आलू की ट्रॉली बनी किसान की मौत का कारण: कोल्ड स्टोरेज की अव्यवस्था में कुचल गया परिवार का सहारा बाराबंकी रोज़ी-रोटी की उम्मीद लेकर खेतों से आलू भरकर कोल्ड स्टोरेज पहुंचे एक किसान की जिंदगी लापरवाही और अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। मंगलवार देर शाम बिंद्रा कोल्ड स्टोरेज में ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबकर 55 वर्षीय किसान उमेश चंद्र वर्मा की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि कोल्ड स्टोरेज की अव्यवस्थाओं पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। जानकारी के अनुसार, जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरौली निवासी उमेश चंद्र वर्मा पुत्र भगवती प्रसाद मंगलवार शाम करीब 4 बजे अपने खेतों की मेहनत से तैयार आलू को नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित बिंद्रा कोल्ड स्टोरेज में रखने आए थे। लेकिन कोल्ड स्टोरेज परिसर में फैली अव्यवस्था के कारण आड़े-तिरछे खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के बीच अफरातफरी का माहौल था। इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बैक करते समय उमेश चंद्र उसकी चपेट में आ गए और ट्रॉली के नीचे दब गए। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही अफरातफरी मच गई। चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली वहीं छोड़कर फरार हो गया। आनन-फानन में घायल किसान को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेकिन सबसे पीड़ादायक बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन की ओर से मृतक परिवार की कोई सुध नहीं ली गई। अव्यवस्थाओं का अड्डा बने कोल्ड स्टोरेज किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने आलू भंडारण के लिए टोकन व्यवस्था लागू की थी, लेकिन अधिकांश कोल्ड स्टोरेजों में इसका पालन नहीं हो रहा। गेट पर न गेटमैन की व्यवस्था है और न ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की सही पार्किंग। परिणामस्वरूप परिसर में अव्यवस्था और भगदड़ जैसी स्थिति बनी रहती है। किसानों का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज मालिक किराया बढ़ाने के मुद्दे पर तो एकजुट हो जाते हैं, लेकिन किसानों की सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ उमेश चंद्र वर्मा के परिवार पर यह हादसा किसी पहाड़ से कम नहीं है। चार साल पहले ही सड़क दुर्घटना में उनके इकलौते बेटे रवि की मौत हो चुकी थी। अब परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। घर में एक बेटी और दो पौत्रियों की शादी की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर थी। अब कमाने वाले व्यक्ति की मौत के बाद परिवार पूरी तरह असहाय हो गया है। गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन से मदद की मांग मेंथा किसान समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही और कोल्ड स्टोरेज की बदइंतजामी का परिणाम है। उन्होंने मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच कराकर मृतक किसान के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए और कोल्ड स्टोरेज में फैली अव्यवस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी और किसान की जान इस तरह न जाए।यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि खेतों में दिन-रात मेहनत करने वाला किसान आखिर कब तक लापरवाही और अव्यवस्था की कीमत अपनी जान देकर चुकाता
आलू की ट्रॉली बनी किसान की मौत का कारण: कोल्ड स्टोरेज की अव्यवस्था में कुचल गया परिवार का सहारा बाराबंकी रोज़ी-रोटी की उम्मीद लेकर खेतों से आलू भरकर कोल्ड स्टोरेज पहुंचे एक किसान की जिंदगी लापरवाही और अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। मंगलवार देर शाम बिंद्रा कोल्ड स्टोरेज में ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबकर 55 वर्षीय किसान उमेश चंद्र वर्मा की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि कोल्ड स्टोरेज की अव्यवस्थाओं पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। जानकारी के अनुसार, जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरौली निवासी उमेश चंद्र वर्मा पुत्र भगवती प्रसाद मंगलवार शाम करीब 4 बजे अपने खेतों की मेहनत से तैयार आलू को नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित बिंद्रा कोल्ड स्टोरेज में रखने आए थे। लेकिन कोल्ड स्टोरेज परिसर में फैली अव्यवस्था के कारण आड़े-तिरछे खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के बीच अफरातफरी का माहौल था। इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बैक करते समय उमेश चंद्र उसकी चपेट में आ गए और ट्रॉली के नीचे दब गए। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही अफरातफरी मच गई। चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली वहीं छोड़कर फरार हो गया। आनन-फानन में घायल किसान को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेकिन सबसे पीड़ादायक बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन की ओर से मृतक परिवार की कोई सुध नहीं ली गई। अव्यवस्थाओं का अड्डा बने कोल्ड स्टोरेज किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने आलू भंडारण के लिए टोकन व्यवस्था लागू की थी, लेकिन अधिकांश कोल्ड स्टोरेजों में इसका पालन नहीं हो रहा। गेट पर न गेटमैन की व्यवस्था है और न ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की सही पार्किंग। परिणामस्वरूप परिसर में अव्यवस्था और भगदड़ जैसी स्थिति बनी रहती है। किसानों का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज मालिक किराया बढ़ाने के मुद्दे पर तो एकजुट हो जाते हैं, लेकिन किसानों की सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ उमेश चंद्र वर्मा के परिवार पर यह हादसा किसी पहाड़ से कम नहीं है। चार साल पहले ही सड़क दुर्घटना में उनके इकलौते बेटे रवि की मौत हो चुकी थी। अब परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। घर में एक बेटी और दो पौत्रियों की शादी की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर थी। अब कमाने वाले व्यक्ति की मौत के बाद परिवार पूरी तरह असहाय हो गया है। गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन से मदद की मांग मेंथा किसान समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही और कोल्ड स्टोरेज की बदइंतजामी का परिणाम है। उन्होंने मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच कराकर मृतक किसान के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए और कोल्ड स्टोरेज में फैली अव्यवस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी और किसान की जान इस तरह न जाए।यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि खेतों में दिन-रात मेहनत करने वाला किसान आखिर कब तक लापरवाही और अव्यवस्था की कीमत अपनी जान देकर चुकाता
- त्रिलोकपुर में जमकर बवाल: ईंट-पत्थर, लाठी-डंडों से हमला; फूटे सिर, टूटे हाथ – दोनों पक्षों के आधा दर्जन लोग घायल1
- Post by Omkar Verma1
- बाराबंकी: बंद कमरे में फंदे से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में सनसनी बाराबंकी। जनपद के मसौली विकासखंड के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत टेरा दौलतपुर गांव में एक युवक का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान आशीष कुमार (लगभग 30 वर्ष) पुत्र शिवकुमार निवासी टेरा दौलतपुर के रूप में हुई है। बताया जाता है कि आशीष कुमार ने करीब पांच वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था और उसकी एक छोटी बेटी भी है। युवक अपने परिवार के साथ गांव में ही रहता था, जबकि उसके माता-पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक आशीष कुमार कुछ दिन पहले अपनी पत्नी को ससुराल छोड़कर घर वापस आया था। इसके बाद से वह घर पर ही था। शुक्रवार को जब आसपास के लोगों ने घर का दरवाजा काफी देर तक बंद देखा और अंदर से कोई हलचल नहीं हुई तो उन्होंने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद मौजूद लोगों ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो कमरे के अंदर युवक का शव फंदे से लटका हुआ मिला। यह दृश्य देखते ही मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर जहांगीराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मौके पर जांच पड़ताल की और पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना के बाद गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इस संबंध में थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद शुक्ल ने बताया कि युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- बाराबंकी पुलिस ने बीएसएनएल कर्मियों की यूजर आइडी व पासवर्ड संचार आधार ऐप के माध्यम से फर्जी व धोखाधड़ी/कूटरचित दस्तावेजों के जरिये स्वैपिंग करके लोगों के वीआईपी नंबरों को ट्रेस व इनएक्टिव वीआईपी नंबरों को पुनः चालू कर सोशल मीडिया के माध्यम से ऊंचे दामों पर बेचने वाले 02 साइबर अपराधियों को साइबर थाना बाराबंकी पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी, बाराबंकी की बाइट1
- लखनऊ के बेहसा नशे में धुत कलयुगी बेटे का खूनी खेल, पिता पर बांके से किया जानलेवा हमला लखनऊ के सरोजिनी नगर थाना क्षेत्र के बेहसा गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। एक बेटे ने ही अपने पिता पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए यहाँ नशे के आदी नीरज रावत नामक युवक ने मामूली कहासुनी के बाद अपने ही पिता संतराम पर बांके से ताबड़तोड़ वार कर दिए। जिससे वह लहूलुहान हो गया आरोपी नीरज रावत नशे का लती है, जिसके चलते घर में अक्सर विवाद होता था। लहूलुहान पिता हमले के बाद पिता को गंभीर हालत में लोग बंधु अस्पताल भेजा गया जहां स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें केजीएमयू ड्रामा सेंटर रेफर किया गया जहाँ वे जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं। सूचना मिलते ही सरोजिनी नगर पुलिस मौके पर पहुँची। फरार आरोपी नीरज की तलाश जारी 1
- बाराबंकी।थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा अवैध तरीके स्वैपिंग कर वीआईपी नंबर के ई-सिम जारी करने वालें 02 साइबर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चार अदद मोबाइल फोन किया बरामद । पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय द्वारा जनपद बाराबंकी में साइबर अपराध पर प्रभावी नियन्त्रण लगाने हेतु अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में दिनांक 11.03.2026 को थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0 05/2026 धारा 319(2)/318(4)/336(3)/340(2)/338 बीएनएस व 66B/66C/66D आईटी एक्ट से सम्बन्धित अभियुक्तगण 1. राकेश पाल पुत्र मेवालाल निवासी तिलक खेड़ा थाना संडीला जनपद हरदोई हाल पता मकान नंबर 5 ग्रीन फेस 3 सूरजकुंड मंदिर बुद्धेश्वर चौराहा थाना पारा जनपद लखनऊ, 2. शुभम शुक्ला पुत्र स्व0 गिरीश शुक्ला निवासी थानगांव थाना थानगांव जनपद सीतापुर को गिरफ्तार कर अभियुक्तगण के कब्जे से कूटरचित सिम प्राप्त करनें में प्रयुक्त चार अदद मोबाइल फोन बरामद किये गये। पूछताछ में अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि राकेश पाल उपरोक्त जो कि स्वैपिंग से वीआईपी नंबर के ई-सिम जारी करने वाले गैंग का मास्टरमाइंड है। राकेश पाल द्वारा अपने साथी शुभम शुक्ला के साथ मिलकर संचार आधार ऐप का उपयोग करके बीएसएनएल कर्मियों की लॉग-इन आईडी व पासवर्ड प्राप्त कर 101 नंबरों का कूटरचित तरीके से ई-सिम प्राप्त किया गया। उक्त ई-सिम को सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से ऊंचे दामों (करीब 10,000/- रू0 से लेकर 2,00,000/- रु0 तक) पर बेंच कर धनोपार्जन किया जाता था। पुलिस ने सभी अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कर जेल भेज दिया है।2
- Post by Mohd Aamir1
- Post by राम जी दीक्षित पत्रकार1