logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

लॉ कॉलेज छात्रा अपहरण मामला "ऑपरेशन हॉट परस्यूट" के तहत पुलिस ने मजनू को गिरफ्तार किया

1 hr ago
user_Bbmm time news
Bbmm time news
जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

लॉ कॉलेज छात्रा अपहरण मामला "ऑपरेशन हॉट परस्यूट" के तहत पुलिस ने मजनू को गिरफ्तार किया

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • ब्रेकिंग न्यूज़ जबलपुर के धन मंत्री नगर चौक स्थित होटल रिलैक्स इन मैं मिली सदिगध परिस्थितियों में महिला की लाश, पुलिस जांच में जुटी
    1
    ब्रेकिंग न्यूज़
जबलपुर के धन मंत्री नगर चौक स्थित होटल रिलैक्स इन मैं मिली सदिगध परिस्थितियों में  महिला की लाश, पुलिस जांच में जुटी
    user_Rishi Rajak
    Rishi Rajak
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जबलपुर के ग्वारीघाट स्थित गोंडकालीन बादशाह हलवाई मंदिर की जमीन पर कब्जे का बड़ा विवाद सामने आया है। पुजारी और स्थानीय लोगों ने बिल्डरों पर जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए हड़कंप मचा दिया है।
    1
    जबलपुर के ग्वारीघाट स्थित गोंडकालीन बादशाह हलवाई मंदिर की जमीन पर कब्जे का बड़ा विवाद सामने आया है। पुजारी और स्थानीय लोगों ने बिल्डरों पर जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए हड़कंप मचा दिया है।
    user_Deepak Vishwakarma
    Deepak Vishwakarma
    Photographer जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • 6 महीने से अटका धान का भुगतान बेटी की शादी से पहले पटोरी निवाशी किसान की बढ़ी चिंता, 2 लाख 60 हजार रुपये के लिए दर-दर भटक रहा अन्नदाता बहोरीबंद। तहसील क्षेत्र के सलैया (पटोरी) खरीदी केंद्र में धान बेच चुके किसान को आज तक अपनी उपज का भुगतान नहीं मिला है। पटोरी निवासी किसान मलखान सिंह पटेल पिता टेकसिंह पटेल पिछले 6 महीनों से 2 लाख 60 हजार रुपये की राशि पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। किसान ने बताया कि उन्होंने दिसंबर महीने में समर्थन मूल्य पर अपनी धान की उपज सलैया (पटोरी) खरीदी केंद्र में बेची थी, लेकिन आज तक भुगतान खाते में नहीं पहुंचा। इस मामले में उन्होंने कलेक्टर की जनसुनवाई से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत दर्ज कराई, मगर अब तक कोई निराकरण नहीं हुआ। सबसे बड़ी चिंता यह है कि किसान की बेटी की शादी 13 मई को तय है। ऐसे में परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। किसान मलखान सिंह का कहना है कि शादी की तैयारियों के लिए उन्हें इसी रकम का सहारा था, लेकिन भुगतान अटकने से पूरा परिवार परेशान है। किसान ने भावुक होकर कहा कि — "बिटिया की शादी सिर पर है, लेकिन पैसा नहीं मिलने से समझ नहीं आ रहा कि व्यवस्थाएँ कैसे होंगी। इसी चिंता में रात-दिन घबराहट बनी हुई है।" --- अधिकारियों का दावा — जिले में करीब 50 किसान भुगत रहे ऐसी समस्या इस मामले में संबंधित अधिकारियों का कहना है कि जिले में मलखान सिंह पटेल जैसे करीब 50 किसान हैं, जिनकी भुगतान राशि “रिजेक्ट ट्रांजेक्शन” में चली गई है। तकनीकी कारणों से ऑनलाइन भुगतान नहीं हो सका। अधिकारियों के अनुसार अब किसानों का लंबित भुगतान ऑफलाइन चेक के माध्यम से किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि जल्द किसानों को राहत मिल सके।
    1
    6 महीने से अटका धान का भुगतान  बेटी की शादी से पहले पटोरी निवाशी किसान की बढ़ी चिंता, 2 लाख 60 हजार रुपये के लिए दर-दर भटक रहा अन्नदाता
बहोरीबंद। तहसील क्षेत्र के सलैया (पटोरी) खरीदी केंद्र में धान बेच चुके किसान को आज तक अपनी उपज का भुगतान नहीं मिला है। पटोरी निवासी किसान मलखान सिंह पटेल पिता टेकसिंह पटेल पिछले 6 महीनों से 2 लाख 60 हजार रुपये की राशि पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
किसान ने बताया कि उन्होंने दिसंबर महीने में समर्थन मूल्य पर अपनी धान की उपज सलैया (पटोरी) खरीदी केंद्र में बेची थी, लेकिन आज तक भुगतान खाते में नहीं पहुंचा। इस मामले में उन्होंने कलेक्टर की जनसुनवाई से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत दर्ज कराई, मगर अब तक कोई निराकरण नहीं हुआ।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि किसान की बेटी की शादी 13 मई को तय है। ऐसे में परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। किसान मलखान सिंह का कहना है कि शादी की तैयारियों के लिए उन्हें इसी रकम का सहारा था, लेकिन भुगतान अटकने से पूरा परिवार परेशान है।
किसान ने भावुक होकर कहा कि —
"बिटिया की शादी सिर पर है, लेकिन पैसा नहीं मिलने से समझ नहीं आ रहा कि व्यवस्थाएँ कैसे होंगी। इसी चिंता में रात-दिन घबराहट बनी हुई है।"
---
अधिकारियों का दावा — जिले में करीब 50 किसान भुगत रहे ऐसी समस्या
इस मामले में संबंधित अधिकारियों का कहना है कि जिले में मलखान सिंह पटेल जैसे करीब 50 किसान हैं, जिनकी भुगतान राशि “रिजेक्ट ट्रांजेक्शन” में चली गई है। तकनीकी कारणों से ऑनलाइन भुगतान नहीं हो सका।
अधिकारियों के अनुसार अब किसानों का लंबित भुगतान ऑफलाइन चेक के माध्यम से किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि जल्द किसानों को राहत मिल सके।
    user_Koushal tiwari
    Koushal tiwari
    Carpenter धीमरखेड़ा, कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • गोटेगांव नगर में लगातार बढ़ रही यातायात अव्यवस्था, अस्थायी अतिक्रमण, ध्वनि प्रदूषण एवं अव्यवस्थित बाजार व्यवस्था को लेकर अब सामाजिक स्तर पर आवाज तेज होने लगी है। इन्हीं मुद्दों को लेकर जागृति कमेटी गोटेगांव द्वारा नगर हित में एक व्यापक जन-जागरूकता एवं समाधान अभियान प्रारंभ किया गया है। आज जागृति कमेटी गोटेगांव के प्रतिनिधिमंडल द्वारा क्षेत्रीय विधायक महेंद्र नागेश, एसडीओपी मनीष त्रिपाठी, एसडीएम गोटेगांव, नगर पालिका प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं सांसद मंडला फग्गन सिंह कुलस्ते सहित विभिन्न जिम्मेदार अधिकारियों को समाधान मूलक ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में नगर के प्रमुख चौराहों पर लगातार लग रहे जाम, सड़क किनारे बढ़ते अस्थायी अतिक्रमण, अव्यवस्थित पार्किंग, बारात निकासी के दौरान डीजे के अत्यधिक शोर एवं अमानक आतिशबाजी को गंभीर समस्या बताया गया है। जागृति कमेटी के सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी हाथ ठेला व्यापारी, फुटकर व्यवसायी अथवा मेहनत कर परिवार चलाने वाले नागरिकों को परेशान करना नहीं है। समिति का कहना है कि छोटे व्यापारियों की आजीविका का सम्मान करते हुए केवल यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। समिति ने सुझाव दिया है कि नगर में बाजार प्रबंधन को व्यवस्थित किया जाए, प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाया जाए, बाहरी वाहनों के लिए बाईपास व्यवस्था प्रभावी बनाई जाए तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही विद्यार्थियों एवं मरीजों को ध्यान में रखते हुए डीजे के ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण तथा बारातों में होने वाली असुरक्षित आतिशबाजी पर सख्त कार्यवाही की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। जागृति कमेटी ने नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन एवं शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा एवं विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उधर मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते द्वारा भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए गोटेगांव एसडीएम को आवश्यक कार्यवाही हेतु पत्र प्रेषित किए जाने की जानकारी सामने आई है। समिति का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या वर्ग के विरोध का नहीं, बल्कि नगर हित, यातायात सुधार और सुरक्षित वातावरण निर्माण का प्रयास है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन सुझावों और मांगों पर कितनी गंभीरता से अमल करता है।”
    2
    गोटेगांव नगर में लगातार बढ़ रही यातायात अव्यवस्था, अस्थायी अतिक्रमण, ध्वनि प्रदूषण एवं अव्यवस्थित बाजार व्यवस्था को लेकर अब सामाजिक स्तर पर आवाज तेज होने लगी है।
इन्हीं मुद्दों को लेकर जागृति कमेटी गोटेगांव द्वारा नगर हित में एक व्यापक जन-जागरूकता एवं समाधान अभियान प्रारंभ किया गया है।
आज जागृति कमेटी गोटेगांव के प्रतिनिधिमंडल द्वारा क्षेत्रीय विधायक महेंद्र नागेश, एसडीओपी मनीष त्रिपाठी, एसडीएम गोटेगांव, नगर पालिका प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं सांसद मंडला फग्गन सिंह कुलस्ते सहित विभिन्न जिम्मेदार अधिकारियों को समाधान मूलक ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
ज्ञापन में नगर के प्रमुख चौराहों पर लगातार लग रहे जाम, सड़क किनारे बढ़ते अस्थायी अतिक्रमण, अव्यवस्थित पार्किंग, बारात निकासी के दौरान डीजे के अत्यधिक शोर एवं अमानक आतिशबाजी को गंभीर समस्या बताया गया है।
जागृति कमेटी के सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी हाथ ठेला व्यापारी, फुटकर व्यवसायी अथवा मेहनत कर परिवार चलाने वाले नागरिकों को परेशान करना नहीं है। समिति का कहना है कि छोटे व्यापारियों की आजीविका का सम्मान करते हुए केवल यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
समिति ने सुझाव दिया है कि नगर में बाजार प्रबंधन को व्यवस्थित किया जाए, प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाया जाए, बाहरी वाहनों के लिए बाईपास व्यवस्था प्रभावी बनाई जाए तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही विद्यार्थियों एवं मरीजों को ध्यान में रखते हुए डीजे के ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण तथा बारातों में होने वाली असुरक्षित आतिशबाजी पर सख्त कार्यवाही की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
जागृति कमेटी ने नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन एवं शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा एवं विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उधर मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते द्वारा भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए गोटेगांव एसडीएम को आवश्यक कार्यवाही हेतु पत्र प्रेषित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
समिति का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या वर्ग के विरोध का नहीं, बल्कि नगर हित, यातायात सुधार और सुरक्षित वातावरण निर्माण का प्रयास है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन सुझावों और मांगों पर कितनी गंभीरता से अमल करता है।”
    user_DEEPAK SAHU
    DEEPAK SAHU
    रिपोर्टर गोटेगांव, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा ‘स्टीफन’ को लेकर लिए जाने वाले एक महत्वपूर्ण निर्णय पर सस्पेंस बरकरार है। उनकी चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है, जिसके राष्ट्रीय राजनीति पर गहरे प्रभाव की संभावना है।
    1
    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा ‘स्टीफन’ को लेकर लिए जाने वाले एक महत्वपूर्ण निर्णय पर सस्पेंस बरकरार है। उनकी चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है, जिसके राष्ट्रीय राजनीति पर गहरे प्रभाव की संभावना है।
    user_User3359
    User3359
    Voice of people Ghansaur, Seoni•
    9 hrs ago
  • कटनी के रीठी गेहूं खरीदी केंद्र पर तहसीलदार की फटकार से गुस्साए किसानों ने कटनी-दमोह मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन से लंबा जाम लगा और यातायात बाधित हुआ, जिसके बाद अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। प्रशासन अब मामले की जांच की बात कह रहा है।
    4
    कटनी के रीठी गेहूं खरीदी केंद्र पर तहसीलदार की फटकार से गुस्साए किसानों ने कटनी-दमोह मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन से लंबा जाम लगा और यातायात बाधित हुआ, जिसके बाद अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। प्रशासन अब मामले की जांच की बात कह रहा है।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • तीन वर्षीय बालक अविराज तिवारी ने वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में अपना नाम दर्ज कराया है।
    1
    तीन वर्षीय बालक अविराज तिवारी ने वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में अपना नाम दर्ज कराया है।
    user_Bbmm time news
    Bbmm time news
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक बच्चे की मौत से भड़के परिजनों ने चिरायु अस्पताल में आधी रात जमकर तोड़फोड़ की। इस हंगामे में अस्पताल का फर्नीचर और संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई, जो सीसीटीवी में कैद हो गया है।
    1
    मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक बच्चे की मौत से भड़के परिजनों ने चिरायु अस्पताल में आधी रात जमकर तोड़फोड़ की। इस हंगामे में अस्पताल का फर्नीचर और संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई, जो सीसीटीवी में कैद हो गया है।
    user_Rishi Rajak
    Rishi Rajak
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से जमे कर्मियों के तबादले नहीं, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल कटनी जिले की रीठी तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि यहां वर्षों से एक ही संस्थान में जमे स्वास्थ्य कर्मचारियों के अब तक स्थानांतरण नहीं किए गए, जबकि अन्य विभागों में समय-समय पर तबादले होते रहते हैं। वर्षों से एक ही जगह जमे कर्मचारी कटनी जिले की रीठी तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी इन दिनों चर्चाओं में है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में कई स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ हैं, लेकिन उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया अब तक नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और शिक्षा विभाग में नियमित रूप से तबादले किए जाते हैं, तो आखिर स्वास्थ्य विभाग में यह प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई जा रही है। समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते कर्मचारी सूत्रों के अनुसार अस्पताल के कुछ कर्मचारी नियमित समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आरोप यह भी है कि कई कर्मचारी केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर बाकी समय आपसी चर्चाओं और गप्पबाजी में बिताते हैं। इस वजह से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं से हटकर होती हैं चर्चाएं स्थानीय सूत्र बताते हैं कि अस्पताल परिसर में कई बार स्वास्थ्य सेवाओं से हटकर अनर्गल चर्चाएं होती रहती हैं। इससे अस्पताल का अनुशासन और कार्यप्रणाली दोनों प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आम मरीजों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। जांच और स्थानांतरण की मांग तेज अब क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कराने और वर्षों से जमे कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि पारदर्शिता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समय-समय पर तबादला नीति लागू होना जरूरी है। रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से जमे कर्मचारियों को लेकर उठ रहे सवाल अब प्रशासन के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
    1
    रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से जमे कर्मियों के तबादले नहीं, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
कटनी जिले की रीठी तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि यहां वर्षों से एक ही संस्थान में जमे स्वास्थ्य कर्मचारियों के अब तक स्थानांतरण नहीं किए गए, जबकि अन्य विभागों में समय-समय पर तबादले होते रहते हैं।
वर्षों से एक ही जगह जमे कर्मचारी
कटनी जिले की रीठी तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी इन दिनों चर्चाओं में है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में कई स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ हैं, लेकिन उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया अब तक नहीं हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और शिक्षा विभाग में नियमित रूप से तबादले किए जाते हैं, तो आखिर स्वास्थ्य विभाग में यह प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई जा रही है।
समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते कर्मचारी
सूत्रों के अनुसार अस्पताल के कुछ कर्मचारी नियमित समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आरोप यह भी है कि कई कर्मचारी केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर बाकी समय आपसी चर्चाओं और गप्पबाजी में बिताते हैं।
इस वजह से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं से हटकर होती हैं चर्चाएं
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि अस्पताल परिसर में कई बार स्वास्थ्य सेवाओं से हटकर अनर्गल चर्चाएं होती रहती हैं। इससे अस्पताल का अनुशासन और कार्यप्रणाली दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आम मरीजों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
जांच और स्थानांतरण की मांग तेज
अब क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कराने और वर्षों से जमे कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि पारदर्शिता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समय-समय पर तबादला नीति लागू होना जरूरी है।
रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से जमे कर्मचारियों को लेकर उठ रहे सवाल अब प्रशासन के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
    user_Koushal tiwari
    Koushal tiwari
    Carpenter धीमरखेड़ा, कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.