रायसेन जिले के देवनागर थाना क्षेत्र के ग्राम सांचेत में अपने आप को 'काल भैरव' का भक्त बताने वाले 'बाबा नाना गुरु सरकार' उर्फ सुनील सराठे और एक विश्वकर्मा परिवार के बीच जमकर बवाल हुआ, जिसमें लाठी-डंडे चले, तोड़फोड़ हुई और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह विवाद तब भड़का जब बाबा की पत्नी, जिसे उन्होंने कुछ साल पहले घर से निकाल दिया था, 24 तारीख रविवार को विश्वकर्मा परिवार के घर कुछ घंटे के लिए ठहरी। 'बाबा नाना गुरु सरकार' खुद को 'काल भैरव' बताते हैं और दावा करते हैं कि उनके शरीर पर 'काल भैरव' की शक्ति आती है। वे शराब छुड़ाने सहित कई बीमारियों और दुखों को दूर करने का दावा करते हैं। सांचेत गांव के ही निवासी सुनील सराठे बचपन में लोगों के यहां काम करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने धर्म का चोला ओढ़कर 'काल भैरव' के नाम से झाड़फूंक शुरू कर दी। दूर-दूर से लोग उनके दरबार में आते हैं। दूसरों के यहां काम करने वाले 'काल भैरव' की संपत्ति में काफी इजाफा हुआ है; वे अब काली रंग की स्कॉर्पियो से चलते हैं, जिसमें नियमों का उल्लंघन करते हुए काली फिल्म और हूटर लगे हैं, और कई गाड़ियां उनके काफिले में रहती हैं। उनके शरीर पर कई स्वर्ण आभूषण, अंगूठियां और चांदी के कड़े देखने को मिलते हैं, जो उनकी संपन्नता को दर्शाते हैं। पत्नी के विश्वकर्मा परिवार के घर रुकने की बात से बाबा का गुस्सा इतना बढ़ गया कि बाबा और रामप्रसाद विश्वकर्मा के बीच कहासुनी हो गई। बुधवार की रात्रि करीब 11 बजे यह विवाद और गहरा गया, जब बाबा रामप्रसाद के घर पहुंच गए और आपसी झगड़े में लाठी-डंडे चलने लगे। इस दौरान रामप्रसाद विश्वकर्मा के घर और गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की गई। आपसी झगड़े में रामप्रसाद विश्वकर्मा सहित कुल 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें रायसेन जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जब ग्रामीण और पुलिस जिला अस्पताल पहुंचे और बयान लेने लगी, तभी बाबा के समर्थक भी उन्हें अपनी गाड़ी में बिठाकर अस्पताल ले आए और उन्हें घायल बताने लगे। हालांकि, इस झड़प में जहां बाबा अकेले खुद को घायल दिखा रहे थे, वहीं पीड़ित परिवार के कई लोगों को सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं।
रायसेन जिले के देवनागर थाना क्षेत्र के ग्राम सांचेत में अपने आप को 'काल भैरव' का भक्त बताने वाले 'बाबा नाना गुरु सरकार' उर्फ सुनील सराठे और एक विश्वकर्मा परिवार के बीच जमकर बवाल हुआ, जिसमें लाठी-डंडे चले, तोड़फोड़ हुई और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह विवाद तब भड़का जब बाबा की पत्नी, जिसे उन्होंने कुछ साल पहले घर से निकाल दिया था, 24 तारीख रविवार को विश्वकर्मा परिवार के घर कुछ घंटे के लिए ठहरी। 'बाबा नाना गुरु सरकार' खुद को 'काल भैरव' बताते हैं और दावा करते हैं कि उनके शरीर पर 'काल भैरव' की शक्ति आती है। वे शराब छुड़ाने सहित कई बीमारियों और दुखों को दूर करने का दावा करते हैं। सांचेत गांव के ही निवासी सुनील सराठे बचपन में लोगों के यहां काम करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने धर्म का चोला ओढ़कर 'काल भैरव' के नाम से झाड़फूंक शुरू कर दी। दूर-दूर से लोग उनके दरबार में आते हैं। दूसरों के यहां काम करने वाले 'काल भैरव' की संपत्ति में काफी इजाफा हुआ है; वे अब काली रंग की स्कॉर्पियो से चलते हैं, जिसमें नियमों का उल्लंघन करते हुए काली फिल्म और हूटर लगे हैं, और कई गाड़ियां उनके काफिले में रहती हैं। उनके शरीर पर कई स्वर्ण आभूषण, अंगूठियां और चांदी के कड़े देखने को मिलते हैं, जो उनकी संपन्नता को दर्शाते हैं। पत्नी के विश्वकर्मा परिवार के घर रुकने की बात से बाबा का गुस्सा इतना बढ़ गया कि बाबा और रामप्रसाद विश्वकर्मा के बीच कहासुनी हो गई। बुधवार की रात्रि करीब 11 बजे यह विवाद और गहरा गया, जब बाबा रामप्रसाद के घर पहुंच गए और आपसी झगड़े में लाठी-डंडे चलने लगे। इस दौरान रामप्रसाद विश्वकर्मा के घर और गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की गई। आपसी झगड़े में रामप्रसाद विश्वकर्मा सहित कुल 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें रायसेन जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जब ग्रामीण और पुलिस जिला अस्पताल पहुंचे और बयान लेने लगी, तभी बाबा के समर्थक भी उन्हें अपनी गाड़ी में बिठाकर अस्पताल ले आए और उन्हें घायल बताने लगे। हालांकि, इस झड़प में जहां बाबा अकेले खुद को घायल दिखा रहे थे, वहीं पीड़ित परिवार के कई लोगों को सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं।
- डीडी न्यूज़ एमपी दूरदर्शन मध्य प्रदेश द्वारा प्रसारित खबर के अनुसार, मंगोलिया के अस्थि कलशों को गार्ड ऑफ ऑनर देकर रवाना किया गया। यह जानकारी रायसेन जिला संवाददाता विनीत महेश्वरी ने दी।1
- रायसेन जिले के देवनागर थाना क्षेत्र के ग्राम सांचेत में अपने आप को 'काल भैरव' का भक्त बताने वाले 'बाबा नाना गुरु सरकार' उर्फ सुनील सराठे और एक विश्वकर्मा परिवार के बीच जमकर बवाल हुआ, जिसमें लाठी-डंडे चले, तोड़फोड़ हुई और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह विवाद तब भड़का जब बाबा की पत्नी, जिसे उन्होंने कुछ साल पहले घर से निकाल दिया था, 24 तारीख रविवार को विश्वकर्मा परिवार के घर कुछ घंटे के लिए ठहरी। 'बाबा नाना गुरु सरकार' खुद को 'काल भैरव' बताते हैं और दावा करते हैं कि उनके शरीर पर 'काल भैरव' की शक्ति आती है। वे शराब छुड़ाने सहित कई बीमारियों और दुखों को दूर करने का दावा करते हैं। सांचेत गांव के ही निवासी सुनील सराठे बचपन में लोगों के यहां काम करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने धर्म का चोला ओढ़कर 'काल भैरव' के नाम से झाड़फूंक शुरू कर दी। दूर-दूर से लोग उनके दरबार में आते हैं। दूसरों के यहां काम करने वाले 'काल भैरव' की संपत्ति में काफी इजाफा हुआ है; वे अब काली रंग की स्कॉर्पियो से चलते हैं, जिसमें नियमों का उल्लंघन करते हुए काली फिल्म और हूटर लगे हैं, और कई गाड़ियां उनके काफिले में रहती हैं। उनके शरीर पर कई स्वर्ण आभूषण, अंगूठियां और चांदी के कड़े देखने को मिलते हैं, जो उनकी संपन्नता को दर्शाते हैं। पत्नी के विश्वकर्मा परिवार के घर रुकने की बात से बाबा का गुस्सा इतना बढ़ गया कि बाबा और रामप्रसाद विश्वकर्मा के बीच कहासुनी हो गई। बुधवार की रात्रि करीब 11 बजे यह विवाद और गहरा गया, जब बाबा रामप्रसाद के घर पहुंच गए और आपसी झगड़े में लाठी-डंडे चलने लगे। इस दौरान रामप्रसाद विश्वकर्मा के घर और गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की गई। आपसी झगड़े में रामप्रसाद विश्वकर्मा सहित कुल 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें रायसेन जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जब ग्रामीण और पुलिस जिला अस्पताल पहुंचे और बयान लेने लगी, तभी बाबा के समर्थक भी उन्हें अपनी गाड़ी में बिठाकर अस्पताल ले आए और उन्हें घायल बताने लगे। हालांकि, इस झड़प में जहां बाबा अकेले खुद को घायल दिखा रहे थे, वहीं पीड़ित परिवार के कई लोगों को सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं।1
- विदिशा में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व अकीदत, भाईचारे और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम समाज के लोगों की नमाज अदा करने के लिए भीड़ उमड़ी। विवेकानंद चौराहा स्थित ईदगाह पर बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक नमाज अदा कर देश-दुनिया में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। शहर काजी सैयद साजिद अली ने विदिशा के विवेकानंद चौराहा स्थित ईदगाह पर ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा कराई। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी, जहाँ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में त्योहार का उत्साह साफ दिखाई दिया। इस मौके पर शहर काजी सैयद साजिद अली ने अपने संबोधन में भाईचारा, सौहार्द और देश में अमन-चैन बनाए रखने का संदेश दिया, साथ ही लोगों से फिजूलखर्ची से बचने की अपील भी की। कई अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने भी ईदगाह पहुंचकर मुस्लिम समाज को बकरीद की शुभकामनाएं दीं। त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा, और जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए ग्वालियर से आए बीएसएफ के 58 जवानों की भी ड्यूटी लगाई गई थी।4
- द्विशा शर्मा केस में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें उसकी सास को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरे प्रकरण में सास को 'सबसे बड़ी विलेन' बताया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 'आस्था का एक पेड़' बिना किसी आधिकारिक अनुमति के काट दिया गया है। इस घटना को लेकर स्थानीय नगर निगम ने अपनी अनभिज्ञता जाहिर की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें इस कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं थी।1
- रायसेन के सांचेत में काल भैरव पीठाधीश्वर और उनके पड़ोसियों के बीच हुए विवाद ने अब एक बड़ा रूप ले लिया है। इस मामले में हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में, विश्वकर्मा समाज एकजुट हो गया है और लामबंद होकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहा है।1
- विश्वकर्मा समाज ने मारपीट से जुड़े एक मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में एकजुटता दिखाते हुए लामबंदी की है। समाज के सदस्य पुलिस के इस कदम के खिलाफ लामबंद हुए हैं।1