पंचायत सुंदरकेरा के दर्जनों किसान तहसील कार्यालय पहुंचे और करीब तीन घंटे तक परिसर में सांकेतिक धरना एवं बैठक कर प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की उदासीनता के चलते उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि उन्हें न्याय के बजाय सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर रिकॉर्ड दुरुस्ती का कार्य पूरा नहीं किया गया, तो वे व्यापक और उग्र आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर गिरधारी साहू, भुनेश्वर साहू, पलटन साहू, हीरालाल साहू, नकुल साहू, ओंकार साहू, गोधरा साहू, बालाराम तारक, कन्हैया साहू, भुनेश्वर साहू, परसराम साहू, तोरण साहू, कचछु पटेल, नाथू पटेल, घसिया साहू, बलराम साहू, धनी पटेल, नंदू साहू, ओमप्रकाश साहू, यशवंत चंद्रहास पुराणिक, शोभा पटेल, हेमलता साहू, दयाराम, खगेश, कोमल, राजू सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।1
- बिलासपुर की न्यायधानी में ओल्ड बस स्टैंड स्थित होटल हेवन पार्क का 'LIT' (Life In Trance) क्लब एक बार फिर विवादों में है। आरोप है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी यहां देर रात तक शराब और संगीत की महफिलें सजी रहीं, जबकि प्रशासनिक नियम सिर्फ कागजों तक सीमित रहे। शनिवार की रात करीब 1 बजे तक क्लब में रौनक बरकरार थी, और अगले ही दिन रविवार को भी यही तस्वीर दोहराई गई, जिससे शहर के प्रमुख व्यावसायिक और रिहायशी इलाके में स्थित इस क्लब को लेकर आसपास के रहवासियों की चिंता बढ़ गई है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में नियमों को इतनी खुली चुनौती दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, क्लब के देर रात तक संचालन की खबर सार्वजनिक होने के बाद पुलिस की टीम रात लगभग 1 बजे होटल परिसर पहुंची। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई और न तो कोई सख्त वैधानिक कार्रवाई हुई और न ही नियम उल्लंघन पर कोई प्रभावी कदम उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में समय सीमा का उल्लंघन हो रहा था, तो केवल समझाइश देकर लौट जाना किस कानून का हिस्सा है और क्या आम दुकानदार या छोटे व्यवसायी के मामले में भी इतनी ही नरमी दिखाई जाती। यह सवाल अब शहरभर में चर्चा का विषय बन गया है। यह पहला मौका नहीं है जब होटल हेवन पार्क और उसका 'LIT' क्लब विवादों में घिरा हो। पिछले कुछ वर्षों में इस परिसर का नाम कई सनसनीखेज घटनाओं में सामने आ चुका है। इनमें बार सील होने के बाद एक छापेमारी में कई रसूखदार लोगों को लाखों रुपये के साथ जुआ खेलते पकड़ा जाना और बाद में कुछ प्रभावशाली लोगों को छोड़ने पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठना शामिल है। इसके अलावा, मई 2023 में होटल के बाहर लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हुए जानलेवा हमले में 12 आरोपियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। क्लब में रायपुर के एक व्यवसायी की बेरहमी से पिटाई और थाने में हुए हंगामे का वीडियो भी वायरल हुआ था। बाउंसरों द्वारा एंट्री विवाद को लेकर युवकों की पिटाई, बेसबॉल बैट से हमला और चाकूबाजी की घटनाएं भी दर्ज हुई हैं। एक ग्राहक द्वारा अवैध हुक्का संचालन का वीडियो बनाने पर मारपीट और मोबाइल तोड़ने का मामला भी सामने आया था, वहीं मार्च 2024 में होटल परिसर के भीतर एक युवक का खुलेआम धारदार हथियार लहराते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि देर रात तक तेज संगीत, शराब पार्टी और नशे में बाहर निकलने वाले लोगों की गतिविधियों से पूरे इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है, खासकर सप्ताहांत में रात 2 बजे तक गतिविधियां चलने से शांति भंग होती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना भी हो सकती है। शहर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और आसपास के रहवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आबकारी विभाग से मांग की है कि क्लब परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच कराई जाए। यदि निर्धारित समय सीमा के बाद संचालन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जाए। इन सब के बीच, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब छोटे व्यापारियों पर नियमों का डंडा चलता है, तब क्या रसूखदार प्रतिष्ठानों के लिए कानून की धार कुंद हो जाती है? क्या न्यायधानी में नियमों से बड़ा प्रभाव और पहुंच बन चुका है? और यदि नहीं, तो फिर बार-बार विवादों में घिरने वाले इस क्लब पर अब तक निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब का इंतजार सिर्फ आसपास के रहवासियों को नहीं, बल्कि पूरी न्यायधानी को है।2