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शाहगंज में एक अवैध दोहरा फैक्ट्री पर पुलिस ने छापा मारा है। यह खबर विशेष रूप से सामने आई है कि पुलिस ने इस अवैध गतिविधि के खिलाफ कार्रवाई की है।
Kr. Suresh
शाहगंज में एक अवैध दोहरा फैक्ट्री पर पुलिस ने छापा मारा है। यह खबर विशेष रूप से सामने आई है कि पुलिस ने इस अवैध गतिविधि के खिलाफ कार्रवाई की है।
More news from Jaunpur and nearby areas
- शाहगंज में एक अवैध दोहरा फैक्ट्री पर पुलिस ने छापा मारा है। यह खबर विशेष रूप से सामने आई है कि पुलिस ने इस अवैध गतिविधि के खिलाफ कार्रवाई की है।1
- उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के जलालपुर स्थित मालीपुर रोड पर भारी बारिश दर्ज की गई है। इस धुआंधार और अत्यधिक बारिश के चलते क्षेत्र में काफी लोगों को नुकसान का सामना करना पड़ा है।1
- प्रतापगढ़ से संबंधित भाजपा नेता विजय सिंह बजरंगी गाजियाबाद स्थित सूर्या चौहान के निवास स्थान पर पहुँचे। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि "न्याय तक संघर्ष जारी रहेगा।"1
- जौनपुर के मछलीशहर में जज सिंह अन्ना की मांगों के बाद प्रशासन ने अवैध अस्पतालों के खिलाफ जाँच अभियान चलाने की पूरी तैयारी कर ली है। उपजिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने इस अभियान की कमान संभालने का आश्वासन दिया है। अन्ना ने प्रसूता महिला की मृत्यु पर 25 लाख रुपये और नवजात शिशु की मृत्यु पर 5 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार के पास लिखित में भेजा जा रहा है। डिप्टी सीएमओ डॉ प्रभात कुमार ने बताया है कि दो दिन बाद से अस्पतालों पर लगातार दस दिनों तक छापे मारे जाएंगे। एसडीएम मछलीशहर ने आश्वस्त किया है कि इस अभियान के लिए जितनी भी फोर्स की आवश्यकता होगी, वह उपलब्ध कराई जाएगी, और जरूरत पड़ने पर वे अवैध अस्पतालों को सीज करने में सीएमओ और एडिशनल सीएमओ का सहयोग करेंगे। उन्होंने चिकित्सा पद्धति को सुधारने और जाँच अभियान में हर संभव सहयोग देने की बात कही। एसडीएम मछलीशहर ने अन्ना की इन मुआवजे की मांगों को जायज बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से इसे पास कराने की पूरी कोशिश करने का संकल्प लिया है। साथ ही उन्होंने प्रसूता और नवजात की मृत्यु को रोकने के लिए आज से एक सघन अभियान चलाने की घोषणा की। दूसरी ओर, जज सिंह अन्ना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे 15 दिन बाद दोबारा आंदोलन करेंगे, इसे उन्होंने 'जन-संघर्ष की एक और जीत' बताया है।1
- जहां एक तरफ आम जनता और गरीब उपभोक्ताओं पर मामूली बिजली बिल बकाया होने या छोटी सी गड़बड़ी के लिए विद्युत विभाग तुरंत मुकदमा और भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई करता है, वहीं सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर वन क्षेत्र अंतर्गत दोस्तपुर ब्लॉक से सरकारी विभागों की मिलीभगत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रोहनि खोजगीपुर स्थित सरकारी वन विभाग की नर्सरी में सालों से खुलेआम बिजली चोरी का खेल चल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, खोजगीपुर नर्सरी में पौधों की सिंचाई के लिए एक भारी-भरकम समरसेबल पंप लगाया गया है, जिसे चलाने के लिए मुख्य विद्युत लाइन से सीधा कटिया जोड़ा गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह अवैध खेल किसी बंद कमरे या चोरी-छिपे नहीं, बल्कि सरेआम सालों से चल रहा है। बिजली चोरी को स्थायी रूप देने के लिए बकायदा 'इंजीनियरिंग' की गई है; खंभे से लटकता हुआ तार पहले सड़क के नीचे से पार किया गया है और दूसरी तरफ निकलते ही उस पर भारी-भरकम मिट्टी पाट दी गई है ताकि किसी को शक न हो। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बारीकी और 'विधि-विधान' से तो कोई आम चोर भी चोरी नहीं करता, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सालों की "मेहनत" और संरक्षण का नतीजा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बड़ा सवाल किया है कि अगर यही चोरी किसी गरीब या किसान ने अपने खेत की सिंचाई के लिए की होती, तो अब तक बिजली विभाग की टीम उसे जेल भेज चुकी होती। लेकिन सरकारी परिसर में हो रही इस खुली लूट पर आखिर विभाग की आँखें क्यों बंद हैं, और इसका जिम्मेदार कौन है? सरेआम मुख्य मार्ग के पास हो रही इस बिजली चोरी ने विद्युत विभाग और वन विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने लंबे समय से बिना किसी वैध कनेक्शन के चल रहे समरसेबल पंप ने विभागीय जांच और पेट्रोलिंग के दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय जनता अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से सख्त कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।2
- एक 11000 वोल्ट की बिजली का तार एक घर के बिल्कुल पास से और काफी नीचे से होकर गुजर रहा है। इस स्थिति के कारण परिवार को काफी दिक्कतों का सामना कर रहा है, विशेषकर बच्चे डर के मारे छत पर नहीं जाते। लोगों की मांग है कि इस तार को वर्तमान स्थान से तुरंत हटाया जाए और इसे सड़क के किनारे बिछाया जाए।1