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रहस्य और आस्था का अद्भुत संगम: शाहजहांपुर का पटना देवकली शिव मंदिर, जहाँ आज तक शिवलिंग पर नहीं टिक सकी कोई छत ​​उत्तराखण्ड आज ब्यूरो / विशेष रिपोर्ट ​शाहजहांपुर/बदायूं: भारत की भूमि अनगिनत रहस्यों और पौराणिक कथाओं को समेटे हुए है। इन्ही में से एक अद्भुत और रहस्यमयी शिव धाम उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की कलान तहसील (बदायूं-शाहजहांपुर सीमा पर) दारानगर के पास स्थित है— 'पटना देवकली शिव मंदिर'। यह केवल ईंट-पत्थरों से बना ढांचा नहीं है, बल्कि त्रेता और द्वापर युग की किंवदंतियों का जीवंत साक्ष्य है। वर्ष भर यहाँ हर-हर महादेव की गूंज रहती है, लेकिन इस मंदिर का रहस्य आज भी विज्ञान और वास्तुकला के लिए एक चुनौती बना हुआ है। ​क्या है मंदिर का सबसे बड़ा रहस्य? इस मंदिर की सबसे आश्चर्यजनक बात यहाँ स्थित मुख्य 'स्वयंभू पंचमुखी शिवलिंग' है। यह शिवलिंग किसी गर्भगृह के भीतर नहीं, बल्कि पूरी तरह से खुले आसमान के नीचे विराजमान है। मंदिर समिति और श्रद्धालुओं ने कई बार इस शिवलिंग के ऊपर छत या गुंबद बनाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार निर्माण या तो ढह गया या कोई न कोई बाधा आ गई। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव यहाँ खुले आसमान के नीचे ही रहना पसंद करते हैं, ताकि प्रकृति स्वयं उनका जलाभिषेक कर सके। ​पौराणिक मान्यता: जहाँ शुक्राचार्य को मिली थी संजीवनी विद्या पटना देवकली का इतिहास महाभारत काल से जोड़ा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य ने इसी एकांत वन क्षेत्र में भगवान शिव की आराधना के लिए आठ हजार वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें दर्शन दिए और 'मृत संजीवनी विद्या' (मरे हुए को जीवित करने का मंत्र) का वरदान दिया। मान्यता है कि गुरु शुक्राचार्य ने ही यहाँ आठ शिवलिंगों की स्थापना की थी, जिनमें से पटना देवकली का यह पंचमुखी शिवलिंग मुख्य है। ​संत सूरज गिरी महाराज के शब्दों में मंदिर की महिमा इस पावन धाम की आध्यात्मिक महत्ता को बयां करते हुए प्रसिद्ध शिव भक्त संत श्री राजेन्द्र गिरी महाराज जी के शिष्य संत सूरज गिरी महाराज जी (निवासी- ककराला गांव, बदायूं) ने बहुत ही सुंदर शब्दों में इसका वर्णन किया है। उनका कहना है कि, "जो भी भक्तजन यहां पहुंच करके अपने आराधना के श्रद्धा पुष्प अर्पित करता है, भगवान भोलेनाथ की उस पर असीम कृपा बरसती है।" महाराज जी के ये शब्द इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि यह स्थान केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक जाग्रत तपोभूमि है। ​डकैतों की आस्था और मन्नत के घंटे एक दौर था जब यह पूरा क्षेत्र और आसपास के जंगल दुर्दांत डकैतों की शरणस्थली हुआ करते थे। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि पुलिस की गोलियों से न डरने वाले डकैत भी इस शिव दरबार में सिर झुकाते थे। मन्नत पूरी होने पर डकैतों द्वारा चढ़ाए गए विशाल घंटे आज भी मंदिर परिसर में टंगे हुए हैं, जो उस खौफनाक दौर में भी शिव के प्रति अटूट आस्था की गवाही देते हैं। ​हैंडपंप लगवाने की अनूठी परंपरा इस मंदिर में मन्नत मांगने और पूरी होने पर चढ़ावा चढ़ाने की एक बेहद अनूठी परंपरा है। श्रद्धालु यहाँ सोना-चांदी चढ़ाने के बजाय प्यासों की प्यास बुझाने के लिए नल (हैंडपंप) लगवाते हैं। मंदिर परिसर और उसके आसपास लगे सैकड़ों हैंडपंप इस बात का प्रमाण हैं कि भोलेनाथ ने यहाँ कितने ही भक्तों की मुरादें पूरी की हैं। ​सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब वैसे तो यहाँ साल भर भीड़ रहती है, लेकिन सावन के पवित्र महीने और महाशिवरात्रि के अवसर पर यह पूरा क्षेत्र शिवभक्तों के महाकुंभ में बदल जाता है। लाखों की संख्या में कांवड़िये कछला घाट से पवित्र गंगाजल लेकर पदयात्रा करते हुए यहाँ पहुंचते हैं और स्वयंभू शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। ​कुल मिलाकर पटना देवकली शिव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है; यह भारतीय लोक आस्था, पौराणिक धरोहर और अनसुलझे रहस्यों का एक जीता-जागता केंद्र है। जो भी भक्त यहाँ सच्चे मन से आता है, महादेव की कृपा से वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता। ​

1 hr ago
user_शैल शक्ति
शैल शक्ति
लालकुआँ, नैनीताल, उत्तराखंड•
1 hr ago
05dff04f-9f4a-4ea9-95b3-15a6fa746484

रहस्य और आस्था का अद्भुत संगम: शाहजहांपुर का पटना देवकली शिव मंदिर, जहाँ आज तक शिवलिंग पर नहीं टिक सकी कोई छत ​​उत्तराखण्ड आज ब्यूरो / विशेष रिपोर्ट ​शाहजहांपुर/बदायूं: भारत की भूमि अनगिनत रहस्यों और पौराणिक कथाओं को समेटे हुए है। इन्ही में से एक अद्भुत और रहस्यमयी शिव धाम उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की कलान तहसील (बदायूं-शाहजहांपुर सीमा पर) दारानगर के पास स्थित है— 'पटना देवकली शिव मंदिर'। यह केवल ईंट-पत्थरों से बना ढांचा नहीं है, बल्कि त्रेता और द्वापर युग की किंवदंतियों का जीवंत साक्ष्य है। वर्ष भर यहाँ हर-हर महादेव की गूंज रहती है, लेकिन इस मंदिर का रहस्य आज भी विज्ञान और वास्तुकला के लिए एक चुनौती बना हुआ है। ​क्या है मंदिर का सबसे बड़ा रहस्य? इस मंदिर की सबसे आश्चर्यजनक बात यहाँ स्थित मुख्य 'स्वयंभू पंचमुखी शिवलिंग' है। यह शिवलिंग किसी गर्भगृह के भीतर नहीं, बल्कि पूरी तरह से खुले आसमान के नीचे विराजमान है। मंदिर समिति और श्रद्धालुओं ने कई बार इस शिवलिंग के ऊपर छत या गुंबद बनाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार निर्माण या तो ढह गया या कोई न कोई बाधा आ गई। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव यहाँ खुले आसमान के नीचे ही रहना पसंद करते हैं, ताकि प्रकृति स्वयं उनका जलाभिषेक कर सके। ​पौराणिक मान्यता: जहाँ शुक्राचार्य को मिली थी संजीवनी विद्या पटना देवकली का इतिहास महाभारत काल से जोड़ा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य ने इसी एकांत वन क्षेत्र में भगवान शिव की आराधना के लिए आठ हजार वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें दर्शन दिए और 'मृत संजीवनी विद्या' (मरे हुए को जीवित करने का मंत्र) का वरदान दिया। मान्यता है कि गुरु शुक्राचार्य ने ही यहाँ आठ शिवलिंगों की स्थापना की थी, जिनमें से पटना देवकली का यह पंचमुखी शिवलिंग मुख्य है। ​संत सूरज गिरी महाराज के शब्दों में मंदिर की महिमा इस पावन धाम की आध्यात्मिक महत्ता को बयां करते हुए प्रसिद्ध शिव भक्त संत श्री राजेन्द्र गिरी महाराज जी के शिष्य संत सूरज गिरी महाराज जी (निवासी- ककराला गांव, बदायूं) ने बहुत ही सुंदर शब्दों में इसका वर्णन किया है। उनका कहना है कि, "जो भी भक्तजन यहां पहुंच करके अपने आराधना के श्रद्धा पुष्प अर्पित करता है, भगवान भोलेनाथ की उस पर असीम कृपा बरसती है।" महाराज जी के ये शब्द इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि यह स्थान केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक जाग्रत तपोभूमि है। ​डकैतों की आस्था और मन्नत के घंटे एक दौर था जब यह पूरा क्षेत्र और आसपास के जंगल दुर्दांत डकैतों की शरणस्थली हुआ करते थे। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि पुलिस की गोलियों से न डरने वाले डकैत भी इस शिव दरबार में सिर झुकाते थे। मन्नत पूरी होने पर डकैतों द्वारा चढ़ाए गए विशाल घंटे आज भी मंदिर परिसर में टंगे हुए हैं, जो उस खौफनाक दौर में भी शिव के प्रति अटूट आस्था की गवाही देते हैं। ​हैंडपंप लगवाने की अनूठी परंपरा इस मंदिर में मन्नत मांगने और पूरी होने पर चढ़ावा चढ़ाने की एक बेहद अनूठी परंपरा है। श्रद्धालु यहाँ सोना-चांदी चढ़ाने के बजाय प्यासों की प्यास बुझाने के लिए नल (हैंडपंप) लगवाते हैं। मंदिर परिसर और उसके आसपास लगे सैकड़ों हैंडपंप इस बात का प्रमाण हैं कि भोलेनाथ ने यहाँ कितने ही भक्तों की मुरादें पूरी की हैं। ​सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब वैसे तो यहाँ साल भर भीड़ रहती है, लेकिन सावन के पवित्र महीने और महाशिवरात्रि के अवसर पर यह पूरा क्षेत्र शिवभक्तों के महाकुंभ में बदल जाता है। लाखों की संख्या में कांवड़िये कछला घाट से पवित्र गंगाजल लेकर पदयात्रा करते हुए यहाँ पहुंचते हैं और स्वयंभू शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। ​कुल मिलाकर पटना देवकली शिव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है; यह भारतीय लोक आस्था, पौराणिक धरोहर और अनसुलझे रहस्यों का एक जीता-जागता केंद्र है। जो भी भक्त यहाँ सच्चे मन से आता है, महादेव की कृपा से वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता। ​

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  • विडियो देखें- मोटाहल्दू (हल्द्वानी) हल्द्वानी के मोटाहल्दू स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी (मदरसन) के कर्मचारियों का आंदोलन अब वेतन वृद्धि और पुलिस के कथित व्यवहार को लेकर तेज हो गया है। प्रदर्शनकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने आंदोलन के दौरान उनके साथ अभद्रता और सख्ती की। एक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि एक पुलिस निरीक्षक ने उनके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया और धमकी दी। उप श्रम आयुक्त की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद प्रबंधन ने कर्मचारियों की 14 में से 12 मांगों को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, वेतन वृद्धि का मामला अभी भी सरकार के आधिकारिक आदेश (GO) के इंतजार में अटका हुआ है।
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    विडियो देखें- मोटाहल्दू (हल्द्वानी)
हल्द्वानी के मोटाहल्दू स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी (मदरसन) के कर्मचारियों का आंदोलन अब वेतन वृद्धि और पुलिस के कथित व्यवहार को लेकर तेज हो गया है।
प्रदर्शनकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने आंदोलन के दौरान उनके साथ अभद्रता और सख्ती की। एक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि एक पुलिस निरीक्षक ने उनके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया और धमकी दी।
उप श्रम आयुक्त की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद प्रबंधन ने कर्मचारियों की 14 में से 12 मांगों को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, वेतन वृद्धि का मामला अभी भी सरकार के आधिकारिक आदेश (GO) के इंतजार में अटका हुआ है।
    user_नवीन चन्द्र आर्य
    नवीन चन्द्र आर्य
    कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • बिलासपुर में हाईवे‌ चौड़ीकरण जद में आई दो दरगाहों पर रात के अंधेरे में प्रशासन की ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर पूर्व नगरपालिका चेयरमैन और सभासद की प्रतिक्रिया सामने आई है। सोमवार को पूर्व नगरपालिका चेयरमैन मौहम्मद हसन खां ने कहा कि यह बहुत बड़ा 'जुल्म ज्यादती' हैं,उनके बुजुर्ग हज़रत सादिक शाह मियां और बिशारद नगर स्थित साहू शाह मियां की यह दोनों दरगाहें कई सौ सालों पुरानी थीं।इन दरगाहों के शहीद करने के पीछे प्रशासन की क्या मानसिकता थी,उन्हें नही पता लेकिन इसका फैसला ऊपर वाला करेगा।उन्होंने कहा हम कमजोर है, मजलूम है, लेकिन हमारे साथ ऊपर वाला है,और इसका फैसला वही करेगा! उसके घर में देर है,अंधेर नहीं।पूर्व चेयरमैन ने कहा कि मुस्लिम समाज 'अल्लाह' से ही फरियाद कर सकता हैं,क्योकि यहां उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। मुतावल्लियों को आश्वासन दिया गया था कि सिर्फ एक से दो मीटर जगह ली जाएगी,जिस पर उनके द्वारा वह स्वयं ही दरगाहों को शिफ्ट कराने की कवायद शुरू किए हुए थें,मगर प्रशासन ने एक पक्ष को सुनकर यह कार्रवाई की वह निंदनीय है, इसका खामियाजा भुगतेंगे जल्द ऊपर वाला इंसाफ करेगा। उधर नगरपालिका परिषद केए वार्ड नं 21 के सभासद फ़ैज़ान खां ने कहा कि वह पिछले पंद्रह दिनों से दोनों ही दरगाहों के मुतावल्लियों को लेकर इधर उधर घूम रहे थें प्रशासन से लेकर कृषि राज्यमंत्री तक से मिलें मगर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।आरोप लगाया कि रात में जब अंधेरे में ध्वस्तीकरण कार्रवाई हुई तो,मौके पर पहुंचें उनके साथ सभासद मोहसिन खां भी लेकिन फोर्स ने उन्हें अंदर जाने नही दिया।यह कार्रवाई निंदनीय है और वह न्यायालय की शरण लेंगे।
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    बिलासपुर में हाईवे‌ चौड़ीकरण जद में आई दो दरगाहों पर रात के अंधेरे में प्रशासन की ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर पूर्व नगरपालिका चेयरमैन और सभासद की प्रतिक्रिया सामने आई है।
सोमवार को पूर्व नगरपालिका चेयरमैन मौहम्मद हसन खां ने कहा कि यह बहुत बड़ा 'जुल्म ज्यादती' हैं,उनके बुजुर्ग हज़रत सादिक शाह मियां और बिशारद नगर स्थित साहू शाह मियां की यह दोनों दरगाहें कई सौ सालों पुरानी थीं।इन दरगाहों के शहीद करने के पीछे प्रशासन की क्या मानसिकता थी,उन्हें नही पता लेकिन इसका फैसला ऊपर वाला करेगा।उन्होंने कहा हम कमजोर है, मजलूम है, लेकिन हमारे साथ ऊपर वाला है,और इसका फैसला वही करेगा! उसके घर में देर है,अंधेर नहीं।पूर्व चेयरमैन ने कहा कि मुस्लिम समाज 'अल्लाह' से ही फरियाद कर सकता हैं,क्योकि यहां उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। मुतावल्लियों को आश्वासन दिया गया था कि सिर्फ एक से दो मीटर जगह ली जाएगी,जिस पर उनके द्वारा वह स्वयं ही दरगाहों को शिफ्ट कराने की कवायद शुरू किए हुए थें,मगर प्रशासन ने एक पक्ष को सुनकर यह कार्रवाई की वह निंदनीय है, इसका खामियाजा भुगतेंगे जल्द ऊपर वाला इंसाफ करेगा। उधर नगरपालिका परिषद केए वार्ड नं 21 के सभासद फ़ैज़ान खां ने कहा कि वह पिछले पंद्रह दिनों से दोनों ही दरगाहों के मुतावल्लियों को लेकर इधर उधर घूम रहे थें प्रशासन से लेकर कृषि राज्यमंत्री तक से मिलें मगर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।आरोप लगाया कि रात में जब अंधेरे में ध्वस्तीकरण कार्रवाई हुई तो,मौके पर पहुंचें उनके साथ सभासद मोहसिन खां भी लेकिन फोर्स ने उन्हें अंदर जाने नही दिया।यह कार्रवाई निंदनीय है और वह न्यायालय की शरण लेंगे।
    user_कामरान खांन कम्मु
    कामरान खांन कम्मु
    बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by अशोक सरकार
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    Post by अशोक सरकार
    user_अशोक सरकार
    अशोक सरकार
    Khatima, Udam Singh Nagar•
    2 hrs ago
  • मुरादाबाद के महिला जिला अस्पताल में नवजात शिशु की मृत्यु के बाद पारिवारिक विवाद बढ़ गया। एक कांस्टेबल ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि पत्नी पिछले तीन महीनों से मायके में रह रही थी। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और दूसरे पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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    मुरादाबाद के महिला जिला अस्पताल में नवजात शिशु की मृत्यु के बाद पारिवारिक विवाद बढ़ गया। एक कांस्टेबल ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि पत्नी पिछले तीन महीनों से मायके में रह रही थी। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और दूसरे पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
    user_Khan ubaid
    Khan ubaid
    TV News Anchor Rampur, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • बरेली के थाना नवाबगंज क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी घायल हो गया, जबकि तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग में एक दरोगा भी घायल हो गए। घटना का पूरा मामला ग्राम सतुईया कला के पास नहर किनारे गोवंशीय पशु के वध की घटना सामने आने के बाद थाना नवाबगंज में मु0अ0सं0 185/26 धारा 3/5/8 गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। मुठभेड़ कैसे हुई 20 अप्रैल 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि तीन संदिग्ध अलीनगर श्मशान घाट के आगे खजरा नहर पुलिया के पास गोकशी की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, लेकिन खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान उपनिरीक्षक योगेन्द्र सिंह घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल पुलिस की जवाबी फायरिंग में यासीन खां के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त यासीन खां पुत्र सुल्तान खां (घायल) अफजल खां पुत्र यासीन खां अजमल खां पुत्र यासीन खां (निवासी लभेड़ा, थाना हाफिजगंज, बरेली) बरामदगी पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से: तमंचा .315 बोर 2 खोखा कारतूस, 1 जिंदा कारतूस गोकशी के उपकरण (छुरा, दाब, रस्सी, लकड़ी का गुटका, पल्ली) एक गोवंशीय पशु पुरानी घटना कबूली पूछताछ में आरोपियों ने 4 अप्रैल 2026 को सतुईया कला क्षेत्र में हुई गोकशी की घटना को अंजाम देना कबूल किया है। अस्पताल में भर्ती घायल आरोपी और घायल पुलिसकर्मी को इलाज के लिए जिला अस्पताल, बरेली भेजा गया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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    बरेली के थाना नवाबगंज क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी घायल हो गया, जबकि तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग में एक दरोगा भी घायल हो गए।
घटना का पूरा मामला
ग्राम सतुईया कला के पास नहर किनारे गोवंशीय पशु के वध की घटना सामने आने के बाद थाना नवाबगंज में मु0अ0सं0 185/26 धारा 3/5/8 गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
मुठभेड़ कैसे हुई
20 अप्रैल 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि तीन संदिग्ध अलीनगर श्मशान घाट के आगे खजरा नहर पुलिया के पास गोकशी की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, लेकिन खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान उपनिरीक्षक योगेन्द्र सिंह घायल हो गए।
जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल
पुलिस की जवाबी फायरिंग में यासीन खां के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त
यासीन खां पुत्र सुल्तान खां (घायल)
अफजल खां पुत्र यासीन खां
अजमल खां पुत्र यासीन खां
(निवासी लभेड़ा, थाना हाफिजगंज, बरेली)
बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
तमंचा .315 बोर
2 खोखा कारतूस, 1 जिंदा कारतूस
गोकशी के उपकरण (छुरा, दाब, रस्सी, लकड़ी का गुटका, पल्ली)
एक गोवंशीय पशु
पुरानी घटना कबूली
पूछताछ में आरोपियों ने 4 अप्रैल 2026 को सतुईया कला क्षेत्र में हुई गोकशी की घटना को अंजाम देना कबूल किया है।
अस्पताल में भर्ती
घायल आरोपी और घायल पुलिसकर्मी को इलाज के लिए जिला अस्पताल, बरेली भेजा गया है।
पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
    user_लाल सिंह
    लाल सिंह
    नवाबगंज, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Journalist Amit Dixit
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    Post by Journalist Amit Dixit
    user_Journalist Amit Dixit
    Journalist Amit Dixit
    Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
  • पीलीभीत। जनपद में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं स्मार्ट मीटर के खिलाफ महिलाओं ने बिजली घर पहुंच कर जमकर खरी खोटी सुनाई। वीडियो वायरल।
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    पीलीभीत। जनपद में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं स्मार्ट मीटर के खिलाफ महिलाओं ने बिजली घर पहुंच कर जमकर खरी खोटी सुनाई। वीडियो वायरल।
    user_अवधेश गुप्ता
    अवधेश गुप्ता
    Advertising Photographer पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • विडियो देखें- गुरूग्राम (हरियाणा) गुरुग्राम के सेक्टर 40 से अंकित यादव द्वारा आत्मदाह से पहले रिकॉर्ड किया गया भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो में वह अपनी कार में बैठे हुए अपनी पीड़ा साझा कर रहे हैं लगभग 1 मिनट 5 सेकंड के इस वीडियो में अंकित एक डिस्पोजल गिलास में शराब और कुछ दवाइयां दिखाते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने कभी शराब नहीं पी, लेकिन आज उनका "आखिरी दिन" है। वह अपनी प्रेमिका को 'बेटा' कहते हुए विश्वासघात और झूठे चोरी के आरोपों से आहत होने की बात कह रहे हैं।
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    विडियो देखें- गुरूग्राम (हरियाणा)
गुरुग्राम के सेक्टर 40 से अंकित यादव द्वारा आत्मदाह से पहले रिकॉर्ड किया गया भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो में वह अपनी कार में बैठे हुए अपनी पीड़ा साझा कर रहे हैं
लगभग 1 मिनट 5 सेकंड के इस वीडियो में अंकित एक डिस्पोजल गिलास में शराब और कुछ दवाइयां दिखाते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने कभी शराब नहीं पी, लेकिन आज उनका "आखिरी दिन" है। वह अपनी प्रेमिका को 'बेटा' कहते हुए विश्वासघात और झूठे चोरी के आरोपों से आहत होने की बात कह रहे हैं।
    user_नवीन चन्द्र आर्य
    नवीन चन्द्र आर्य
    कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
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