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उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में इंसानियत ग्रुप ने एक ऐसा असंभव कार्य केवल 10 घंटे में पूरा कर दिखाया, जो पिछले आठ महीनों से लंबित था। ग्रुप के सदस्यों ने अपनी नींद और काम छोड़कर, रात्रि 1 बजे से एक विकलांग व्यक्ति को उसके घर तक पहुँचाने में अकल्पनीय मदद की है। यह मामला नीलू नामक एक व्यक्ति का है, जो पिछले आठ महीनों से अपने गृह जिले जालौन वापस आना चाहते थे, लेकिन मदद के अभाव में ऐसा नहीं कर पा रहे थे। उनकी माँ और आटा संधी गाँव के ओम जी ने कल शाम 5 बजे इंसानियत ग्रुप से मदद मांगी थी, और ग्रुप ने 24 घंटे से भी कम समय में यह सहायता पूरी कर दी। इस पूरी प्रक्रिया में बालकृष्ण दीक्षित जी परिवार सहित पूरी रात जुटे रहे, वहीं डॉ. पुष्पेंद्र गुर्जर जी और रजत भाई का भी विशेष सहयोग रहा। नीलू, जिन्हें विश्वकर्मा जी के रूप में भी संदर्भित किया गया है, एक पैर और एक हाथ न होने के कारण ट्रेन से उतरने या चढ़ने में असमर्थ थे। सहारनपुर से 700 किलोमीटर दूर अपने घर आते समय, उन्हें डर था कि झांसी या उरई स्टेशन पर उनकी मदद के लिए कोई नहीं होगा। हालांकि, माँई कृपा से, हर स्टेशन पर 20-20 लोग एक नेता के स्वागत की तरह उनका इंतजार कर रहे थे। झांसी की टीम ने उन्हें दोपहर 12 बजे खाना खिलाकर उरई जाने वाली ट्रेन में बिठाया, और उरई की टीम ने उन्हें ट्रेन से उतारकर सम्मानपूर्वक गाड़ी से उनके घर तक छोड़ा। इंसानियत ग्रुप की इस मदद से नीलू की 80 वर्षीय बूढ़ी माँ अत्यंत प्रसन्न होकर सभी को बहुत आशीर्वाद दे रही हैं। ग्रुप ने एक बेसहारा माँ का सहारा बनकर उनके बेटे को उनसे मिलवाने का सपना पूरा किया है, जिसकी राह वह लंबे समय से निहार रही थीं।

9 hrs ago
user_Bheem rajawat 9628800458
Bheem rajawat 9628800458
पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
9 hrs ago

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में इंसानियत ग्रुप ने एक ऐसा असंभव कार्य केवल 10 घंटे में पूरा कर दिखाया, जो पिछले आठ महीनों से लंबित था। ग्रुप के सदस्यों ने अपनी नींद और काम छोड़कर, रात्रि 1 बजे से एक विकलांग व्यक्ति को उसके घर तक पहुँचाने में अकल्पनीय मदद की है। यह मामला नीलू नामक एक व्यक्ति का है, जो पिछले आठ महीनों से अपने गृह जिले जालौन वापस आना चाहते थे, लेकिन मदद के अभाव में ऐसा नहीं कर पा रहे थे। उनकी माँ और आटा संधी गाँव के ओम जी ने कल शाम 5 बजे इंसानियत ग्रुप से मदद मांगी थी, और ग्रुप ने 24 घंटे से भी कम समय में यह सहायता पूरी कर दी। इस पूरी प्रक्रिया में बालकृष्ण दीक्षित जी परिवार सहित पूरी रात जुटे रहे, वहीं डॉ. पुष्पेंद्र गुर्जर जी और रजत भाई का भी विशेष सहयोग रहा। नीलू, जिन्हें विश्वकर्मा जी के रूप में भी संदर्भित किया गया है, एक पैर और एक हाथ न होने के कारण ट्रेन से उतरने या चढ़ने में असमर्थ थे। सहारनपुर से 700 किलोमीटर दूर अपने घर आते समय, उन्हें डर था कि झांसी या उरई स्टेशन पर उनकी मदद के लिए कोई नहीं होगा। हालांकि, माँई कृपा से, हर स्टेशन पर 20-20 लोग एक नेता के स्वागत की तरह उनका इंतजार कर रहे थे। झांसी की टीम ने उन्हें दोपहर 12 बजे खाना खिलाकर उरई जाने वाली ट्रेन में बिठाया, और उरई की टीम ने उन्हें ट्रेन से उतारकर सम्मानपूर्वक गाड़ी से उनके घर तक छोड़ा। इंसानियत ग्रुप की इस मदद से नीलू की 80 वर्षीय बूढ़ी माँ अत्यंत प्रसन्न होकर सभी को बहुत आशीर्वाद दे रही हैं। ग्रुप ने एक बेसहारा माँ का सहारा बनकर उनके बेटे को उनसे मिलवाने का सपना पूरा किया है, जिसकी राह वह लंबे समय से निहार रही थीं।

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  • जालौन जिले के कुठोंद थाना क्षेत्र में जच्चा और बच्चा दोनों की मौत के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने जांच बैठा दी है। यह कार्रवाई शुरू एप्प पर प्रकाशित खबर के असर के रूप रूप में सामने आई है, जिसकी खबर रंग लाई और प्रशासन ने संज्ञान लिया।
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    जालौन जिले के कुठोंद थाना क्षेत्र में जच्चा और बच्चा दोनों की मौत के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने जांच बैठा दी है। यह कार्रवाई शुरू एप्प पर प्रकाशित खबर के असर के रूप रूप में सामने आई है, जिसकी खबर रंग लाई और प्रशासन ने संज्ञान लिया।
    user_Deves Swarnkar  द न्यूज जालौन
    Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • इंसानियत ग्रुप ने एक मानवीय पहल करते हुए सहारनपुर में फँसे दिव्यांग नीलू विश्वकर्मा को उनके गृह जनपद जालौन तक सुरक्षित पहुँचाया। एक हाथ और एक पैर गँवा चुके नीलू पिछले चार महीनों से अपने घर नहीं लौट पा रहे थे। ग्रुप के प्रयासों से उन्हें सहारनपुर से झांसी और फिर उरई होते हुए उनके गाँव तक सकुशल पहुँचाया गया। इंसानियत ग्रुप के संस्थापक सुमित प्रताप सिंह ने बताया कि रविवार शाम लगभग पाँच बजे नीलू की वृद्ध माँ और आटा क्षेत्र के संधी गाँव निवासी ओमजी ने सहायता के लिए अपील की थी, जिसके बाद समूह के सदस्यों ने तुरंत समन्वय स्थापित कर उनकी यात्रा की व्यवस्था शुरू कर दी। यात्रा को लेकर नीलू विश्वकर्मा शुरुआत में भयभीत और भावुक हो गए थे, लेकिन टीम के सदस्यों ने वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दिलाया। रात्रि लगभग एक बजे से ही ग्रुप के सदस्य सेवा कार्य में जुट गए, जिसमें बालकृष्ण दीक्षित अपने परिवार सहित पूरी रात सक्रिय रहे, जबकि डॉ. पुष्पेंद्र गुर्जर और रजत ने भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। नीलू विश्वकर्मा को झांसी रेलवे स्टेशन पर रिसीव करके उरई के लिए रवाना किया गया, जहाँ से उनके गाँव तक पहुँचाने की आगे की व्यवस्था की गई। सुमित प्रताप सिंह ने बताया कि जो काम पिछले चार महीनों में संभव नहीं हो पाया था, उसे इंसानियत ग्रुप ने लगभग 10 घंटे में पूरा कर दिखाया। उन्होंने इस अभियान में सहयोग करने वाले सभी साथियों का आभार व्यक्त किया। नीलू विश्वकर्मा के घर पहुँचने पर उनकी 80 वर्षीय माँ की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। स्थानीय लोगों ने इंसानियत ग्रुप की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं, और समूह माँ-बेटे का मिलन कराने में सहारा बना।
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    इंसानियत ग्रुप ने एक मानवीय पहल करते हुए सहारनपुर में फँसे दिव्यांग नीलू विश्वकर्मा को उनके गृह जनपद जालौन तक सुरक्षित पहुँचाया। एक हाथ और एक पैर गँवा चुके नीलू पिछले चार महीनों से अपने घर नहीं लौट पा रहे थे। ग्रुप के प्रयासों से उन्हें सहारनपुर से झांसी और फिर उरई होते हुए उनके गाँव तक सकुशल पहुँचाया गया। इंसानियत ग्रुप के संस्थापक सुमित प्रताप सिंह ने बताया कि रविवार शाम लगभग पाँच बजे नीलू की वृद्ध माँ और आटा क्षेत्र के संधी गाँव निवासी ओमजी ने सहायता के लिए अपील की थी, जिसके बाद समूह के सदस्यों ने तुरंत समन्वय स्थापित कर उनकी यात्रा की व्यवस्था शुरू कर दी।

यात्रा को लेकर नीलू विश्वकर्मा शुरुआत में भयभीत और भावुक हो गए थे, लेकिन टीम के सदस्यों ने वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दिलाया। रात्रि लगभग एक बजे से ही ग्रुप के सदस्य सेवा कार्य में जुट गए, जिसमें बालकृष्ण दीक्षित अपने परिवार सहित पूरी रात सक्रिय रहे, जबकि डॉ. पुष्पेंद्र गुर्जर और रजत ने भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। नीलू विश्वकर्मा को झांसी रेलवे स्टेशन पर रिसीव करके उरई के लिए रवाना किया गया, जहाँ से उनके गाँव तक पहुँचाने की आगे की व्यवस्था की गई।

सुमित प्रताप सिंह ने बताया कि जो काम पिछले चार महीनों में संभव नहीं हो पाया था, उसे इंसानियत ग्रुप ने लगभग 10 घंटे में पूरा कर दिखाया। उन्होंने इस अभियान में सहयोग करने वाले सभी साथियों का आभार व्यक्त किया। नीलू विश्वकर्मा के घर पहुँचने पर उनकी 80 वर्षीय माँ की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। स्थानीय लोगों ने इंसानियत ग्रुप की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं, और समूह माँ-बेटे का मिलन कराने में सहारा बना।
    user_प्रदीप महतवानी
    प्रदीप महतवानी
    Local News Reporter Jalaun, Uttar Pradesh•
    18 hrs ago
  • सोमवार को जालौन तहसील परिसर में एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला, जिसने यह साबित कर दिया कि जनता का विश्वास और सम्मान किसी भी अधिकारी की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। करीब 35 किलोमीटर दूर से आई एक 14 वर्षीय बालिका काव्या ने अपने पसंदीदा जॉइंट मजिस्ट्रेट और उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही से भेंट की। वह किसी शिकायत या व्यक्तिगत कार्य के लिए नहीं, बल्कि उन्हें स्वयं अपने हाथों से बनाया हुआ उनका सुंदर स्केच उपहार में देने पहुंची थी। यह पल वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यादगार बन गया, जब नन्ही काव्या ने एसडीएम को यह चित्र भेंट किया और उसकी कला, मेहनत तथा सम्मान की भावना ने सभी का दिल जीत लिया। जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही अपनी सरल कार्यशैली, जनता से सीधे संवाद, जनसुनवाई और समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जाने जाते हैं, जिसके कारण उन्होंने जालौन में अपनी तैनाती के दौरान आम लोगों के बीच एक विशेष पहचान बनाई है। यही वजह है कि अब बच्चे भी उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानने लगे हैं। काव्या ने बताया कि वह एसडीएम रिंकू सिंह राही के कार्यों और जनता के प्रति उनकी सकारात्मक सोच से बहुत प्रभावित है, और इसी प्रेरणा से उसने उनका स्केच बनाकर स्वयं उन्हें भेंट करने का निर्णय लिया। एसडीएम रिंकू सिंह राही ने भी बच्ची का स्नेहपूर्ण स्वागत किया, उसकी प्रतिभा की सराहना की और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसे निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। यह घटना मात्र एक स्केच भेंट करने से कहीं अधिक थी; यह प्रशासन और जनता के बीच मजबूत होते विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है। नन्ही काव्या का यह लगाव दर्शाता है कि जब कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करता है, तो वह केवल सरकारी दायरों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के दिलों में भी अपनी जगह बना लेता है। यह संदेश देता है कि अधिकारी बहुत होते हैं, लेकिन जनता का असली अफसर वही बनता है, जिसे लोग सम्मान के साथ याद करें और बच्चे अपना आदर्श मानें।
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    सोमवार को जालौन तहसील परिसर में एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला, जिसने यह साबित कर दिया कि जनता का विश्वास और सम्मान किसी भी अधिकारी की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। करीब 35 किलोमीटर दूर से आई एक 14 वर्षीय बालिका काव्या ने अपने पसंदीदा जॉइंट मजिस्ट्रेट और उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही से भेंट की। वह किसी शिकायत या व्यक्तिगत कार्य के लिए नहीं, बल्कि उन्हें स्वयं अपने हाथों से बनाया हुआ उनका सुंदर स्केच उपहार में देने पहुंची थी। यह पल वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यादगार बन गया, जब नन्ही काव्या ने एसडीएम को यह चित्र भेंट किया और उसकी कला, मेहनत तथा सम्मान की भावना ने सभी का दिल जीत लिया।

जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही अपनी सरल कार्यशैली, जनता से सीधे संवाद, जनसुनवाई और समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जाने जाते हैं, जिसके कारण उन्होंने जालौन में अपनी तैनाती के दौरान आम लोगों के बीच एक विशेष पहचान बनाई है। यही वजह है कि अब बच्चे भी उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानने लगे हैं। काव्या ने बताया कि वह एसडीएम रिंकू सिंह राही के कार्यों और जनता के प्रति उनकी सकारात्मक सोच से बहुत प्रभावित है, और इसी प्रेरणा से उसने उनका स्केच बनाकर स्वयं उन्हें भेंट करने का निर्णय लिया। एसडीएम रिंकू सिंह राही ने भी बच्ची का स्नेहपूर्ण स्वागत किया, उसकी प्रतिभा की सराहना की और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसे निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

यह घटना मात्र एक स्केच भेंट करने से कहीं अधिक थी; यह प्रशासन और जनता के बीच मजबूत होते विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है। नन्ही काव्या का यह लगाव दर्शाता है कि जब कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करता है, तो वह केवल सरकारी दायरों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के दिलों में भी अपनी जगह बना लेता है। यह संदेश देता है कि अधिकारी बहुत होते हैं, लेकिन जनता का असली अफसर वही बनता है, जिसे लोग सम्मान के साथ याद करें और बच्चे अपना आदर्श मानें।
    user_Kishan kumar
    Kishan kumar
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • बिलोहाँ निवासी और अपने गृह जनपद में सबसे अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्योगपति शीतल सिंह सेंगर अब माधोगढ़ विधान सभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं।
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    बिलोहाँ निवासी और अपने गृह जनपद में सबसे अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्योगपति शीतल सिंह सेंगर अब माधोगढ़ विधान सभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं।
    user_मुजीब आलम पत्रकार
    मुजीब आलम पत्रकार
    Graphic designer उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में सुशासन, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों के दम पर जनता के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनके नेतृत्व में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, निवेश को बढ़ावा देने, बेहतर कानून-व्यवस्था स्थापित करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने से आम जनता का विश्वास सरकार के प्रति लगातार मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दृढ़ विश्वास है कि लोगों के दिलों पर राज तुष्टीकरण की राजनीति से नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और विकास के माध्यम से किया जा सकता है। इसी सोच के साथ, उत्तर प्रदेश ने इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निरंतर प्रयासों ने प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
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    मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में सुशासन, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों के दम पर जनता के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनके नेतृत्व में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, निवेश को बढ़ावा देने, बेहतर कानून-व्यवस्था स्थापित करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने से आम जनता का विश्वास सरकार के प्रति लगातार मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दृढ़ विश्वास है कि लोगों के दिलों पर राज तुष्टीकरण की राजनीति से नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और विकास के माध्यम से किया जा सकता है। इसी सोच के साथ, उत्तर प्रदेश ने इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।

सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निरंतर प्रयासों ने प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • जालौन में एक अनोखा और भावुक दृश्य देखने को मिला, जहाँ 14 वर्षीय काव्या विश्वकर्मा अपने छोटे भाई के साथ लगभग 35 किलोमीटर का सफर तय कर SDM रिंकू सिंह राही से मिलने पहुँची। काव्या का उद्देश्य SDM को उनके हाथों से बनाया गया एक स्केच भेंट करना था। काव्या ने बताया कि वह SDM की कार्यशैली और जनता के प्रति उनके व्यवहार से बहुत प्रभावित है। एक बच्ची द्वारा अधिकारी के प्रति यह सम्मान दर्शाता है कि एक अच्छी कार्यशैली लोगों के दिलों तक पहुँचती है, जिससे SDM रिंकू सिंह राही जालौन में बच्चों के भी 'हीरो' बन गए हैं।
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    जालौन में एक अनोखा और भावुक दृश्य देखने को मिला, जहाँ 14 वर्षीय काव्या विश्वकर्मा अपने छोटे भाई के साथ लगभग 35 किलोमीटर का सफर तय कर SDM रिंकू सिंह राही से मिलने पहुँची। काव्या का उद्देश्य SDM को उनके हाथों से बनाया गया एक स्केच भेंट करना था। काव्या ने बताया कि वह SDM की कार्यशैली और जनता के प्रति उनके व्यवहार से बहुत प्रभावित है। एक बच्ची द्वारा अधिकारी के प्रति यह सम्मान दर्शाता है कि एक अच्छी कार्यशैली लोगों के दिलों तक पहुँचती है, जिससे SDM रिंकू सिंह राही जालौन में बच्चों के भी 'हीरो' बन गए हैं।
    user_AMIT KUMAR
    AMIT KUMAR
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के जालौन विकास खंड में बड़े पैमाने पर मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार और धांधली का मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर 'जीरो टॉलरेंस नीति' की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। आरोप है कि ग्राम पंचायत सुढार के मजरा कुंदनपुरा में प्रधान पीयूष साहू, सचिव प्रवीण कुमार और विकास खंड के अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023-24 और 2024-25 में बिना कोई कार्य कराए ही सरकारी खजाने से ₹1,24,000 और ₹1,25,000 निकालकर बंदरबाँट कर लिया गया। इस मामले की जानकारी मिलने और साक्ष्य जुटाने के बाद, मीडिया ने जालौन के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) प्रशांत कुमार यादव से संपर्क किया। शुरुआत में उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताई और जानकारी करने की बात कही। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि ₹1,24,000 का ठेका था और ₹1,25,000 निकाले गए थे। हालांकि, जब मीडिया ने इस खबर को चैनल पर चलाने की बात कही, तो बीडीओ ने कथित तौर पर पत्रकारों के फोन उठाने बंद कर दिए। खबर के वायरल होने और कुंदनपुरा निवासी काशीबाई पत्नी चिंतामन का एक वीडियो सामने आने के बाद, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके खेत में मनरेगा योजना 2024-25 के तहत समतलीकरण दिखाया गया था जबकि धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ था, प्रधान और सचिव के होश उड़ गए। इसके बाद आनन-फानन में ट्रैक्टर चलवाकर मेड बंदी और समतलीकरण का कार्य कराया गया, जबकि मनरेगा योजना के नियम मजदूरों से काम कराने का प्रावधान रखते हैं। साथ ही, मनरेगा योजना के बोर्ड पर भी धनराशि सहित अन्य आवश्यक जानकारी नहीं लिखी गई थी। पूरे मामले को लेकर भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार पर तीखी टिप्पणी की गई है, जिसमें कहा गया है कि बड़े-बड़े वादों के बावजूद सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। मीडिया ने सवाल उठाया है कि अब जिला प्रशासन इन भ्रष्ट अधिकारियों, प्रधान और सचिव के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगा या मामले को यूँ ही रफा-दफा कर दिया जाएगा।
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    उत्तर प्रदेश के जालौन विकास खंड में बड़े पैमाने पर मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार और धांधली का मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर 'जीरो टॉलरेंस नीति' की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। आरोप है कि ग्राम पंचायत सुढार के मजरा कुंदनपुरा में प्रधान पीयूष साहू, सचिव प्रवीण कुमार और विकास खंड के अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023-24 और 2024-25 में बिना कोई कार्य कराए ही सरकारी खजाने से ₹1,24,000 और ₹1,25,000 निकालकर बंदरबाँट कर लिया गया।

इस मामले की जानकारी मिलने और साक्ष्य जुटाने के बाद, मीडिया ने जालौन के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) प्रशांत कुमार यादव से संपर्क किया। शुरुआत में उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताई और जानकारी करने की बात कही। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि ₹1,24,000 का ठेका था और ₹1,25,000 निकाले गए थे। हालांकि, जब मीडिया ने इस खबर को चैनल पर चलाने की बात कही, तो बीडीओ ने कथित तौर पर पत्रकारों के फोन उठाने बंद कर दिए।

खबर के वायरल होने और कुंदनपुरा निवासी काशीबाई पत्नी चिंतामन का एक वीडियो सामने आने के बाद, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके खेत में मनरेगा योजना 2024-25 के तहत समतलीकरण दिखाया गया था जबकि धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ था, प्रधान और सचिव के होश उड़ गए। इसके बाद आनन-फानन में ट्रैक्टर चलवाकर मेड बंदी और समतलीकरण का कार्य कराया गया, जबकि मनरेगा योजना के नियम मजदूरों से काम कराने का प्रावधान रखते हैं। साथ ही, मनरेगा योजना के बोर्ड पर भी धनराशि सहित अन्य आवश्यक जानकारी नहीं लिखी गई थी।

पूरे मामले को लेकर भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार पर तीखी टिप्पणी की गई है, जिसमें कहा गया है कि बड़े-बड़े वादों के बावजूद सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। मीडिया ने सवाल उठाया है कि अब जिला प्रशासन इन भ्रष्ट अधिकारियों, प्रधान और सचिव के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगा या मामले को यूँ ही रफा-दफा कर दिया जाएगा।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, जहाँ कुठोंद थाना क्षेत्र के एक अस्पताल में इलाज के दौरान आज फिर एक जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दो दिन पहले ही एक अन्य अस्पताल में हुई जच्चा-बच्चा की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था। इस खबर ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर कर दिया है और उन्हें हाशिए पर धकेल दिया है। लगातार हो रही इन मौतों से क्षेत्र में चिंता का माहौल है।
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    उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, जहाँ कुठोंद थाना क्षेत्र के एक अस्पताल में इलाज के दौरान आज फिर एक जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दो दिन पहले ही एक अन्य अस्पताल में हुई जच्चा-बच्चा की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था।

इस खबर ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर कर दिया है और उन्हें हाशिए पर धकेल दिया है। लगातार हो रही इन मौतों से क्षेत्र में चिंता का माहौल है।
    user_Deves Swarnkar  द न्यूज जालौन
    Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में विकास और जनकल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलें तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित ‘त्रिवेणी’ कार्यक्रम में कंटेंट क्रिएटर्स के साथ विशेष संवाद किया। इस दौरान उन्होंने डिजिटल युग में सकारात्मक और तथ्यात्मक सामग्री के महत्व पर चर्चा की, साथ ही प्रदेश के विकास कार्यों और इसमें युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया। इसी कड़ी में, राजधानी लखनऊ में मेट्रो विस्तार परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कृषि क्षेत्र में किसानों की सुविधा हेतु खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए नई प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे उन्हें समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सके। प्रदेश सरकार का स्पष्ट कहना है कि बुनियादी ढांचे, कृषि, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्रों में किए जा रहे ये निरंतर प्रयास उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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    उत्तर प्रदेश में विकास और जनकल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलें तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित ‘त्रिवेणी’ कार्यक्रम में कंटेंट क्रिएटर्स के साथ विशेष संवाद किया। इस दौरान उन्होंने डिजिटल युग में सकारात्मक और तथ्यात्मक सामग्री के महत्व पर चर्चा की, साथ ही प्रदेश के विकास कार्यों और इसमें युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया।

इसी कड़ी में, राजधानी लखनऊ में मेट्रो विस्तार परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कृषि क्षेत्र में किसानों की सुविधा हेतु खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए नई प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे उन्हें समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सके।

प्रदेश सरकार का स्पष्ट कहना है कि बुनियादी ढांचे, कृषि, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्रों में किए जा रहे ये निरंतर प्रयास उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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